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Thursday,08-October-2026
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एनआईटी-जमशेदपुर में गेस्ट फैकल्टी/कोच के पोस्ट पर भर्ती का सुनहरा अवसर, 25 अगस्त को वॉक-इन इंटरव्यू

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देश के किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), जमशेदपुर ने संविदा के आधार पर स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर में गेस्ट फैकल्टी/कोच के खाली 4 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।

एनआईटी-जमशेदपुर की ओर से गेस्ट फैकल्टी/कोच के लिए रिक्तियां शारीरिक शिक्षा और खेल, योग, एनसीसी और एनएसएस क्षेत्रों में जारी की गई हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन (ईमेल) माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपना अपडेटेड सीवी सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स के साथ एक ही पीडीएफ फाइल में अधिसूचना में दिए गए आधिकारिक ईमेल आईडी पर मेल करने की सलाह दी जाती है।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से पद से संबंधित क्षेत्र के अनुसार फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स के लिए फिजिकल एजुकेशन में मास्टर डिग्री या इसके बराबर; योग के लिए योग में मास्टर डिग्री या इसके बराबर; एनसीसी के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री या डिफेंस सर्विस से रिटायर्ड कर्मचारी (एक्स-सर्विसमैन), जिनके पास वैलिड एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट हो; और एनएसएस के लिए एनएसएस सर्टिफिकेट के साथ पोस्ट-ग्रेजुएट और कम्युनिटी सर्विस व यूथ डेवलपमेंट में संबंधित अनुभव होना चाहिए। वहीं, संबंधित विषय में पीएचडी या इसके बराबर योग्यता वाले कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन वॉक-इन इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 2,000 रुपए प्रति दिन के हिसाब से होगी। वहीं, वॉक-इन इंटरव्यू 25 अगस्त को एनआईटी-जमशेदपुर पते पर आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में जो उम्मीदवार साक्षात्कार में शामिल होने वाले हैं, उन्हें समय से केंद्र पर पहुंचने के अलावा अपने साथ सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स की मूल और फोटोकॉपी को साथ ले जाने की सलाह दी जाती है।

कैंडिडेट्स को भर्ती, योग्यता, आयु सीमा आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए एनआईटी-जमशेदपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पोस्ट के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।

राजनीति

कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता से परेशान है, एसआईआर का इस्तेमाल करके अशांति पैदा कर रही है: कर्नाटक भाजपा

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बागलकोट (कर्नाटक) : कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने गुरुवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और देश के विकास के रास्ते को देखकर परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) को मुद्दा बनाकर देश में अशांति फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश कर रही है। बागलकोट में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि बुधवार का दिन ऐतिहासिक था क्योंकि देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बेदाग राजनीतिक सेवा और शासन” के 25 साल देखे हैं। उन्होंने कहा कि देश पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने और देश को विकसित राष्ट्र में बदलने के विजन को साकार होते देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे बर्दाश्त न कर पाने के कारण राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता परेशान हैं। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।

विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया और सवाल किया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले 100 दिनों में क्या हासिल किया है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार खुद को “जनता का सेवक” बताते हैं, लेकिन आरोप लगाया कि जब राज्य सूखे का सामना कर रहा था, तब सरकार ने किसानों की बहुत कम परवाह की। किसानों के लिए प्रस्तावित 2,500 रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए विजयेंद्र ने कहा कि इतनी रकम की घोषणा करना गरीबों को भीख देने जैसा है। विजयेंद्र ने आरोप लगाया, “डी.के. शिवकुमार को लोगों से ज़्यादा रियल एस्टेट की चिंता है। वह रियल एस्टेट के माहिर हैं। वह बेकार चीज़ों से पैसा निकालने में चतुर हैं।” उन्होंने दावा किया कि ज़्यादातर सरकारी योजनाएँ सिर्फ़ घोषणाओं और प्रचार तक ही सीमित हैं और लोगों के बीच यह धारणा बन गई है कि मुख्यमंत्री सिर्फ़ बेंगलुरु तक ही सीमित हैं। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि उत्तरी कर्नाटक में सिंचाई और विकास परियोजनाओं, जैसे कि अपर कृष्णा प्रोजेक्ट (यूकेपी), को प्राथमिकता देने के बजाय सरकार हर तालुक में रिंग रोड बनाने की योजनाएँ घोषित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिंग रोड बनाने के लिए वर्ल्ड बैंक से लोन लेने का प्लान रियल एस्टेट के हितों से प्रेरित था। उन्होंने खाली सरकारी पदों को भरने में दिलचस्पी न दिखाने के लिए सरकार की आलोचना की और बसवराज बोम्मई सरकार के समय उठाए गए जातिगत आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ न करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे के गृह मंत्री बनने के बाद सरकार दलितों के खिलाफ अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लुभावने वादे करके और समाज में “जातिगत नफरत के बीज बोकर” फिर से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि लोग कांग्रेस सरकार के कामकाज से तंग आ चुके हैं और कहा कि बीजेपी आने वाले जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनावों से पहले ‘बूथ संकल्प यात्रा’ के जरिए अपने संगठन को मजबूत कर रही है।

मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने की शिवकुमार की हालिया चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए, विजयेंद्र ने रमेश जारकीहोली मामले का जिक्र किया और कहा कि लोग जानते हैं कि उस मामले में स्टिंग ऑपरेशन किसने किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या वे अपने ही विधायकों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करेंगे? लोग यह भी जानते हैं कि ‘स्टिंग ऑपरेशन’ किसने किया था।” विजयेंद्र ने एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों को एक साथ लाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि गांधी को एहसास हो गया था कि कांग्रेस के लिए अकेले सत्ता में लौटना संभव नहीं है और इसलिए वे समर्थन के लिए विभिन्न समूहों और दलों को एक साथ ला रहे थे। शिवकुमार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि अगर 2028 में कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो वे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे, विजयेंद्र ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर लौटने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनसे शासन पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा, “मुझे डी.के. शिवकुमार के फिर से मुख्यमंत्री बनने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन उन्हें स्टिंग ऑपरेशन और ‘डिंग ऑपरेशन’ को छोड़कर ठीक से शासन चलाना चाहिए।”

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राजनीति

सीएम बनने के बाद मुझे स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश की गई: शिवकुमार

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नई दिल्ली/बेंगलुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को दावा किया कि सीएम बनने के बाद उन्हें स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज़ हैं। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि पद संभालने के बाद कई लोग उनसे मिले थे और उन्हें पता है कि इन कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन था। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे फंसाने की कोशिश की गई। कुछ लोग मुझसे मिले। मेरे पास तस्वीरें हैं। मुझे पता है कि इन स्टिंग ऑपरेशन का मास्टरमाइंड कौन है।” कन्नड़ की एक कहावत का ज़िक्र करते हुए—जिसमें कहा गया है कि अपराध करने के बाद चोर चालाकी दिखाते हैं, भले ही उनका काम सबके सामने हो—शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इसमें शामिल लोगों के बारे में पता है और उन्होंने पुलिस को इस बारे में जानकारी दे दी है।

उन्होंने कहा, “मैं उन सभी को जानता हूं। मैंने पुलिस को सूचित कर दिया है और मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझसे संपर्क करने वाले कुछ लोगों से जुड़े सभी दस्तावेज़ अपने पास रखे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी तो नहीं दे सकते, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उन्हें पता है कि लोग उनसे कैसे मिले, वे किससे मिले और इस कथित ऑपरेशन के पीछे कौन था। उन्होंने कहा, “वे किसी मामले पर चर्चा करने आए थे। वे कैसे आए और मुझसे मिले, वे किससे मिले, मुझे हर बात पता है। कौन यह सब प्लान कर रहा है, यह भी मुझे पता है।” शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है क्योंकि सरकारी अधिकारियों को ऐसे ऑपरेशन में बेवजह फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मैं दूसरे लोगों को जवाब नहीं देना चाहता। मैंने अपने अधिकारियों से सावधान रहने को कहा है, क्योंकि हमारे अधिकारियों को बेवजह फंसाया जाता है। इसलिए, मैंने उन्हें सतर्क रहने को कहा है।” उन्होंने आगे दावा किया कि उनके आस-पास लोगों के तीन घेरे थे और आरोप लगाया कि कथित ऑपरेशन के हिस्से के तौर पर कुछ लोगों को काम पर रखा गया था। शिवकुमार ने कहा, “मेरे आस-पास तीन घेरे हैं। उन्होंने कुछ लोगों को काम पर रखा है। कुछ नेताओं ने ऐसा किया है, और मेरे पास पक्की जानकारी है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन शुरू करने की कोशिश के तहत उन्हें खुद निशाना बनाया गया था और कहा कि दूसरों के खिलाफ भी ऐसे ही ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे निशाना बनाया है, और वे मुझसे ही स्टिंग ऑपरेशन शुरू करना चाहते हैं। मेरे पास इसे साबित करने के लिए सारे सबूत हैं। मैं ऐसे ही नहीं बोल रहा हूँ। मेरे पास सारे सबूत हैं। मैं मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे निशाना बनाए जाने की बात कर रहा हूँ।” शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि उन्हें पता है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन है और उन्हें कौन फंड कर रहा है। उन्होंने कहा, “वे दूसरों पर भी स्टिंग कर रहे हैं। मुझे पता है कि इसके पीछे कौन है और स्टिंग ऑपरेशन के लिए कौन फंड दे रहा है।”

गौरतलब है कि कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाकर संभावित स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा तब सामने आया जब मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कथित तौर पर कैबिनेट बैठक में आशंका जताई कि बीजेपी और जेडी(एस) मंत्रियों को निशाना बना सकते हैं और उनके खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन कर सकते हैं। भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार को कांग्रेस मंत्रियों के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री शिवकुमार से सवाल किया और कहा कि शिवकुमार ने खुद अपने कैबिनेट सहयोगियों को अपनी गतिविधियों और बातचीत को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी थी। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस का स्टिंग ऑपरेशन करने और लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए उनका इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है, और कहा कि पार्टी के अपने मंत्रियों और विधायकों से बात करके इसकी पुष्टि की जा सकती है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ बीजेपी नेता आर. अशोक ने बुधवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाकर किए जा रहे कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चिंतित थे क्योंकि वह खुद पहले ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे थे।

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राजनीति

‘अराजकतावादी मानसिकता’: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधा

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वाराणसी: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष में हिम्मत है, तो उन्हें उन सीटों से इस्तीफा दे देना चाहिए जो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए चुनावों में जीती गई थीं। यह बयान बुधवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में जंतर-मंतर की ओर किए गए एक और विरोध प्रदर्शन के बाद आया। इंडिया ब्लॉक के सांसद जब सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें ले जा रही बस को जनपथ के पास रोक दिया गया और दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया। पत्रकारों से बात करते हुए नितिन नबीन ने कहा, “मैं कहूंगा कि ये लोग अराजकतावादी सोच वाले हैं, जो समाज में सिर्फ जहर घोलना जानते हैं। आखिर, इसी चुनाव आयोग ने केरल में चुनाव कराए थे।”

उन्होंने कहा, “इसने तमिलनाडु में भी चुनाव कराए, जहां वे सत्ता में आए। अगर हिम्मत है, तो राहुल गांधी को पहले इस्तीफा देना चाहिए। जनता उनके खेल को अच्छी तरह देख रही है। विपक्ष के ये नेता घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वे लोगों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन्हें उनके अधिकार वापस दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा मानना ​​है कि जो लोग यहां के हैं, उनका देश के संसाधनों पर अधिकार है।” नबीन ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की गई व्यवस्थाओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मैं बिहार से हूं और वाराणसी आना हमारी परंपरा का हिस्सा है। मैं कहूंगा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बहुत अच्छे तरीके से बनाया गया है। भक्तों को भी यह पसंद आ रहा है। यह एक शानदार अनुभव है। इसके लिए मैं पीएम मोदी और सीएम योगी को बधाई देना चाहता हूं।” भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बाबा विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से बातचीत करेंगे और बाद में गोकुल धाम में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।

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