अंतरराष्ट्रीय
सपाट बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार हुआ और लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद प्रमुख संवेदी सूचकांक तकरीबन सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स महज आठ अंक फिसलकर 37,973 पर, जबकि निफ्टी पांच अंक नीचे आकर 11,222 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरूआत हालांकि तेजी के साथ हुई, लेकिन भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा और सत्र के आखिर में सेंसेक्स बीते सत्र से महज 8.41 अंक फिसलकर 37,973.22 पर ठहरा और निफ्टी भी बीते सत्र से 5.15 अंकों से फिसलकर 11,222.40 पर बंद हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 195.23 अंकों की तेजी के साथ 38,176.86 पर खुला और 38,235.94 तक उछला, जबकि दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 37,831.35 रहा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी बीते सत्र से 61.05 अंकों की तेजी के साथ 11,288.60 पर खुला और 11,305.40 तक उछला, जबकि दिनभर के कारोबार के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 11,181 रहा।
बीएसई मिडकैप सूचकांक पिछले सत्र से 23.70 अंकों की गिरावट के साथ 14,697.27 पर ठहरा जबकि स्मॉलकैप सूचकांक महज 2.07 अंक फिसलकर 14,861.18 पर रुका।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 10 शेयर तेजी के साथ बंद हुए, जबकि 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट (3.08 फीसदी), टीसीएस (2.55 फीसदी), टाटा स्टील (2.51 फीसदी), टाइटन (2.48 फीसदी) और एचडीएफसी (1.83 फीसदी) शामिल रहे।
सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच शेयरों में ओएनजीसी (3.82 फीसदी), इंडसइंड बैंक (3.37 फीसदी), पावरग्रिड (2.89 फीसदी), एक्सिस बैंक (2.82 फीसदी) और एचसीएल टेक (2.69 फीसदी) शामिल रहे।
बीएसई 19 सेक्टरों में से सात में तेजी रही और 11 सेक्टरों में गिरावट, जबकि एक सेक्टर का सूचकांक सपाट बंद हुआ।
बीएसई के सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच सेक्टरों में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.97 फीसदी), धातु (1.81 फीसदी), उर्जा (0.89 फीसदी), आधारभूत सामग्री (0.87 फीसदी) और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी गुड्स एंड सर्विसेस (0.56 फीसदी) शामिल रहे।
बीएसई के सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच सेक्टरों में टेलीकॉम (2.13 फीसदी), युटिलिटीज (1.53 फीसदी), एफएमसीजी (1.42 फीसदी), बैंक इंडेक्स (1.25 फीसदी) और रियल्टी (1.11 फीसदी) शामिल रहे।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 374 अंक फिसला

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,570.35 और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,914.45 पर था।
बाजार में गिरावट व्यापक आधार पर थी। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.90 अंक या 0.53 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,001.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 74 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,812.25 पर था।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व ऑटो और आईटी शेयरों में किया। निफ्टी ऑटो 1.79 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.75 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.25 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 0.81 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.75 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.73 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी एनर्जी 0.59 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 0.33 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.21 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.03 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और आईटीसी गेनर्स थे। एशियन पेंट्स, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, बीईएल, इन्फोसिस, एसबीआई, इंडिगो, एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इटरनल, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर से शुरू होने से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल की कीमतें फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यह भारत के साथ वैश्विक बाजारों पर भी दबाव बनाने का काम कर रहा है। इससे ऑटो, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय
उत्तरी साइप्रस के तट पर फेरी डूबने से आठ यात्रियों की मौत, 18 लोग लापता

तुर्की साइप्रस अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी साइप्रस तट के पास एक तुर्की फेरी के डूबने के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जबकि 18 लोग अब भी लापता हैं।
डबल-हल वाली इस फेरी में 259 यात्री और 8 चालक दल के सदस्य सवार थे। रविवार दोपहर कायरिनिया बंदरगाह से रवाना होने के कुछ ही समय बाद फेरी में पानी भरना शुरू हो गया और वह पलट गई। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तक 241 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पलटने बाद में फेरी समुद्र में 500 मीटर से अधिक गहराई में डूब गई। यह अभी साफ नहीं है कि कोई व्यक्ति जहाज के अंदर फंसा था या नहीं। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो से संकेत मिला कि फेरी के डूबने के समय उसके एक हिस्से में अभी भी कुछ लोग मौजूद थे।
तुर्की ने बताया कि वह खोज अभियान में मदद के लिए एक गहरे समुद्र में काम करने वाला रिमोट संचालित वाहन (आरओवी) भेज रहा है। यह उपकरण मंगलवार तक दुर्घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है।
तुर्की साइप्रस अधिकारियों ने फेरी के कप्तान और चालक दल के सात अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस फेरी में पहले भी पानी रिसने की समस्या रही थी और उसकी मरम्मत कराई गई थी।
कुछ बचे हुए यात्रियों ने दावा किया कि कप्तान और चालक दल के सदस्य सबसे पहले नाव से बाहर निकल गए और यात्रियों को सुरक्षित निकलने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए।
शनिवार को साइप्रस में तेज तूफान आया था और रविवार को भी समुद्र की स्थिति काफी खराब बनी हुई थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उस समय मौसम को देखते हुए फेरी का कायरिनिया से लगभग 120 किलोमीटर उत्तर में स्थित तुर्की के तासुकु बंदरगाह के लिए रवाना होना सुरक्षित माना गया था।
अधिकारियों ने कहा कि फेरी के पलटने की असली वजह की जांच अभी जारी है।
इस साल की शुरुआत में सूडान में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी। उत्तरी सूडान के नील राज्य में एक यात्री फेरी नदी में डूब गई थी, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।
सूडान की सिविल डिफेंस अथॉरिटी के एक अधिकारी के अनुसार, ऊंची लहरों के कारण नाव पलट गई थी। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर 15 से अधिक शव बरामद किए थे। इस हादसे में 8 लोग बच गए थे, जबकि लगभग 4 लोग लापता बताए गए थे।
फिलहाल साइप्रस में डूबी फेरी के लापता यात्रियों की तलाश जारी है और बचाव दल उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल त्रासदी : परिजनों को सौंपने से पहले शवों का होगा डीएनए और पोस्टमॉर्टम, गाइडलाइन जारी

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों के पार्थिव अवशेषों को लेकर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नया अपडेट जारी किया है। दूतावास ने बताया कि यह 29 अगस्त की प्रेस विज्ञप्ति का अगला अपडेट है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, विदेशी नागरिकों के शव सौंपने से पहले दस्तावेजीकरण, पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक जांच और पहचान सत्यापन समेत कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
दूतावास ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुसार, विदेशी नागरिकों के पार्थिव अवशेष उनके परिजनों या संबंधित अधिकारियों को सौंपने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस प्रक्रिया में पार्थिव अवशेषों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करना, शव की रिकॉर्ड की गई तस्वीरें/विवरण, पोस्टमॉर्टम जांच, मौत का कारण सत्यापित करना, औपचारिक रूप से पहचान स्थापित करना, फिंगरप्रिंट/डीएनए/फोरेंसिक सैंपल इकट्ठा करना, मृतक का पासपोर्ट/आईडी सत्यापित करना, दूतावास/काउंसलर समन्वय पूरा करना और पार्थिव अवशेष सौंपने से जुड़े दस्तावेज और रसीद की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें संबंधित पक्ष को सौंप दिया जाएगा।
इसके आलावा यदि रिश्तेदार और परिवार के सदस्य नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर मृतक की तस्वीरों और विवरण के माध्यम से शव की पहचान कर पाते हैं, तो काठमांडू में भारतीय दूतावास शव को सौंपने और वापस भेजने से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में सहायता करेगा। स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने बड़ी संख्या में शवों को अस्थायी रूप से दफनाया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए करीबी रिश्तेदारों (फर्स्ट-डिग्री रिलेटिव्स) के साथ डीएनए मिलान की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन मामलों में पहचान संभव नहीं है या शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, वहां नेपाल सरकार डीएनए मिलान की सुविधा प्रदान करेगी। नेपाल में अधिकारी डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए शवों से डीएनए सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। मिलान करने के लिए मृतक के करीबी रिश्तेदार ईमेल के माध्यम से प्रोफाइल भेज सकते हैं या नेपाली अधिकारियों की ओर से मांगी गई कुछ प्रारंभिक जानकारी के साथ ब्लड सैंपल दे सकते हैं।
भारतीय दूतावास की ओर से सहायता के लिए करीबी रिश्तेदारों के डीएनए प्रोफाइल की कॉपी ‘ईओआई काठमांडू फ्लड सपोर्ट ऐट जीमेल डॉट कॉम’ पर भी भेजी जा सकती है। डीएनए प्रोफाइलिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी नेपाल पुलिस की वेबसाइट ‘डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट नेपाल पुलिस डॉट जीओवी डॉट एनपी’ और उनके हेल्पलाइन नंबर 9779841616095 पर देखी जा सकती है।
इसके अलावा किसी भी और मदद या जानकारी के लिए, काठमांडू में भारतीय दूतावास की इन 9779851316807, 9779709107500, 9779810326117 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।
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