राष्ट्रीय समाचार
इस वित्त वर्ष में 88 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक की गई नीलामी : केंद्र
नई दिल्ली, 28 दिसंबर। केंद्र सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 10 दिसंबर तक 88 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा चार चरणों में 24 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी की गई।
राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) ने 609.54 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 120 खनिज अन्वेषण और खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
खान मंत्रालय ने बताया कि “एमएमडीआर अधिनियम, 1957 की दूसरी अनुसूची में संशोधन 12 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की रॉयल्टी दर को सही बनाने के लिए किया गया था।”
पिछले सप्ताह, मंत्रालय ने भारत के अपतटीय क्षेत्रों में 13 खनिज ब्लॉकों को प्रदर्शित करने के लिए एक वेबिनार आयोजित किया, जिन्हें देश के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन) के भीतर विशाल समुद्री खनिज संपदा का दोहन करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल के तहत ई-नीलामी के लिए रखा जा रहा है।
नीलाम किए जा रहे 13 अपतटीय खनिज ब्लॉकों में केरल तट से 3 कंस्ट्रक्शन सैंड ब्लॉक और गुजरात तट से 3 लाइम मड ब्लॉक शामिल हैं।
ग्रेट निकोबार द्वीप समूह से 7 अन्य पॉलीमेटेलिक और नोड्यूल्स और क्रस्ट ब्लॉक भी प्रस्तावित पहली किश्त का हिस्सा हैं।
खान मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ई-नीलामी मंच के एमएसटीसी द्वारा वॉकथ्रू ने प्रतिभागियों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और बोली जमा करने के चरणों को शोकेस किया।
मंत्रालय ने कहा कि 7,500 किलोमीटर से अधिक समुद्र तट और 2.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले ईईजेड के साथ, भारत हिंद महासागर में खनिज अन्वेषण के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है, जो आर्थिक विकास और स्थिरता लक्ष्यों का समर्थन करता है।
चीन, जापान, नॉर्वे, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, पापुआ न्यू गिनी, नामीबिया अपतटीय खनन करने वाले प्रमुख देशों में से हैं। अपतटीय क्षेत्रों में प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, विशेष आर्थिक क्षेत्र और देश के अन्य समुद्री क्षेत्र शामिल हैं।
मंत्रालय को भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला , 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम स्थान (स्वर्ण) से भी सम्मानित किया गया।
राजनीति
जीडीपी के 7.8 प्रतिशत ग्रोथ को लेकर शरद पवार ने सरकार पर निशाना साधा, बोले- वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे

एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जीडीपी ग्रोथ को लेकर सांख्यिकीय तरीकों में ‘हेरफेर’ का आरोप लगाया।
शरद पवार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल-जून तिमाही के लिए 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रेट की हालिया घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि ये आंकड़े मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की आर्थिक स्थिरता के बारे में गलत नैरेटिव बना रही है।
पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था की स्थिति को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे यह समझने में नाकाम रहे हैं कि अर्थव्यवस्था असल में धीमी हो रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह आरोप भी लगाया कि वे घरेलू मुद्दों, जैसे कि तेजी से बढ़ती महंगाई और परिवारों की घटती बचत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पवार ने कई जरूरी क्षेत्रीय और कृषि संबंधी मुद्दों पर भी चिंता जताई।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी करते हुए शरद पवार ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। उन्होंने चीनी के आयात के खिलाफ सलाह देते हुए कहा कि इसके असर के बारे में कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता।
दूसरी ओर, उन्होंने महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की ओर से डेयरी सेक्टर में मिलावट के खिलाफ हाल ही में चलाए गए सख्त अभियानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भले ही दूध की कीमतें 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, लेकिन ग्राहक बेहतर क्वालिटी के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं, जिससे अंततः उत्पादकों को फायदा हो रहा है।
महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी का जिक्र करते हुए पवार ने पीने के पानी और बुवाई के कामों को लेकर आने वाले संकट के बारे में चेतावनी दी और सामूहिक राहत प्रयासों की अपील की। उन्होंने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 16 अक्टूबर के आसपास बारामती आने की संभावना है, जहां उन्हें स्थानीय पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और शिवसेना पार्टी के नाम व चुनाव चिह्न पर चल रही सुनवाई के बारे में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का जक्र करते हुए पवार ने कहा कि न्यायपालिका की सख़्त चेतावनियाँ सरकार के फ़ैसले लेने के गलत तरीके को उजागर करती हैं।
जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर एनसीपी (एसपी) का केंद्र सरकार पर निशाना साधना ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस पार्टी ने जीडीपी की गणना के बदले हुए तरीके पर सवाल उठाते हुए सरकार पर हमला तेजे कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार सिर्फ “आंकड़ों का खेल” खेल रही है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग समेत कई अर्थशास्त्रियों ने जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव पर आपत्ति जताई है और कहा है कि मौजूदा तरीके से ग्रोथ रेट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।
हालांकि, केंद्र सरकार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की रफ्तार को पचा नहीं पा रही है। इसके अलावा, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपने डेटा इकट्ठा करने और गणना करने के तरीकों का बचाव करते हुए कहा कि 7.8 प्रतिशत विकास दर का आंकड़ा तिमाही आर्थिक प्रदर्शन को सही ढंग से दिखाता है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हरे निशान में हुई। इस दौरान सेंसेक्स 154.60 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,724.95 और निफ्टी 83.50 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.95 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व बैंकिंग और वित्तीय शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था।
वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंजप्शन लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,165 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 168 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,981 पर था।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट गेनर्स थे।
दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे। केवल हांगकांग लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट से भारत के साथ वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना है। एफसीएनआर (बी) जमा में रिकॉर्ड 136 अरब डॉलर का निवेश आने के डॉलर के मुकाबले रुपए को सपोर्ट मिलेगा और विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ेगा। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की 9,500 करोड़ रुपए की खरीदारी से भी इसकी पुष्टि होती है।
राष्ट्रीय समाचार
पैरीमैच सट्टेबाजी मामले की जांच में ईडी ने चार राज्यों में 12 ठिकानों पर की छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘पैरीमैच’ के खिलाफ जारी जांच के सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में 10 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने पैरीमैच और अन्य से जुड़े मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में 12 जगहों पर तलाशी ली। महाराष्ट्र में पांच, राजस्थान में दो, गुजरात में एक और दिल्ली-एनसीआर में चार जगहों पर तलाशी ली गई।
एजेंसी के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, वे परिसर उन भुगतान कंपनियां से जुड़े थे, जिन पर कथित तौर पर कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) एजेंटों के जरिए सट्टेबाजी से मिली रकम को कैश में बदलने का आरोप था।
इस तलाशी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध धन प्रेषण और फर्जी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) ट्रांजैक्शन के जरिए देश से बाहर रकम ट्रांसफर करने में मदद की थी।
बताया गया कि बुधवार की छापेमारी के दौरान उन परिसरों की भी जांच की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पैरीमैच की ओर से फंड जुटाने और बांटने का काम किया था।
यह ताजा कार्रवाई ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से इसी साल मई में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर तलाशी लेने के कुछ महीनों बाद की गई है।
छापेमारी के दौरान, एजेंसी ने लगभग 1.56 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की, जिसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपए नकद शामिल थे। ईडी ने विभिन्न बैंक खातों में मौजूद लगभग 3.8 करोड़ रुपए भी फ्रीज कर दिए। तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए।
ईडी ने यह जांच मुंबई के साइबर थाने में पैरीमैच.कॉम के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए यूजर्स को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।
जांच टीम के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अधिक रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया और एक साल में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की।
जांच से पता चला कि पैरीमैच और उसके सहयोगी कथित तौर पर यूजर्स के धन को एकत्र करने, उसे कई स्तरों पर इस्तेमाल करने और ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’, भुगतान मध्यस्थों और वित्तीय समावेशन चैनलों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए काम करते थे।
जांच टीम ने यह भी पाया कि ऐप ने नए यूजर्स को आकर्षित करने और जोड़ने के लिए प्रमुख क्विक-कॉमर्स एप्लिकेशन के जरिए विज्ञापन दिए और ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल मटीरियल बांटा। ये विज्ञापन ऐप के इस्तेमाल और ऑर्डर प्लेसमेंट के दौरान रणनीतिक रूप से दिखाए जाते थे। ईडी ने कहा है कि उसने इस मामले में अब तक 112 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। आगे की जांच चल रही है।
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