राजनीति
गतिशक्ति योजना के साथ अगले 25 वर्षों के लिए रखी जा रही भारत की नींव : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अष्टमी के शुभ दिन यानी शक्ति की पूजा के दिन का उल्लेख किया और कहा कि इस शुभ अवसर पर देश की प्रगति की रफ्तार को भी नई शक्ति मिल रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आज अगले 25 वर्षों के लिए भारत की नींव रखी जा रही है।
गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अनावरण करते हुए, पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि यह कार्यक्रम भारत के आत्मविश्वास को बढ़ावा देगा और देश को आत्मनिर्भर बनाएगा।
इस दौरान उन्होंने प्रगति मैदान में नए प्रदर्शनी परिसर का भी उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गतिशक्ति के इस महाअभियान के केंद्र में भारत के लोग, भारत का उद्योग, भारत का व्यापार जगत, भारत के विनिर्माता, भारत के किसान हैं। उन्होंने कहा, “यह भारत की वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को 21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिए नई ऊर्जा देगा, उनके रास्ते के अवरोध समाप्त करेगा।”
उन्होंने कहा कि हमने न सिर्फ परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने का वर्क-कल्चर विकसित किया, बल्कि आज समय से पहले प्रोजेक्ट्स पूरे करने का प्रयास हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस तथ्य पर खेद व्यक्त किया कि हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्च र का विषय ज्यादातर राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा है। ये उनके घोषणापत्र में भी नजर नहीं आता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अब तो ये स्थिति आ गई है कि कुछ राजनीतिक दल, देश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्च र के निर्माण पर आलोचना करने लगे हैं। जबकि दुनिया में ये स्वीकृत बात है कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्च र का निर्माण एक ऐसा रास्ता है, जो अनेक आर्थिक गतिविधियों को जन्म देता है, बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार का निर्माण करता है।”
मोदी ने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा, “2014 से पहले मेट्रो रेल महज 250 किलोमीटर के ट्रैक पर चल रही थी। आज मेट्रो का विस्तार 700 किलोमीटर तक कर दिया गया है और 1000 किलोमीटर नए मेट्रो रूट पर काम चल रहा है।”
उन्होंने कहा, “2014 से पहले के पांच वर्षों में केवल 60 पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा सका था। पिछले 7 वर्षों में हमने 1.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा है।”
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि करदाताओं का पैसा अतीत में देरी और विकास कार्यों के प्रति सुस्त ²ष्टिकोण के कारण बर्बाद हुआ है, जिसे उनकी सरकार बदलना चाहती है।
महाराष्ट्र
दिल्ली एलजी ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत पुलिस आयुक्त को दी विशेष हिरासत शक्तियां

मुंबई प्रेस ब्यूरो
15 जुलाई 2026
दिल्ली — एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम में, दिल्ली के उपराज्यपाल (उपराज्यपाल) ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को हिरासत में लेने (निवारक निरोध) की विशेष शक्तियां आधिकारिक तौर पर प्रदान की हैं।
दिल्ली राजपत्र असाधारण (दिल्ली गजट असाधारण) के गृह (पुलिस-II) विभाग द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 1980 की धारा 3 की उप-धारा (3) और धारा 2 के खंड (e) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिया है।
अधिसूचना विवरण संक्षेप में:
राजपत्र: दिल्ली राजपत्र: असाधारण (भाग IV)
आदेश संख्या: एफ. एनओ. 2/1/88/एचपी-II/भाग-1/ e-ऑफ़िस नंबर.280430/1346-1349
जारीकर्ता प्राधिकरण: उपराज्यपाल के आदेश और नाम से (रमेश कुमार, उप सचिव, गृह-III)
जारी करने की तिथि: 15 जुलाई 2026
प्रभावी अवधि: 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026
तीन महीने के लिए विशेष प्रावधान
जारी अधिसूचना में निर्देश दिया गया है कि तीन महीने की अवधि 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3 की उप-धारा (2) के तहत डिटेनिंग अथॉरिटी (हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी) की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल संतुष्ट हैं कि ऐसा करना आवश्यक है. 19/07/2026 से 18/10/2026 की अवधि के दौरान दिल्ली के पुलिस आयुक्त उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (2) के तहत निरोधक प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं।”
दिल्ली राजपत्र आदेश से अंश
पृष्ठभूमि और महत्व
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के तहत, किसी व्यक्ति को भारत की रक्षा, विदेशी शक्तियों के साथ भारत के संबंधों, भारत की सुरक्षा, या सार्वजनिक व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं के रखरखाव के प्रतिकूल कार्य करने से रोकने के लिए निवारक हिरासत (निवारक निरोध) में लिया जा सकता है।
यद्यपि धारा 3 के तहत हिरासत में लेने की शक्तियाँ आमतौर पर जिला मजिस्ट्रेटों या राज्य सरकारों के पास होती हैं, प्रावधान उपराज्यपाल या राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महानगर क्षेत्रों में पुलिस प्रमुख को अस्थायी रूप से ये शक्तियां सौंपने की अनुमति देते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक तत्परता और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए समय-समय पर ये शक्तियां नवीनीकृत की जाती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
सीजेपी प्रोटेस्ट में घायल एसीपी विवेक भगत का मेडिकल बुलेटिन जारी, शरीर पर कई चोटों की पुष्टि

जंतर-मंतर के पास सीजेपी प्रोटेस्ट में घायल कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत को इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल लाया गया। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल अपडेट के अनुसार, एसीपी भगत के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने आगे का इलाज एम्स, नई दिल्ली में कराने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय जांच पूरी होने पर अनुरोध के आधार पर छुट्टी दे दी गई।
आरएमएल अस्पताल के अनुसार, जांच के दौरान एसीपी विवेक भगत के दोनों हाथों और पैरों के अलावा कंधे पर कई चोटों के निशान पाए गए। इसके साथ ही उनके सिर के पीछे पारिएटो-ऑक्सिपिटल हिस्से में सूजन भी मिली। उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि घटना के बाद कान से खून निकला था और उन्हें उल्टी भी हुई थी।
अस्पताल ने बताया कि एसीपी भगत का सर्जरी विभाग की मेडिकल टीम ने परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी इच्छा के अनुसार आगे का इलाज एम्स में कराने का फैसला किया। इसके बाद अस्पताल ने उन्हें अनुरोध पर डिस्चार्ज कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि जंतर-मंतर के पास हुई प्रोटेसेट में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव और हिंसा में 20 से अधिक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस इस मामले को लेकर अलग अलग थानों में एफआईआर दर्ज की है। वहीं घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सीजेपी का प्रदर्शन अब भी जारी है और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राजनीति
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर पीएम मोदी के पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया, प्रियंका बोलीं-सिस्टम से भरोसा टूटा

पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए ‘एक्स’ पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “ये तो वैसी ही बात है कि बच्चों का कुछ और कहना है और आप (पीएम) कुछ और कह रहे हैं। नेताओं के नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है, वे नेतृत्व दिखाएं। बच्चों की बातें सुनें। बच्चों की स्पष्ट मांगें हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और जिन्होंने मारा-पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनको पहले बच्चों की मांगों की माननी चाहिए। बच्चों का सिस्टम में भरोसा टूट गया है।”
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि अगर सिस्टम द्वारा कोई समाधान किया जाएगा तो बच्चे इसको स्वीकार नहीं करेंगे। अगर प्रधानमंत्री को समाधान करना है तो बच्चों की मांगें सुनें और पूरी करें, तभी समाधान निकल पाएगा।
पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक्स’ पोस्ट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “आजकल कोई भी उनकी बातों पर यकीन नहीं करता। उनकी बातों का भरोसा पहले ही खत्म हो चुका है। सबसे पहले, उन्हें धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाना होगा। फिर उन्हें छात्रों से बात करनी होगी।”
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस क्रांति की बात कर रहे थे। क्या उस ‘एक्स’ पोस्ट से उन छात्रों की मांगें पूरी होंगी जिन पर लाठीचार्ज हुआ, जो घायल हुए और जो इतने लंबे समय से जंतर-मंतर पर बैठे हैं? क्या बल प्रयोग से घायल हुए छात्रों की आंखों का दर्द ठीक हो पाएगा? संसद सत्र शुरू होने पर, अगर प्रधानमंत्री युवाओं को कोई संदेश देना चाहते थे, तो उन्हें खुद सदन में आकर उनसे बात करनी चाहिए थी।”
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, “आखिरकार, इतने दिनों बाद सरकार की नींद खुली है। 22 दिनों तक जब छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, तब सरकार बहरी और खामोश क्यों बनी रही? छात्रों ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपनी मांगें रखने के लिए संसद आएंगे। इस आंदोलन को बढ़ने देने में सरकार की बड़ी भूमिका रही है और अब वह दमनकारी रवैया अपना रही है।”
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, “अभी तक सिर्फ ‘एक्स’ पोस्ट ही आया है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भविष्य में यह या वह करेंगे, यह सब तो बस बातें हैं। लोग अब कार्रवाई चाहते हैं। वे जानना चाहते हैं कि आपने इसके जवाब में क्या किया है। न तो कोई इस्तीफा हुआ है, न ही लाठीचार्ज पर कोई अफसोस जताया गया है, और न ही राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है।”
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