राजनीति
झारखंड के मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी ने कोविड-19 जांच कराई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने यहां शनिवार को कोरोनावायरस के लिए जांच कराई है।
जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के भी कोविड-19 जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, वरिष्ठ कार्मिक सचिव सुनील श्रीवास्तव, और मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि जिन लोगों के भीतर संक्रमण के लक्षण हों, उन सभी को कोविड-19 टेस्ट कराने चाहिए। इससे न केवल उनका समय रहते इलाज हो पाएगा, बल्कि संक्रमण को रोकने में भी मदद मिलेगी।
सोरेन हाल ही में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर और झामुमो विधायक मथुरा महतो के संपर्क में आ गए थे, जो कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद को क्वोरंटीन कर लिया था।
पिछले 10 दिनों के दौरान राज्य में कोरोनावायरस के 1,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। राज्य में अबतक लगभग 3,500 कोरोना के मामले आ चुके हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारत के इंडस्ट्रियल एनर्जी ट्रांजिशन में 100 अरब डॉलर के अवसर: रिपोर्ट

भारत के इंडस्ट्रियल एनर्जी ट्रांजिशन से 2030 तक 100 अरब डॉलर के कार्बन उत्सर्जन कमी के अवसर खुल सकते हैं। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई।
टीडीके वेंचर्स और थेइया वेंचर्स की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में अभी भी पूंजी की भारी कमी है – वर्तमान फंडिंग अधिक विकसित अर्थव्यवस्थाओं में देखे गए स्तरों के आधे (40 प्रतिशत) से भी कम है।
रिपोर्ट में इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन को न केवल जलवायु लक्ष्य के रूप में, बल्कि एक रणनीतिक सुरक्षा कवच के रूप में भी बताया गया।
वर्तमान में, भारत को प्रतिवर्ष 140 अरब डॉलर के ऊर्जा आयात बिल का सामना करना पड़ता है, जिससे देश भू-राजनीतिक झटकों जैसे मध्य पूर्व संकट के प्रति संवेदनशील हो जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडस्ट्रियल एनर्जी ट्रांजिशन एक ऐसी “मजबूत अर्थव्यवस्था” के निर्माण का मार्ग है जो देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों से बचाएगी।
यह रिपोर्ट में तकनीक और निवेश के लिहाज से सबसे अधिक प्रभाव डालने वाले तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विश्लेषण किया गया, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण, औद्योगिक आईओटी और डिजिटल ट्विन्स, और ऊर्जा दक्षता शामिल हैं।
टीडीके वेंचर्स के निवेश निदेशक रवि जैन ने कहा, “भारत की कार्बन उत्सर्जन कम करने की यात्रा केवल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि उद्योग में ऊर्जा का उपयोग कितनी कुशलता से किया जाता है। हम ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने, बड़े पैमाने पर औद्योगिक बुद्धिमत्ता को लागू करने और दक्षता प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में एक पीढ़ीगत निवेश अवसर देखते हैं।”
जैन ने आगे कहा, “यह अवसर विशाल है, इसमें पूंजी की कमी है और यह तेजी से विकसित हो रहा है। हम इसका नेतृत्व करने वाले उद्यमियों के दीर्घकालिक भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
थेया वेंचर्स की संस्थापक और जनरल पार्टनर प्रिया शाह ने कहा, “यह रिपोर्ट अनावश्यक बातों को दरकिनार करते हुए उद्यमियों और पूंजी आवंटनकर्ताओं को यह व्यावहारिक और ठोस दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए बनाई गई है कि सबसे अधिक प्रभाव डालने वाले अवसर कहां हैं और उन्हें बड़े पैमाने पर साकार करने के लिए क्या आवश्यक होगा।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्यमियों और पूंजी आवंटनकर्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल नियामक अनुपालन की औपचारिकता पूरी करने के बजाय लागत दक्षता ही अगले दशक में इस परिवर्तन को गति प्रदान करेगी, क्योंकि उद्योग स्थानीयकृत, सस्ते पदार्थों के साथ आगे बढ़ेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका में चीन से जुड़ी कंपनियों पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए नया विधेयक पेश

अमेरिका में दो वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसदों ने चीन के सैन्य-औद्योगिक तंत्र से जुड़े चीनी संस्थानों पर प्रतिबंधों में तेजी लाने के उद्देश्य से एक विधेयक पेश किया है। उनका कहना है कि अमेरिका अब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) से जुड़े खतरों के खिलाफ कार्रवाई में और देरी नहीं कर सकता।
सीनेटर रिक स्कॉट और प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने ‘सीसीपी सैंक्शंस शॉट क्लॉक एक्ट’ पेश किया। इस विधेयक के तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को उन चीनी व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ एक साल के भीतर कार्रवाई करना जरूरी होगा, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने सुरक्षा के लिए खतरा माना है।
इस विधेयक का मकसद वित्त वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम में संशोधन करना है। इसके तहत एक साल की ‘शॉट क्लॉक’ (समय सीमा) तय की जाएगी, जिसके भीतर पहचानी गई संस्थाओं को ट्रेजरी विभाग की ‘नॉन-एसडीएन चीनी सैन्य-औद्योगिक कॉम्प्लेक्स कंपनियों की सूची’ में शामिल करना होगा।
वर्तमान कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को हर दो साल में एक रिपोर्ट पेश करनी होती है, जिसमें उन चीनी नागरिकों या संस्थाओं की पहचान की जाती है जो अमेरिकी सरकारी सूचियों में शामिल हैं और जिन्हें एनएस-सीएमआईसी सूची में डाला जा सकता है। हालांकि, ट्रेजरी विभाग पर इस सूची को अपडेट करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा लागू नहीं है। वहीं, प्रस्तावित कानून इस व्यवस्था को बदल देगा।
विधेयक के मसौदे के अनुसार, राष्ट्रपति की ओर से उपधारा (ए) के तहत रिपोर्ट पेश करने के एक साल के भीतर ट्रेजरी सचिव ट्रेजरी सचिव संबंधित विदेशी नागरिकों को इस सूची में शामिल करना होगा और इसका संशोधित संस्करण ‘फेडरल रजिस्टर’ में प्रकाशित करना होगा।
स्कॉट ने कहा कि जैसे ही किसी संस्था की पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में हो जाती है, अमेरिका को तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। स्कॉट ने कहा, “सीसीपी के सैन्य हितों के लिए काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को इस देश में कारोबार करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। कम्युनिस्ट चीन हमारा दुश्मन है और अब हमें जागकर उसी के अनुरूप कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “जब किसी व्यक्ति की पहचान हमारी सुरक्षा और हमारी जीवनशैली के लिए खतरे के रूप में हो जाती है, तो हमें उस पर प्रतिबंध लगाने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए। यह विधेयक इसी कमी को दूर करता है।”
स्टेफानिक ने कहा कि यह बिल रिपब्लिकन पार्टी के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका मकसद चीन के सैन्य विस्तार से जुड़ी चीनी कंपनियों पर अमेरिका की आर्थिक निर्भरता को कम करना है।
उन्होंने कहा, “यह एक व्यावहारिक कानून है, जो यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेजरी विभाग अब कम्युनिस्ट चीन के दुर्भावनापूर्ण प्रभाव और सैन्य विस्तार से जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई में और देरी न कर सके।”
स्टेफानिक ने आगे कहा, “पिछले साल कांग्रेस ने प्रशासन से उन चीनी कंपनियों पर रिपोर्ट देने को कहा था जो बढ़े हुए प्रतिबंधों के दायरे में आती हैं। सीसीपी-सैंक्शंस शॉट क्लॉक एक्ट यह सुनिश्चित करेगा कि इन कंपनियों पर उतनी ही तेजी से प्रतिबंध लगाए जाएं, जितनी तेजी से अमेरिका को जवाब देने की जरूरत है।”
राजनीति
पीएम मोदी आज साइप्रस के राष्ट्रपति के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

पीएम मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स के साथ वार्ता करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय मुद्दों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे, जहां हवाईअड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने किया।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स का नई दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है। मुंबई यात्रा के बाद वह नई दिल्ली पहुंचे। उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।”
साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिड्स नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज भी आयोजित करेंगी। विदेश मंत्री जयशंकर शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात से पहले साइप्रस राष्ट्रपति से भेंट करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोडौलिड्स के बीच बैठक हैदराबाद हाउस में होगी।
क्रिस्टोडौलिड्स ने अपनी भारत यात्रा को “बेहद महत्वपूर्ण” बताया है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद “उत्कृष्ट” संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम पड़ाव साबित होगी।
नई दिल्ली आने से पहले क्रिस्टोडौलिड्स ने अपनी भारत यात्रा के तहत मुंबई का दौरा किया। उनके साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें साइप्रस के विदेश मंत्री कस्टेनसंस, परिवहन मंत्री अलेक्सिस, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं। इस यात्रा से भारत और साइप्रस के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले गुरुवार को क्रिस्टोडौलिड्स ने नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी और प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान के साथ मुंबई में एनएसई इंडिया की घंटी बजाई।
एनएसई इंडिया ने एक्स पर लिखा, “इस यात्रा के दौरान एनएसई परिसर का दौरा भी कराया गया। इसके बाद हमारे नेतृत्व दल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई।”
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