व्यापार
सेंसेक्स 35000 के स्तर को बनाए रखने में नाकाम, निफ्टी 10300 के ऊपर
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 35200 के ऊपर तक उछला, लेकिन सत्र के आखिर में 35000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा। हालांकि निफ्टी 10300 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद हुआ।
सेंसेक्स पिछले सत्र से 179.59 अंकों यानी 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 34,911.32 पर बंद हुआ और निफ्टी भी पिछले सत्र से 66.80 अंकों यानी 0.65 फीसदी की बढ़त बनाकर 10311.20 पर ठहरा।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 160.30 अंकों की बढ़त के साथ 34,892.03 पर खुला और 35,213.52 तक उछला जबकि कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 34794.40 रहा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र से 74.35 अंकों की बढ़त बनाते हुए 10318.75 पर खुला और कारोबार के दौरान 10,396.65 तक उछला जबकि निचला स्तर 10277.60 रहा।
बीएसई मिडकैपस सूचकांक पिछले सत्र से 258.83 अंकों यानी 2.02 फीसदी की तेजी के साथ 13,062.67 पर बंद हुआ और स्मॉलकैप सूचकांक 166.84 अंकों यानी 1.36 फीसदी की तेजी के साथ 12,443.95 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयरों में तेजी रही जबकि नौ शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच शेयरों में बजाज ऑटो (6.89 फीसदी), बजाज फाइनेंस (5.34 फीसदी), बजाज फिनसर्व (4.85 फीसदी), कोटक बैंक (4.14 फीसदी) और पावरग्रिड (3.76 फीसदी) शामिल रहे।
सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच शेयरों में एचडीएफसी (1.13 फीसदी), ओएनजीसी (0.99 फीसदी), टीसीएस (0.92 फीसदी), रिलायंस (0.70 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.50 फीसदी) शामिल रहे।
बीएसई के 19 सेक्टरों में से 18 सेक्टरों के सूचकांकों में तेजी रही जबकि एक सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच सेक्टरों में पावर (2.77 फीसदी), मेटल (2.69 फीसदी), हेल्थकेयर (2.26 फीसदी), बैंक इंडेक्स (1.93 फीसदी) और टेलीकॉम (1.86 फीसदी) शामिल रहे जबकि आईटी का सूचकांक (0.35 फीसदी) गिरावट के साथ बंद हुआ।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव के बीच केंद्र ने एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला तय किया; फार्मा, फूड और कृषि जैसे क्षेत्रों को मिलेगी राहत

gas
नई दिल्ली, 8 अप्रैल : केंद्र सरकार ने बुधवार को एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत फर्मा, फूड और कृषि के साथ अर्थव्यवस्था के लिए अहम सेक्टर्स को राहत मिलेगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक,अब फार्मा, फूड, पॉलीमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, हैवी वाटर, स्टील, बीज, मेट, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, ग्लास और एयरोसोल जैसे सेक्टर्स को बल्क एलपीजी मिलेगी।
इन इंडस्ट्रीज को मार्च 2026 से पहले की उनकी खपत का 70 प्रतिशत एलपीजी मिलेगी, हालांकि पूरे सेक्टर के लिए कुल सीमा 0.2 टीएमटी (थाउजेंड मीट्रिक टन) प्रति दिन तय की गई है।
सरकार के मुताबिक, जिन फैक्ट्रियों में एलपीजी की जगह प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल नहीं हो सकता, उन्हें पहले एलपीजी दी जाएगी।
साथ ही, इंडस्ट्रीज को तेल वितरक कंपनियों (ओएमसी) यानी तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा और पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के पास आवेदन करना होगा।
हालांकि, जहां एलपीजी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस का जरूरी हिस्सा है और उसकी जगह गैस नहीं आ सकती, वहां पीएनजी आवेदन की शर्त माफ कर दी गई है।
सरकार द्वारा राज्यों को पहले ही पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी का 70 प्रतिशत आवंटन किया जा चुका है। इसमें 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कोटा उन राज्यों को मिलेगा जो पीएनजी से जुड़े तय सुधार लागू करेंगे।
सरकार के अनुसार, सरकार ने राज्यों तीन जरूरी कदम उठाने को कहा है, जिसमें पहला- नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाना, दूसरा- 10 प्रतिशत रिफॉर्म-लिंक्ड एलपीजी अलोकेशन का फायदा जल्द से जल्द उठाना और तीसरा- कंप्रेस्ड बायो गैस से जुड़ी राज्य नीति को जल्द नोटिफाई करना शामिल है।
इससे पहले मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 23 मार्च से अब तक लगभग 7.8 लाख 5-किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सोमवार को देशभर में 1.06 लाख से अधिक 5-किलो के सिलेंडर बिके, जबकि फरवरी महीने में प्रतिदिन औसतन 7,7000 सिलेंडर बिके थे।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पिछले चार दिनों में 5-किलो सिलेंडरों के लिए लगभग 1,300 जागरूकता शिविर भी आयोजित किए, जिनमें 10,000 से अधिक सिलेंडर बिके।
व्यापार
युद्ध विराम के बाद शेयर बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, मार्केट कैप करीब 17 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

मुंबई, 8 अप्रैल : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र में दमदार तेजी देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,563.90 और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.35 पर था।
बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई। इसका नेतृत्व रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स ने किया। निफ्टी रियल्टी (6.75 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (6.69 प्रतिशत) की मजबूती के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी प्राइवेट बैंक (5.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (5.54 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (5.46 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरबेल्स (5.23 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (4.13 प्रतिशत) की मजबूती के साथ बंद हुआ।
कोई भी सूचकांक लाल निशान में बंद नहीं हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूत बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,799.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई गेनर्स थे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही लाल निशान में बंद हुए।
बाजार में तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़कर करीब 446 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 429 लाख करोड़ रुपए था।
वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार हुआ है और इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफलियो में ऐसे लार्जकैप को शामिल करना चाहिए, जिनकी आय मजबूत हो।
युद्ध विराम के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 14 प्रतिशत कम होकर 94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
राष्ट्रीय
राणा अयूब के संदेशों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स से मांगा जवाब

law
नई दिल्ली, 8 अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय में पत्रकार राणा अयूब से जुड़े एक मामले में अहम सुनवाई हुई है।
यह मामला वर्ष 2013 से 2017 के बीच उनके सामाजिक माध्यम पर किए गए संदेशों से जुड़ा है, जिनमें उन पर भारत विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राणा अयूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर को लेकर किए गए कुछ संदेशों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि ये संदेश अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति के प्रतीत होते हैं, जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स को निर्देश दिया है कि वे इन संदेशों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दें। साथ ही, यह भी बताएं कि आगे क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में देरी उचित नहीं है और इसे तुरंत सुना जाना जरूरी है।
न्यायालय ने राणा अयूब को भी नोटिस जारी किया है और उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक भावना और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों का जवाब समय पर आना जरूरी है।
साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल साइट एक्स को निर्देश दिया है कि वे अगले दिन तक अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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