व्यापार
भारतीय शेयर बाजार में इन कारणों के चलते आई रैली, सेंसेक्स 650 अंक से अधिक उछला
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र में बड़ी रैली देखी गई। दोपहर 1 बजे पर सेंसेक्स 660 अंक या 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,180 और निफ्टी 173 अंक या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,538 पर था।
बाजार में चौतरफा रैली देखी जा रही है, जिसे बैंकिंग सेक्टर लीड कर रहा है। निफ्टी बैंक 691 अंक या 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,273 पर था। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी ऑटो जैसे सूचकांक टॉप गेनर्स में शामिल थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 411 अंक या 0.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,202 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 204 अंक या 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,691 पर था।
बाजार में तेजी की वजह कच्चे तेल में कमजोरी को माना जा रहा है। अमेरिका -ईरान शांति वार्ता के चलते कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
अमेरिका -ईरान शांति वार्ता मंगलवार को प्रस्तावित है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर उम्मीद लगाई जा रही है कि दोनों देश आपसी शांति का कोई नया मार्ग निकालेंगे। इसी कारण के चलते जापान और कोरिया जैसे वैश्विक बाजार हरे निशान में थे।
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। हालांकि, बुधवार को समाप्त होने वाले सीजफायर से पहले दोनों देश शांति वार्ता के लिए एक मंच पर आने को तैयार है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए मंगलवार को पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन भी अमेरिका से बातचीत की तैयारी कर रहा है।
बैंकिंग सेक्टर में रैली भी बाजार में व्यापक बढ़त के पीछे एक बड़ा कारण है, जिसे आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज बैंक लीड कर रहे हैं।
इसके अलावा, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव दर्शाने वाले इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट भी बाजार में तेजी की एक वजह है। आमतौर पर जब भी इंडिया विक्स में गिरावट होती है तो बाजार में तेजी देखने को मिलती है। फिलहाल इंडिया विक्स 5.69 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17.72 पर है।
व्यापार
जुलाई में व्यापारियों को किया जाने वाला डिजिटल भुगतान 19.6 प्रतिशत बढ़कर 11.73 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा: रिपोर्ट

शुक्रवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आधारित भुगतान और क्रेडिट कार्ड खर्च में बढ़ोतरी के चलते जुलाई 2026 में व्यापारियों को किए गए डिजिटल भुगतान का कुल मूल्य 19.6 प्रतिशत बढ़कर 11.73 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
इक्विरस सिक्योरिटीज द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में व्यापारियों को किए गए डिजिटल भुगतान का मूल्य 9.80 लाख करोड़ रुपए था। वहीं जून 2026 के 11.17 लाख करोड़ रुपए की तुलना में भी जुलाई में लगभग 5 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई-व्यापारी भुगतान (पी2एम) और क्रेडिट कार्ड लेनदेन डिजिटल भुगतान प्रणाली के प्रमुख वृद्धि चालक बने रहे। जुलाई में यूपीआई-आधारित व्यापारी भुगतान में सालाना आधार पर 23.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि क्रेडिट कार्ड खर्च में 7.4 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया।
जुलाई के दौरान यूपीआई-पी2एम लेनदेन का कुल मूल्य 9.066 लाख करोड़ रुपए रहा, जो कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान का 77.3 प्रतिशत हिस्सा था। जून की तुलना में इसकी हिस्सेदारी 22 आधार अंक और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 243 आधार अंक बढ़ी है। यह दर्शाता है कि भारत में व्यापारियों के बीच यूपीआई भुगतान का उपयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
क्रेडिट कार्ड के जरिए खर्च की गई राशि जुलाई में 2.081 लाख करोड़ रुपए रही। यह जून की तुलना में 3.4 प्रतिशत अधिक है। कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत रही।
वहीं डेबिट कार्ड के माध्यम से किए गए खर्च में सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मासिक आधार पर इसमें 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल खर्च बढ़कर 37,700 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रीपेड कार्ड के जरिए लगभग 6,600 करोड़ रुपए और डिजिटल वॉलेट्स के माध्यम से करीब 13,700 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस प्रकार दोनों माध्यमों से कुल 20,300 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41.1 प्रतिशत और जून के मुकाबले 4.3 प्रतिशत अधिक है।
इस दौरान, क्रेडिट कार्ड बाजार का विस्तार भी जारी रहा। जुलाई में प्रचलन में मौजूद क्रेडिट कार्डों की संख्या बढ़कर 12.29 करोड़ हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 12.67 लाख अधिक है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्रेडिट कार्ड उपयोग का सबसे बड़ा माध्यम बने हुए हैं। जुलाई में कुल क्रेडिट कार्ड खर्च का 63.6 प्रतिशत हिस्सा ई-कॉमर्स के माध्यम से हुआ, जबकि जून में यह आंकड़ा 63.1 प्रतिशत था। प्रति क्रेडिट कार्ड औसत मासिक ई-कॉमर्स खर्च 10,772 रुपए रहा, जबकि पॉइंट-ऑफ-सेल मशीनों पर औसत खर्च 6,165 रुपए दर्ज किया गया।
लेनदेन के औसत आकार की बात करें तो ई-कॉमर्स पर एक क्रेडिट कार्ड लेनदेन का औसत मूल्य 4,301 रुपए रहा, जबकि दुकानों पर पॉइंट-ऑफ-सेल लेनदेन का औसत मूल्य 2,579 रुपए था।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रति क्रेडिट कार्ड औसत मासिक लेनदेन संख्या भी बढ़कर 4.90 हो गई, जो जून में 4.75 थी। यह उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग और नकदी रहित लेनदेन की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय समाचार
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल किए गए 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न

आयकर विभाग ने शुक्रवार को बताया कि आकलन वर्ष (एवाई) 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं से रिटर्न जल्द दाखिल करने की अपील की है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में आयकर विभाग ने कहा कि 31 अगस्त 2026 ऐसे करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते।
विभाग ने कहा, “आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।” इसके साथ ही पात्र करदाताओं को अंतिम समय का इंतजार न करने और जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी गई है।
आयकर विभाग ने अपने पोस्ट में कहा, “31 अगस्त 2026 आकलन वर्ष 2026-27 के लिए उन करदाताओं की आईटीआर दाखिल करने की नियत तिथि है, जिनकी व्यवसाय या पेशेवर आय है और जिन पर ऑडिट लागू नहीं होता। अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें और अपना रिटर्न आज ही दाखिल करें।”
विभाग की यह अपील ऐसे समय में आई है जब गैर-ऑडिट श्रेणी के व्यवसायी और पेशेवर करदाताओं के लिए निर्धारित अंतिम तिथि नजदीक आ रही है।
आमतौर पर अंतिम दिनों में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव देखने को मिलता है, इसलिए विभाग समय रहते रिटर्न दाखिल करने पर जोर दे रहा है।
इससे पहले जुलाई में आयकर विभाग ने जानकारी दी थी कि 31 जुलाई 2026 की समयसीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। उस समय विभाग ने करदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा था कि समय पर अनुपालन और करदाताओं का भरोसा देश के विकास को गति प्रदान करता है।
विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तिथि वाले दिन ही 40 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए थे। यह उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए निर्धारित समयसीमा थी, जिन्हें खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं थी।
नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि जुलाई की समयसीमा के बाद भी बड़ी संख्या में व्यवसाय और पेशेवर आय वाले करदाताओं ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 7 करोड़ के पार पहुंच गई है। आयकर विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार से कर अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
आईटी शेयरों में खरीदारी से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 193 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी बढ़त

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में तेजी के दम पर शुक्रवार को प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, निवेशक अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में दिए जाने वाले वक्तव्य से पहले सतर्क नजर आए।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 193.02 अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़कर 77,126.61 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 33.80 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,124.65 पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी में अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट 24,000 और 23,800 के स्ट्राइक स्तर पर केंद्रित है, जो इस बात का संकेत है कि इन स्तरों पर निवेशकों को खरीदारी का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों ने कहा, “ऊपरी स्तर पर अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट 24,200 और 24,300 स्ट्राइक पर मौजूद है, जिससे संकेत मिलता है कि इस दायरे में बिकवाली का दबाव बना हुआ है और तेजी पर अंकुश लग सकता है।”
एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, “यदि निफ्टी 24,025 के पिछले स्विंग लो के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो यह मध्यम अवधि के रुझान में बदलाव की पुष्टि करेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,378 का हालिया स्विंग हाई निकटतम प्रतिरोध स्तर के रूप में काम कर सकता है।”
निफ्टी में आईटी शेयरों ने बढ़त की अगुवाई की। टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे।
व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.03 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में शामिल रहा। निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया सूचकांक में भी मजबूती देखी गई। इसके विपरीत, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक अपेक्षाकृत कमजोर रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार प्रतिभागियों की नजरें जैक्सन होल संगोष्ठी पर टिकी हैं, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर संभावित रुख पर, जिसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
एक विश्लेषक ने कहा, “ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत फिर 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर किसी कूटनीतिक समाधान के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इस मुद्दे पर स्पष्टता की कमी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।”
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
