Connect with us
Wednesday,16-September-2026
ताज़ा खबर

महाराष्ट्र

जब बालासाहेब ठाकरे ने की थी विस्थापित कश्मीरी पंडितों की मदद

Published

on

bala saheb

आज से तीन दशक पहले जब हजारों कश्मीरी पंडितों को अपना घरबार छोड़कर अन्य राज्यों को भागना पड़ा तो उनमें से कई लोग मुम्बई की मायानगरी में पहुंचे और बाला साहेब ठाकरे से मदद की गुहार की।

ये वो लोग थे, जो कश्मीर में अपनी मौत से भाग रहे थे। अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ भागने को मजबूर हुये इन लोगों में से अधिकतर के पास अपने बदन पर पहने कपड़ों के सिवा कुछ भी नहीं था। अपनी जिंदगी बचाने की जदोजहद से जूझ रहे इन विस्थापितों को समझ में भी नहीं आ रहा था कि वे अपने भविष्य की नींव अब किस आधार पर रखेंगे।

महाराष्ट्र लेकिन उनके लिये ऐसा राज्य साबित हुआ जिसने उनके स्वागत में अपनी बांहें खोल दीं और उन्हें इस नयी जमीन पर अपनी जड़ें जमाने का मौका दिया।

पुणे में सरहद नामक एक गैर सरकारी संगठन चलाने वाले संजय नाहर कहते हैं, उस वक्त रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पी एन हुन की अगुवाई में कश्मीरी पंडितों का एक प्रतिनिधिमंडल शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उनके सामने कश्मीरी पंडितों के पूरे हाल को बयान किया।

उन्होंने बाला साहेब से कहा कि वह अपने पद का इस्तेमाल करके कश्मीरी पंडितों को टेक्निकल और इंजीनियरिंग कोर्स में आरक्षण दें।

प्रतिष्ठित लेखक एवं पत्रकार राहुल पंडिता भी इसकी पुष्टि करते हुये बताते हैं कि कश्मीरी पंडितों के जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी लेकिन उन्होंने बाला साहेब ने आर्थिक मदद नहीं मांगी बल्कि वे कुछ ऐसा चाहते थे जिसे उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद मिले और वे आत्मनिर्भर हो पायें।

कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल को शिवसेना प्रमुख से मुलाकात कराने वाले कोई और नहीं बल्कि मौजूदा पार्टी प्रवक्ता संजय राउत हैं, जो उस वक्त युवा पत्रकार हुआ करते थे।

बाला साहेब तत्काल कश्मीरी पंडितों के इस प्रस्ताव पर सहमत हो गये जबकि विपक्षी दलों ने इस बात का माखौल भी उड़ाया।

नाहर कहते हैं कि आरक्षण देकर बाला साहेब ने कश्मीरी विस्थापितों को विश्वास से भर दिया और इससे करीब सात आठ हजार लोगों को लाभ हुआ।

पंडिता कहते हैं कि बाला साहेब ने बिना किसी शर्त के ये मदद की थी और न ही उन्होंने कभी कश्मीरी पंडितों को वोट बैंक के रूप में देखा। यह उनका पूरी तरह से स्वार्थहीन कदम था।

शिवसेना सांसद राउत उन दिनों की याद करते हुये कहते हैं कि जब पूरा देश आतंकवादियों के भय से चुप था तब मात्र बाला साहेब ने कश्मीरी पंडितों के मुद्दों पर बोला।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जब बाला साहेब से मिला था तो उन्होंने कश्मीरी पंडितों को आत्मरक्षा के लिये हथियार देने की भी बात की लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया और शिक्षा में आरक्षण देने का आग्रह किया । बाला साहेब ने राज्य में कश्मीरी विस्थापितों को पांच प्रतिशत का आरक्षण दिया। उनका दर्द जितना शिव सेना समझ सकती है, उतना कोई नहीं समझ सकता है।

आतंकवादियों द्वारा दिसंबर 1992 में मौत ही घाट उतार दिये गये सामाजिक कार्यकर्ता एच एन वानचू का भी कहना है कि जब कश्मीरी पंडितों के पास अपना कहने के लिये कोई नहीं था, तब मात्र बाला साहेब ने उन्हें जीवन दिया।

वानचू बताते हैं कि कई लोगों के पास कोई रुपया नहीं था, दोस्त नहीं था और वे महीनों से झुग्गियों में या गंदे मवेशीखानों में रह रहे थे। हमारा हमेशा से मानना था कि बच्चों के लिये शिक्षा जरूरी है लेकिन अपने घर से दूर उन्हें कैसे शिक्षित किया जाये, ये बहुत बड़ी चुनौती थी।

अपने परिवार में लगभग सबको खो देने के बावजूद अमित वानचू अब भी कश्मीर में ही रहते हैं।

राहुल पंडिता और वानचू दोनों का कहना है कि केंद्र सरकार में या दुनिया भर की कंपनियों में जिन शीर्ष पदों पर कश्मीरी पंडित बैठे हैं, वह महाराष्ट्र सरकार की दयानतदारी के कारण संभव हो पाया है।

वानचू कहते हैं कि बाला साहेब से प्रोत्साहित होकर पूरे महाराष्ट्र ने कश्मीरी पंडितों की मदद की। महाराष्ट्र में कितने ऐसे छात्र थे, जो अपना किराया नहीं चुका पाते थे लेकिन मकान मालिक चुपचाप उनका किराया माफ कर देते थे।

उन्होंने बताया कि वह जब बाला साहेब से 1994 में मिले तो उन्हें यह जानकर ताज्जुब हुआ था कि उन्होंने कश्मीर नहंी छोड़ा था।

नाहर बताते हैं कि मुम्बई, पुणे, औरंगाबाद, नासिक और अन्य शहरों में कई एनजीओ भी कश्मीरी विस्थापितों की मदद के लिये आगे आये उन्हें भोजन तथा कपड़े मुहैया कराया गया।

पंडिता और वानचू का कहना है कि बाला साहेब का ऋण हमेशा बना रहेगा और कश्मीरी विस्थापित हमेशा महाराष्ट्र को दूसरा घर मानेंगे।

कश्मीर विस्थापितों के लिये आरक्षण देने की बाला साहेब की पहल अब काफी आगे बढ़ गयी है और केंद्र सरकार भी कई तरह के आरक्षण देकर इनकी मदद कर रही है।

अपराध

मुंबई: मोबाइल सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले गोवा से गिरफ्तार, मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन।

Published

on

मुंबई: साइबर फ्रॉड करने वालों पर कार्रवाई के बाद, मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब गोवा से 7 और साइबर फ्रॉड करने वालों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इससे पहले, इसी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई जांच में हो रही प्रगति के आधार पर की गई। 11 सितंबर को, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर साइबर फ्रॉड में शामिल 03 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेक्शन 318(4), 61, 45, 3(5) बीएनएस इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के तहत मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू की। इसमें प्रगति के बाद, यूनिट 5 ने आगे की कार्रवाई की। आरोपी खुद अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग बैंकों में अपने और दूसरों के नाम से बैंक अकाउंट खोलते थे और इन बैंक अकाउंट को लिंक करने के लिए अपने और दूसरों के नाम से अलग-अलग सिम कार्ड खरीदते थे। इन बैंक अकाउंट को खोलने के बाद, वे इन अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए करते थे। इसके लिए वे अपने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम कार्ड और संबंधित बैंक अकाउंट से जुड़े दूसरे तरीकों को सीधे अपने कब्जे और कंट्रोल में रखते थे। उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 88 पासबुक, 143 चेक बुक, 100 एटीएम कार्ड, 24 मोबाइल, 167 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप ज़ब्त किए गए। इसके बाद, मामले की आगे की जांच में, टेक्निकल एनालिसिस और एआई के आधार पर, 13 सितंबर को गोवा राज्य के एक रिसॉर्ट में एक विला से साइबर फ्रॉड ऑपरेट कर रहे 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 1) अलग-अलग कंपनियों के 59 मोबाइल फोन, 2) अलग-अलग कंपनियों के कुल 19 सिम कार्ड, 3) 09 लैपटॉप, 4) 51 एटीएम, 5) 12 पासबुक और दूसरा सामान बरामद किया गया है। पता चला है कि आरोपियों ने अपना खुद का एप्लीकेशन बनाया है और उसका इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया है। कोर्ट ने आरोपियों को 24 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर दे दिया है। यह सफल ऑपरेशन मुंबई के पुलिस कमिश्नर देविन भारती, मुंबई के जॉइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) अनिल कंभारे, श्री एडिशनल कमिश्नर (क्राइम) कृष्णकांत उपाध्याय, डीसीपी राज तिलक रोशन ने किया।

Continue Reading

महाराष्ट्र

मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

Published

on

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के बीड जिले के पटोडा में रात 2:00 बजे एक बड़ी सभा को संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक शारीरिक थकान के कारण उन्हें मुंबई की ओर अपनी आगे की यात्रा रद्द करनी पड़ सकती है।

अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन जरांगे पाटिल ने कहा कि अगर समर्थक उनके पीछे गाड़ियों का काफिला लेकर चलते रहे, तो वह अपनी यात्रा रोक देंगे और या तो स्थानीय स्तर पर धरना शुरू करेंगे या अंतरवाली सराटी लौट जाएंगे।

रात करीब 1:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद मराठा समुदाय के हजारों लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनकी बात सुनने के लिए पूरी रात इंतजार करते रहे।

भीड़ को संबोधित करते हुए शारीरिक रूप से काफी कमजोर दिख रहे जरांगे पाटिल ने कहा कि 12 सितंबर को आईवी फ्लूइड (नसों के जरिए दी जाने वाली दवा/तरल पदार्थ) लेना बंद करने के बाद से वह बमुश्किल अपने हाथ-पैर हिला पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपने समुदाय के बच्चों के लिए लड़ने का असर मेरे शरीर पर पड़ा है, लेकिन मैंने आप लोगों के लिए सरकार से टक्कर ली है। सरकार चाहती है कि मैं घुटने टेक दूं, लेकिन क्या मुझे अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए? मेरा समुदाय किसी भी सरकार से बड़ा है – यह मेरे पिता के समान है। मेरे समुदाय में किसी भी सरकार को गिराने और नई सरकार बनाने की ताकत है।”

जरांगे पाटिल ने आंदोलन की प्रगति के बारे में बताया कि 58 लाख पुराने रिकॉर्ड (नोंदी) मिल गए हैं, जिससे लगभग 2.5 करोड़ समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का लाभ पाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी मुख्य मकसद सरकारी गजट हासिल करना है।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सीधा हमला किया और दावा किया कि उन्होंने हर कदम पर राजनीतिक चालों का मुकाबला किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिए गए हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर “उनकी जान लेने की साजिश रचने” का आरोप भी लगाया। पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बागों के मालिकों से जुड़े तर्क का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल किया, “सरकार का कहना है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बाग है लेकिन क्या ओबीसी समुदायों के पास बाग नहीं हैं? फिर उन्हें आरक्षण क्यों मिलता है?”

जरांगे पाटिल ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान रैली या दौरा करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे पटोडा से उनकी गाड़ी के पीछे न आएं बल्कि सीधे खोपोली में मिलें, वरना वे या तो अंतरवाली लौट जाएंगे या बीड जिले के पटोडा में ही अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू कर देंगे।

अपने परिवार के लिए एक संदेश में जरांगे पाटिल ने कहा, “मैंने अपने परिवार से आत्मसम्मान के साथ जीने को कहा है। मैंने अपने बेटे से कहा है कि अगर मैं समाज के लिए अपनी जान दे दूं, तो वह हिम्मत के साथ आगे आए। भले ही इस मकसद के लिए एक जान चली जाए, लेकिन हमारी जाति की गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए।”

पुलिस से सीधे बात करने की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी शारीरिक हालत ठीक रही, तो वे पटोडा से सीधे मुंबई जाना पसंद करेंगे, न कि लोगों के बड़े हुजूम के साथ।

Continue Reading

महाराष्ट्र

मुंबई: सड़कों और फुटपाथों पर विज्ञापन इस तरह न लगाएं कि पैदल चलने वालों के लिए बाधा उत्पन्न हो: नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े

Published

on

मुंबई गणेश उत्सव में मुंबई में गणपति के भक्तों की भारी भीड़ होती है और लोग बड़ी संख्या में इन उत्सवों में हिस्सा लेते हैं। यह ज़रूरी है कि जो लोग भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए अपने घरों से बाहर निकलते हैं, वे आसानी से पैदल आ-जा सकें। इसलिए, इस दौरान सड़कों या फुटपाथ पर ऐसे विज्ञापन नहीं लगाए जाने चाहिए जिससे पैदल चलने वालों को आने-जाने में दिक्कत हो। नगर निगम प्रशासन ‘पैदल यात्री पहले’ अभियान के तहत कई कदम उठा रहा है, जिसे पूरे मुंबई में बड़े पैमाने पर असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। इस अभियान में लोगों की अच्छी भागीदारी हो रही है और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। नागरिकों और दूसरे सभी लोगों से इस त्योहार के मौसम में इस कोशिश में सहयोग करने की अपील की गई है। नगर निगम कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने सभी से सड़कों और फुटपाथ पर बिना इजाज़त के विज्ञापन न लगाने और नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
नगर निगम कमिश्नर अश्विनी भिड़े के निर्देशों के तहत यह पक्का करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं कि मुंबई इलाके में श्री गणेश उत्सव के दौरान सबसे अच्छी सर्विस और सुविधाएं दी जाएं। इस संदर्भ में, गणेश उत्सव और नवरात्रि त्योहारों के दौरान कमर्शियल विज्ञापनों को दिखाने के बारे में खास नियम बनाए गए हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर भिड़े ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे ऐसे एडवर्टाइज़मेंट होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के लिए एक्शन लें, जो इन नियमों के पालन में रुकावट डालते हैं।
एडवर्टाइज़मेंट से जुड़े ज़रूरी नियम
गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव मंडलों को गुटखा, तंबाकू प्रोडक्ट्स या दूसरी बैन चीज़ों के एडवर्टाइज़मेंट दिखाने से सख्ती से बचना चाहिए। यह पक्का किया जाना चाहिए कि एडवर्टाइज़मेंट दिखाने से फुटपाथ पर पैदल चलने वालों या सड़कों पर ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए। मंडल अपने पारंपरिक एंट्रेंस के आर्च के ऊपरी हॉरिजॉन्टल हिस्से पर “भक्तों का हार्दिक स्वागत है” मैसेज दिखा सकते हैं। डोनर्स के कमर्शियल एडवर्टाइज़मेंट एंट्रेंस के दाएं और बाएं वर्टिकल पिलर पर दिखाए जा सकते हैं। सोशल और सिविक मैसेज दिखाकर पब्लिक अवेयरनेस को बढ़ावा देना चाहिए। श्री गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव मंडलों को पब्लिक इंटरेस्ट/हेल्थ मैसेज और कमर्शियल एडवर्टाइजमेंट दिखाने के लिए डिजिटल स्क्रीन (ज़्यादा से ज़्यादा 10 फीट x 10 फीट) लगाने की इजाज़त होगी, बशर्ते उन्हें ट्रैफिक डिपार्टमेंट और लोकल पुलिस स्टेशन से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) लेना होगा।

विसर्जन के बाद भी नियम लागू होंगे

संबंधित मंडलों को पब्लिक श्री गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान और विसर्जन के अगले दिन (मूर्ति को पानी में विसर्जित करने के बाद) खुद ही एडवर्टाइजमेंट होर्डिंग्स हटाने के लिए कदम उठाने होंगे। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने भी मंडलों से अपील की है कि वे पब्लिक त्योहारों की धार्मिक और सामाजिक भावना को बनाए रखते हुए सही तरीके से एडवर्टाइजमेंट दिखाएं और बताए गए नियमों का सख्ती से पालन करें।

Continue Reading
Advertisement
अपराध3 hours ago

मुंबई: मोबाइल सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले गोवा से गिरफ्तार, मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन।

खेल4 hours ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अंतरराष्ट्रीय समाचार5 hours ago

मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत ने जताई गहरी चिंता, क्षेत्र में जल्द शांति बहाली की उम्मीद

व्यापार6 hours ago

सोने और चांदी का दाम करीब 1.5 प्रतिशत तक बढ़ा, निवेशकों को फेड के फैसले का इंतजार

व्यापार7 hours ago

भारत का आवासीय बाजार स्थिर, हाउसिंग प्राइस इंडेक्स पहली तिमाही में 3.6 प्रतिशत बढ़ा

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

पश्चिम बंगाल में बनेंगे चार नए रीजनल एयरपोर्ट, 23 सितंबर को साइन होगा एमओयू

महाराष्ट्र9 hours ago

मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

खेल10 hours ago

शुरुआती जीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है, हम खिताब का बचाव कर सकते हैं: आर्सेनल डिफेंडर बेन व्हाइट

मनोरंजन10 hours ago

बिग बी ने मोतीलाल, सावित्री को किया याद, लिखा-उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

यूपीआई में एमडीआर आने से इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है फायदा: ब्रोकरेज

महाराष्ट्र2 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल2 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध2 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल2 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राजनीति3 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल3 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

व्यापार2 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन2 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

रुझान