राष्ट्रीय समाचार
हैदराबाद रियल एस्टेट में नया रिकॉर्ड, एक एकड़ जमीन 264 करोड़ रुपए में बिकी
हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए, शुक्रवार को सरकारी जमीन का एक एकड़ हिस्सा 264 करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत पर नीलाम हुआ। इसने 237 करोड़ रुपए के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (टीजीआईआईसी) ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के बीचों-बीच रेडुर्ग में 5.25 एकड़ की बेहतरीन मल्टी-यूज जमीन की ई-नीलामी में एक नया रिकॉर्ड बना।
इस बेहतरीन मल्टी-यूज जमीन की नीलामी से 1,386 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
टीजीआईआईसी के अनुसार, 175 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) पर 5.25 एकड़ जमीन की नीलामी की गई, जिससे प्रति एकड़ 264 करोड़ रुपए की अंतिम कीमत मिली, जो रिजर्व प्राइस से 50.9 प्रतिशत ज्यादा है।
अधिकारियों ने कहा कि यह नतीजा दिखाता है कि हैदराबाद भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट बाजारों में से एक के तौर पर उभरा है और यह इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास के लिए तेलंगाना की रणनीतिक सोच की पुष्टि करता है।
टीजीआईआईसी ने कहा कि यह नतीजा बड़े डेवलपर्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और हैदराबाद के रणनीतिक कॉरिडोर को लेकर बाजार के बढ़ते सकारात्मक नजरिए को दर्शाता है, जिससे संस्थागत रियल एस्टेट कैपिटल के लिए तेजी से विकास करने वाले डेस्टिनेशन के तौर पर तेलंगाना की स्थिति मजबूत होती है।
इस नतीजे से रेडुर्ग में जमीन की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल का पता चलता है। टीजीआईआईसी की पिछली नीलामी में मई में प्रति एकड़ 237 करोड़ रुपए मिले थे। इससे इस कॉरिडोर के बेहतरीन प्लॉट के लिए निवेशकों की लगातार बढ़ती मांग का पता चलता है।
यह नीलामी एमएसटीसी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए की गई, जिसमें जेएलएल ने एक्सक्लूसिव ट्रांजैक्शन एडवाइजर के तौर पर काम किया, जिससे पारदर्शिता बनी रही और देश के प्रमुख डेवलपर्स ने प्रतिस्पर्धी रूप से इसमें हिस्सा लिया।
टीजीआईआईसी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के. शशांका ने कहा, “प्लॉट पी1 की नीलामी का सफल नतीजा तेलंगाना के भविष्य में डेवलपर्स के भरोसे और यकीन को दिखाता है। हम जो देख रहे हैं, वह सिर्फ अच्छी कीमत ही नहीं, बल्कि राज्य की विकास सोच पर पक्की मुहर भी है। एक ऐसी सोच जो पारदर्शिता, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए असली वैल्यू बनाने पर आधारित है।”
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक : विधान परिषद में सत्तापक्ष का विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप, कार्रवाई की मांग

कर्नाटक विधान परिषद के सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने परिषद के सभापति सलीम अहमद से शिकायत की है कि पिछले चार दिनों से विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। उनका कहना है कि इससे उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है।
शुक्रवार को सभापति को सौंपे गए पत्र में सदस्यों ने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य विधायी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
पूर्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और एमएलसी इवान डी’सूजा सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि कर्नाटक की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है क्योंकि सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है।
सदस्यों ने बताया कि राज्य इस समय भीषण सूखे का सामना कर रहा है, लेकिन व्यवधानों के कारण परिषद में सूखे का मुद्दा नहीं उठा पाए और न ही केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता देने की मांग कर सके।
उन्होंने कहा, “लोग सूखे के प्रभाव से परेशान हैं। हम इस मुद्दे पर सदन में चर्चा किए बिना सीधे जनता के बीच नहीं जा सकते।”
सदस्यों ने मालनाड क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट, पेयजल संकट, किसानों की समस्याएं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा का अवसर देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन विषयों पर चर्चा के लिए कई प्रस्ताव पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन लगातार हो रहे व्यवधानों के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल रहा है। सिर्फ सदन का समय बर्बाद हो रहा है।
उन्होंने विपक्षी सदस्यों के आचरण पर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
सत्तापक्ष के सदस्यों का कहना है कि विपक्ष का यह व्यवहार सदन की कार्यप्रणाली के खिलाफ है। उन्होंने सभापति से अनुरोध किया कि विधायी कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
शुक्रवार को कर्नाटक कांग्रेस के विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जनजातीय कल्याण मामले में कथित संलिप्तता को लेकर योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रही है।
राष्ट्रीय समाचार
एथेनॉल उत्पादन से चीनी कीमतों में बढ़ोतरी को केंद्र ने किया खारिज, कहा- मक्के का हो रहा उपयोग

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का कारण एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल करना बताना गलत है।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए उपयोग हो रही चीनी का शेयर 2025-26 में कम होकर करीब 9 प्रतिशत हो गया है, जो कि 2022-23 में करीब 12 प्रतिशत था।
साथ ही, कहा कि मौजूदा समय में देश में एथेनॉल के उत्पादन के लिए मक्के का उपयोग हो रहा है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हो रही है, जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, दुनिया भर में चीनी की सप्लाई में कमी और इंडस्ट्री के कुछ हिस्सों की तरफ से सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं।
मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन लगभग 306 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहने का अनुमान है, जबकि गन्ना उगाने वाले राज्यों का शुरुआती अनुमान लगभग 343 एलएमटी था।
गन्ने में रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों के साथ-साथ ज्यादा बारिश की वजह से जलभराव से भी उत्पादन पर असर पड़ा है।
अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद, अक्टूबर में नया क्रशिंग सीजन शुरू होने तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सरकार ने बताया कि वर्तमान में चीनी की आपूर्ति में कमी एक ग्लोबल समस्या है और यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
2026-27 के लिए दुनिया भर में चीनी की कमी का अनुमान लगभग 33 एलएमटी लगाया गया है। मौसम के हालात को लेकर चिंता ने भी ग्लोबल आउटलुक पर असर डाला है।
नतीजतन, चीनी की इंटरनेशनल कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। 30 जून 2026 को ये 474 डॉलर प्रति टन थीं, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर 552 डॉलर प्रति टन हो गई हैं, जो कि दो महीने से भी कम समय में 16 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी को दिखाता है।
मंत्रालय के मुताबिक, भारत में आम तौर पर हर साल लगभग 320-340 एलएमटी चीनी का उत्पादन होता है, जबकि देश में इसकी खपत लगभग 280-290 एलएमटी होती है। जब उत्पादन जरूरत से ज्यादा होता है, तो अतिरिक्त स्टॉक के कारण चीनी मिलों का पैसा फंस जाता है और गन्ना किसानों को भुगतान में देरी हो सकती है।
अतिरिक्त चीनी का एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल करने से इस बुनियादी समस्या को हल करने में मदद मिली है और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।
राष्ट्रीय समाचार
कोलकाता होटल अग्निकांड के बाद एक्शन, मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 17 और होटलों को नोटिस

कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को मध्य कोलकाता के भीड़भाड़ वाले मिर्जा गालिब स्ट्रीट और आसपास के 17 और होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन होटलों पर आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं रखने का आरोप है।
इससे पहले गुरुवार को भी विभाग ने इसी इलाके के 9 अन्य होटलों और गेस्ट हाउसों को नोटिस दिया था। इस तरह कुल 26 होटलों और गेस्ट हाउसों को नोटिस दिया जा चुका है।
शुक्रवार को जिन 17 होटलों को नोटिस दिया गया है, उन्हें 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है। अगर वे जवाब नहीं देते हैं तो उनके होटलों को बंद करने का आदेश भी दिया जा सकता है।
यह कार्रवाई मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात होटल में लगी आग के बाद की जा रही है। इस हादसे में 7 बांग्लादेशी नागरिकों समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। सभी की मौत जलने से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई थी।
पुलिस ने गुरुवार को ‘शिखा इन’ होटल के लीज धारक अबू जफर को गिरफ्तार कर लिया था। उसे गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जफर ने बिरेश्वर मित्रा से 40,000 रुपए महीने पर होटल लीज पर लिया था। होटल का असली मालिक बिरेश्वर मित्रा अभी भी फरार है।
भाजपा ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट अग्निकांड के लिए तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और नगर निगम मामलों के मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सवाल उठाया है कि बिना सुरक्षा इंतजाम के इन होटलों को ट्रेड लाइसेंस कैसे मिल गया।
जिस पांच मंजिला इमारत में आग लगी थी, उसमें कई होटल और गेस्ट हाउस चल रहे थे। ‘शिखा इन’ होटल इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर 1100 वर्ग फुट में चल रहा था।
इस हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों का विशेष ऑडिट कराने का ऐलान किया है। न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन ने, जिसके अधिकार क्षेत्र में यह इमारत आती है, स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। राज्य के अग्निशमन विभाग ने भी अलग से शिकायत दर्ज कराई है।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
