अपराध
ओपियोड संकट को बढ़ावा देने को लेकर अमेरिका ने वॉलमार्ट पर किया मुकदमा
अमेरिकी न्याय विभाग ने देश में ओपियोड संकट के कथित रूप से खुदरा बिक्री को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए वॉलमार्ट पर मुकदमा दायर किया है। न्याय विभाग के अभियोजकों ने मंगलवार को दायर मुकदमे में कहा कि “वॉलमार्ट के फार्मेसियों ने नियंत्रित पदार्थों के हजारों प्रेसक्रिप्शन भरकर कानून का उल्लंघन किया है, वॉलमार्ट के फार्मासिस्टों को पता था कि यह अवैध है।”
न्याय विभाग सिविल पेनाल्टी की मांग कर रहा है, जो अरबों डॉलर में चल सकता है।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि वॉलमार्ट ने जानबूझकर अच्छी तरह से स्थापित नियमों का उल्लंघन किया, ताकि वह सुनिश्चित कर सके कि नियंत्रित-पदार्थों के प्रेसक्रिस्पशन वैध माने जाए और आवश्यक ‘फार्मासिस्ट जितनी जल्द हो सके प्रेसक्रिप्शन की अधिक मात्रा को लेकर प्रक्रिया शुरू करें।’
वहीं वॉलमार्ट ने अपने बयान में कहा कि कंपनी ने हमेशा हमारे फार्मासिस्टोंको समस्याग्रस्त ओपियोड प्रेसक्रिप्शन भरने से मना करने के लिए सशक्त बनाया है और संदिग्ध ‘सैकड़ों हजारों’ प्रेसक्रिप्शन भरने से इनकार किया है।
वॉलमार्ट ने कहा कि उसने ड्रग इन्फॉर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन को संदिग्ध डॉक्टरों के बारे में हजारों खोजी सुराग भेजे हैं।
कंपनी ने कहा कि उसने वॉलमार्ट फार्मेसियों के माध्यम से अपने प्रेसक्रिप्शन भरने से ‘हजारों संदिग्ध डॉक्टरों को प्रतिबंधित’ किया है।
हालांकि संघीय शिकायत में कहा गया है कि “वॉलमार्ट ने अपने फार्मेसियों को असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में नियंत्रित पदार्थों को बेचने के लिए उपलब्ध कराया है और ग्राहकों तक पहुंच बनाई, क्योंकि वे सिर्फ वॉलमार्ट स्टोरों में ही उपलब्ध थे।”
वॉलमार्ट अमेरिका में अपने स्टोर में 5,000 से अधिक फार्मेसियों का संचालन करता है।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशंस नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ स्टेटिस्टिक्स के अनुसार, अमेरिका में मई 2019 से इस साल मई तक सिंथेटिक ऑपियोइड की अधिक मात्रा के कारण होने वाले मौतें 81,000 से अधिक दर्ज की गई।
वॉलमार्ट ने अक्टूबर में कहा था कि उसे इस तरह के मुकदमे की धमकी दी गई थी।
उस समय वॉलमार्ट ने कहा था कि अमेरिका ‘अयोग्य आवश्यकताओं को लागू कर रहा है, जो किसी भी कानून में नहीं पाए जाते हैं।’
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1999 के बाद से करीब 450,000 लोग पर्चे में लिखे गए दर्द निवारक और अवैध दवाओं से संबंधित ओवरडोज के कारण मर चुके हैं।
अपराध
हरियाणा: 50 तक गिनती नहीं लिखने पर पिता ने साढ़े चार साल की बेटी को पीटा, मौत

फरीदाबाद, 24 जनवरी : हरियाणा के फरीदाबाद में साढ़े 4 साल की बेटी की पिटाई से मौत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी बच्ची को सिर्फ इसलिए पीटा, क्योंकि वह 50 तक गिनती नहीं लिख पा रही थी।
इतना ही नहीं, नौकरी पर गई पत्नी के सामने उसने कहानी बनाई कि बेटी खेलते समय सीढ़ियों से गिर गई थी। जब मां अस्पताल पहुंची तो उसने बच्ची के शरीर पर चोट के कई निशान देखे। बच्ची के चेहरे पर जगह-जगह नीले निशान थे। शक होने पर मां ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। सेक्टर 56 क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी पिता को एक दिन के रिमांड पर लिया है।
फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के खरंटिया गांव निवासी कृष्णा जैसवाल और उसकी पत्नी कई सालो से झाड़सेंतली गांव में किराए के मकान में रह रहे हैं। दोनों एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके एक 7 साल का बेटा और एक 2 साल की छोटी बेटी है। उनकी मझली बेटी साढ़े 4 साल की थी।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, दिन के समय कृष्णा घर पर रहकर बच्चों को संभालता था और रात को पति के नौकरी पर जाने के बाद उसकी पत्नी बच्चों की देखभाल करती थी। 21 जनवरी को दिन के समय कृष्णा जैसवाल घर पर बच्ची को पढ़ा रहा था। उसने बच्ची को 50 तक की गिनती लिखने के लिए दी, लेकिन जब बच्ची नहीं लिख पाई तो गुस्से में आकर उसने उसे बुरी तरह से पीट दिया।
पुलिस के मुताबिक, ज्यादा पिटाई के कारण बच्ची बेहोश हो गई, जिसके बाद कृष्णा उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। कृष्णा ने अपनी पत्नी को कॉल करके बुलाया और कहा कि बच्ची खेलते हुए सीढ़ियों से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्ची के शरीर पर निशान देखकर उसकी पत्नी को शक हुआ, जिसके बाद उसने मामले की सूचना पुलिस थाने में दी।
पुलिस ने शिकायत पर कृष्णा को हिरासत में ले लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बच्ची को पीटने की बात कबूल की। उसने बताया कि बेटी स्कूल नहीं जाती थी, इसलिए घर पर ही वह उसे पढ़ाता था। गिनती न लिख पाने के कारण गुस्से में उसने बेटी को ज्यादा पीट दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय
जॉर्जिया : गोलीबारी में चार लोगों की मौत, भारतीय दूतावास ने दुख जताया

अटलांटा, 24 जनवरी : अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने जॉर्जिया में हुई गोलीबारी की घटना पर दुख व्यक्त किया है। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक भारतीय नागरिक भी था। महावाणिज्य दूतावास ने उनके परिवार को पूरी मदद का आश्वासन दिया है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम गोलीबारी की घटना से बहुत दुखी हैं, जो कथित तौर पर पारिवारिक विवाद से जुड़ी थी, जिसमें पीड़ितों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। आरोपी शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जा रही है।”
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को सुबह लगभग 2:30 बजे ब्रूक आइवी कोर्ट के एक ब्लॉक में गोली चलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को घर के अंदर चार लोग घायल मिले थे, जिनकी बाद में मौत हो गई। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने उसे घरेलू झगड़े का मामला माना है।
पुलिस ने बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई तो घर के अंदर तीन छोटे बच्चे थे। बच्चों ने खुद को बचाने के लिए एक अलमारी में बंद कर लिया। इनमें से एक बच्चे ने गोलीबारी की सूचना दी। अधिकारी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए। यह डर था कि शूटर अभी भी घर में हो सकता है, इसलिए पुलिस ने तलाशी के लिए के-9 यूनिट तैनात कीं। अधिकारियों के अनुसार, बाद में एक पुलिस कुत्ते ने संदिग्ध का पता पास के जंगल में लगाया, जहां उसे हिरासत में ले लिया गया।
घटना के दौरान बच्चों को कोई चोट नहीं आई और बाद में उन्हें परिवार के एक सदस्य की देखभाल में सौंप दिया गया।
पुलिस ने संदिग्ध की पहचान अटलांटा के 51 वर्षीय विजय कुमार के रूप में की। वहीं, पीड़ितों की पहचान कुमार की पत्नी अटलांटा की 43 वर्षीय मीमू डोगरा, 33 वर्षीय गौरव कुमार, 37 वर्षीय निधि चंदर और 38 वर्षीय हरीश चंदर के रूप में की। ये सभी लॉरेंसविले के निवासी थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कथित तौर पर डोगरा और विजय कुमार के बीच अटलांटा में उनके घर पर बहस शुरू हुई। इसके बाद यह दंपति अपने 12 साल के बच्चे के साथ ब्रूक आइवी कोर्ट के घर गया, जहां बाद में गोलीबारी हुई।
अपराध
मुंबई: जुहू चौपाटी पर अनाधिकृत फोटोग्राफरों ने एक व्यक्ति की पिटाई की

मुंबई: भायंदर के एक व्यक्ति पर जुहू चौपाटी पर कथित तौर पर अनाधिकृत फोटोग्राफरों के एक समूह ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे ऐसे फोटोग्राफरों की बेरोकटोक मौजूदगी पर ध्यान केंद्रित हो गया है, जो अक्सर पैसे लेकर तस्वीरें खिंचवाने के लिए पर्यटकों को परेशान करते हैं। इस मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इसलिए, हमले का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
वीडियो में एक युवक को एक समूह द्वारा पीछा करते हुए देखा जा सकता है, जो अंततः उसे घेर लेते हैं और उसकी पिटाई और गाली-गलौज शुरू कर देते हैं। इस बीच, अन्य आगंतुक इस हमले पर सवाल उठाते सुनाई देते हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता। बताया जा रहा है कि उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। अधिकारियों ने बताया कि घटना का सटीक कारण पीड़ित से बात करने के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि जांच के आधार पर, सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव करने और शांति भंग करने के आरोप में हमलावरों और पीड़ित दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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