Connect with us
Saturday,08-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

सुरक्षा परिषद ने ट्रंप की गाजा शांति योजना का समर्थन करने वाले ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी

Published

on

संयुक्त राष्ट्र, 18 नवंबर: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना को मंजूरी दी गई। इस मंजूरी के बाद अब गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय बल भेजने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे युद्ध से तबाह इलाकों में शांति और व्यवस्था बहाल की जा सकेगी।

यह निर्णय ट्रंप के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। प्रस्ताव में ट्रंप के नेतृत्व वाले ‘‘बोर्ड ऑफ़ पीस’’ (बीओपी) को गाजा की अंतरिम प्रशासनिक संस्था के रूप में मान्यता दी गई है, ताकि दो साल से चले आ रहे संकट के बाद वहाँ सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

संयुक्त राष्ट्र के कट्टर आलोचक ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी मंजूरियों में से एक के रूप में दर्ज होगा, दुनिया भर में शांति को बढ़ावा देगा और यह एक सच्चे ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक है।”

इस प्रस्ताव की एक खास बात यह है कि इसमें फिलिस्तीन को अपने स्वतंत्र राष्ट्र बनने का रास्ता भी दिया गया है, जबकि ट्रंप प्रशासन पहले इसका विरोध करता रहा था। सुरक्षा परिषद ने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए ट्रंप की पूरी 20 सूत्रीय योजना को प्रस्ताव में शामिल कर दिया।

रूस ने इस पर आपत्ति की थी और अपना अलग प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन जब अरब और मुस्लिम देशों ने अमेरिकी योजना का समर्थन किया, तो रूस ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया और मतदान में हिस्सा न लेते हुए परहेज़ किया। इससे अमेरिकी प्रस्ताव पारित हो गया।

अल्जीरिया के स्थायी प्रतिनिधि अमर बेंडजामा ने कहा कि उच्चतम स्तर पर फिलिस्तीनी प्राधिकरण, साथ ही मुस्लिम और अरब देशों ने अमेरिकी प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा मिल जाए।

महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि अब ज़मीन पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है। प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों द्वारा मानवीय सहायता बढ़ाने और गाजा में बिना रोक-टोक प्रवेश की मांग भी रखी गई है।

चीन ने भी मतदान में हिस्सा न लेते हुए परहेज़ किया, जबकि बाकी 13 देशों ने समर्थन दिया। सुरक्षा परिषद में अल्जीरिया ही एकमात्र अरब देश है।

अब, जब गाजा में युद्धविराम लागू है, ट्रम्प योजना के अगला चरण में ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल’’ (आईएसएफ) भेजने की आवश्यकता होगी, जो हमास को निशस्त्र करेगा, कानून-व्यवस्था स्थापित करेगा और फिलिस्तीन सुरक्षा बल को प्रशिक्षित करेगा।

आईएसएफ संयुक्त राष्ट्र का शांति मिशन नहीं होगा और न ही परिषद को रिपोर्ट करेगा, जो बीजिंग और मास्को के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा कई वर्षों से फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की मांग करती रही है। हाल ही में फ्रांस, ब्रिटेन और कुछ पश्चिमी देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता देने की घोषणा भी की, जबकि अमेरिका ने इस पर अलग रुख रखा।

प्रस्ताव में विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को गाजा के पुनर्निर्माण में योगदान देने का ढाँचा भी शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ट्रंप प्रशासन का दावा, 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाला गया

Published

on

अमेरिका से 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया गया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि लगातार 15 महीनों से किसी भी अवैध प्रवासी को रिहा नहीं किया गया है। उसने 14 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को करदाताओं के पैसे से संचालित सार्वजनिक सहायता लाभों से बाहर कर दिया है। इसके अलावा अवैध प्रवासियों को करदाताओं द्वारा वित्तपोषित एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य योजनाओं से भी वंचित किया गया है, हालांकि इन योजनाओं के नाम या राज्यवार आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए।

व्हाइट हाउस ने आव्रजन प्रवर्तन के अपने रिकॉर्ड का विस्तृत ब्योरा जारी करते हुए यह जानकारी दी। ये आंकड़े राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित दो कार्यकारी आदेशों के साथ जारी व्हाइट हाउस फैक्ट शीट में शामिल किए गए हैं।

इन आदेशों के तहत कुछ श्रेणियों के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर प्रतिबंध लगाया गया है और संघीय एजेंसियों को बर्थ टूरिज्म रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, निर्वासित किए गए लोगों में हिंसक अपराधों में दोषी ठहराए गए हजारों लोग भी शामिल थे। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने निर्वासित प्रवासियों के मूल देशों, निर्वासन की अवधि या विस्तृत आंकड़ों का कोई ब्योरा नहीं दिया।

प्रशासन ने यह भी दावा किया कि पिछले 15 महीनों में किसी भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में रिहा नहीं किया गया। व्हाइट हाउस ने इसे ट्रंप के सत्ता में वापसी के पहले सप्ताह में शुरू किए गए कदमों का परिणाम बताया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर संकट का हवाला देते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें अवैध आव्रजन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। व्हाइट हाउस का कहना है कि इससे पिछली सरकार की सीमा संबंधी नीतियों को पलटा गया।

फैक्ट शीट में वीजा जांच प्रक्रिया को और सख्त करने तथा 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग निलंबित करने का भी जिक्र है, हालांकि प्रशासन ने इन देशों के नाम, निलंबन की अवधि या प्रभावित वीजा श्रेणियों की जानकारी नहीं दी।

इन कदमों का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे विदेशी नागरिकों को हतोत्साहित करना है जो अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुक जाते हैं।

व्हाइट हाउस ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह एक ऐसा अभियान है जो पहले कभी नहीं चला और जिसमें धोखाधड़ी से अमेरिकी नागरिकता पाने के आरोपी लोगों को निशाना बनाया गया।

इसमें कहा गया कि 88 लोगों के खिलाफ दावे किए गए हैं, जिन्हें अयोग्य होने के बावजूद अमेरिकी नागरिकता मिल गई। हालांकि फैक्ट शीट में उन लोगों की पहचान नहीं बताई गई, न ही कथित उल्लंघनों के बारे में बताया गया और न ही कार्रवाई की स्थिति बताई गई।

फैक्ट शीट में नागरिकता परीक्षा में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन का कहना है कि संशोधित परीक्षा के जरिए आवेदकों के अमेरिकी इतिहास, शासन व्यवस्था और मूल्यों के ज्ञान का बेहतर आकलन किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी कहा कि वह राज्यवार मतदाता सूचियों से हजारों अवैध प्रवासियों के नाम हटाने की दिशा में काम कर रहा है, हालांकि इसमें शामिल राज्यों या अब तक हटाए गए नामों की संख्या संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की गई।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

न्यूजीलैंड: 15 साल बाद वेलिंगटन में बर्फबारी, कई प्रमुख राजमार्ग बंद

Published

on

एक तरफ जहां यूरोप के कई इलाके भीषण गर्मी की मार अब भी झेल रहे हैं वहीं ओशिनिया के द्वीपीय देश न्यूजीलैंड की राजधानी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। अंटार्कटिका से आई भीषण शीत लहर के प्रभाव से न्यूजीलैंड के बड़े हिस्से में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वेलिंगटन में करीब 15 वर्षों बाद समुद्र तल तक बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि दक्षिणी शहर डुनेडिन में लोगों ने दुनिया की सबसे खड़ी सड़क पर स्कीइंग कर इस दुर्लभ मौसम का आनंद लिया।

स्थानीय मीडिया आउटलेट स्टफ के अनुसार, राजधानी वेलिंगटन में बर्फबारी से शहर सफेद चादर में ढक गया। लंबे समय बाद हुई इस बर्फबारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर बर्फबारी की तस्वीरें और वीडियो भी तेजी से साझा किए जा रहे हैं।

दक्षिणी शहर डुनेडिन में भारी बर्फबारी के कारण कई स्कूल बंद कर दिए गए। बर्फ से ढकी दुनिया की सबसे खड़ी सड़क ‘बाल्डविन स्ट्रीट’ पर स्थानीय लोगों ने स्की और स्नोबोर्ड चलाकर मौसम का आनंद लिया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को देश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नौ डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया। बर्फबारी और फिसलन के कारण कई प्रमुख राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं, जबकि क्राइस्टचर्च हवाई अड्डे पर भी उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

न्यूजीलैंड की मौसम एजेंसी ‘मेटसर्विस’ ने कहा है कि बुधवार को कुछ क्षेत्रों में मौसम में अस्थायी सुधार हो सकता है, लेकिन इसके बाद ठंड की एक और लहर आने की संभावना है। एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार कई इलाकों में इस वर्ष की सबसे ठंडी सुबह हो सकती है।

इस बीच, राष्ट्रीय बिजली ग्रिड संचालक ‘ट्रांसपावर’ ने रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज होने की जानकारी दी है और सप्ताह के अंत तक बिजली आपूर्ति पर दबाव बने रहने की चेतावनी दी है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

इजरायली राजदूत अजार ने भारत और इजरायल के स्टार्टअप, इको सिस्टम और शिक्षा की सराहना की

Published

on

Israeli Ambassador

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भारत और इजरायल की शिक्षा, स्टार्टअप और इको सिस्टम की सराहना की। हाल के दिनों में भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी आई है। इस बीच इजरायली राजदूत ने ये बयान दिया।

भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “स्टैनफोर्ड के एक नए विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका के बाहर की 18 शीर्ष यूनिवर्सिटी में से 6 इजरायली और 5 भारतीय को इस बात की संभावना के लिए चुना गया है कि उनके ग्रेजुएट में से कोई एक वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप शुरू करेगा, जिससे एक यूनिकॉर्न कंपनी बनेगी!”

अजार का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और इजरायल के बीच तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। स्टैनफोर्ड का यह विश्लेषण वेंचर कैपिटल फंडिंग और यूनिकॉर्न बनने की दर के आधार पर किया गया है। इसके साथ ही इजरायली राजदूत ने द जेरुसेलम पोस्ट का एक लेख भी साझा किया।

इसमें दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज के पूर्व छात्रों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप्स की सफलता को मापा गया। द जेरुसेलम पोस्ट में लिखा गया कि स्टैनफोर्ड के एक नए विश्लेषण के मुताबिक, नेगेव की बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी इस मामले में इजरायल में पहले और अमेरिका के बाहर की यूनिवर्सिटी में तीसरे नंबर पर है। इस बात की संभावना ज्यादा है कि उसका कोई ग्रेजुएट जो वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप शुरू करेगा, वह आगे चलकर एक यूनिकॉर्न कंपनी बनाएगा।

अमेरिका के बाहर की 18 शीर्ष रैंक वाली संस्थाओं में छह इजरायली विश्वविद्यालय शामिल हुए, जो किसी भी अन्य देश से ज्यादा हैं। इजरायली संस्थानों में बेन-गुरियन विश्वविद्यालय का ऑड्स रेशियो 6.6 रहा, जो सबसे ऊंचा है। इसके बाद राइखमान विश्वविद्यालय, टेक्नियन-इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बार-इलान विश्वविद्यालय, तेल अवीव विश्वविद्यालय और हिब्रू विश्वविद्यालय यरूशलम का नंबर आता है।

इजरायली संस्थानों में राइखमान विश्वविद्यालय 5.4 के ऑड्स रेशियो के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद टेक्नियन 3.1 के साथ, बार-इलान विश्वविद्यालय 2.9 के साथ, तेल अवीव विश्वविद्यालय 2.8 के साथ और हिब्रू विश्वविद्यालय 2.2 के साथ रहा। शीर्ष 18 में भारत के 5 संस्थान शामिल थे, जबकि कनाडा के 3 और यूनाइटेड किंगडम के 2 संस्थान इस सूची में थे।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र15 hours ago

असहमति दबाने के लिए दर्ज मामलों को रद्द करें अदालतें, नागरिकों को बोलना न सिखाएं: पूर्व एससी जज अभय ओका

खेल17 hours ago

चेस: आर प्रज्ञानानंद ने जीता सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब

महाराष्ट्र17 hours ago

स्कूल जिहाद की आड़ में हो रही कार्रवाई बंद हो, विधायक अबू आसिम ने एडिशनल कमिश्नर धनंजय कुलकर्णी से मिलकर ज्ञापन सौंपा

अपराध19 hours ago

मुंबई में चोरी का संदिग्ध गिरफ्तार, 6 मामले सुलझाए गए

महाराष्ट्र19 hours ago

महाराष्ट्र एटीएस ने ऑनलाइन आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी, 6 अगस्त से लागू

व्यापार20 hours ago

जेके टायर का पहली तिमाही में मुनाफा 73 प्रतिशत घटकर 44 करोड़ रुपए रहा; शेयर करीब 6 प्रतिशत फिसले

राष्ट्रीय समाचार20 hours ago

जेन जी हमारे देश की ताकत और बहुत बड़ी धरोहर : कंगना रनौत

राष्ट्रीय समाचार22 hours ago

कमजोर वैश्विक संकेतों से गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

राष्ट्रीय समाचार22 hours ago

सोने और चांदी में उछाल, करीब 1.1 प्रतिशत तक बढ़े दाम

अंतरराष्ट्रीय समाचार23 hours ago

ट्रंप प्रशासन का दावा, 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाला गया

खेल4 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

अपराध2 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन3 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

महाराष्ट्र1 week ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर हुईं रवाना, भारत के साथ संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

रुझान