Connect with us
Thursday,19-March-2026
ताज़ा खबर

अनन्य

भाजपा ने बिहार में 6 आक्रामक कैंपेन लांच कर मचाई हलचल

Published

on

Bihar-BJP-

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव में आक्रामक डिजिटल कैंपेनिंग शुरू की है। इसके दम पर विपक्ष के आरोपों का काउंटर करने में पार्टी जुटी है। मकसद, हर तरह की बहस का रुख अपने पक्ष में मोड़ने का है। भाजपा ने अब तक छह प्रमुख डिजिटल मीडिया कैंपेन लांच कर हलचल मचाई है।

उसकी इस पहल से सोशल मीडिया पर पार्टी के आउटरीच यानी पहुंच में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। यह पूरा कैंपेन सोशल मीडिया और मीडिया में तालमेल के जरिए चलाकर भाजपा नेरेटिव सेट कर रही है। जिससे कोरोना काल की शुरुआत में विपक्ष के ताबड़तोड़ हमलों से खिलाफ जाती हवा का रुख भी अब पार्टी अपनी तरफ करने में सफल हुई है।

यह पहली बार है जब बिहार चुनाव में, भाजपा जंगलराज को मुद्दा बनाने की जगह तथ्यों से अपनी बात रखकर राज्य में नई रणनीति से चुनाव लड़ने में जुटी है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष भले नेगेटिव कैंपेनिंग करे, लेकिन हम इलेक्शन को पॉजिटिव ट्रैक पर ले जा रहे हैं।

बिहार भाजपा के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “जिस कोरोना को विपक्ष मुद्दा बनाए हुए थे, हमने तथ्यों से जवाब देकर उन्हें मैदान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने में सफल साबित हुई है। पार्टी के पॉजिटिव कैंपेनिंग को बिहार के कोने-कोने से अभूतपूर्व समर्थन हासिल हुआ है।”

पार्टी सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय मुख्यालय की निगरानी में बिहार भाजपा की ओर से लांच कैंपेन को एक खास टीम चला रही है। इसमे दिल्ली से आए एक एक्सपर्ट भी शामिल हैं। जो सोशल मीडिया और मीडिया के बीच कोऑर्डिनेशन कर कैंपेन को धार दे रहे। जानिए, वो कौन से कैंपेन हैं, जिससे भाजपा चुनाव का माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिशों में जुटी है।

हारेगा कोरोना जीतेगा बिहार

भाजपा ने ‘हारेगा कोरोना, जीतेगा बिहार’ कैंपेनिंग के जरिए बिहार की जनता को सकारात्मकता से भरने की कोशिश की है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने जब कोरोना के मोर्चे पर एनडीए सरकार पर लगातार हमलावर हुए तो बीजेपी ने यह काउंटर कैंपेन शुरू किया। इस कैंपेन के जरिए भाजपा कोरोना से लड़ाई में बिहार मे स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम के बारे में जनता को जानकारी दे रही है। किस तरह से बिहार में रिकवरी रेट ज्यादा है, मृत्यु दर कम है, कितने अस्पतालों में बेड खाली हैं, ये सब बातें इस कैंपेन के जरिए जनता को बताई जा रहीं हैं।

सेवा में तत्पर, भाजपा निरंतर

‘सेवा में तत्पर, भाजपा निरंतर’ भी एक पॉजिटिव कैंपेन है। कोरोना काल में भाजपा की ओर से शहर से लेकर गांव तक जरूरतमंदों के लिए किए गए राहत इंतजामों के बारे में इस कैंपेन के जरिए बताया जाता है। इस कैंपेन के जरिए जनता को पार्टी संदेश दे रही है कि उनके सुख-दुख में भाजपा भागीदार है।

फर्क साफ है

इस कैंपेन के जरिए पार्टी राजद और एनडीए की सरकार का फर्क बता रही है। आंकड़ों के जरिए पूर्ववर्ती लालू और राबड़ी यादव की सरकार और बाद की एनडीए की सरकार के बीच के अंतर को बताने की कोशिश कर रही है। 2005 से पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन आदि क्षेत्रों में कितनी धनराशि खर्च होती थी और 2005 के बाद कितनी धनराशि खर्च हो रही है, इसका जनता के बीच पार्टी आंकड़े रखकर बता रही है कि कैसे बिहार बदल रहा है?

न भूला है बिहार, न भूलेगा बिहार

बारिश के दौरान बिहार में पुल, पुलियां और सड़कों के टूटने की घटनाओं पर विपक्ष सोशल मीडिया पर मुखर हुआ तो भाजपा ने यह काउंटर कैंपेन चलाना शुरू किया। इसके जरिए लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में बिहार की हुई दुर्गति के बारे में पार्टी तस्वीरों, आंकड़ों आदि के जरिए बात रखकर जनता को उस दौर की घटनाओं को याद करा रही है।

मददगार एनडीए सरकार

भाजपा ‘मददगार एनडीए सरकार’ कैंपेन के जरिए एनडीए सरकार की उपलब्धियों को सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से जनता के बीच ले जाने में जुटी है। कैसे बिहार में बेटियों की पढ़ाई पर बल दिया गया, किस तरह से सामाजिक सहायता की योजनाओं को निचले तबके तक पहुंचाया गया, इन सब बातों को इस कैंपेन के जरिए जनता तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है।

क्या आप जानते हैं?

बिहार में गुड गवर्नेंस के मोर्चे पर एनडीए सरकार क्या कुछ कर रही है। ‘क्या आप जानते हैं?’

कैंपेन के जरिए जनता तक जानकारियां पहुंचाईं जा रहीं हैं। बिहार की कला और संस्कृति के बारे में भी सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय और बाहर के लोगों को जानकारियां दीं जा रहीं हैं।

बिहार भाजपा के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “बिहार के सभी गांवों में सरकार ने बिजली पहुंचाई है। 83 लाख महिलाओं को गैस सिलिंडर दिए गए हैं। 2.38 करोड़ महिलाओं के जनधन खाते में 15-15 सौ रुपये की आर्थिक सहायता कोरोना काल में सरकार ने भेजी है। और भी बहुत से कार्य हुए हैं। जिससे जनता एनडीए की सरकार फिर से बनाने के लिए मुखर है।”

अनन्य

मुंबई : मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज़ का वीडियो वायरल होने के बाद 3 हॉकरों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज

Published

on

namaaz

मुंबई : रेलवे पुलिस ने बताया कि मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज़ पढ़ते हुए तीन फेरीवालों का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के बाद उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों हॉकरों की पहचान मुश्ताक बाबू लोन, सोहेब सदाकत साहा और बिस्मिल्लाह दीन अंसारी के रूप में हुई है। आरपीएफ ने अनाधिकार प्रवेश के लिए रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत मामला दर्ज किया, जबकि जीआरपी ने स्टेशन मास्टर की शिकायत के बाद बीएनएस की धारा 168 के तहत एक और मामला दर्ज किया। वीडियो वायरल होने के बाद, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि इस घटना के संबंध में एफ आई आर दर्ज की जाएगी। समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन पर, स्टेशन के प्लेटफॉर्म के ऊपर, खुलेआम एक छोटे मंडप जैसी संरचना बना दी गई है, और वहाँ नमाज़ पढ़ी जाने लगी है… इस पूरे मामले को लेकर एक एफ आई आर दर्ज की जाएगी।”

वायरल वीडियो में कुछ लोग मलाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के ठीक बगल में बने एक अस्थायी शेड के नीचे नमाज़ पढ़ते हुए दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, मलाड वेस्ट रेलवे स्टेशन पर विस्तार का काम चल रहा है और रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास एक बड़ी खुली जगह बनाई है। इस बीच, पिछले ही हफ़्ते बॉम्बे हाई कोर्ट ने टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को रमज़ान के दौरान शहर के हवाई अड्डे के भीतर एक अस्थायी शेड में नमाज़ अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि सुरक्षा धर्म से ऊपर है।

अदालत ने कहा कि रमज़ान मुस्लिम धर्म का एक अहम हिस्सा है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि लोग किसी भी जगह पर नमाज़ पढ़ने के धार्मिक अधिकार का दावा नहीं कर सकते, खासकर हवाई अड्डे के आस-पास, जहाँ सुरक्षा को लेकर काफ़ी चिंताएँ होती हैं। अदालत टैक्सी-रिक्शा ओला-ऊबर मेंस यूनियन की तरफ़ से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि जिस अस्थायी शेड में वे नमाज़ पढ़ते थे, उसे पिछले साल गिरा दिया गया था। याचिका में अदालत से यह गुज़ारिश की गई थी कि वह अधिकारियों को निर्देश दे कि वे उन्हें उसी इलाके में नमाज़ पढ़ने के लिए कोई जगह आवंटित करें।

Continue Reading

अनन्य

असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, विवादित वीडियो को लेकर दी शिकायत

Published

on

हैदराबाद, 9 फरवरी : एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर को औपचारिक शिकायत दी। यह शिकायत एक कथित विवादित और अब डिलीट किए जा चुके वीडियो को लेकर की गई है, जिसमें सीएम सरमा को मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है।

पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, सार्वजनिक भाषणों और अन्य मंचों के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयान देते रहे हैं, जिनमें से कई अब भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं।

पुलिस कमिश्नर के नाम पत्र में ओवैसी ने कहा, “मैं आपका ध्यान इस बात की ओर दिलाना चाहता हूं कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पिछले कई सालों से सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, सार्वजनिक भाषणों और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। ऐसे कई भाषण अभी भी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री ने जानबूझकर अपने नफरत भरे भाषणों को और तेज कर दिया है, जिसका साफ और सचेत इरादा मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा देना है, यह जानते हुए भी कि ऐसे आरोप राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक हैं और सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने वाले हैं।”

ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन अब्दुल्ला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के मामले में साफ तौर पर कहा है कि मौलिक अधिकारों की रक्षा करना, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना और राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक चरित्र, विशेष रूप से कानून के शासन की रक्षा करना राज्य और कानून लागू करने वाली एजेंसियों का संवैधानिक कर्तव्य है। कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि पुलिस को औपचारिक शिकायत के अभाव में भी नफरत भरे भाषणों के मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए और कोई भी निष्क्रियता या हिचकिचाहट कर्तव्य की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।

उन्होंने कहा, “मैं यह बताना चाहता हूं कि असम भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट द्वारा 7 फरवरी को पोस्ट किया गया एक हालिया वीडियो, जिसे एक दिन बाद हटा दिया गया था लेकिन अभी भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है, उसमें हिमंत बिस्वा सरमा को हथियार से लैस दिखाया गया है और वे उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जिन्हें साफ तौर पर मुसलमान दिखाया गया है और उन्हें गोली मार रहे हैं। उक्त पोस्ट और वीडियो, उसमें इस्तेमाल की गई तस्वीरों और ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ और ‘कोई दया नहीं’ जैसे बयानों के साथ, मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक समुदायों के बीच नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा देने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के इरादे से किया गया एक जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया गया था और पूरे भारत में उपलब्ध था, जिसमें इस पुलिस स्टेशन का अधिकार क्षेत्र भी शामिल है। मैंने इसे इस पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में देखा है। उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप कानून के अनुसार श्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ तत्काल और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।

Continue Reading

अनन्य

केरल : स्थानीय निकाय चुनाव में जीत को कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया

Published

on

तिरुवनंतपुरम, 13 दिसंबर: कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने शनिवार को केरल लोकल चुनावों में अपनी जीत को ‘लोकतंत्र और सच्चाई की जीत’ बताया। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया था, लेकिन केरल हाई कोर्ट के दखल के बाद उनकी उम्मीदवारी बहाल कर दी गई थी।

सुरेश ने मौजूदा तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पार्षद अंशु वामादेवन को हराया, जो अपनी मूल सीट छोड़कर मुट्टाडा सीट से चुनाव लड़ने आए थे, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार से हार गए।

मुट्टाडा सीट, जब से बनी है, सीपीआई(एम) का गढ़ रही है। शुरुआती नतीजों से उनकी जीत का संकेत मिलते ही, वैष्णव ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और इस नतीजे को लोगों का साफ संदेश बताया।

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सच्चाई की हमेशा जीत होती है, और यहां भी ऐसा ही हुआ है। लोगों को पता था कि क्या हो रहा है। अच्छी लड़ाई लड़ी।”

तकनीकी कारणों से नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज होने के बाद वैष्णव की उम्मीदवारी ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा था। इस फैसले से कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया और दावा किया कि यह खारिज करना राजनीतिक मकसद से किया गया था।

इसके बाद वैष्णव ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने उनकी याचिका सुनने के बाद अधिकारियों को उनका नामांकन स्वीकार करने का आदेश दिया, जिससे उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। कानूनी लड़ाई, साथ ही उनकी कम उम्र ने वैष्णव को निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस अभियान का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।

पार्टी नेताओं ने उनके मामले को संस्थागत अन्याय के उदाहरण के रूप में पेश किया और जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई बताया, उसके इर्द-गिर्द समर्थन जुटाया। अदालत के आदेश के बाद फिर से शुरू हुए उनके अभियान में शासन के मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा के बड़े विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनके पक्ष में आया फैसला न केवल कांग्रेस के लिए, बल्कि स्थानीय निकाय चुनावों के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जहां कई जगहों पर कानूनी चुनौतियां प्रमुखता से सामने आईं।

वैष्णव की जीत को कांग्रेस के लिए, खासकर युवाओं और पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इस नतीजे का स्वागत करते हुए कहा कि इसने न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रिया दोनों में जनता के विश्वास को फिर से पक्का किया है।

उन्होंने मतदाताओं को ‘एक उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के वैध अधिकार से वंचित करने के प्रयासों को समझने’ के लिए भी श्रेय दिया।

वैष्णव के लिए, यह जीत कड़ी सार्वजनिक निगरानी में उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत है।

मतदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि वह उन पर जताए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए काम करेंगी और स्थानीय मुद्दों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति8 minutes ago

ममता बनर्जी पर भाजपा का हमला, ‘मुख्यमंत्री टेंशन में, इसलिए करती हैं गलत बयानबाजी’

महाराष्ट्र14 minutes ago

मुंबई बांद्रा बीकेसी पासपोर्ट ऑफिस में बम की धमकीतलाशी के दौरान कोई संदिग्ध चीज़ या विस्फोटक नहीं मिला। इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय25 minutes ago

12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले रोकने की अपील की

राजनीति38 minutes ago

‘राहुल गांधी के राजनीति करने का तरीका अभी अपरिपक्व’, कंगना रनौत के बचाव में आए बिहार भाजपा के नेता

राष्ट्रीय46 minutes ago

आखिर क्यों मनरेगा की जगह विकसित भारत जी राम जी योजना लाई गई, प्रतुल शाह देव ने बताई बड़ी वजह

राष्ट्रीय1 hour ago

एसबीआई फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी से पूछताछ करेगी सीबीआई

राष्ट्रीय2 hours ago

इंदौर अग्निकांड: बिहार के 6 लोगों की मौत पर सीएम नीतीश ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

कतर में हमले से भड़के ट्रंप ने ईरान को दी तबाह करने की चेतावनी, बोले-हिचकिचाऊंगा नहीं

बॉलीवुड2 hours ago

सिनेमाघरों में गूंज रही है ‘धुरंधर-2’ की दहाड़, अल्लू अर्जुन बोले- रणवीर सिंह पर गर्व है

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई साइबर फ्रॉड: 55 बैंक अकाउंट से फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध इक्विपमेंट, बैंक बुक और दूसरे डॉक्यूमेंट्स जब्त

व्यापार2 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

व्यापार3 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, डिफेंस स्टॉक्स उछले

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: पुर्तगाली लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, सनसनीखेज घटना से मुंबई शर्मसार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

व्यापार3 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त

व्यापार3 weeks ago

ईरान में चल रहे ‘बड़े सैन्य अभियानों’ के बीच एयर इंडिया ने मध्य पूर्व जाने वाली सभी उड़ानें कीं निलंबित

अपराध4 weeks ago

सेंट्रल एंड वेस्टर्न रेलवे (आरपीएफ) ने रेलवे डिब्बों और परिसरों में अवैध प्रचार सामग्री चिपकाने के आरोप में ‘बंगाली बाबा’ को गिरफ्तार किया।

खेल4 weeks ago

टी20 विश्व कप: ग्रुप स्टेज में इन चार छोटी टीमों का प्रदर्शन रहा दमदार, जिम्बाब्वे ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘नष्ट’ करने का दावा किया

रुझान