राजनीति
बिहार के किसान मजदूर बन गए : तेजस्वी
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा कि बिहार के किसान पंजाब, हरियाणा जाकर मजूदर बन गए। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के हाल में लाए गए कानूनों का अगर विरोध नहीं किया गया तो यहां के किसान भिखारी बन जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में सबसे कम आय बिहार के किसानों की ही क्यों है। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने बिहार के किसानों को किसान आंदोलन में साथ आने की अपील करते हुए कहा कि बिहार के किसानों की देश में सबसे कम आय है।
उन्होंने कहा, “आय के मामले में बिहार के किसान नीचे पायदान पर पहुंच गए हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी यहां से किसानों का आय ज्यादा है। क्या यह सच नहीं है कि महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा में जो मजदूरी कर रहे हैं वह बिहार के किसान हैं। आखिर किसान मजदूर क्यों बने हैं? अगर इसका विरोध नहीं करेंगे और सड़कों पर नहीं जाएंगे, तो बिहार के किसान भिखारी हो जाएंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन के बारे में कई गलत अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। किसानों को गाली तक दी जा रही है।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में धान और गेहूं की अधिप्राप्ति का भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले ही मंडी समाप्त कर दी गई, आखिर इसका किसे लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि आज देश के किसी राज्य के किसानों से बिहार के किसानों की आय कम है।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट कर सेलिब्रिटी को बधाई देने वाले प्रधनमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश किसानों की मौत पर क्यों मौन हैं?
तेजस्वी यादव ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती के मौके पर कहा कि गांघी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे खड़े होकर हमने किसानों के आंदोलन में साथ देने का संकल्प लिया था और हम इस संकल्प पर आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी, राजद किसानों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
महाराष्ट्र
मुंबई BMC चुनाव: 1,700 उम्मीदवार मैदान में, नॉमिनेशन बंद होने के बाद 453 उम्मीदवारों ने पर्चा वापस लिया

मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 167 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र गलत होने के कारण अवैध घोषित कर दिए गए। 2,231 नामांकन पत्र वैध पाए गए और 453 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए, इसलिए अब 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। आज उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न भी वितरित किए गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान, 11,000 फॉर्म वितरित किए गए और 2,000 से अधिक उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। इतना ही नहीं, सत्यापन पोर्टल के बाद 167 उम्मीदवारों को अवैध घोषित कर दिया गया। उनके नामांकन पत्रों में खामियों के कारण उन्हें अवैध घोषित किया गया। BMC की 227 सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होगा और अगले दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। आमिर कबीर। BMC का मेयर कौन होगा, इसीलिए राजनीतिक दलों के बीच रस्साकशी चल रही है।
राजनीति
ईसीआईनेट ऐप को बेहतर बनाने के लिए चुनाव आयोग ने नागरिकों से मांगे सुझाव, 10 जनवरी आखिरी दिन

नई दिल्ली, 3 जनवरी: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और चुनावी सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। आयोग ने देश के सभी नागरिकों से नई ईसीआईनेट ऐप को बेहतर बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं।
नागरिक 10 जनवरी तक ऐप में उपलब्ध ‘एक सुझाव सबमिट करें’ टैब के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईसीआईनेट ऐप का ट्रायल वर्जन मतदाताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इसके जरिए मतदान प्रतिशत से जुड़े रुझान पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से उपलब्ध हो रहे हैं। इतना ही नहीं, मतदान समाप्त होने के 72 घंटे के भीतर इंडेक्स कार्ड प्रकाशित किए जा रहे हैं, जबकि पहले यही प्रक्रिया पूरी होने में कई हफ्तों या महीनों का समय लग जाता था। इस ऐप का सफल परीक्षण बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विभिन्न उपचुनावों के दौरान किया जा चुका है।
आयोग ने बताया कि ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), पर्यवेक्षकों और मैदानी अधिकारियों से मिले फीडबैक को शामिल किया जा रहा है। अब नागरिकों से मिलने वाले सुझावों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि ऐप को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाया जा सके। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इसी महीने आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
ईसीआईनेट निर्वाचन आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में विकसित किया गया है। इस ऐप के विकास कार्य की शुरुआत 4 मई 2025 को इसकी घोषणा के बाद की गई थी।
यह ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें पहले मौजूद लगभग 40 अलग-अलग चुनाव संबंधी ऐप और वेबसाइटों को एक ही इंटरफेस में शामिल किया गया है। इनमें वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (वोटर टर्नआउट ऐप), और अपने उम्मीदवार को जानें (केवाईसी) जैसे महत्वपूर्ण ऑप्शन शामिल हैं।
ईसीआईनेट ऐप को गूगल प्लेस्टोर और ऐपल ऐप स्टोर दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐप डाउनलोड करें और अपने सुझाव देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाने में सहयोग करें।
राजनीति
सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाकर विपक्ष को कोई फायदा नहीं मिलने वाला: मनोहर लाल

करनाल, 3 जनवरी: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने विपक्ष की तरफ से लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। यह आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर लगाए गए हैं और इससे विपक्ष को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
मनोहर लाल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पता नहीं ये लोग वोट चोरी और ईवीएम में खराबी जैसे मुद्दों का जिक्र करके हम पर क्यों आरोप लगा रहे हैं, जबकि हाल ही में कर्नाटक में सर्वे हुआ है। इस सर्वे में 91 फीसदी लोगों ने कहा है कि उन्हें ईवीएम से कोई शिकायत नहीं है। वोट चोरी की बात भ्रामक है। अफसोस की बात यह है कि ये लोग राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर ये आरोप लगा रहे हैं। इस सर्वे ने इन लोगों की पोल खोलकर रख दी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में कोई भी चुनाव आने से पहले ये लोग कभी ईवीएम, तो कभी वोट चोरी का जिक्र करने लग जाते हैं। ऐसा ये लोग राजनीतिक फायदा प्राप्त करने के मकसद से करते हैं। हम लोगों को पता ही है कि बिहार में चुनावी बिगुल बजने से पहले भी इन लोगों ने इसी तरह के आरोप लगाए थे, लेकिन बाद में क्या हुआ, हम सभी को पता है। अब तो देश की जनता भी इस बात से वाकिफ हो चुकी है कि इनके आरोपों में किसी भी प्रकार की सत्यता नहीं है।
घुसपैठियों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार घुसपैठियों के खिलाफ कदम उठा रही है। यहां पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिन्हित करके उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है, तो इन लोगों को मिर्ची लग रही है। इस देश में भला हम किसी दूसरे देश के नागरिक को अवैध रूप से क्यों रहने देंगे? विपक्ष के लोग चाहते हैं कि वे रहते रहें, ताकि इन्हें इससे राजनीतिक फायदा मिलता रहे।
मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष के लोग घुसपैठियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना चाहते हैं। सही मायने में तो वोट चोरी विपक्ष के लोग कर रहे थे। अब इस पर रोक लगाने की प्रक्रिया हमारी सरकार ने शुरू की है। हमारी सरकार ने फर्जी मतदाताओं को चिन्हित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत अवैध रूप से भारत में रहने वाले लोगों को चिन्हित करके उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस तरह के लोगों को भला हम अपने देश में कैसे स्वीकार कर सकते हैं?
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