अंतरराष्ट्रीय
पूरे सप्ताह गुलजार रहा शेयर बाजार, 4 फीसदी चढ़े सेंसेक्स, निफ्टी
देश का शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों और उत्साहवर्धक घरेलू कारकों से पूरे सप्ताह गुलजार रहा। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में बीते सप्ताह के मुकाबले चार फीसदी से ज्यादा की उछाल रही। सप्ताह के आखिर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजे को भी बाजार ने गर्मजोशी के साथ स्वीकार किया और उसपर सकारात्मक प्रतिक्रिया। वहीं, सप्ताह के दौरान देसी कंपनियों द्वारा जारी दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से भी घरेलू शेयर बाजार को सपोर्ट मिला। भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को पिछले सप्ताह के मुकाबले 1,812.44 अंकों यानी 4.68 फीसदी की मजबूत तेजी के साथ 40,509.49 पर बंद हुआ।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी बीते की क्लोजिंग के मुकाबले इस सप्ताह के आखिरी सत्र में 497.25 अंकों यानी 4.36 फीसदी की उछाल के साथ 11,914.20 पर बंद हुआ।
हालांकि, बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में साप्ताहिक आधार पर मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक पिछले सप्ताह से 47.7 अंकों यानी 0.32 फीसदी की कमजोरी के साथ 14,765.55 पर बंद हुआ जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 4.23 फीसदी फिसलकर 14,966.21 पर ठहरा।
सप्ताह की शुरुआत सोमवार को तेजी के साथ हुई और मजबूत करोबारी रुझान के बीच सेंसेक्स पिछले सत्र से करीब 276.65 अंक यानी 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ 38,973.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी बीते सत्र से 86.40 अंकों यानी 0.76 फीसदी की तेजी के साथ 11,503.35 पर ठहरा।
अगले दिन मंगलवार को शेयर बाजार की रौनक और बढ़ गई और जोरदार लिवाली आने से सेंसेक्स 600.57 अंकों यानी 1.54 फीसदी की उछाल के साथ 39,574.57 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 159.05 अंकों यानी 1.38 फीसदी की जबरदस्त तेजी के साथ 11,662.40 पर बंद हुआ। सप्ताह के तीसरे सत्र में बुधवार को सेंसेक्स पिछले सत्र से 304.38 अंकों यानी 0.77 फीसदी की तेजी के साथ 39,878.95 पर बंद हुआ और निफ्टी 76.45 अंकों यानी 0.66 फीसदी की तेजी के साथ 11,738.85 पर ठहरा।
सप्ताह के चौथे सत्र में गुरुवार को सेंसेक्स पिछले सत्र से 303.72 अंकों यानी 0.76 फीसदी की तेजी के साथ 40,182.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.75 अंकों यानी 0.82 फीसदी की तेजी के साथ 11,834.60 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में तेजी का यह सिलसिला सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को भी जारी रहा और सेंसेक्स पिछले सत्र से 326.82 अंकों यानी 0.81 की बढ़त के साथ 40,509.49 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी बीते सत्र से 79.60 अंकों यानी 0.67 फीसदी की तेजी के साथ 11,914.20 पर ठहरा। घरेलू शेयर बाजार लगातार सातवें सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ।
आरबीआई ने समायोजी रुख को बरकरार रखते हुए प्रमुख ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि एमपीसी ने प्रमुख ब्याज दर (रेपो रेट) चार फीसदी को बरकरार रखने का फैसला लिया है और रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। साथ ही, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) रेट और बैंक रेट 4.25 फीसदी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और चालू वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में पॉजिटिव ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जिससे बाजार उत्साहित हुआ।
इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ाने को लेकर जो उपायों की घोषणा की वह बाजार के लिए ज्यादा उत्साहवर्धक रहा। आरबीआई ने कहा कि वह ओपन मार्केट ऑपरेशंस यानी ओएमओ के जरिए सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इस माध्यम से केंद्रीय बैंक का लक्ष्य अर्थव्यवस्था में 20,000 करोड़ रुपये की तरलता डालना है।
साथ ही, आरबीआई ने एक लाख करोड़ रुपये की लांग टर्म रेपो ऑपरेशंस यानी टीएलआरओ का भी एलान किया।
व्यापार
शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह घरेलू बाजार में मजबूती रैली थी।
इस दौरान सेंसेक्स 1,284.61 अंक या 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,527.95 और निफ्टी 256.20 अंक या 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता में कमी आई, जिसमें भारत के साथ दुनिया के बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष एक शांति समझौता करने के अंतिम दौर में है। जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक डील हो सकती है।
समीक्षा अवधि में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एलएंडटी और एचयूएल के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई है, जबकि टीसीएस और एलआईसी के वैल्यूएशन में कमी देखने को मिली है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 56,223 करोड़ रुपए बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 38,571 करोड़ रुपए बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 36,138 करोड़ रुपए बढ़कर 9.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 18,367 करोड़ रुपए बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 14,380 करोड़ रुपए बढ़कर 11.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
एलएंडटी का मार्केटकैप 13,241 करोड़ रुपए बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 10,984 करोड़ रुपए बढ़कर 5.09 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, टीसीएस का मार्केटकैप 13,296 करोड़ रुपए घटकर 7.82 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एलआईसी का मार्केटकैप 822 करोड़ रुपए कम होकर 5.05 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
व्यापार
सोना एक हफ्ते में करीब 6,400 रुपये और चांदी 14,300 रुपये से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6,400 रुपये और 14,300 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,438 रुपये कम होकर 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,54,238 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को सुबह के सत्र में 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को सुबह के सत्र में 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 14,326 रुपये कम होकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,56,908 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को शाम के सत्र में 2,45,938 रुपये प्रति किलो देखा गया।
वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 68 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका – ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर रहना है। इसके साथ ही ब्याज दरों के बढ़ाने की आसान कहां है निवेशकों को सोने और चांदी में मुनाफा वसूली पर मजबूर किया है।
बीते एक वर्ष में सोने और चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। डॉलर में इस दौरान सोने ने 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
व्यापार
स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

एलन मस्क की अंतरिक्ष और सैटेलाइट कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्प (स्पेसएक्स) ने अपने अब तक के सबसे बड़े प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ इतिहास रच दिया है, जिससे यह सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनियों के टॉप लिस्ट में पहुंच गई है, और इसी के साथ कई रिपोर्टों के अनुसार, इसके संस्थापक एलन मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 970 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई है, जिससे वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति) बनने के और करीब आ गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स ने अपने शेयरों की कीमत 135 डॉलर प्रति शेयर तय की है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है, जिसके बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।
स्पेसएक्स के शेयर 12 जून को नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर ‘एसपीसीएक्स’ टिकर नाम से लिस्ट होकर कारोबार शुरू करेंगे।
आईपीओ की कीमत तय होने के बाद एलन मस्क की संपत्ति में लगभग 275 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे उनकी कुल संपत्ति 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है (ब्लूमबर्ग बिलियनर्स इंडेक्स के अनुसार)।
आईपीओ मूल्यांकन के आधार पर स्पेसएक्स में एलन मस्क की हिस्सेदारी और शेयर विकल्पों का मूल्य लगभग 688 अरब डॉलर आंका गया है।
नियामकीय दस्तावेजों के अनुसार, 1 मई तक मस्क के पास 84.94 करोड़ क्लास-ए शेयर और 557 करोड़ क्लास-बी शेयर थे। दोनों श्रेणियों को मिलाकर उनके पास कुल लगभग 642 करोड़ शेयर हैं।
आईपीओ पूरा होने से पहले स्पेसएक्स की दोहरी शेयर संरचना के कारण एलन मस्क कंपनी की लगभग 85 प्रतिशत वोटिंग पावर को नियंत्रित करते हैं।
कंपनी की शेयर संरचना के तहत क्लास-बी शेयर को 10 वोट का अधिकार मिलता है, जबकि क्लास-ए शेयर के पास केवल एक वोट का अधिकार होता है।
नियामकीय दस्तावेजों में कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों की हिस्सेदारी की जानकारी भी दी गई है।
एलन मस्क ने वर्ष 2002 में स्पेसएक्स की स्थापना की थी, और आज यह दुनिया की सबसे प्रमुख अंतरिक्ष कंपनियों में शामिल है।
कंपनी ने अपने पुन: उपयोग किए जा सकने वाले फाल्कन-9 और फाल्कन हेवी रॉकेट, ड्रैगन अंतरिक्ष यान और स्टारशिप लॉन्च कार्यक्रम के जरिए वैश्विक पहचान बनाई है।
स्पेसएक्स ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट कारोबार स्टारलिंक के जरिए भी तेजी से विस्तार किया है, जिसने कंपनी की आय और वैश्विक पहुंच को मजबूत किया है।
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