राजनीति
शशि थरूर से बीजेपी सांसद ने कहा- कश्मीर में 4 जी इंटरनेट पर चर्चा संसदीय नियमों का उल्लंघन
आगामी एक सितंबर को होने वाली आईटी मामलों की संसदीय स्थाई समिति की बैठक में कश्मीर में 4 जी इंटरनेट सेवाओं के एजेंडे पर चर्चा न करने की मांग उठी है। इस पार्लियामेंट्री कमेटी के सदस्य और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद संबंधित विषय पर चर्चा को संसदीय नियमों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कमेटी के चेयरमैन शशि थरूर को पत्र लिखते हुए, मीटिंग के एजेंडे से 4 जी इंटरनेट सेवाओं के विषय को हटाने की मांग की है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते मंगलवार को लोकसभा स्पीकर की ओर से सभी संसदीय कमेटियों के चेयरमैन को जारी पत्र का हवाला दिया है, जिसमें अदालतों में लंबित मामलों की चर्चा से बचने की सलाह दी गई है। निशिकांत दुबे ने कमेटी चेयरमैन शशि थरूर से कहा है, “एक सितंबर को जम्मू-कश्मीर में 4 जी इंटरनेट सेवाओं पर चर्चा के लिए कमेटी की मीटिंग आपने बुलाई है, जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित है। बावजूद इसके इस मसले पर चर्चा करना संसदीय नियमों और लोकसभा स्पीकर की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा।”
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आईटी मामलों की संसदीय स्थाई समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के चेयरमैन शशि थरूर को लिखे पत्र में तत्काल प्रभाव से संबंधित विषय को बैठक के एजेंडे से बाहर करने की मांग की है। निशिकांत दुबे ने अपील करते हुए कहा है कि संसदीय कमेटी की बैठकों में उन विषयों को शामिल करने से बचा जाए, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हों। बीजेपी सांसद ने संसद और लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी से मिलकर काम करने की भी अपील की।
महाराष्ट्र
ईद-उल-अजहा अबू आसिम आज़मी का सफल पालन, पशु व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी, प्रशासन का आदेश

मुंबई; महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आज़मी के सफल फॉलो-अप के चलते, महाराष्ट्र डीजीपी ने पशु व्यापारियों की सुरक्षा पक्की करने और जानवरों के ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाने के लिए एक ऑर्डर जारी किया है। डीजीपी सदानंद दाते के निर्देश पर आईजी एडमिनिस्ट्रेशन सागर पाटिल ने एक ऑर्डर जारी किया है। इसके मुताबिक, ज़रूरी सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं ताकि पशु व्यापारियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। इसके साथ ही, गाइडिंग प्रिंसिपल्स का पालन और जानवरों को पकड़ने के बाद उनकी रिकवरी मुमकिन हो सके। इसके साथ ही, इस बारे में नियम भी बनाए गए हैं। बनाए गए नियमों के मुताबिक, ईद-उल-अज़हा पर ज़रूरी कार्रवाई जारी की गई है। यह ऑर्डर अबू आसिम आज़मी की कोशिशों का नतीजा है। इससे पहले, ईद-उल-अज़हा को लेकर अबू आसिम आज़मी ने डीजीपी से मुलाकात की और मांग की कि ईद के मौके पर व्यापारियों और आम मुसलमानों को होने वाली दिक्कतों को हल किया जाए। इसके साथ ही, डीजीपी को एक मेमोरेंडम भी सौंपा गया है। आज़मी ने डीजीपी को व्यापारियों को होने वाली रुकावटों, बेवजह की मुश्किलों और सुरक्षा चिंताओं के बारे में भी बताया। पुलिस डिपार्टमेंट ने भरोसा दिलाया है कि जो व्यापारी सभी नियम-कानूनों का पालन करेंगे, उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। जानवरों को ले जाते समय नियम-कानूनों का पालन करने वाले व्यापारियों को किसी भी तरह की रुकावट या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगर किसी व्यापारी के जानवर पकड़े जाते हैं, तो कानूनी जांच के बाद नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सभी पुलिस थानों और संबंधित विभागों को ज़रूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राजनीति
पीएम मोदी की यात्रा से भारत-यूएई संबंधों को मिला बढ़ावा, 5 अरब डॉलर के निवेश के साथ हुए कई समझौते

PM MODI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान शुक्रवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई समझौते हुए। इसमें द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति एवं रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और भारत के आरबीएल बैंक, सम्मान कैपिटल और इन्फ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।
इसके अलावा, दोनों देश के बीच गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर को स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है।
अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।”
उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का “स्वतंत्र और खुला” रहना महत्वपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने भारत-यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में द्विपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति जताई थी और कम समय में ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल कर ली है।
उन्होंने कहा, “हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मैं आपको हार्दिक धन्यवाद देता हूं। जनवरी में आपकी भारत यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की थी। इतने कम समय में भी, हमने सभी मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आज की स्थिति को देखते हुए, भारत-यूएई रणनीतिक सहयोग का महत्व बहुत बढ़ गया है। आने वाले समय में, हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति ही मुद्दों को सुलझाने का सर्वोत्तम तरीका है।
प्रधानमंत्री आज सुबह यूएई पहुंचे और उनका औपचारिक स्वागत किया गया। बाद में, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें लोकप्रिय रूप से एमबीजेड के नाम से जाना जाता है) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी समकक्ष अराघची ने पश्चिम एशिया में तनाव पर की चर्चा

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ बातचीत की। शुक्रवार की सुबह बातचीत के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके प्रभाव के बारे में चर्चा की।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर लिखा, “आज सुबह दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से डिटेल में बातचीत हुई। पश्चिम एशिया के हालात और उसके असर पर बात हुई। आपसी फायदे के द्विपक्षीय मामलों पर भी विचार शेयर किए। ब्रिक्स भारत 2026 में उनके शामिल होने के लिए शुक्रिया।”
ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूदा बाधाओं के लिए अमेरिका के प्रतिबंध को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि होर्मुज उन सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं।
ईरान इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार के आधिकारिक एक्स अकाउंट से साझा जानकारी के अनुसार, “विदेश मंत्री अराघची ने नई दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मीडिया को बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा रुकावटें अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पैदा हुई हैं।”
अराघची ने प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों को लेकर चर्चा की। बैठक में ब्रिक्स के अन्य प्रतिनिधियों के साथ भी क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत में ईरान के दूतावास के ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ अकाउंट पोस्ट में बताया गया, “दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री डॉ. सैयद अब्बास अराघची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।” बता दें, बैठक में शामिल होने के लिए ब्रिक्स के अन्य प्रतिनिधियों के साथ-साथ ईरान के विदेश मंत्री अराघची भी बुधवार रात भारत पहुंचे।
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