राष्ट्रीय समाचार
केंद्र ने इंडिगो को जारी किए निर्देश, रविवार रात 8 बजे तक रिफंड प्रॉसेस पूरा करना किया अनिवार्य
INDGO
नई दिल्ली, 6 दिसंबर: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को इंडिगो को सभी पेंडिंग पैसेंजर रिफंड बिना किसी देरी के जारी करने का निर्देश दिया है।
मंत्रालय की ओर से सभी रद्द और बाधित उड़ानों के लिए रिफंड प्रॉसेस को रविवार रात 8 बजे तक पूरा किए जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके साथ ही, एयरलाइन्स को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे उन यात्रियों से किसी तरह के रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लें, जिनका ट्रैवल प्लान कैसेंलेशन से प्रभावित हुआ है।
मंत्रालय ने साफ किया है कि रिफंड प्रॉसेसिंग में किसी भी प्रकार की देरी या अनुपालन न होने पर तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में यात्रियों को उनके सामान लौटाए जाने के निर्देश दिए हैं।
बयान में कहा गया है कि इंडिगो की ओर से रद्द और डिले की गई उड़ानों के यात्रियों के सामान को ट्रेस किया जाए और इसके बाद उनके सामान को 48 घंटों के भीतर उनके पतों पर भेजा जाए।
एयरलाइन्स को ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन को लेकर यात्रियों से क्लिर कम्युनिकेशन मेंटेन करने को कहा गया है। साथ ही, मौजूदा यात्री अधिकार नियमों के तहत जरूरत पड़ने पर मुआवजा देने को भी कहा गया है।
मंत्रालय ने कहा कि निर्बाध शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो को डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
इन सेल्स को प्रभावित यात्रियों से कॉन्टैक्ट करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे यात्रियों के रिफंड और दूसरे ट्रैवल अरेंजमेंट की प्रक्रियाओं को लेकर बिना मल्टीपल फॉलो-अप्स के सक्रियता से काम करें। परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड का सिस्टम एक्टिव रहेगा।
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस व्यवधान के दौरान यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एयरलाइन, हवाई अड्डों, सिक्योरिटी एजेंसियों और सभी परिचालन हितधारकों के साथ निरंतर कॉर्डिनेशन बनाए हुए है।
राजनीति
कॉकरोच जनता पार्टी ने राष्ट्रीय और जोनल नेतृत्व टीम का किया विस्तार, नई संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने संगठनात्मक ढांचे के बड़े विस्तार की घोषणा करते हुए नई राष्ट्रीय नेतृत्व टीम और जोनल कोऑर्डिनेशन कमेटियों का गठन किया है। पार्टी ने कहा कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना, राज्यों और क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और स्थानीय नेतृत्व का व्यापक नेटवर्क तैयार करना है।
पार्टी के अनुसार, नए संगठनात्मक ढांचे में देश के विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे सीजेपी की फील्ड स्तर की गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों की आवाज को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
संगठन संयुक्त सचिव के रूप में रेखा शर्मा, अक्षय शिंदे, प्रेम आकाश, अनाम उज्जमा और बालकृष्ण शुक्ला को नियुक्त किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर सुधीर सांगवान और सिद्धांत भारद्वाज को नियुक्त किया गया है।
जोनल कॉर्डिनेशन कमिटी में पूर्वी जोन: शेख मारुफ उद्दीन, देदीप्या गांगुली, शेख अब्दुल हाफिज, प्रकृति साहू, राकेश रंजन सामल, स्वप्निल मिश्रा, आशुतोष रंजन, खुशबू वहाब चौधरी, मयंक पांडेय, सतीश यादव, असलम खान, रसिका खरे, सचिन बरवाल, कृतिका कश्यप, मोहन यादव और रमन दीप। पश्चिमी जोन: डॉ. नितिन दिघे, एडवोकेट जयसिंह शेरे, दुर्गेश कुहिके, नीलाक्षी वानखेड़े, सरोश शेख, रोहित पटेल, अनिकेत शिवहरे, राम पटेल, वेद त्रिवेदी और प्रितेश चावड़ा। उत्तरी जोन: आदेश प्रधान गुर्जर, आजाद मोहित, मोहम्मद फरहान खान, विशेष कंवल, उज्ज्वल पांडेय, पूजा सेंटिस, आफताब सिंह विक, अर्चदीप सिंह कोचर, जाहिद अहमद माले, मेहविश अली, श्रेष्ठ सिंह खेड़ा, अजय देशवाल, डॉ. विवेक सांगवान, मुकेश ऑलराउंडर, राम शाखड़, हर्ष कार्तिकेय सिंह और एडवोकेट आरुषि चाई को शामिल किया गया है।
पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नई नियुक्तियां संगठन की पहुंच को देशभर में विस्तार देने, राज्यों और क्षेत्रों के बीच समन्वय मजबूत करने और एक अधिक संगठित जमीनी जनआंदोलन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
सीजेपी ने कहा, “इन समर्पित टीमों के माध्यम से हम अपने मिशन को सीधे जमीनी स्तर तक ले जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य आम लोगों के लिए एक मजबूत आंदोलन खड़ा करना, स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाना और ऐसा राष्ट्र बनाना है, जहां हर आवाज मायने रखे।”
पार्टी के मुताबिक, यह विस्तार देशभर में अपनी संगठनात्मक मौजूदगी मजबूत करने और आम नागरिकों की चिंताओं व आकांक्षाओं पर आधारित जन-आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय समाचार
वैश्विक रक्षा बाजार में भारत के लिए अपार संभावनाएं, एमएसएमई के जरिए मजबूत हो रही स्वदेशी रक्षा आपूर्ति शृंखला: एसोचैम

एसोचैम की राष्ट्रीय रक्षा और एयरोस्पेस परिषद (नेशनल काउंसिल ऑन डिफेंस एंड एयरोस्पेस) के चेयरमैन राजीव गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि देश उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए कितना दृढ़ संकल्प दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय संभावनाएं हैं, लेकिन इन अवसरों को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए उद्योग, सरकार और अन्य हितधारकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण पर एसोचैम के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह पहल रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को उद्योग की जरूरतों, देश की आवश्यकताओं और विकास को गति देने वाले प्रमुख कारकों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा, “एसोचैम की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारक यह समझ सकेंगे कि उद्योग की क्या जरूरतें हैं, देश की क्या अपेक्षाएं हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किन सक्षम कारकों की आवश्यकता है।”
राजीव गुप्ता ने कहा कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देश इन अवसरों को हासिल करने के लिए स्पष्ट रणनीति और प्रतिबद्धता नहीं दिखाता, तो वे केवल संभावनाओं तक सीमित रह जाएंगे।
उन्होंने कहा, “वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की वृद्धि इस बात पर निर्भर करती है कि हम भारतीय के रूप में क्या निर्णय लेते हैं। अवसर बहुत बड़े हैं, लेकिन यदि हम उन्हें हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं होंगे, तो वे केवल कागजों पर अवसर बनकर रह जाएंगे और कभी वास्तविकता में नहीं बदल पाएंगे।”
गुप्ता के अनुसार, सम्मेलन के दौरान रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और भविष्य में इसके विस्तार के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और आपूर्ति शृंखला को अधिक व्यापक बनाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग लगातार देश की सशस्त्र सेनाओं को ऐसे उन्नत उत्पाद उपलब्ध करा रहा है, जो भारत में विकसित किए गए हैं और कठिन परिचालन परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। इससे स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है।
राजीव गुप्ता ने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योग ने एक मजबूत घरेलू आपूर्ति नेटवर्क तैयार करने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है। इसके तहत बड़ी रक्षा कंपनियों ने अनेक एमएसएमई और स्थानीय आपूर्तिकर्ता साझेदारों को विकसित किया है, जिससे देश के भीतर ही रक्षा उत्पादन के लिए आवश्यक घटकों और प्रणालियों की उपलब्धता बढ़ी है।
उन्होंने कहा, “इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमने अनेक एमएसएमई और स्थानीय आपूर्तिकर्ता भागीदार विकसित किए हैं।” उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में स्थानीयकरण को और बढ़ाने तथा भारत के रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे।
राजनीति
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की राजनीतिक भूख बढ़ गई है : राम कृपाल यादव

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक बार फिर 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने वाली है। सीजेपी का दावा है कि सरकार ने जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इस पर बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने तंज कसते हुए कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की राजनीतिक भूख बढ़ गई है।
पटना में आईएएनएस से बातचीत में राम कृपाल यादव ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में खड़ा करने की कोशिश है। सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है, लेकिन शायद उनकी महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े लोग राजनीति और पद हासिल करने की अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते अलग राजनीतिक दुकान खोलना चाहते हैं।
बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक द्वारा छात्रों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर राम कृपाल यादव ने सही ठहराया।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान था। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा छात्रों के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। सरकार ने मामले में उचित कार्रवाई की है और सही फैसला लिया है। छात्रों के लिए इस तरह के शब्दों की कड़ी निंदा होनी चाहिए। एनडीए सरकार ने परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है।
छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की ओर से आवाज उठाए जाने पर राम कृपाल यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वह खुद ही अपने लिए मुद्दे खड़े करता रहता है। विपक्ष खुद ही एक मुद्दा बन गया है।
उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, हमने छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया है और उनके समाधान के लिए कदम उठाए हैं। छात्र सरकार के काम से संतुष्ट हैं, लेकिन विपक्ष ने इस मामले में केवल राजनीतिक लाभ के लिए हस्तक्षेप किया है।
राम कृपाल यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए इसमें शामिल हो गया है।
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