राजनीति
पीएम मोदी की यात्रा से भारत-यूएई संबंधों को मिला बढ़ावा, 5 अरब डॉलर के निवेश के साथ हुए कई समझौते
PM MODI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान शुक्रवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई समझौते हुए। इसमें द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति एवं रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और भारत के आरबीएल बैंक, सम्मान कैपिटल और इन्फ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।
इसके अलावा, दोनों देश के बीच गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर को स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है।
अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।”
उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का “स्वतंत्र और खुला” रहना महत्वपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने भारत-यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में द्विपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति जताई थी और कम समय में ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल कर ली है।
उन्होंने कहा, “हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मैं आपको हार्दिक धन्यवाद देता हूं। जनवरी में आपकी भारत यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की थी। इतने कम समय में भी, हमने सभी मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आज की स्थिति को देखते हुए, भारत-यूएई रणनीतिक सहयोग का महत्व बहुत बढ़ गया है। आने वाले समय में, हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति ही मुद्दों को सुलझाने का सर्वोत्तम तरीका है।
प्रधानमंत्री आज सुबह यूएई पहुंचे और उनका औपचारिक स्वागत किया गया। बाद में, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें लोकप्रिय रूप से एमबीजेड के नाम से जाना जाता है) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।
महाराष्ट्र
मुंबई मानखुर्द एटीएम कार्ड फ्रॉड के दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर फ्रॉड करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। 5 अगस्त को शिकायत करने वाली महिला पैसे निकालने के लिए मंगल मूर्ति जंक्शन पर बने एटीएम सेंटर गई थी। एटीएम से पैसे निकालते समय उसके पीछे खड़े एक अनजान व्यक्ति ने कार्ड का पिन देख लिया। इसके बाद उसने चालाकी से एटीएम रॉड बदलकर 19,000 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने इस मामले में फ्रॉड का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध लोग दिखे थे जो एटीएम कार्ड से पैसे निकालते हुए पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान कल्याण के रहने वाले 30 साल के कासिम अली बरकत अली और 38 साल के परवेज अकबर अली शेख के तौर पर हुई है। पुलिस दोनों से आगे की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उन्होंने पहले कितने लोगों को ठगा है। यह कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर धनंजय कुलकर्णी के निर्देश पर डीसीपी समीर शेख ने की।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
बांग्लादेश चुनावों में ज्यादातर हिंसा के लिए बीएनपी से जुड़े गुट जिम्मेदार: मानवाधिकार संगठन

बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा नियंत्रण एक बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। इसकी वजह कुछ महीने पहले संपन्न हुए चुनावों के दौरान या फिर बाद में हुई हिंसक गतिविधियां हैं। स्थानीय मीडिया ने मानवाधिकार संगठन के हवाले से बताया कि चुनावी हिंसा में सबसे ज्यादा सक्रिय वो गुट रहे हैं जो सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) जुड़े रहे।
ढाका के ह्यूमन राइट्स ग्रुप ‘ओधिकार’ ने अपनी मॉनिटरिंग रिपोर्ट में बताया कि बीएनपी और उसके सहयोगी चुनाव से पहले 52 फीसदी, पोलिंग के दिन 53 फीसदी और चुनाव के बाद 75 फीसदी हिंसक गतिविधियों में लिप्त पाए गए।
बांग्लादेश के जाने-माने अखबार द डेली स्टार ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी चुनाव से पहले दर्ज 15 फीसदी, चुनाव के दिन 13 फीसदी और चुनाव के बाद 9 फीसदी गतिविधियों में शामिल थे।
ये नतीजे सोमवार को ढाका में सेंटर ऑन इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (सीआईआरडीएपी) में हुई चर्चा के दौरान पेश किए गए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय तौर पर हिंसक और डराने-धमकाने की घटनाएं जारी रहीं।
बांग्लादेश के सभी जिलों में से चटगांव, कॉक्स बाजार, भोला, मैमनसिंह और ढाका मुख्य हॉटस्पॉट के तौर पर उभरे। यहां मुख्य तौर पर लोगों को डराया-धमकाया गया था। वहीं पोस्ट-इलेक्शन मारपीट, संपत्ति को नुकसान और हत्या जैसी वारदातें ज्यादा दर्ज की गईं। चुनाव से पहले 62 घटनाएं दर्ज की गईं।
चटगांव में सबसे ज्यादा 11 घटनाएं दर्ज की गईं, उसके बाद कॉक्स बाजार में आठ घटनाएं हुईं। ढाका और मैमनसिंह में पांच-पांच घटनाएं जबकि सिराजगंज में चार घटनाएं दर्ज की गईं। चुनाव से पहले हुई 34 घटनाओं में अधिकारियों ने किसी न किसी तरह की कार्रवाई की, जबकि 28 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ओधिकार ने वोटिंग के दिन 19 चुनाव क्षेत्रों में 32 घटनाएं रिकॉर्ड की, जिसमें मैमनसिंह में सात और भोला में छह वारदातें अंजाम दी गईं। द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में चार जबकि कॉक्स बाजार और फेनी में तीन-तीन मामले संज्ञान में आए।
32 घटनाओं में से 17 में बीएनपी और उसके सहयोगी शामिल थे, जबकि चार में जमात और उसके सहयोगी। दो में इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के कार्यकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक 11 मामलों में कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सात मामलों में क्या कार्रवाई हुई, यह पता नहीं चल सका।
पिछले महीने, ओधिकार ने बताया कि इस साल अप्रैल और जून के बीच बांग्लादेश में मॉब लिंचिंग में 33 लोग मारे गए, जबकि पूरे देश में राजनीतिक हिंसा में 41 लोगों की जान चली गई और 970 घायल हुए।
राजनीति
एनसीडीसी (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित, सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी सांसदों के जोरदार नारेबाजी के बीच राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनि मत से पारित हो गया।
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से एनसीडीसी (संशोधन) विधेयक पेश किया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में संशोधन करना है, ताकि सहकारी समितियों के लिए निधिकरण प्रक्रिया को तेज और अधिक लचीला बनाया जा सके।
इस विधेयक का उद्देश्य सहकारिता मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय, एनसीडीसी (एनसीडीसी) की भूमिका का विस्तार करना है, जो सहकारी समितियों को वित्तपोषित और प्रोत्साहित करता है, ताकि देशभर में सहकारी क्षेत्रों को वित्तपोषित किया जा सके।
सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने विपक्षी सांसदों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। हालांकि विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
इसके बाद लोकसभा में ध्वनि मत से विधेयक पारित हो गया और सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026, भी लोकसभा में लगातार नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से पारित हो गया। इस विधेयक में केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विधेयक पेश किया, जबकि विपक्षी सांसद 20 जुलाई को नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति और बयान की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।
नित्यानंद राय और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केरल का नाम बदलने के विधेयक पर चर्चा नहीं करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। जब हंगामा बंद नहीं हुआ, तो विधेयक को बिना किसी चर्चा के ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
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