राजनीति
पायलट को शांत कराने प्रियंका गांधी ने किया हस्तक्षेप
राजस्थान में राजनीतिक संकट सुलझाने और नाराज सचिन पायलट को शांत कराने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हस्तक्षेप किया है।
प्रियंका के करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने दो नेताओं से बात की है और ये नेता उनसे नियमित तौर पर बात करते हैं।
लेकिन सूत्रों ने कहा कि वे इस बात की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकते कि प्रियंका गांधी ने पायलट से बात की है।
प्रियंका के हस्तक्षेप के बाद पायलट के पोस्टर पीसीसी पर फिर से चिपकाए गए और उनके कहने पर ही रणदीप सुरजेवाला ने जयपुर से पायलट और उनके समर्थकों से वापस लौटने की जोरदार अपील की। कांग्रेस के राज्य प्रभारी अविनाश पांडे ने भी कहा कि वह बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन सुबह उन्होंने कहा था कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों ने कहा कि के.सी. वेणुगोपाल को पायलट से बात करने की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि वेणुगोपाल संगठन महासचिव हैं और संप्रग 2 के दौरान पायलट के साथ केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, जहां लगभग 105 विधायक उनके साथ दिखाई दिए।
महाराष्ट्र
मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

मुंबई: एक ज़रूरी डेवलपमेंट में, इंडियन आर्मी ने कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर के रैंक पर प्रमोट करने का रास्ता साफ़ कर दिया है। जो आर्मी के सबसे मुश्किल और लंबे चले कानूनी केस में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। यह फ़ैसला आर्म्ड फ़ोर्सेज़ ट्रिब्यूनल के दखल के कुछ हफ़्ते बाद आया है, जिसने 31 मार्च, 2026 को उनके तय रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी, जिससे उनके पेंडिंग प्रमोशन केस का रिव्यू करने की इजाज़त मिल गई थी। यह कदम 17 साल के सफ़र के बाद आया है, जिसमें एक हाई-प्रोफ़ाइल ब्लास्ट केस में आरोपी होने के बाद ऑफ़िसर को बाइज़्ज़त बरी कर दिया गया और सिस्टम में फिर से बहाल कर दिया गया।
2008 में उनकी गिरफ़्तारी के बाद से करियर रुका हुआ था।
मालेगांव ब्लास्ट केस के सिलसिले में गिरफ़्तारी के बाद 2008 से पुरोहित के करियर की तरक्की पर असरदार तरीके से रोक लगा दी गई थी। हालाँकि उन्हें 2017 में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी और बाद में उन्हें एक्टिव सर्विस में फिर से बहाल कर दिया गया था, लेकिन उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन की उम्मीदें सालों तक कानूनी उलझन में फंसी रहीं। टर्निंग पॉइंट 31 जुलाई, 2025 को आया, जब महाराष्ट्र की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने सबूतों की कमी और प्रॉसिक्यूशन के केस में गड़बड़ियों का हवाला देते हुए पुरोहित को सभी आरोपों से बरी कर दिया। सितंबर 2025 में उन्हें फुल कर्नल के रैंक पर प्रमोट किया गया, जिससे उनके करियर प्रोग्रेस का एक हिस्सा बहाल हो गया।
ट्रिब्यूनल ने रिटायरमेंट स्टे पिटीशन में दखल दिया
16 मार्च, 2026 को, जस्टिस राजेंद्र मेनन की हेडिंग वाली बेंच ने फैसला सुनाया कि पुरोहित के पास अपने जूनियर्स के बराबर पर्क्स और प्रमोशन पर विचार करने का प्राइमा फेसी केस था।
ट्रिब्यूनल ने ऑर्डर दिया कि जब तक प्रमोशन के बारे में उनकी लीगल कंप्लेंट सॉल्व नहीं हो जाती, और उनकी सर्विस को असरदार तरीके से एक्टिव नहीं रखा जाता, तब तक उनका रिटायरमेंट रोक दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि ब्रिगेडियर के पद पर उनके प्रमोशन के लिए आर्मी की मंज़ूरी उन दिनों को मानती है जो उन्होंने जेल और ट्रायल के दौरान गंवाए थे। अगर उनके करियर में रुकावट नहीं आई होती, तो उनके मिड-करियर में ऑफिसर्स पहले ही सीनियर लीडरशिप में कर्नल बन चुके होते। कुछ ऑब्ज़र्वर का कहना है कि वह नॉर्मल तरीकों से मेजर जनरल के रैंक तक पहुंच सकते थे।
राजनीति
पश्चिम बंगाल चुनाव : अमित शाह ने भाजपा का ‘भरोसा पत्र’ किया जारी, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

amit
कोलकाता, 10 अप्रैल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संकल्प पत्र का अनावरण किया।
घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों समेत सभी प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखा गया है। इसमें कई योजनाओं और नकद सहायता के वादे भी शामिल हैं।
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज कानून का राज स्थापित करने, रोजगार बढ़ाने और ‘सोनार बंगला’ के निर्माण का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, “यह संकल्प पत्र बंगाल के विकास का रोडमैप है, जो हर वर्ग के लोगों को नई दिशा देगा।”
अमित शाह ने राज्य की सत्ताधारी टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता पहले वामपंथी सरकार से परेशान होकर ममता बनर्जी को सत्ता में लाई थी। फिर उन्हें दूसरी और तीसरी बार भी मौका दिया गया लेकिन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में ‘सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ’ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। अमित शाह ने कहा कि आज वही जनता, जिसने कभी ममता बनर्जी का समर्थन किया था, अब खुद को असुरक्षित और निराश महसूस कर रही है और बदलाव चाहती है।
संकल्प पत्र को लेकर अमित शाह ने कहा कि यह किसानों को कृषि संकट से उबारने, बेरोजगार युवाओं को अवसर देने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में काम करेगा। साथ ही यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले हर नागरिक को नई उम्मीद और भरोसा देगा।
उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और बंगाल के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ लागू होगी। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हम घुसपैठियों की पहचान करेंगे, उन्हें सूची से हटाएंगे और देश से बाहर भेज देंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा। चावल, आलू और आम की खेती के लिए सहायता दी जाएगी। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण किया जाएगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल को एक अग्रणी औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र बनाया जाएग।
उन्होंने कहा कि भाजपा हर महिला को 3,000 रुपए देगी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी और बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपए दिए जाएंगे। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के साथ-साथ केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, ब्रैस्ट कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग), उत्तरी बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही एक ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ की स्थापना की जाएगी और धार्मिक रीतिरिवाजों के पालन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाला कानून बनाया एगा।
राजनीति
‘दो-चार दिनों में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर फैसला’, जदयू नेताओं ने नए मुख्यमंत्री को लेकर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली/पटना, 10 अप्रैल : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसी बीच, उनके इस्तीफे और बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर हलचल तेज हो गई है। जदयू नेताओं ने दावा किया है कि दो चार-दिनों में इस्तीफे को लेकर फैसला लिया जाएगा।
बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता विजय चौधरी ने शुक्रवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया था और जीते थे। इसके बाद वे आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।”
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा को लेकर विजय चौधरी ने कहा, “नीतीश कुमार शपथ लेने के बाद वापस पटना जाएंगे। वहां पर बैठक होगी और दो-चार दिनों में इस्तीफे को लेकर फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अगला मुख्यमंत्री वही होगा, जिसे एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा। चंद दिनों में इस बारे में फैसला होगा।
वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राज्यसभा के सदस्य के तौर पर नई पारी को लेकर नीतीश कुमार पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्होंने संकेत दे दिया है कि तीन चार दिनों में बड़े फैसले ले लिए जाएंगे। यह तय है कि आने वाले दिनों में एनडीए विधायी दल की बैठक और नए नेता के चयन के बाद बिहार में सभी फैसले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से ही लिए जाएंगे।”
बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे और देश की सेवा करेंगे। उन्होंने अब तक राज्य और देश, दोनों की सेवा की है। उनके मार्गदर्शन में बिहार में नई एनडीए की सरकार बनेगी और चलेगी।”
बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर राम कृपाल यादव ने कहा, “हमारे नेता तय करेंगे कि चेहरा कौन होगा और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस बारे में जल्द सबको पता चल जाएगा।”
जदयू विधायक जयंत राज कुशवाहा ने कहा, “वे पहले ही राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं और आज यह बस एक औपचारिकता है। वे आज शपथ लेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “आप देख सकते हैं कि पिछले 20 सालों में बिहार ने कितनी प्रगति की है। आने वाले 20-25 सालों में भी मुख्यमंत्री का कार्यकाल याद किया जाता रहेगा।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
