राष्ट्रीय समाचार
देश में कोविड-19 के 201 नए मामले 1 मरीज की मौत
नई दिल्ली, 24 दिसंबर : भारत में शनिवार को 24 घंटों में कोविड-19 के 201 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि एक संक्रमित की मौत हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। ताजा मौत की आंकड़ों के साथ वायरस के कारण मरने वालों की संख्या अब 5,30,691 तक पहुंच गई है। वहीं देश में सक्रिय मामलों की संख्या 3,397 है।
वर्तमान में वीकली पॉजिटिव रेट 0.14 प्रतिशत है, जबकि डेली पॉजिटिव रेट 0.15 प्रतिशत है।इसी अवधि में 183 मरीज कोरोना से भी ठीक हुए है। अब महामारी से ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 4,41,42,791 हो गई है। भारत का रिकवरी रेट 98.80 प्रतिशत है।
साथ ही इसी अवधि में देश भर में 1,36,315 कोरोना टेस्ट किए गए, जिससे कुल संख्या 90.97 करोड़ से अधिक हो गई।
वहीं इसी अवधि में दिए गए 1,05,044 टीकों के साथ, देश का कोविड-19 टीकाकरण कवरेज 220.04 करोड़ से अधिक हो गया। शुक्रवार को देश में 163 कोविड मामले दर्ज किए गए थे।
राजनीति
दिल्ली दंगा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से किया इंकार

SUPRIM COURT
नई दिल्ली, 5 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जबकि 5 अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि उमर और शरजील एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं।
यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के निरंतर कारावास को आवश्यक नहीं माना और उनकी जमानत मंजूर कर ली।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एक साल में गवाही पूरी नहीं होती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल कर सकते हैं।
बता दें कि इससे पहले उमर खालिद की बहन के निकाह के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की थी।
दालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की थी, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना था।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2020 में उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने फरवरी 2020 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा की साजिश रची थी। इस मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है। खालिद के साथ शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर भी इसी मामले में साजिशकर्ता होने का आरोप है।
दिल्ली दंगे में कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। हिंसा की शुरुआत सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जहां कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे।
पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (जो दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे हैं) ने कहा था कि 2020 की हिंसा कोई अचानक हुई सांप्रदायिक झड़प नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला करने के लिए सुविचारित, सुनियोजित और योजनाबद्ध षड्यंत्र था।
राष्ट्रीय समाचार
मुंबई: एम-ईस्ट वार्ड घोटाले की जांच के बीच पासपोर्ट आवेदन के साथ जाली जन्म प्रमाण पत्र जमा करने के आरोप में गोवंडी निवासी पर मामला दर्ज किया गया।

मुंबई: मुंबई नगर निगम के एम ईस्ट वार्ड में कथित तौर पर 106 फर्जी जन्म रिकॉर्ड दर्ज होने के मामले में देवनार पुलिस की जांच जारी है, इसी बीच एक और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। गोवंडी निवासी फहद अब्दुल सलाम शेख के खिलाफ पासपोर्ट आवेदन के साथ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जमा करने के आरोप में अलग से मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, देवनार पुलिस स्टेशन के पासपोर्ट सत्यापन प्रकोष्ठ में तैनात पुलिस कांस्टेबल विट्ठल यशवंत बकले ने शिकायत दर्ज कराई थी। शेख का पासपोर्ट आवेदन, जिसकी तारीख 3 जून, 2025 थी, 14 जुलाई, 2025 को पुलिस स्टेशन में प्राप्त हुआ था। आवेदक फ्लैट नंबर 2206, बी विंग, सेंट्रियो बिल्डिंग, वामन तुकाराम पाटिल मार्ग, गोवंडी का निवासी है।
सत्यापन प्रक्रिया के तहत, बाकले ने आवेदन में उल्लिखित पते का दौरा किया। 24 जुलाई को, शेख स्वयं अपने दस्तावेजों के साथ सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशन में उपस्थित हुए। इसके बाद उनके जन्म प्रमाण पत्र को प्रामाणिकता सत्यापन के लिए जारीकर्ता प्राधिकरण, स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, कलाबुरगी नगर निगम, जगत सर्कल, मेन रोड, कलाबुरगी, कर्नाटक को भेजा गया।
कलबुरागी में देवनार पुलिस द्वारा की गई एक जांच के दौरान, कलबुरागी नगर निगम के जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार ने 9 दिसंबर के पत्र के माध्यम से पुलिस को सूचित किया कि शेख के 15 अप्रैल, 1993 के जन्म प्रमाण पत्र का कोई रिकॉर्ड सरकारी रजिस्टरों में नहीं मिला। इससे यह पुष्टि हो गई कि पासपोर्ट सत्यापन के दौरान प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र जाली था।
इन निष्कर्षों के आधार पर, देवनार पुलिस ने फहद शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
अपराध
मुंबई के मीरा भायंदर में नाबालिग से शोषण का सनसनीखेज मामला, ‘ऑनलाइन नीलामी’ का आरोप

crime
मुंबई, 5 जनवरी: महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा भायंदर इलाके में एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर गंभीर शोषण, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया। वालिव पुलिस स्टेशन की सीमा में दर्ज शिकायत के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने ही इलाके के युवक जावेद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जावेद से उसकी जान-पहचान दोस्ती में बदली। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने चोरी-छिपे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए और बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। पीड़िता का दावा है कि ब्लैकमेलिंग के दबाव में आरोपी उसे मध्य प्रदेश ले गया, जहां एक कमरे में करीब छह महीने तक उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया। आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए आरोपी ने नाबालिग की तस्वीरें पोस्ट कर ‘रेट कार्ड’ जारी किया और उसे ऑनलाइन नीलाम करने की कोशिश की। यह आरोप सामने आने के बाद साइबर अपराध और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। बताया गया है कि पीड़िता पहले से ही पारिवारिक संकट से गुजर रही थी, क्योंकि हाल ही में उसके पिता का निधन हुआ था, जिससे उसकी स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
पीड़िता की ओर से इस मामले में वालिव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम उसे धमकियां दे रहा है, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
न्याय न मिलने और सुरक्षा को लेकर भयभीत पीड़िता अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही है। उसने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, अपनी सुरक्षा और जांच की मांग की है।
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