राष्ट्रीय समाचार
करणी सेना प्रमुख गोगामेड़ी का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा
जयपुर, राजस्थान: राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए गुरुवार सुबह राजस्थान के जयपुर में राजपूत सभा भवन लाया गया। सुखदेव के समर्थकों ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. राजपूत सभा भवन के एक आयोजक ने बताया कि इसके बाद, सुखदेव सिंह के पार्थिव शरीर को जयपुर के श्री भवानी निकेतन स्कूल परिसर से होते हुए हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी गांव ले जाया जाएगा। सुखदेव सिंह का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर उनके पैतृक गांव गोगामेड़ी में किया जाएगा। “अभी पुष्प अर्पित करने का कार्यक्रम है। भवन निकेतन से उनके पार्थिव शरीर को गोगामेड़ी ले जाया जाएगा और रास्ते में विभिन्न इलाकों और सड़कों पर पुष्प अर्पित किए जाएंगे। वह राजस्थान के एक सामाजिक नेता थे, न केवल राजपूतों के लिए बल्कि सभी के लिए।” राजपूत सभा भवन के अध्यक्ष रामसिंह चंदलेई ने गुरुवार को कहा, “इसलिए जहां भी उनका पार्थिव शरीर ले जाया जाएगा, उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।”
मंगलवार को जयपुर में गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या से राजपूत समुदाय में आक्रोश फैल गया, जिसने बुधवार को राज्यव्यापी बंद की घोषणा की। हालांकि बाद में बंद वापस ले लिया गया। राजस्थान पुलिस ने बुधवार को दो शूटरों की पहचान की, जिनके बारे में पुलिस का कहना है कि वे इस हत्या में शामिल थे। राज्य पुलिस ने बताया कि दोनों हमलावरों की पहचान रोहित राठौड़ मकराना और नितिन फौजी के रूप में की गई है, उन्होंने बताया कि नितिन फौजी हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला है। तीसरा हमलावर, नवीन शेखावत, पुलिस के साथ गोलीबारी के दौरान गोगामेडी के आवास पर मारा गया। पुलिस ने बताया कि गोगामेडी का एक सुरक्षा गार्ड गोलीबारी में घायल हो गया। जयपुर में सरेआम हत्या के बाद बुधवार को स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) समेत दो पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया
राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के 151 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों को दी बधाई

राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 151 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई नेताओं की ओर से देशवासियों को बधाई दी गई है।
राष्ट्रपति मुर्मु की ओर से उनके कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया, “राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 151 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। स्वतन्त्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशभक्तों के लिए साहस, एकता और संकल्प के उद्घोष के रूप में कार्य किया। आज भी यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मेरी कामना है कि देशवासी ‘वंदे मातरम्’ की राष्ट्र-प्रथम की भावना को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम..’ की वर्षगांठ पर शुभकामनाएं।” केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, “राष्ट्र भक्ति, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के गौरव का प्रतीक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 151वीं वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह अमर गीत सदैव देशप्रेम, त्याग और समर्पण की भावना जागृत करता रहेगा।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “‘वंदे मातरम’ भारत की राष्ट्रीय चेतना का वह अमर स्वर है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य देशवासियों को मातृभूमि की मुक्ति के लिए प्रेरित किया। पराधीनता के दौर में प्रतिरोध का मंत्र बना ‘वंदे मातरम’ आज भी राष्ट्र के प्रति समर्पण, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त करता है। डेढ़ शताब्दी बाद भी इसकी गूंज हमें स्मरण कराती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है।”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, “‘वंदे मातरम’ मां भारती के प्रति असीम श्रद्धा, गौरव और राष्ट्र समर्पण का उद्घोष है। स्वतंत्रता संग्राम के कठिन दौर में इस अमर गीत ने देशवासियों के हृदय में आजादी की अलख जगाई और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 151वीं वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, “वंदे मातरम भारत की आत्मा का उद्घोष है, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का मंत्र है, राष्ट्रभक्ति की ऊर्जा है और विकसित भारत का संकल्प है। इस अमर राष्ट्र गीत के रचयिता, महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को शत-शत नमन। स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा से लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण तक, वंदे मातरम हर पीढ़ी के राष्ट्र प्रेम और संकल्प का स्वर है।”
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “मां भारती की वंदना और राष्ट्रभक्ति की भावना को स्वर देने वाले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 151वीं वर्षगांठ पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत की आत्मा, स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और असंख्य देशभक्तों के त्याग एवं बलिदान की अमर अभिव्यक्ति है। इसकी प्रेरणा हर पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, गौरव और समर्पण की भावना जागृत करती रहे।”
अपराध
झारखंड की मुखर आदिवासी नेत्री निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म के मुद्दों पर मुखर रहने वाली रांची के पिठोरिया निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत हो गई है। उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर लाइव आने के दौरान कथित तौर पर फांसी लगा ली। गंभीर हालत में उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना से पहले निशा भगत ने फेसबुक पर लाइव वीडियो बनाया था, जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह काफी भावुक और परेशान नजर आ रही हैं। उन्होंने जमीन माफिया के खिलाफ अपने संघर्ष, खुद को बदनाम किए जाने और व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, फांसी लगाने से पहले निशा भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन किया था। फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई नहीं है और वह लंबे समय से अकेले संघर्ष कर रही हैं।
उन्होंने अपने माता-पिता को होने वाले दुख का भी जिक्र किया। खुद को दलाल बताए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने सरना और सनातन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण पैदा हुई परिस्थितियों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के पीछे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निशा भगत की पहचान आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली एक मुखर नेत्री के रूप में रही हैं।
वह सरना धर्म और आदिवासी पहचान से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही थीं। पिछले वर्ष सरना धर्म के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपना सिर भी मुंडवाया था। उनके इस कदम की उस समय काफी चर्चा हुई थी।
उन्होंने 2024 में गुमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था। निशा भगत की मौत से आदिवासी सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक है। उनके फेसबुक लाइव में उठाए गए मुद्दों और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच पहली बार हुई स्टाफ वार्ता

भारत और इटली की नौसेनाओं ने आपसी समुद्री सहयोग को नई दिशा देने की पहल की है। दोनों देशों के बीच पहली बार नौसेना स्तर की स्टाफ वार्ता आयोजित की गई है। इस दौरान समुद्री क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वार्ता भारतीय नौसेना और इतालवी नौसेना के प्रमुखों की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर आयोजित की गई।
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच साझा सोच को व्यावहारिक सहयोग में बदलना और आपसी संपर्क को संस्थागत रूप देना है। वार्ता में दोनों देशों ने नौसेनाओं के बीच नियमित ऑपरेशनल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र के कुछ विशेष क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी विचार किया गया। इनमें समुद्र के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी जानकारी जुटाने से जुड़ा क्षेत्र भी शामिल है।
इसे समुद्र के भीतर की गतिविधियों की जानकारी और निगरानी से जुड़े सहयोग के रूप में देखा जाता है। दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने की व्यवस्था मजबूत करने और प्रशिक्षण तथा पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इस पहली स्टाफ वार्ता को भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच संस्थागत सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा सकता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को मजबूत करना और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष नई दिल्ली में भारत और इटली के बीच रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता का उद्देश्य रक्षा सहयोग को नई मजबूती देना था। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नौसेना प्रमुख, वायुसेना प्रमुख, थलसेना प्रमुख व अन्य अधिकारी मौजूद थे। इटली के रक्षा मंत्री के साथ यह वार्ता दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में हुई थी।
इस दौरान दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जो शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। खासतौर पर पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और इटली के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने पर भी सहमति बनी थी। यह पहल दोनों देशों की सैन्य और औद्योगिक क्षमता को भविष्य में और मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
