राजनीति
यूपी चुनाव : अंतिम दौर की लड़ाई में मोदी और योगी के मंत्रियों की होगी परीक्षा
यूपी के चुनावी समर के आखिरी दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत पूर्वाचल के नौ जिलों की 54 सीटों पर चुनाव होगा। सातवें चरण में राजनीति के कई दिग्गजों के साथ मोदी के चार और योगी सरकार के सात मंत्रियों की परीक्षा होगी।
विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में मोदी सरकार के 4 मंत्रियों और भाजपा के पदाधिकारियों के राजनीतिक प्रभाव की भी परीक्षा है। इसमें से सबसे अहम रोल अपना दल (एस) की अध्यक्ष और मोदी सरकार में राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के कंधे पर इस चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी है। भाजपा ने अपना दल को गठबंधन में 17 सीटें दी हैं। उन्हें भाजपा ने बराबरी का दर्जा दिया है। यह चुनाव न केवल पूर्वांचल के कुर्मी वोट बैंक पर उनकी पकड़ बताएगा। बल्कि 2024 में गठबंधन में उनकी भूमिका भी बताएगा।
चंदौली से भाजपा सांसद और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय के संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं। 2017 में चंदौली जिले की मुगलसराय, सैयदराजा और चकिया सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, जबकि सकलडीहा में सपा जीती थी। पांडेय के कंधों पर पूर्वाचल के ब्राह्मणों को साधने के साथ अपने जिले और संसदीय क्षेत्र की सीट बचाने की जिम्मेदारी है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी दूसरी बार यूपी से राज्यसभा सदस्य हैं। पुरी ने सोनभद्र को अपना नोडल जिला बनाया है। 2017 में सोनभद्र की सभी चार सीट भाजपा गठबंधन के पास थी। हालांकि वो इतने सक्रिय नहीं रहे फिर भी पंजाबी वोटों को साधने की जिम्मेदारी थी।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मिर्जापुर के निवासी हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी का चुनावी रोडमैप तैयार करने में भी इनकी भूमिका रही है। इनके भी प्रभाव का आंकलन इसी चुनाव से हो जायेगा।
वहीं सातवें चरण के रण में उतरे योगी सरकार के पांच वर्तमान मंत्रियों में एक कैबिनेट, दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और दो राज्य मंत्री स्तर के हैं। तीन मौजूदा मंत्री तो वाराणसी की सीटों पर फिर चुनाव मैदान में हैं। सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर वाराणसी की शिवपुर सीट से फिर से मैदान में हैं। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल वाराणसी उत्तर, पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलकंठ तिवारी वाराणसी दक्षिण, आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीश यादव जौनपुर व ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल मीरजापुर की मड़िहान से चुनाव लड़ रहे हैं।
गाजीपुर के गाजीपुर सदर विधानसभा से मंत्री संगीता बलवंत तथा सोनभद्र के ओबरा विधानसभा क्षेत्र से मंत्री संजीव गोंड की प्रतिष्ठा दांव पर है। वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे दारा सिंह चौहान विधान सभा चुनाव की घोषणा के बाद मंत्री पद से त्यागपत्र देकर भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो चुके हैं। वह मऊ की घोसी सीट से सपा प्रत्याशी हैं।
सातवें चरण की बिसात की बात करें तो भाजपा ने 54 में से 48 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के 3-3 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, सपा भी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। सपा 45 सीटों पर अपना उम्मीदवार लड़ा रही है, तो सहयोगी के तौर पर सुभासपा 7 और अपना दल (कमेरावादी) दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 2017 में इस इलाके की 54 सीटों में से दो तिहाई भाजपा या उसके सहयोगी दलों को सीटें मिली थीं। पर, तब भाजपा को अपना दल के अलावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर का साथ मिला था। लेकिन अब वह सपा के साथ खड़े हैं। हालांकि उनकी सीट पर लड़ाई त्रिकोण है।
राजनीतिक पंडितों की मानें पूर्वांचल में जातीय जड़े बहुत गहरी हैं। इसलिए अभी यह कहना कि परिणाम किसके पक्ष में होंगे यह जल्दबाजी होगी। इसका पता तो दस मार्च को ही चलेगा।
महाराष्ट्र
मुंबई: शब बरात के बाद से नरेलवाड़ी कब्रिस्तान की सफाई कब्रिस्तान में खंभे ठीक किए गए, पार्षद वकार खान की टीम ने कब्रिस्तान की सफाई की

मुंबई: मुंबई शब-ए-बारात से पहले कब्रिस्तान की सफाई का काम चल रहा है। साउथ मुंबई वार्ड नंबर 211 के कॉर्पोरेटर वकार खान ने हाल ही में नरेलवाड़ी कब्रिस्तान के ट्रस्टियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान ट्रस्टियों ने बताया कि कब्रिस्तान में लगी छह हाई-मास्ट लाइटें पिछले आठ महीनों से बंद थीं, जिससे रात में काफी दिक्कतें हो रही थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वकार खान ने BMC के संबंधित अधिकारियों से बात की और समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की। शुरू में अधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए करीब 24 लाख रुपये के फंड की जरूरत है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है और इसे मंजूरी मिलनी है। बाद में वकार खान ने सीनियर अधिकारियों और वार्ड अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा, जिसके चलते सिर्फ दो दिनों के अंदर सभी हाई-मास्ट लाइटें फिर से चालू कर दी गईं। कब्रिस्तान के दौरे के दौरान यह भी देखा गया कि वहां गंभीरता से सफाई की जरूरत है। तो दो से तीन दिन के अंदर, वकार खान की लीडरशिप में, मदनपुर हनागपाड़ा के करीब 40 से 50 लोकल लोगों ने बिना किसी पॉलिटिकल मकसद के खुद कब्रिस्तान की सफाई का काम अपने हाथ में ले लिया। दो से तीन घंटे में करीब 50 कब्रों के आस-पास का एरिया साफ हो गया।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, यह तय किया गया कि रविवार, 1 फरवरी को एक बड़ा सफाई अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें 100 से 150 लोकल, नॉन-पॉलिटिकल लोग हिस्सा लेंगे।
यह सफाई अभियान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा, जिसका मकसद मुसलमानों की इस आखिरी आरामगाह को साफ, सुथरा और इज्ज़तदार बनाना है। यह अभियान पूरी तरह से पब्लिक सर्विस और धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी के तौर पर चलाया जा रहा है, जिसमें कोई पॉलिटिकल मकसद शामिल नहीं है।
राजनीति
महाराष्ट्र: दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

मुंबई, 31 जनवरी : एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उपख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लोकभवन में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है। लोकभवन में एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेने के दौरान मौजूद एनसीपी नेताओं ने ‘अजीत दादा अमर रहें’ के नारे लगाए।
इससे पहले दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के एनसीपी विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी।
एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा था कि सबसे जरूरी बात यह है कि पहले हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सभी विधायकों के साथ मिलकर यह तय करना था कि सुनेत्रा पवार को कैसे मनाया जाए।
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं क्योंकि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव भी होने वाले हैं। जितने भी उम्मीदवार चुनाव में खड़े किए, अजित पवार उन्हीं को जिताने के लिए दौरे कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।
विधायक सना मलिक ने कहा कि पार्टी में अगर अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो सुनेत्रा पवार ही हैं। वे पिछले दो साल से कार्यकर्ताओं के साथ खुद जुड़ी रहती थीं।
शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि संभावित विलय को लेकर दादा की कोशिशें चल रही थीं और हममें से कुछ लोगों को इसके बारे में थोड़ी जानकारी थी। कुछ नेताओं के बीच बातचीत हो रही थी और कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे थे कि अजित पवार और शरद पवार के साथ करीबी नेता बात करते दिख रहे थे। लेकिन मुलाकात के समय किन मुद्दों, गठबंधन और विलय को लेकर चर्चा हुई, इसका जवाब अजित पवार के निधन के बाद कोई देने वाला नहीं है।
राजनीति
सुनेत्रा पवार चुनी गईं एनसीपी विधायक दल की नेता, शाम 5 बजे लेंगी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

मुंबई, 31 जनवरी : दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) विधायक दल का नेता चुना गया है। वे शाम 5 बजे उपमुख्यमंत्री की शपथ लेंगी।
जानकारी के अनुसार, बैठक में वरिष्ठ एनसीपी नेता दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नेता के लिए सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। छगन भुजबल और अन्य नेताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
महाराष्ट्र लोकभवन में शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री की शपथ दिलाई जाएगी। पांच बजे सुनेत्रा के शपथ ग्रहण की जानकारी राजभवन को दी गई। सादगीपूर्वक शपथ ग्रहण होगा। बताया जाता है कि शाम करीब चार बजे राज्यपाल मुंबई पहुंचेंगे।
एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि पहले हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सभी विधायकों के साथ मिलकर यह तय करना था कि सुनेत्रा पवार को कैसे मनाया जाए। उसी के मुताबिक, शुक्रवार को वहां सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह यहां आईं।
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। क्योंकि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव भी होने वाले हैं। जितने भी उम्मीदवार चुनाव में खड़े किए, अजित पवार उन्हीं को जिताने के लिए दौरे कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।
विधायक सना मलिक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख के लिए सुनेत्रा पवार के नाम की चर्चा हुई। पार्टी में अगर अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो सुनेत्रा पवार ही हैं। वे पिछले दो साल से कार्यकर्ताओं के साथ खुद जुड़ी रहती थीं।
शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि संभावित विलय को लेकर दादा की कोशिशें चल रही थीं और हममें से कुछ लोगों को इसके बारे में थोड़ी जानकारी थी। कुछ नेताओं के बीच बातचीत हो रही थी और कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे थे कि अजित पवार और शरद पवार के साथ करीबी नेता बात करते दिख रहे थे। लेकिन मुलाकात के समय किन मुद्दों, गठबंधन और विलय को लेकर चर्चा हुई, इसका जवाब अजित पवार के निधन के बाद कोई देने वाला नहीं है।
विलय की अटकलों पर सना मलिक ने कहा, “मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुने जाते, दोनों पार्टियों का विलय मुश्किल है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
