अंतरराष्ट्रीय
गूगल ने अपने एंड्रॉइड ऐप के लिए ‘डार्क मोड’ का किया परीक्षण
टेक दिग्गज गूगल अपने एंड्रॉइड सर्च ऐप के लिए डार्क मोड की टेस्टिंग कर रहा है। द वर्ज की रिपोर्ट के अनुसार, नया शेड अभी भी वैसा नहीं है जैसा पिछले महीने डेस्कटॉप पर पिच-ब्लैक डार्क मोड के गूगल के परीक्षण में प्रस्तुत किया गया था।
बल्कि, मोबाइल ऐप में देखा गया कि सामान्य डार्क ग्रे रंग की तुलना में गहरा है, लेकिन फिर भी काले रंग की तुलना में हल्का है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल के मोबाइल ऐप में नया डार्क मोड ओएलईडी डिस्प्ले वाले उपकरणों के लिए अधिक आकर्षक हो सकता है, जो बैटरी लाइफ को बचाना चाहते हैं, या जो डार्क मोड का अधिक उपयोग करना पसंद करते हैं।
एंड्रॉइड पुलिस ने कहा कि नया शेड गूगल प्ले स्टोर में गूगल का लेटेस्ट 13.8 बीटा उपलब्ध है, जिसे आप एपीके मिरर के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं, एक संग्रह जो एंड्रॉइड यूजर्स को अपने डिवाइस पर आसानी से उपलब्ध नहीं होने वाली वस्तुओं को डाउनलोड करने की अनुमति देता है, या बीटा में शामिल होकर आधिकारिक मार्ग पर जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब गूगल ने पुष्टि की है कि वह पिछले साल डेस्कटॉप पर डार्क मोड का परीक्षण कर रहा था, तो कंपनी ने फरवरी में अपने डेस्कटॉप यूजर्स के लिए गूगल सर्च के लिए डार्क मोड के व्यापक रोलआउट की पुष्टि की।
हालांकि उपयोगकर्ता ऐप के नए कलर शेड को अपने दम पर एक्सेस कर सकते हैं, आधिकारिक तौर पर अधिक लोगों तक पहुंचने में व्यापक रिलीज में महीनों लग सकते हैं।
व्यापार
बिटकॉइन में तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक रैली; 80,000 डॉलर के करीब पहुंची कीमत

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में इन गिनों जोरदार तेजी देखने को मिल रही है और यह 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया है। पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ते हुए बिटकॉइन ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर आकर्षित किया है।
शनिवार सुबह तक बिटकॉइन की कीमत लगभग 78,588 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही थी। वहीं, पिछले 24 घंटों में इसमें 4.8 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि एक सप्ताह में इसकी कीमत 24.5 प्रतिशत बढ़ी है। मार्च 2023 के बाद यह बिटकॉइन की सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद (बायबैक) कार्यक्रम को दोगुना करने की घोषणा के बाद लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड दरों में गिरावट आई है, जिससे जोखिम वाले निवेशों के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ी और क्रिप्टो बाजार को समर्थन मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में मंदी की धारणा पर लगाए गए सौदों को बंद करना पड़ा, जिससे अरबों डॉलर के शॉर्ट पोजिशन समाप्त हुए और बिटकॉइन की कीमतों में तेजी और बढ़ गई।
इस बीच, सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली और यह मई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों को आशंका है कि बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप से अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ सकता है, जिससे वैकल्पिक परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी है।
क्रिप्टो मार्केट को उस समय भी सकारात्मक संकेत मिले जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉइनबेस ग्लोबल और पेवर्ड जैसी प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। निवेशकों ने इसे डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति प्रशासन के अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख के संकेत के रूप में देखा।
संस्थागत निवेशकों की वापसी ने भी तेजी को मजबूती दी है। अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में इस सप्ताह जनवरी के बाद सबसे अधिक निवेश प्रवाह दर्ज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, इस सप्ताह अब तक 13 प्रमुख बिटकॉइन ईटीएफ में 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे क्रिप्टो मार्केट में तेजी का माहौल और भी मजबूत हुआ है।
हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद बिटकॉइन अभी भी अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन लगभग 1.26 लाख डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद भारी बिकवाली के चलते इसकी कीमत गिरकर जून 2026 के अंत में लगभग 58,642 डॉलर तक आ गई थी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक निवेश धारणा सकारात्मक बनी रहती है और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो बिटकॉइन आने वाले समय में 80,000 डॉलर का स्तर पार कर सकता है। हालांकि क्रिप्टो बाजार की अत्यधिक अस्थिर प्रकृति को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी जा रही है।
व्यापार
सोना इस हफ्ते 8 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.46 लाख के पार

सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुएं क्रमशः 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और 12 हजार रुपए प्रति किलो से अधिक महंगी हो गई हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,14,272 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 19 अगस्त को सुबह के सत्र में 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 21 अगस्त को शाम के सत्र में 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है।
चांदी का दाम 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,33,842 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 21 अगस्त को शाम के सत्र में 2,46,630 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 19 अगस्त को सुबह के सत्र में 2,27,392 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 69 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह बॉन्ड यील्ड में गिरावट और बड़े स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग है। इससे दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी को सहारा मिल रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 188 अंक चढ़ा, निफ्टी में 0.21 प्रतिशत की तेजी

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बावजूद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। रियल्टी, धातु और दवा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करते दिखाई दिए। हालांकि बाद में यह बढ़त कम हो गई और बाजार लाल निशान में आ गया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला, और सत्र में एक समय यह 0.24 प्रतिशत यानी 187.95 अंकों की बढ़त के साथ 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि दिन का लो 77,445.86 रहा।
वहीं निफ्टी 50 ने भी 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत मजबूत होकर 24,284.05 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। वहीं दिन के सत्र में इसने 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,284.05 का हाई टच किया, जबकि दिन का लो 24,206.80 रहा।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें, तो निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा बढ़त वाला सूचकांक रहा और इसमें 0.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.32 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी रीट्स एवं रियल्टी भी हरे निशान में रहे और क्रमशः 0.32 प्रतिशत तथा 0.28 प्रतिशत तक मजबूत हुए।
दूसरी ओर निफ्टी आईटी सबसे कमजोर क्षेत्र रहा, जिसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.19 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र की तेजी को बनाए रखना आसान नहीं होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि ब्रेंट कच्चा तेल 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।
हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है। संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत बाजार को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी कंपनियां, फार्मा क्षेत्र और अनुबंध आधारित अनुसंधान एवं विनिर्माण सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। ऊंचे मूल्यांकन के बावजूद इन क्षेत्रों में खरीदारी जारी है।
तकनीकी दृष्टि से विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी ने लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद तेजी का संकेत देने वाला डोजी पैटर्न बनाया है, जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत देता है। यदि निफ्टी 24,060 से 24,000 के समर्थन क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तो इसमें 24,317 से 24,380 और उसके बाद 24,400 से 24,545 तक बढ़त देखने को मिल सकती है।
वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले। एशियाई बाजारों में कमजोरी रही, क्योंकि वॉल स्ट्रीट पर लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से दबाव देखा गया।
इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद तेल कीमतों में बढ़त आई, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों में से कुछ लागू कर सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी, भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बेहतर आर्थिक संकेतक बाजार को सहारा देते रहेंगे।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
