राष्ट्रीय समाचार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल कंपनियों के सीईओ को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ कई दौर की बातचीत कीं और उन्हें भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए आमंत्रित किया। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से दी गई।
टिलमैन होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ संजीव आहूजा के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि हालिया बजट घोषणाओं सहित भारत की नीतिगत व्यवस्था डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देती है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रही वृद्धि का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर, हाई-कैपेसिटी नेटवर्क और भरोसेमंद बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग लगातार बढ़ रही है और टिलमैन जैसी कंपनियां भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के अगले चरण में भाग लेने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।
मार्श री के सीईओ डीन क्लिसुरा और कंपनी की रणनीति एवं कॉरपोरेट डेवलपमेंट प्रमुख देवांशु ध्यानी के साथ एक अन्य बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक प्रोफेशनल-सर्विसेज और रिस्क-मैनेजमेंट कंपनियों को एक बड़ा घरेलू बाजार, कुशल प्रतिभा, तेजी से विस्तार करता इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमताएं और लगातार सुधारों की दिशा में बढ़ता कारोबारी माहौल उपलब्ध कराता है।
वहीं, मार्श री की टीम ने भारत सरकार के सुधार केंद्रीय दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि कंपनी भारत में अपनी मौजूदगी को और बढ़ाने एवं विस्तार करने की योजना बना रही है।
कंपनी ने कहा कि भारत एक समान अवसर वाला बाजार उपलब्ध कराता है और यहां अच्छा नियामक आईआरडीएआई मौजूद है।
मार्श री ने यह भी बताया कि उसने गिफ्ट सिटी पर अपना फोकस मजबूत किया है और वहां वित्तीय इकोसिस्टम के साथ उत्पादों और सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही है।
वित्त मंत्री की बीएनवाई मेलन के ग्रुप सीओओ एलेजांद्रो पेरेज के साथ बैठक में भारत की मजबूत विकास यात्रा और वैश्विक वित्तीय संस्थानों द्वारा भारत में और अधिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
पेरेज ने भारत के प्रति बीएनवाई मेलन की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता और कंपनी की वैश्विक गतिविधियों तथा विकास रणनीति में भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखने की बात कही।
उन्होंने आईआईटी सहित प्रमुख भारतीय संस्थानों के साथ कंपनी की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं को विकसित करना और उन्हें बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि बीएनवाई मेलन के भारत में संचालन की भूमिका लगातार बदल रही है। भारत अब केवल एक डिलीवरी सेंटर के रूप में ही नहीं, बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उन्नत क्षमताओं के लिए एक रणनीतिक वैश्विक हब के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।
बैठक में भारत के बढ़ते वित्तीय इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) और गिफ्ट सिटी-आईएफएससी से पैदा होने वाले अवसरों पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बीएनवाई की टीम को गिफ्ट- आईएफएससी का दौरा करने और वहां उपलब्ध विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं के व्यापक अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।
राष्ट्रीय समाचार
सीजेपी का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, सौरव दास बोले-2800 अपराधियों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर दिल्ली में फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है।
सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है।
उन्होंने कहा, “ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।”
सौरव दास ने कहा कि आज वे इसलिए आए हैं क्योंकि उस घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पहले दिन से वे सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उनकी मांग है कि जो 2,800 गुंडे आए थे, उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
वही, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया। यह घटना खुलेआम हुई।
आशुतोष रांका ने कहा, “लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी।”
उन्होंने कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया। आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने दावा किया है कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। साथ ही, उसने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही।
इसी वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी, विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर फर्जी कॉल सेंटर के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सेक्टर-142 पुलिस ने सेक्टर-138 स्थित एक इमारत की तीसरी मंजिल पर संचालित अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्किंग उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर विदेशी सिम कार्ड और कंप्यूटर-मोबाइल के माध्यम से विदेशी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2/3 सितंबर की देर रात की गई। थाना सेक्टर-142 पुलिस को सेक्टर-138 के प्लॉट संख्या-58 स्थित एक इमारत की तीसरी मंजिल पर अवैध गतिविधियों के संबंध में जानकारी मिली थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर प्रभावी छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां कॉल सेंटर संचालित होता मिला। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंसूरी राशिद (26), तरुण मिश्रा (39) और चन्द्रकांत (39) के रूप में हुई है। मंसूरी राशिद गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है, जबकि तरुण मिश्रा राजस्थान के सिरोही जिले और चन्द्रकांत कर्नाटक के करवर क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कब से किया जा रहा था और अब तक कितने विदेशी नागरिकों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई में 9 सीपीयू, 9 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 9 माउस, 9 की-बोर्ड, 9 हेडफोन, एक राउटर और चार आईफोन बरामद किए गए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस कॉल सेंटर के संचालन, विदेशी नागरिकों से संपर्क और कथित धोखाधड़ी के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा फर्जी पहचान का इस्तेमाल और विदेशी सिम कार्ड के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क कर धोखाधड़ी की जा रही थी। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा पुलिस लगातार ऐसे फर्जी कॉल सेंटरों और साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान कॉल सेंटर से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क की जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को विदेशी सिम कार्ड और अन्य संसाधन कहां से उपलब्ध होते थे तथा ठगी से प्राप्त रकम को किस माध्यम से इस्तेमाल या ट्रांसफर किया जाता था।
राजनीति
राघव चड्ढा के वोट कटने पर सियासत तेज, आप ने एसआईआर की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पंजाब की मतदाता सूची से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ‘आप’ ने आरोप लगाया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अलग-अलग बयान जारी कर राघव चड्ढा के वोट कटने के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा।
आप की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा का नाम पंजाब की मतदाता सूची से एसआईआर प्रक्रिया के तहत काटा गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। उनके मुताबिक, पंजाब में करीब 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि देशभर में लगभग 13 करोड़ नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश के अलग-अलग राज्यों में इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं तो क्या इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि राघव चड्ढा को केवल अपने वोट की चिंता करने के बजाय पंजाब के उन लाखों लोगों की आवाज भी उठानी चाहिए, जिनके नाम मतदाता सूची से हटे हैं। उन्होंने कहा कि चड्ढा को पंजाब के लोगों ने राज्यसभा भेजा है और उनके प्रति उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया में बड़ी खामियां हैं और भाजपा के निर्देश पर यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
आप प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली के राजेंद्र नगर में बैक-डेटेड फॉर्म के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी वीआईपी के लिए नियमों को दरकिनार कर नाम जोड़ने का प्रयास किया जाता है तो यह उन आम मतदाताओं के साथ अन्याय होगा, जिनके पास ऐसे विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।
इस पूरे विवाद पर आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं, ऐसे में उनका वोट पंजाब में क्यों होना चाहिए। उन्होंने एसआईआर के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यदि सत्यापन के दौरान कोई व्यक्ति अपने पते पर नहीं मिलता है तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। भारद्वाज के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के तहत राघव चड्ढा का नाम पंजाब की सूची से हटाया गया।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में भी बड़ी संख्या में लोगों के वोट केवल इसलिए हटाए गए क्योंकि वे एक मकान से दूसरे मकान में चले गए थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी मकान में किराए पर रह रहा है और बाद में सामने वाले मकान में शिफ्ट हो जाता है तो उसका पता बदलने के कारण उसे एसआईआर फॉर्म नहीं दिया जाता और उसका नाम ‘शिफ्टेड’ दिखाया जा सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा राघव चड्ढा के वोट को लेकर चिंता जता रही है, लेकिन दिल्ली में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चुप है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है। भारद्वाज ने दावा किया कि उन्हें कुछ पत्रकारों से बातचीत के दौरान राघव चड्ढा के दिल्ली में बैक-डेट में वोट बनवाने की कथित कोशिश की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने जब चुनाव आयोग से इस संबंध में सवाल पूछा तो कथित तौर पर ऐसी प्रक्रिया को रोक दिया गया।
सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में एसआईआर से पहले की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में गरीब मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति अस्थायी रूप से दूसरे शहर या गांव चला जाता है तो केवल उस समय घर पर मौजूद नहीं होने के आधार पर उसका नाम हटाना उचित नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के पुराने ‘राइट टू रिजेक्ट’ के विचार को लेकर भी उन पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि चड्ढा पहले चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार की बात करते रहे हैं, इसलिए अब उन्हें यह सिद्धांत अपने ऊपर भी लागू करना चाहिए।
भारद्वाज ने कहा कि राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने राज्यसभा भेजा था। पार्टी छोड़ने के बाद उनके नैतिक अधिकार को लेकर सवाल उठना चाहिए। हालांकि, किसी सांसद की पार्टी बदलने या छोड़ने से उसकी राज्यसभा सदस्यता स्वतः समाप्त नहीं होती। ऐसे मामलों में संवैधानिक और कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।
सौरभ भारद्वाज ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उसकी पत्रकारिता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि अखबार के पत्रकारों को राघव चड्ढा के दिल्ली में कथित तौर पर बैक-डेटेड तरीके से वोट बनवाने की कोशिश की जानकारी मिली थी, लेकिन यह खबर प्रकाशित नहीं हुई।
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