Connect with us
Sunday,09-August-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

भारतीय बाजार में हाल में हुई गिरावट के बाद वैल्यूएशन काफी आकर्षक : सेबी के वरिष्ठ अधिकारी

Published

on

मुंबई, 19 मार्च : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व कालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि हाल में हुई गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य स्थान हो सकता है।

वार्ष्णेय ने कहा,”पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण भारतीय बाजार में हुई गिरावट ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए एक आकर्षक अवसर प्रस्तुत किया है।”

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित रूस-भारत फोरम कार्यक्रम में बोलते हुए, वार्ष्णेय ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर भारतीय शेयरों में निवेश करने का “बेहद अच्छा अवसर” है। बेंचमार्क सूचकांक इस महीने 8 प्रतिशत से अधिक गिर गए हैं, जिससे निवेशकों की भावना प्रभावित हुई है, लेकिन साथ ही प्रवेश मूल्य में भी सुधार हुआ है।

उन्होंने आगे कहा,”नियामक प्रक्रिया को स्पष्ट करने और तकनीकी मुद्दों को हल करने पर काम कर रहा है ताकि रूसी निवेशकों के लिए भारत में निवेश करना आसान हो सके।”

वर्तमान में, बैंकों और वित्तीय संस्थानों सहित 23 रूसी संस्थाएं भारत में एफपीआई के रूप में पंजीकृत हैं और इक्विटी और डेट दोनों बाजारों में निवेश कर सकती हैं।

वार्ष्णेय ने यह भी बताया कि रूसी कंपनियां भारत में सहायक कंपनियां स्थापित कर सकती हैं और प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से धन जुटा सकती हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में, भारत में सूचीबद्ध सहायक कंपनियों का मूल्यांकन विदेशों में स्थित उनकी मूल कंपनियों से अधिक रहा है, जिससे भारत धन जुटाने के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है।

वार्ष्णेय ने बताया,“सेबी बाजार के प्रतिभागियों के साथ मिलकर ऐसी प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करने पर काम कर रहा है जिससे निवेशकों के लिए भारतीय बाजारों तक पहुंचना आसान और सस्ता हो जाएगा, जिससे भागीदारी बढ़ेगी।”

इसी कार्यक्रम में, एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन ने सुझाव दिया कि रूसी कंपनियां गुजरात के गिफ्ट सिटी में लिस्टिंग के अवसरों का पता लगा सकती हैं, जबकि रूसी बैंक इस वित्तीय केंद्र में परिचालन स्थापित करने पर विचार कर सकते हैं।

राष्ट्रीय समाचार

भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

Published

on

भारत की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया है। इसमें सबसे अधिक फायदा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को हुआ है। इसकी वजह सबसे बड़े सरकारी बैंक की ओर से वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के अच्छे नतीजे पेश करना था।

हालांकि, शीर्ष 10 में बाकी छह कंपनियों का मार्केटकैप 1.23 लाख करोड़ रुपए कम हुआ।

बीते हफ्ते सबसे ज्यादा मार्केटकैप वाली टॉप-10 कंपनियों में एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 63,922.03 करोड़ रुपए बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपए हो गया है। इस जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से एसबीआई भारत की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनियों की रैंकिंग में और ऊपर पहुंच गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यूएशन में 32,816.4 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका मार्केटकैप 18,01,925.19 करोड़ रुपए हो गया।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की वैल्यूएशन 31,875.35 करोड़ रुपए बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपए हो गई।

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का बाजार पूंजीकरण भी 14,637.76 करोड़ रुपर बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपए हो गया।

दूसरी ओर, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। इसकी मार्केट वैल्यूएशन 40,543.23 करोड़ रुपए घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपए रह गई।

बजाज फाइनेंस की मार्केट कैपिटलाइजेशन 37,168.96 करोड़ रुपए घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपए हो गई, जबकि एचडीएफीस बैंक की वैल्यूएशन में 24,183.16 करोड़ रुपए की कमी आई और यह 11,27,967.47 करोड़ रुपए पर आ गई।

आईसीआईसीआई बैंक की मार्केट कैपिटलाइजेशन 9,507.67 करोड़ रुपए घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपए रह गई, जबकि भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में 7,581.65 करोड़ रुपए की कमी आई और यह 12,22,423.98 करोड़ रुपए हो गई।

हिंदुस्तान यूनिलीवर भी पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल रही। इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,793.16 करोड़ रुपए घटकर 4,88,808.97 करोड़ रुपए रह गई।

दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार मामूली तेजी के साथ बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त हुई।

Continue Reading

व्यापार

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

Published

on

फैशन और लाइफस्टाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (एबीएफआरएल) को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में घाटे का सामना करना पड़ा। कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा (कंसो. नेट लॉस) सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत बढ़कर 248.73 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 233.73 करोड़ रुपए था।

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का कर-पूर्व घाटा भी बढ़कर 320.26 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 259.50 करोड़ रुपए था।

हालांकि, कंपनी की बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई। जून तिमाही में परिचालन से प्राप्त राजस्व (रेवेन्यू) 10.6 प्रतिशत बढ़कर 2,025.56 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 1,831.46 करोड़ रुपए था।

इसके बावजूद कंपनी की कुल आय की तुलना में खर्चों में अधिक वृद्धि हुई। तिमाही के दौरान कुल खर्च बढ़कर 2,395.45 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 2,148.75 करोड़ रुपए था। खर्चों की तेज बढ़ोतरी के कारण कंपनी का घाटा और बढ़ गया।

अन्य आय को शामिल करने के बाद कंपनी की कुल आय 2,081.58 करोड़ रुपए रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,895 करोड़ रुपए थी।

कंपनी के मालिकाना हिस्सेदारों के खाते में दर्ज शुद्ध घाटा 215.24 करोड़ रुपए रहा।

कंपनी के प्रदर्शन पर सबसे अधिक दबाव उसके एथनिक वियर और अन्य व्यवसायों से जुड़े सेगमेंट में देखने को मिला। इस सेगमेंट का घाटा बढ़कर 188.54 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 178.82 करोड़ रुपए था। हालांकि इस सेगमेंट का रेवेन्यू बढ़कर 830.79 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 754.57 करोड़ रुपए था।

दूसरी ओर, पैंटालून्स कारोबार ने मामूली लाभ दर्ज किया। इस सेगमेंट का मुनाफा 3.48 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 3.67 करोड़ रुपए था। पैंटालून्स का राजस्व बढ़कर 1,204.39 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 1,094.13 करोड़ रुपए था।

जून तिमाही में अंतर-सेगमेंट समायोजन से पहले कंपनी का कुल सेगमेंट राजस्व 2,035.18 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 1,848.70 करोड़ रुपए था।

शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत स्थिर रहा। शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का शेयर लगभग सपाट बंद हुआ और 63.41 रुपए पर कारोबार समाप्त किया। बीते 52 सप्ताह में कंपनी के शेयर ने 94.95 रुपए का उच्चतम स्तर और 53.51 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।

Continue Reading

व्यापार

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बेहतर तिमाही नतीजों से घरेलू बाजार ने दर्ज की लगातार दूसरी हफ्ते बढ़त, निवेशकों का भरोसा मजबूत

Published

on

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज की है। हालांकि सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन मुनाफावसूली देखने को मिली, फिर भी प्रमुख सूचकांक साप्ताहिक आधार पर सकारात्मक बढ़त के साथ बंद हुए।

सप्ताह के दौरान निफ्टी 0.77 प्रतिशत मजबूत हुआ, लेकिन शुक्रवार को इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,570 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 455 अंक यानी 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499 पर बंद हुआ। इसके बावजूद पूरे सप्ताह में सेंसेक्स ने 0.52 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।

वहीं, व्यापक बाजार ने मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.73 प्रतिशत उछल गया। यह दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों के साथ-साथ मध्यम और छोटी कंपनियों की ओर भी बढ़ रहा है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और कंपनियों से जुड़े सकारात्मक घटनाक्रमों के चलते निवेशकों का रुझान इस श्रेणी की कंपनियों की ओर बना रहा। दूसरी ओर, पीएसयू बैंकिंग शेयरों में बेहतर बुनियादी स्थिति और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

मेटल सेक्टर को देश में मजबूत मांग और आर्थिक विकास की बेहतर संभावनाओं का फायदा मिला। वहीं ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही, क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि आगामी त्योहारी सीजन में वाहनों की मांग मजबूत रहेगी।

सप्ताह की शुरुआत कुछ उतार-चढ़ाव के साथ हुई थी, जिसका कारण फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट में नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) व्यवस्था का लागू होना था। हालांकि निवेशकों और बाजार प्रतिभागियों के नई व्यवस्था के अनुरूप ढलने के बाद बाजार में स्थिरता लौट आई।

विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की धारणा को सबसे अधिक समर्थन कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से मिला। तेल सस्ता होने से भारत के लिए महंगाई और आयात लागत संबंधी चिंताओं में कमी आई है। इससे आर्थिक परिदृश्य बेहतर हुआ और निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वैश्विक स्तर पर भी बाजार को सहारा मिला। अमेरिका के श्रम बाजार से जुड़े अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों के बाद निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर दोनों में नरमी आई, जिससे उभरते बाजारों, विशेषकर भारत, के लिए निवेश माहौल बेहतर हुआ।

घरेलू मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किया, साथ ही विकास दर (जीडीपी ग्रोथ) का अनुमान थोड़ा बढ़ाया और महंगाई का अनुमान कुछ कम किया, जिससे यह संदेश गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।

इसके अलावा, जारी तिमाही नतीजों के सीजन ने भी बाजार को मजबूती दी है। अधिकांश कंपनियों के परिणाम बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रहे हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी बढ़ी और निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ।

आगे की दिशा को लेकर बाजार की नजर अब अमेरिका के रोजगार और महंगाई आंकड़ों पर रहेगी, जिनसे फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों के बारे में संकेत मिल सकते हैं। वहीं घरेलू स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई), थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और बैंक ऋण वृद्धि (क्रेडिट ग्रोथ) के आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति और महंगाई के रुख को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और कंपनियों के नतीजे मजबूत बने रहते हैं, तो आने वाले हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार को और समर्थन मिल सकता है।

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन4 minutes ago

जब सुनील शेट्टी ने खोला था एक्शन हीरो बनने का राज, बोले- ’75 प्रतिशत मेहनत और 25 प्रतिशत किस्मत का है खेल’

राष्ट्रीय समाचार7 minutes ago

जम्मू-कश्मीर में ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ की धूम, जम्मू से पुंछ तक निकाली गईं रैलियां

राष्ट्रीय समाचार9 minutes ago

भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

खेल2 hours ago

बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि

अपराध3 hours ago

नागपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री से 3 करोड़ रुपए का सोना जब्त, गिरफ्तार

राजनीति3 hours ago

विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का संदेश, आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है आप

राजनीति3 hours ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

व्यापार3 hours ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

पश्चिमी कनाडा में तेजी से फैल रही जंगल की आग, 20,000 से ज्यादा लोगों को खाली करने पड़े घर

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

हर घर तिरंगा अभियान के तहत रांची में मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला मार्च

अपराध2 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

खेल4 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन3 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

महाराष्ट्र1 week ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

राजनीति3 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

मनोरंजन1 week ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर हुईं रवाना, भारत के साथ संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

रुझान