मनोरंजन
आखिरकार फरार अभिनेता-निर्माता विजय बाबू कोच्चि पहुंचे
केरल उच्च न्यायालय द्वारा पुलिस को 2 जून तक गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश देने के एक दिन बाद, अभिनेता-निर्माता विजय बाबू बुधवार को दुबई से भारत लौट आए है। उन पर रेप क आरोप लगे हैं। कोच्चि हवाईअड्डे के निकास द्वार पर अभिनेता-निर्माता ने वेटिंग मीडिया से कहा कि वह पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।
बाबू ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, सच्चाई सामने आएगी। मैं अपने परिवार और दोस्तों को मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।
सूत्रों के मुताबिक बाबू सबसे पहले अपने परिवार के पास जाएंगे।
बाद में, उन्हें अपनी अग्रिम जमानत याचिका पर अंतरिम आदेश के अनुसार खुद को पुलिस के सामने पेश करना होगा, जिस पर मंगलवार को उच्च न्यायालय ने सुनवाई की थी। आदेश में कहा गया है कि उन्हें गुरुवार तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को बाबू के वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह बुधवार को दुबई से भारत पहुंचेंगे।
अदालत ने पुलिस और अभियोजन को फटकार लगाते हुए कहा कि वह दूसरों के लिए भले ही स्टार हो, लेकिन अदालत के लिए वह एक सामान्य व्यक्ति है। इसमें कहा गया है कि पुलिस दुबई से आते ही उन्हें गिरफ्तार कर मीडिया के सामने ड्रामा करने की कोशिश कर रही है।
विदेश से आते ही विजय पुलिस जांच दल के सामने पेश होंगे, लेकिन गुरुवार तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।
केरल पुलिस बाबू को काफी समय से दुबई से वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही थी।
कोझीकोड की अभिनेत्री ने 22 अप्रैल को एनार्कुलम में शिकायत दर्ज कराई थी कि अभिनेता-निर्माता ने कोच्चि के एक फ्लैट में उसके साथ कई बार बलात्कार किया और उसे पीटा भी था।
उसने उन पर यौन शोषण करने से पहले उसे नशीला पदार्थ देने का भी आरोप लगाया है।
जैसे ही खबर सामने आई, बाबू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव आकर मामले में फंसाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाएंगे।
पुलिस ने प्राथमिक शिकायत के अलावा शिकायतकर्ता का नाम उजागर करने को लेकर उनके खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया है।
कोर्ट गुरुवार को उनकी याचिका पर फिर सुनवाई करेगी।
मनोरंजन
100 करोड़ के क्लब में शामिल होने के लिए तैयार ‘भूत बंगला’, पांच दिनों में किया शानदार कलेक्शन

अक्षय कुमार, राजपाल यादव और वामिका गब्बी स्टार फिल्म ‘भूत बंगला’ ने दर्शकों का दिल जीतने के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की और वीकेंड के साथ फिल्म की कमाई बढ़ती जा रही है।
जल्द ही फिल्म सेंचुरी पूरी करने के लिए तैयार है। फिल्म में शानदार कॉमेडी से दिल जीतने वाले राजपाल यादव ने फिल्म का शानदार कलेक्शन शेयर किया है।
अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है और पूरे भारत में 97.75 करोड़ का कलेक्शन करने में कामयाब रही है जबकि वैश्विक स्तर पर फिल्म का कलेक्शन 102 करोड़ से ज्यादा का है। फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने पहले दिन भारत में 21.60 करोड़, दूसरे दिन 25.65 करोड़, तीसरे दिन 30.20 करोड़ और चौथे और पांचवें दिन तकरीबन 20 करोड़ की कमाई की है। हालांकि फिल्म सेंचुरी से चूक गई है लेकिन जल्द ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने के लिए तैयार है।
‘भूत बंगला’ की विदेशों में कमाई की रफ्तार बहुत धीमी है। फिल्म के प्रोडक्शन हाउस द्वारा जारी किए गए आकंड़ों को देखे तो पहले दिन फिल्म ने विदेशों में 9 करोड़, दूसरे दिन 9.10 करोड़ और तीसरे दिन 6.50 करोड़ की कमाई की थी। कुल मिलाकर फिल्म वैश्विक स्तर पर 100 करोड़ का आकंड़ा पार चुकी है।
बता दें कि फिल्म ‘भूत बंगला’ से दर्शकों को बहुत सारी उम्मीदें हैं क्योंकि अभिनेता लंबे समय बाद निर्देशक प्रियदर्शन के साथ पर्दे पर लौट रहे हैं। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने जब भी साथ काम किया है, तब दर्शकों को सिनेमाघरों में हंसी से लोटपोट देखा है। दोनों ने साथ में आखिरी बार ‘खट्टा-मीठा’ में काम किया था। इस जोड़ी ने मिलकर ‘हेरा-फेरी,’ ‘दे दना दन,’ ‘गरम मसाला,’ ‘हे बेबी,’ और ‘भूल-भुलैया’ जैसी हिट फिल्में साथ में दी हैं। यही कारण है कि दर्शकों को फिल्म से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं।
पहले फिल्म को मेकर्स 10 अप्रैल को रिलीज करने वाले थे लेकिन ‘धुरंधर द रिवेंज’ की धमाकेदार कमाई और बॉक्स ऑफिस पर तेजी से बढ़ती रफ्तार की वजह से फिल्म की रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया था। फिल्म को 17 अप्रैल को रिलीज किया गया और एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल, को फिल्म का पेड-प्रीव्यू रखा गया था।
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अल्लू अर्जुन को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने एआई और डीपफेक से उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल पर लगाई रोक

तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कई कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को उनके नाम, चेहरा, आवाज और पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का बिना अनुमति इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह आदेश खासतौर पर आज के दौर में तेजी से बढ़ रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने की। अल्लू अर्जुन ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कई ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और कुछ अन्य संस्थाओं पर आरोप लगाया था कि वे उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उनकी अनुमति के बिना उनके नाम से सामान बेचा जा रहा है और इंटरनेट पर गलत और भ्रामक कंटेंट फैलाया जा रहा है।
अल्लू अर्जुन ने याचिका में बताया कि कुछ लोग एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी आवाज की नकल कर रहे हैं और फेक कॉल जैसी चीजें तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, कुछ जगहों पर उनकी छवि का उपयोग करके आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री भी बनाई जा रही थी। इस तरह की गतिविधियां उनके काम और छवि पर भी असर डाल रही हैं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अल्लू अर्जुन देश के एक बड़े और सम्मानित कलाकार हैं। उन्होंने सालों की मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाई है और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें आइकन स्टार के नाम से जाना जाता है।
कोर्ट ने उनके करियर का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने फिल्म ‘विजेता’ से बतौर बाल कलाकार शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और ‘पुष्पा: द राइज’ और ‘पुष्पा 2: द रूल’ जैसी फिल्मों से उन्हें देश और दुनिया में बड़ी पहचान मिली।
जस्टिस गेडेला ने कहा कि अल्लू अर्जुन की पहचान से जुड़ी हर चीज, जैसे उनका नाम, चेहरा, आवाज, बोलने का तरीका, डायलॉग, हावभाव और स्टाइल उनकी खास पहचान है और इसे बिना अनुमति इस्तेमाल करना गलत है।
इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अल्लू अर्जुन ने अपने नाम और ब्रांड से जुड़े कई ट्रेडमार्क रजिस्टर कराए हुए हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा उनका गलत इस्तेमाल करना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है, और इस पर रोक लगाना जरूरी है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहली नजर में यह साफ है कि कुछ लोग उनकी पहचान का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे मामलों में अगर तुरंत रोक नहीं लगाई जाती, तो इससे अभिनेता को ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई पैसे से भी नहीं हो सकती।
फैसले में साफ तौर पर कहा गया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था अल्लू अर्जुन के नाम, तस्वीर, आवाज या किसी भी पहचान का इस्तेमाल निजी या व्यावसायिक फायदे के लिए नहीं कर सकती। यह रोक डिजिटल और ऑफलाइन दोनों तरह के प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी। इसमें एआई, जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, डीपफेक और फेस मॉर्फिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी शामिल है।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिन वेबसाइट्स और लिंक पर ऐसा कंटेंट मौजूद है, उन्हें 72 घंटे के अंदर हटाया जाए। साथ ही प्लेटफॉर्म्स को यह जिम्मेदारी दी गई है कि भविष्य में अगर ऐसा कोई कंटेंट सामने आता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक किया जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को 14 जुलाई को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने दलीलें पूरी करने के लिए और 24 सितंबर को कोर्ट के सामने आगे की सुनवाई के लिए लिस्ट किया है।
मनोरंजन
जैकलीन फर्नांडिस की अप्रूवर बनने की अर्जी पर सुनवाई टली, अब 8 मई को होगा फैसला

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की ओर से सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने के लिए दाखिल अर्जी पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 मई को होगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा है, साथ ही एजेंसी ने जैकलीन की इस अर्जी का विरोध भी किया है।
सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत के सामने कहा कि जैकलीन की ओर से दायर की गई अर्जी आधारहीन है। साथ ही कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
इससे पहले पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जैकलीन की अर्जी पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा हुआ है, जिस पर 200 करोड़ रुपए की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में जैकलीन फर्नांडिस का नाम तब सामने आया था, जब जांच एजेंसी ने दावा किया कि सुकेश ने ठगी के पैसों से उन्हें कई महंगे गिफ्ट्स दिए थे। इसी आधार पर ईडी ने उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया था।
जैकलीन ने हाल ही में कोर्ट में अर्जी दाखिल कर यह इच्छा जताई थी कि वह इस मामले में सरकारी गवाह बनना चाहती हैं और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन ईडी ने उनके इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि फिलहाल उनकी अर्जी को स्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं दिखता।
मामले की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों के परिवार से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की। बाद में इस मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ में ली और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि सुकेश ने कथित तौर पर इस पैसे का इस्तेमाल कई लोगों को महंगे तोहफे देने में किया, जिनमें जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी शामिल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें लग्जरी बैग, डायमंड ज्वेलरी, महंगी घड़ियां और अन्य कीमती सामान दिए गए थे, जिसके चलते ईडी ने उन्हें भी इस केस में आरोपी के तौर पर शामिल किया।
वहीं, जैकलीन का कहना है कि उन्हें सुकेश की असलियत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि सुकेश ने खुद को एक बड़े बिजनेसमैन के रूप में पेश किया और उन्हें गुमराह किया।
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