महाराष्ट्र
एमसीए के पूर्व अध्यक्ष आशीष शेलार बीएफआई अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष पद का चुनाव अब रोचक हो गया है क्योंकि मुम्बई क्रिकेट संघ (एमसीए) के पूर्व अध्यक्ष और प्रमुख भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता आशीष शेलार भी अब इस पद के लिए मुक्केबाजी रिंग में कूद गए हैं। शेलार ने शुक्रवार को बीएफआई के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का ऐलान किया। आशीष ने बुधवार को अपने पेपर्स फाइल किए और अब वह बीएफआई इलेक्ट्रोरल कालेज में शामिल हुए और इस तरह वह उन्होंने अजय सिंह के विरुद्ध खड़ा होने के लिए खुद के वास्ते रास्ता तैयार कर लिया। शेलार ने दोपहर में अपने वेरीफाइड ट्विटर एकाउंट के माध्यम से चुनाव लड़ने की घोषणा की, जहां उनका सामना स्पाइसजेट के प्रमुख और बीएफआई के मौजूदा अध्यक्ष अजय सिंह से होगा।
कोरोना के कारण सितम्बर में होने वाले बीएफआई चुनावों को निलम्बित कर दिया गया था लेकिन अब इनकी नई तारीख आ गई है। अब ये चुनाव और बीएफआई एजीएम 18 दिसम्बर को गुरुग्राम में होने हैं।
एक खेल प्रशासक के तौर पर शेलार का ट्रैक रिकार्ड काफी साफ-सुथरा रहा है और अब उन्होंने महाराष्ट्र एमेच्योर मुक्केबाजी संघ की ओर से अपनी दावेदारी ठोकी है।
शेलार ने कहा, “मैं मुक्केबाजी परिवार में शामिल होने को लेकर आशावादी हूं। मैं इस ओलंपिक खेल को नए स्तर तक ले जाना चाहता हूं।”
शेलार ने कहा, “मैंने कई खेल संघों को सम्भाला है और इस लिहाज से मेरे पास काफी अनुभव है। मैं मुक्केबाजी को ग्रासरूट स्तर पर मजबूत कर सकता हूं, जिसे काफी समय से निश्चित तौर पर नजरअंदाज किया गया है। क्रिकेट और फुटबाल के दिग्गजों से मेरा नाता रहा है और इनके साथ अपने संबंधों को कनेक्ट करते हुए मैं मुक्केबाजों को देश के लिए सम्मान और गौरव हासिल करने का रास्ता प्रशस्त कर सकता हूं।”
बीएफआई के महासचिव जय कोवली ने कहा, “यह भारतीय मुक्केबाजी के लिए काफी अच्छा अवसर है। शेलार एक बेहतरीन प्रशासक हैं और उन्होंने महाराष्ट्र में कई खेलों के लिए काफी कुछ किया है और मुक्केबाजी को लेकर उनका विजन काफी सराहनीय है।”
48 साल के शेलार एक वकील होने के अलावा एक कद्दावर राजनेता भी हैं। वह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य हैं। भाजपा का नेतृत्व उन्हें भविष्य का नेता मानता है। जनता के बीच लोकप्रिय शेलार महाराष्ट्र की पिछली सरकार में खेल मंत्री थे और अभी महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य हैं और विधानसभा में पार्टी के चीफ व्हिप हैं। वह बीते चुनाव में बांद्रा वेस्ट से जीते थे, जो अनेकों खेल एवं फिल्मी हस्तियों का निवास स्थान रहा है।
शेलार काफी समय तक मुम्बई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रहे हैं और एक शानदार कार्यकाल के लिए उन्होंने मुम्बई के क्रिकेटरों की तारीफें बटोरी हैं। वह 2016 में भारत की मेजबानी में आयोजित टी20 विश्व कप आयोजन समिति के सदस्य भी थे।
इन सबके अलावा वह मुम्बई जिला फुटबाल संघ के अध्यक्ष हैं। मुम्बई जिला फुटबाल संघ के तहत 350 क्लब आते हैं। वह मलखम्भ, रोप स्कीपिंग जैसे खेलों में शामिल रहे हैं और इन खेलों ने खेल प्रशासक के तौर पर उन्हें काफी मजबूत बनाया है।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
महाराष्ट्र
बैंक ऑफ महाराष्ट्र फ्रॉड केस : पूर्व मैनेजर राम भरोस मीणा को 7 साल की कठोर कैद

जयपुर की सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 3.61 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कैद (आरआई) की सजा सुनाई है।
अदालत ने उन पर 2,85,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
इसी मामले में एक निजी व्यक्ति माखन लाल मीणा को भी दोषी ठहराया गया है और उसे तीन साल की कठोर कैद तथा 25,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जोनल ऑफिस, जयपुर की ओर से 3 जून 2016 को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 नवंबर 2016 को दर्ज किया था।
शिकायत में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा पर अपने पद का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी एवं जालसाजी के जरिए बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
आरोप के मुताबिक, 15 जनवरी 2015 से 6 मई 2015 के बीच उन्होंने बिना वैध लोन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और पर्याप्त सिक्योरिटी के 17 अकाउंट्स में अवैध तरीके से ऋण मंजूर किए।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुताबिक, इन अनियमितताओं के चलते बैंक को करीब 3.61 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने मामले की जांच पूरी करने के बाद राम भरोस मीणा और माखन लाल मीणा के खिलाफ 9 जुलाई 2020 को चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट दाखिल करने के बाद अदालत ने 1 दिसंबर 2021 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए और मामले की सुनवाई आगे बढ़ी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच एजेंसी की ओर से आरोपों से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई अदालत, जयपुर ने दोनों आरोपियों को मामले में दोषी ठहराया।
अदालत ने राम भरोस मीणा को सात साल की कठोर कैद के साथ 2.85 लाख रुपए का जुर्माना और माखन लाल मीणा को तीन साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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