अंतरराष्ट्रीय
सिडनी वनडे : फिंच, स्मिथ के शतक, ऑस्ट्रेलिया ने दिया भारत को 375 रनों का विशाल लक्ष्य
कप्तान एरॉन फिंच (114) और स्टीव स्मिथ (105) की बेहतरीन शतकीय पारियों के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेले जा रहे पहले वनडे मैच में भारत के सामने 375 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। फिंच ने अपनी सलामी जोड़ीदार डेविड वार्नर (69) के साथ पहले विकेट के लिए 156 रनों की साझेदारी निभाई और फिर स्मिथ के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रन जोड़े। ग्लैन मैक्सवेल ने भी 19 गेंदों पर तेजी से 45 रन बना कर ऑस्ट्रेलिया को 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 374 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया। यह वनडे में ऑस्ट्रेलिया का भारत के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर है।
ऑस्ट्रेलिया को विशाल लक्ष्य तक पहुंचाने में भारतीय फील्डरों का भी योगदान रहा जिन्होंने कैच भी छोड़े और ग्राउंड फील्डिंग में भी कमी रखी।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। वार्नर ने सीरीज से पहले दिए गए अपने बयान को सही साबित किया और फिंच के साथ मिलकर पारी को बनाने पर ध्यान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत धीमी जरूर की लेकिन यह सुनिश्चित किया कि विकेट ना गिरे। दोनों ने भारत के गेंदबाजों को पूरी तरह से निराश किया जो पावरप्ले में लगातार चौथे वनडे मैच में विकेट नहीं ले पाए।
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी की तेज गेंदबाज तिगड़ी भी बेअसर रही और युजवेंद्र चहल तथा रवींद्र जडेजा की फिरकी भी।
दोनों बल्लेबाजों ने इस बीच अपने अर्धशतक पूरे किए। शमी ने आखिरकार भारत को पहली सफलता दिलाई। शमी की गेंद वार्नर के बल्ले का किनारा ले कर विकेटकीपर लोकेश राहुल के दस्तानों में जा समाई। वार्नर ने अपनी पारी में 76 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके लगाए।
स्टीव स्मिथ को जडेजा ने 15 के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू कर दिया। यहां स्मिथ ने रिव्यू लिया और अंपायर को फैसला बदलना पड़ा और फिर स्मिथ ने काफी आक्रामक खेल खेला। फिंच के साथ स्मिथ ने भारतीय बल्लेबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। इसी दौरान स्मिथ ने अर्धशतक और कप्तान फिंच ने अपना शतक पूरा किया।
फिंच 40वें ओवर की आखिरी गेंद पर बुमराह की गेंद को थर्डमैन के ऊपर से खेलने की कोशिश में राहुल को आसान सा कैच दे बैठे। कप्तान ने अपनी पारी में 124 गेंदों का सामना किया और नौ चौकों के अलावा दो छक्के लगाए। यह फिंच के वनडे करियर का 17वां शतक है।
आईपीएल में दमदार प्रदर्शन करने वाले मार्कस स्टोनिस, फिंच के बाद आए लेकिन पहली ही गेंद पर युजवेंद्र का शिकार बन गए। वह खाता नहीं खोल पाए।
फिर स्मिथ और मैक्सवेल ने दोनों छोर से तेजी से रन बटोरे। दोनों ने 57 रन जोड़े जिसमें से 45 सिर्फ मैक्सवेल के थे। मैंक्सवेल अर्धशतक पूरा नहीं कर सके। शमी ने उन्हें जडेजा के हाथों कैच करा दिया।
स्मिथ ने 61 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया जो वनडे में आस्ट्रेलिया की तरफ से तीसरा सबसे तेज शतक है। उनकी पारी का अंत शमी ने आखिरी ओवर में तीसरी गेंद पर किया। स्मिथ ने कुल 66 गेंदें खेली जिसमें से 11 पर चौके और चार पर छक्के मारे।
एलेक्स कैरी 13 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारतीय गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए। चहल ने 10 ओवरों में 89 रन खर्च कर सिर्फ एक विकेट लिया। बुमराह ने 10 ओवरों में 73 रन देकर एक विकेट हासिल किया। नवदीप सैनी ने भी 10 ओवरों में 8.3 की औसत से 83 रन लुटाए और सिर्फ एक सफलता हासिल की। शमी थोड़े तुलनात्मक तरीके से किफायती रहे। 10 ओवरों में शमी ने 59 रन दिए और तीन सफलताएं अर्जित कीं।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
