राजनीति
कांग्रेस कर रही जांच एजेंसियों को प्रभावित करने की कोशिश : नड्डा
नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा गांधी परिवार से पूछताछ को लेकर हो रहे विरोध पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस सच्चाई को बचाने के लिए जांच एजेंसियों को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। नड्डा ने सुझाव दिया कि अगर कांग्रेस हमारी एजेंसियों की जांच से खुश नहीं है, तो वह अदालतों का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी जो अपने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, यह सत्याग्रह नहीं है, बल्कि झूठ और भ्रष्टाचार के समर्थन में दुराग्रह है।”
नड्डा ने कहा कि हमारी जांच एजेंसियों के खिलाफ विरोध करना और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में बाधा पहुंचाना यह साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी कानूनी रूप से कमजोर है और वे नहीं चाहते कि सच्चाई सामने आए।
भाजपा प्रमुख ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) और प्रवर्तन निदेशालय की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र पर एक निर्णय पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए को बरकरार रखा है और ईडी के अधिकार क्षेत्र को भी मान्य किया है। हम अपने सर्वोच्च न्यायालय और अपने संविधान और अपने कानून का भी सम्मान करते हैं।”
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी करोड़ों रुपये के नेशनल हेराल्ड घोटाले में पूछताछ कर रही है और कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ तथाकथित रूप से सत्याग्रह कर रही है।
“यह परिवार को बचाने के लिए एक अपवित्र प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है। यह एक विशेष परिवार को बचाने के लिए एक राजनीतिक अभियान है। कांग्रेस पार्टी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता हमारी जांच एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं। यह बेहद अनुचित और अवैध है। यह सब तुरंत बंद होना चाहिए।”
नड्डा ने उल्लेख किया कि सभी जानते हैं कि नेशनल हेराल्ड भ्रष्टाचार मामले में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ और इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों को जांच एजेंसियों के सामने पेश होकर अपना बयान देना चाहिए, यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। नड्डा ने कहा, “लेकिन दुर्भाग्य से गांधी परिवार खुद को कानून और देश से ऊपर मानते हैं। अगर कोई उनसे सवाल करता है तो वे बर्दाश्त नहीं कर सकते। गांधी परिवार खुद को कानून से ऊपर मानता है।”
भाजपा प्रमुख ने आगे कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी का नेशनल हेराल्ड भ्रष्टाचार मामले में चल रही जांच के खिलाफ विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण और अनावश्यक है, जो यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी और एक विशेष परिवार गांधी परिवार खुद को कानून से ऊपर मानता है।
उन्होंने कहा, “यह हमारे देश में नहीं चलेगा। कानून सभी नागरिकों के लिए समान है। देश के कानून का पालन करना और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य और जिम्मेदारी है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल त्रासदी : अब तक 1252 शव बरामद, 95 की हो पाई शिनाख्त, चितवन में सबसे ज्यादा मौतें

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर तक ‘नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी’ (एनडीआरआरएमए) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मरने वाले वालों की संख्या 1252 पहुंच गई है जबकि 4,216 लोग अब भी लापता हैं।
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें चितवन में दर्ज की गई हैं, जहां 355 शव मिले। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 218, नवलपरासी वेस्ट में 208 और नुवाकोट में 177 मौतें हुई हैं। रसुवा, जहां से यह आपदा शुरू हुई थी, वहां 127 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा गोरखा, धाडिंग और तनाहुन जिलों में भी शव बरामद किए गए हैं।
इनमें से केवल 95 लोगों की पहचान हो पाई है। पहचान के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। हजारों लोग अभी भी लापता हैं, उनकी तलाश की जा रही है। इनमें विदेशी नागरिकों के साथ-साथ पनबिजली परियोजनाओं के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं।
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों में सिर्फ पनबिजली परियोजनाओं के लगभग 900 कर्मचारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों से और जानकारी मिलेगी तथा रिपोर्टों का सत्यापन होगा, लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 11,913 लोगों को सुरक्षित किया जा चुका है। खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। करीब 3,950 विस्थापित लोग फिलहाल नुवाकोट, धाडिंग, रसुवा और काठमांडू में बने अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं।
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ऐसे इलाकों में सड़क और हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संचार सेवाओं को भी धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
अभिजीत दिपके का भाजपा पर हमला: ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का क्यों हो जाता है विरोध? बोले- हम छात्रों की ‘ए टीम’ हैं

कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेहतर स्कूल और शिक्षा का मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी या संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के हर बच्चे के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
अभिजीत दिपके ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ-साथ महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी भी स्कूलों को बेहतर बनाने की बात कर रही हैं। ऐसे में जो भी लोग चाहते हैं कि देश के स्कूल अच्छे हों, उनका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी स्कूलों को बेहतर बनाने की बात होती है, तो बीजेपी के लोग इसका विरोध क्यों करने लगते हैं। क्या बीजेपी को नहीं लगता कि शिक्षा महत्वपूर्ण है और देश के भविष्य के लिए अच्छे स्कूल जरूरी हैं?
अभिजीत दिपके पर आम आदमी पार्टी की ‘बी टीम’ होने और अरविंद केजरीवाल से फंडिंग मिलने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग लोग उन्हें अलग-अलग पार्टियों की ‘बी टीम’ बताते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की ‘बी टीम’ बताते हैं, जबकि कुछ लोग अरविंद केजरीवाल की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाते हैं।
अभिजीत ने तंज कसते हुए कहा कि सभी लोग एक साथ बैठकर यह तय कर लें कि आखिर वह किसकी ‘बी टीम’ हैं। उन्होंने कहा, “हम किसी पार्टी की ‘बी टीम’ नहीं हैं, हमारे हिसाब से हम स्टूडेंट्स की ‘ए टीम’ हैं।”
अभिजीत दिपके की शैक्षणिक योग्यता और डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में हैं, उनकी डिग्री और शिक्षा को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। खास तौर पर चुनाव लड़ने वाले लोगों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल होना चाहिए।
देश के कई सांसदों की ओर से स्वर्ण समाज के लिए आयोग बनाने की मांग पर अभिजीत दिपके ने कहा कि यह मांग करने वालों को अपनी बात रखने का अधिकार है।
राजनीति
जीडीपी के 7.8 प्रतिशत ग्रोथ को लेकर शरद पवार ने सरकार पर निशाना साधा, बोले- वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे

एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जीडीपी ग्रोथ को लेकर सांख्यिकीय तरीकों में ‘हेरफेर’ का आरोप लगाया।
शरद पवार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल-जून तिमाही के लिए 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रेट की हालिया घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि ये आंकड़े मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की आर्थिक स्थिरता के बारे में गलत नैरेटिव बना रही है।
पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था की स्थिति को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे यह समझने में नाकाम रहे हैं कि अर्थव्यवस्था असल में धीमी हो रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह आरोप भी लगाया कि वे घरेलू मुद्दों, जैसे कि तेजी से बढ़ती महंगाई और परिवारों की घटती बचत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पवार ने कई जरूरी क्षेत्रीय और कृषि संबंधी मुद्दों पर भी चिंता जताई।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी करते हुए शरद पवार ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। उन्होंने चीनी के आयात के खिलाफ सलाह देते हुए कहा कि इसके असर के बारे में कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता।
दूसरी ओर, उन्होंने महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की ओर से डेयरी सेक्टर में मिलावट के खिलाफ हाल ही में चलाए गए सख्त अभियानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भले ही दूध की कीमतें 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, लेकिन ग्राहक बेहतर क्वालिटी के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं, जिससे अंततः उत्पादकों को फायदा हो रहा है।
महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी का जिक्र करते हुए पवार ने पीने के पानी और बुवाई के कामों को लेकर आने वाले संकट के बारे में चेतावनी दी और सामूहिक राहत प्रयासों की अपील की। उन्होंने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 16 अक्टूबर के आसपास बारामती आने की संभावना है, जहां उन्हें स्थानीय पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और शिवसेना पार्टी के नाम व चुनाव चिह्न पर चल रही सुनवाई के बारे में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का जक्र करते हुए पवार ने कहा कि न्यायपालिका की सख़्त चेतावनियाँ सरकार के फ़ैसले लेने के गलत तरीके को उजागर करती हैं।
जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर एनसीपी (एसपी) का केंद्र सरकार पर निशाना साधना ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस पार्टी ने जीडीपी की गणना के बदले हुए तरीके पर सवाल उठाते हुए सरकार पर हमला तेजे कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार सिर्फ “आंकड़ों का खेल” खेल रही है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग समेत कई अर्थशास्त्रियों ने जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव पर आपत्ति जताई है और कहा है कि मौजूदा तरीके से ग्रोथ रेट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।
हालांकि, केंद्र सरकार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की रफ्तार को पचा नहीं पा रही है। इसके अलावा, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपने डेटा इकट्ठा करने और गणना करने के तरीकों का बचाव करते हुए कहा कि 7.8 प्रतिशत विकास दर का आंकड़ा तिमाही आर्थिक प्रदर्शन को सही ढंग से दिखाता है।
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