अपराध
क्या समीर वानखेड़े ने फर्जी प्रमाण पत्र से हासिल की है सरकारी नौकरी?
आर्यन खान क्रूज ड्रग्स मामले में अब एनसीपी नेता नवाब मलिक ने अपने सोशल मीडिया पर समीर वानखेड़े को लेकर नया खुलासा किया है..जिसके मुताबिक समीर वानखेड़े ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है…महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने एक बार फिर मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर निशाना साधा है..उन्होंने आरोप लगाया कि समीर वानखेड़े एक फर्जी व्यक्ति है.. इसका जन्म प्रमाण पत्र समीर दाऊद वानखेड़े का है..इसने जन्म प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ की और उनके पिताजी ने धर्मांतरण करने के बाद जो नाम बदला था उसे दुरुस्त किया.. इसी आधार पर उसने अपना जाति प्रमाण पत्र निकाला है..
सोशल मीडिया पर मलिक ने समीर वानखेड़े का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया है जिसमें उनके पिता हिंदू और माता मुस्लिम होने का उल्लेख किया गया है और उनका पूरा नाम समीर दाऊद वानखेड़े है..प्रमाण पत्र के आधार पर ये भी पता चलता है कि समीर ने पहली शादी डॉ शबाना से की थी जिससे बाद में उनका तलाक हो गया था…इसके बाद उन्होने एक मराठी एक्ट्रेस से शादी की…नवाब मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा है पहचान कौन..
इसके बाद अपने दूसरे ट्विट में मलिक ने जाति प्रमाण पत्र का फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि यहां से शुरू हुआ है फर्जीवाड़ा..
समीर वानखेड़े ने नवाब मलिक के इस खुलासे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि किसी के पारिवारिक मामले में दखल देने निंदनीय है..ऐसे मलिक को नहीं करना चाहिए ये निजता के अधिकारों का हनन है…उधर अपने ऊपर हो रहे लगातार हमलों से आहत समीर वानखेड़े ने सेशन्स कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है और कहा कि कुछ लोग जांच को प्रभावित करने की कोशिश में उनके ऊपर आरोप लगा रहे हैं जो सही नहीं हैं…उधर मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखे लेटर में भी समीर ने जांच का हवाला देकर उन पर कोई एक्शन न लेने की अपील कमिश्नर से की है…
समीर वानखेडे ने मीडिया को जारी किए अपने पत्र में लिखा है की मेरे पिता श्री ज्ञानदेव कचरूजी वानखेड़े साल 2007 में पुणे में एक्साइज विभाग से बतौर सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए थे.. मेरे पिता एक हिंदू हैं और मेरी स्वर्गीय मां जहीदा एक मुसलमान थीं..मैं एक कम्पोजिट, द्विधर्मीय और सेक्यूलर परिवार पला बढ़ा हूं.. मुझे इस बात का गर्व है। मैंने साल 2006 में डॉक्टर शबाना कुरैशी से शादी की थी और साल 2016 में आपसी रजामंदी से हमने तलाक लिया था.. जिसके बाद साल 2017 में मैंने श्रीमती क्रांति दीनानाथ रेडेकर से शादी की थी..
समीर वानखेड़े की मुश्किलें अब दो तरफा बढ़ने वाली हैं… एक तरफ जहां खुद एनसीबी की तरफ से ही उनके खिलाफ जांच की जाएगी.. वहीं अब प्रभाकर सैल के हलफनामे के बाद मुंबई पुलिस भी उनके खिलाफ एक्सटॉर्शन के आरोपों के तहत जांच शुरू कर सकती है….
अपराध
नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

ARREST
मुंबई; नासिक टीसीएस के बाद अब मुंबई में सेक्सुअल असॉल्ट केस को कॉर्पोरेट और धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई है। यहां, मुंबई के अग्रीपारा पुलिस स्टेशन ने 19 साल की टेलीमार्केटर को परेशान करने के मामले में अशरफ सिद्दीकी नाम के 25 साल के युवक को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस अब इस केस की जांच कर रही है, लेकिन पीड़ितों के परिवार इसे कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद भी कहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने इससे भी इनकार किया है। एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी में थर्ड-पार्टी टेलीमार्केटर के तौर पर काम करने वाली महिला सहकर्मी को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में अग्रीपारा पुलिस स्टेशन में अशरफ नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस 75, 78(2) और 70 और आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता के बयान और पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने न सिर्फ उसे सेक्सुअल इंटरकोर्स के लिए कई मैसेज भेजे, बल्कि अपनी महिला सहकर्मियों के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अश्लील तस्वीरें भी भेजीं। पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि जब उसने अशरफ को बताया कि वह हिंदू है, तो उसने जवाब दिया, “आजकल हिंदू लड़कियां मुस्लिम लड़कियों को पसंद करती हैं।” इसके बाद पीड़िता के परिवार ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, उसके रिश्तेदारों ने मांग की है कि यह लव जिहाद का मामला है, इसलिए इसकी एसआईटी जांच होनी चाहिए और साथ ही आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।
अपराध
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद 5 लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब पुलिस ने उनसे हथियारों के लाइसेंस के बारे में पूछा तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि वे इन हथियारों को बेचने के लिए लाए थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र अमरलालजी मीणा (25), रोहित घनश्याम मीणा (24), कार्तिक बिजेंद्र पारचा (19), दीपक कुमार चितरमल बिल (26) और रोहण/रोनुरोनक पन्नालाल मेरोथा (25) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 26 साल के बीच है।
इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।
अपराध
अशोक खरात की जांच में अहम बातें… जांच सही दिशा में चल रही है, सोशल मीडिया पर इसे वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई, 2 एफ आई आर, 6 गिरफ्तार: एस आई टी

मुंबई के धोखेबाज अशोक खराट की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे होने के बाद, महाराष्ट्र स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के आईपीएस ऑफिसर तेजस्वी सातपुते ने आज अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि खराट के कोऑर्डिनेटर, सहयोगी और हेल्पर से पूछताछ की जाएगी। एसआईटी ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, सातपुते ने अब तक जांच में काफी तरक्की का भी दावा किया है। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉर्ड और वीडियो समेत डॉक्यूमेंट्स लीक करने और बताने वालों की भी जांच चल रही है। सातपुते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विवादित और आपत्तिजनक कंटेंट वाले वीडियो वायरल करके पीड़ितों को बदनाम करने वालों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें छह को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने न्यूज चैनल से पीड़ितों की पहचान न बताने की अपील की। एसआईटी ने ऐसे 4,000 से ज्यादा वीडियो डिलीट भी कर दिए हैं। इसके साथ ही, पीड़ितों के खिलाफ बार-बार वीडियो जारी करने वालों के 441 वीडियो डिलीट करके दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये वीडियो कई बार पोस्ट किए गए थे, इसलिए केस दर्ज किया गया है। इसलिए, एसआईटी चीफ तेजस्वी सतपुते ने अपील की है कि इस केस से जुड़े विवादित और आपत्तिजनक कंटेंट और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचें। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के उन ऑर्डर का भी ज़िक्र किया, जिसमें पीड़ितों और आरोपियों की पहचान सीक्रेट रखने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही, पीड़ितों की पहचान का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह एक सेंसिटिव मामला है और महिलाओं से जुड़ा है। इसमें अशोक खरात ने भोली-भाली महिलाओं की मान्यताओं का फ़ायदा उठाया। उसने अंधविश्वास से पीड़ित महिलाओं को खुद को देवी-देवताओं का अवतार बताकर उनका यौन शोषण किया। इस केस में 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। पीड़ितों से पूछताछ भी की गई है। एसआईटी ने अशोक खरात के ख़िलाफ़ कई ज़रूरी सबूत इकट्ठा किए हैं और उसके ख़िलाफ़ 60 दिनों के अंदर चार्जशीट फ़ाइल करनी है। उन्होंने कहा कि ईडी ने भी इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है, एसआईटी ईडी के साथ सहयोग करेगी और जॉइंट जांच की जाएगी। पहले केस में अशोक खरात को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वह दूसरे केस में रिमांड पर है, जिसमें यौन शोषण के 8 केस और धोखाधड़ी का एक केस शामिल है। इनकी जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही एसआईटी अशोक खरात के कॉन्टैक्ट्स से भी पूछताछ कर रही है। रिकॉर्ड लीक करने वालों के बारे में भी जांच चल रही है।
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