Connect with us
Saturday,31-October-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

शी जिनपिंग 2.0 अक्रामक मुद्रा में, भारत को देंगे चुनौती

Published

on

Chinese

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने महासचिव शी जिनपिंग के कद को पार्टी राज्य के संस्थापक कहे जाने वाले माओ त्से तुंग के अनुरूप करने के लिए एक और कदम उठाया है। हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि माओ के शासनकाल में उनकी नीतियों ने लाखों लोगों की जान ले ली थी और 1976 में उनकी मृत्यु के समय चीन पतन की कगार पर पहुंच गया था।

बीजिंग में मंगलवार को कूटनीति पर शी जिनपिंग के विचार किताब जारी की गई। प्रकाशन ने शी जिनपिंग विचार के लिए ‘नए युग’ के रूप में एक महत्वपूर्ण आयाम को बढ़ाया है जिसका अनावरण सीपीसी की 19वीं पार्टी कांग्रेस के दौरान अक्टूबर 2017 में किया गया था।

दो दशक के संयोजन के दौरान शी की हैसियत को माओ के अनुसार ऊंचा किया गया क्योंकि वह पीआरसी के संस्थापक के बाद एकमात्र चीनी नेता हैं जिनके विचार पार्टी के संविधान में निहित किए गए हैं। यहां तक कि शी की तुलना में चीन के सुधारों के वास्तुकार डेंग शियाओपिंग की स्थिति भी छोटी हो गई। पार्टी के संविधान में डेंग के सिद्धांत के योगदान को माओ और शी के विचार के एक पायदान नीचे मान्यता दी गई है।

शी को 2016 में ‘कोर’ नेता के रूप में भी नामित किया गया था। यह एक ऐसी उपाधि है जो माओ और देंग सहित शक्तिशाली चुनिंदा चीनी नेताओं के लिए आरक्षित रही है।

बीजिंग में मंगलवार को चीनी उच्च अधिकारियों ने फैसला किया कि कोरोना महामारी के बाद चीन की सत्ता में शी के सर्वोच्च अधिकार को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) में माओ जैसे अधिकार के रूप में फिर से पुष्ट किया जाना अब अति आवश्यक हो गया है।

चीन इन आरोपों की सुनामी का सामना कर रहा है कि उसने जानबूझकर या अनजाने में कोविड-19 महामारी फैलाई है जिसने सीपीसी को एक मौलिक विकल्प चुनने के लिए मजबूर किया है। पार्टी या तो घुटनों में चेहरा छिपाकर इन वैश्विक हमलों की अनदेखी कर सकती है या फिर इसके विपरीत वह आक्रामक रुख अपनाकर शी के नेतृत्व में पूर्ण राजनीतिक सामंजस्य के साथ अपनी सैन्य शक्ति को एक निवारक के रूप में प्रदर्शित कर सकती है।

इस दुविधा के बीच बीजिंग ने आक्रामक दृष्टिकोण अपनाने का फैसला किया। इसने एक साथ दो भौगोलिक थिएटरों में अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), जिसके कमांडर-इन-चीफ शी हैं, ने मजबूती से उभरते भारत के साथ सीधे तनाव में लद्दाख में घुसपैठ की। पश्चिम प्रशांत क्षेत्र में पीएलए नेवी (पीएलएएन) ने संसाधन संपन्न दक्षिण चीन सागर में अपने समुद्री दावों को लागू करने के लिए शक्ति दिखाना शुरू किया। एक तरफ भारतीय सशस्त्र बल लद्दाख में पीएलए के सामने डट गए, दूसरी तरफ अमेरिकियों ने सभी चीनी दावों को अस्वीकार करते हुए दक्षिण चीन सागर में दो विमान वाहक पोत भेजे। इस इलाके में वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, थाईलैंड और ब्रुनेई जैसे आसियान देशों के संप्रभुता के अपने-अपने दावे हैं।

इस परिदृश्य में चीन ने शी जिनपिंग के कूटनीति पर विचार को ‘शी जिनपिंग डिप्लोमैटिक थॉट रिसर्च सेंटर’ के गठन के साथ संस्थागत बनाने का फैसला किया। यह दुनिया को यह बताने के लिए है कि शी की अगुवाई में सीपीसी नेतृत्व पूरी मजबूती से काम कर रहा है और शायद कोविड-19 के बाद और भी मजबूत हुआ है।

केंद्र के उद्घाटन के दौरान चीनी विदेश मंत्री व स्टेट काउंसलर वांग यी ने भी आश्चर्यजनक रूप से खुलकर खुलासा किया कि शी का चीन एक मध्यकालीन साम्राज्य 2.0 की महत्वाकांक्षाएं रखता है। इस सिद्धांत के तहत चीन, पहले के शाही चीन की तरह, प्रमुख ‘सार्वभौमिक’ शासक बनने के लिए इच्छुक है, जो कई सहायक राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित (रेपलेनिश्ड) किया जाएगा और जिन्हें बदले में बीजिंग में रहने वाले ‘अधिपति’ (सुजैरेन) द्वारा सुरक्षा मिलेगी।

वांग ने मध्य साम्राज्य की आकांक्षाओं की गूंज के साथ कहा, “चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के सपने के साकार होने का आज जैसा समय पहले कभी नहीं आया।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शी जिनपिंग के चीनी विशेषताओं के साथ ‘डिप्लोमैटिक थॉट्स ऑन सोशलिज्म’ के नए युग में चीन एक ऐसे मंच पर आ गया जहां वह वैश्विक एजेंडा को आकार देने में नेतृत्व करेगा।

वांग ने कहा, “हम वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार का नेतृत्व करने के लिए पहल करते हैं, वैश्वीकरण के विकास को अधिक समावेशी और समावेशी दिशा में बढ़ावा देते हैं और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के विकास को और अधिक उचित दिशा में बढ़ावा देते हैं।”

चीन के मध्य साम्राज्य के सपनों को पूरा करने वाले ‘दो शताब्दी के लक्ष्यों’ में शी ने 19वीं पार्टी कांग्रेस के दौरान घोषणा की थी कि चीन 2020 में ‘मध्यम समृद्ध समाज’ और 2050 तक एक ‘बेजोड़ पूर्ण विकसित देश’ बन जाएगा, जो पीआरसी के गठन की शताब्दी को चिह्न्ति करेगा।

फाइनेंशियल टाइम्स के गिडियोन रैचमैन ने एलएसई आईडीईएएस स्पेशल रिपोर्ट के एक लेख में कहा, “अब यह साफ प्रतीत हो रहा कि चीनी राष्ट्रपति चीन को उसके उस पारंपरिक स्थान पर लौटाने की कोशिश कर रहे हैं जो उसके लंबे इतिहास में एशिया में उसके एक शक्तिशाली क्षेत्रीय शक्ति का रहा था।”

‘झेनगू’ या मध्य साम्राज्य की कल्पना के तहत, जिसे झोउ राजवंश से जोड़ा जा सकता है, माना जाता है कि चीनी शाही राजवंशों ने क्रूर सैन्य बल के साथ व्यापार और वाणिज्य किया था, जिसने उन्हें मध्य एशिया, कोरियाई प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों और पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में एक सहायक प्रणाली बनाने के लिए सक्षम किया था।

पूरी तरह से क्षेत्रीय या यू कहें कि वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने की चीन की कोशिश में, भारत अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ एक कठोर बाधा पेश कर रहा है।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मीडिया का हिस्सा चीनी वेबसाइट शिलू डॉट कॉम ने माना है कि 21 वीं सदी के उत्तरार्ध तक चीन का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी निश्चित रूप से भारत होगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अंतरराष्ट्रीय समाचार

भूटान की हिमनद झील के फटने से बंगाल-असम में बाढ़ की चेतावनी, प्रशासन सतर्क

Published

on

उत्तर-पश्चिमी भूटान में शिंताफू झील के फटने से पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारी इन दोनों राज्यों की ओर बहने वाली नदियों के किनारे स्थित संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहे हैं।

यह घटना गुरुवार शाम भूटान के गासा जिले में हुई। इससे गासा त्साचू में मौजूद बुनियादी ढाँचा बह गया। गासा त्साचू, मो छू नदी के पास स्थित एक लोकप्रिय प्राकृतिक गर्म पानी का स्रोत है। बाढ़ का पानी पहुँचने से पहले ही इस इलाके को खाली करा लिया गया था, इसलिए किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

मो छू नदी के उद्गम स्थल पर स्थित शिंताफू झील, भूटान की उन 17 हिमनद झीलों (ग्लेशियल लेक्स) में से एक है, जिन्हें संभावित रूप से खतरनाक माना गया है। इससे पहले 26 अगस्त 2021 को भी गासा त्साचू को अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा था, जब उफान पर बह रही मो छू नदी ने अपना रास्ता बदलकर गर्म पानी के स्रोत की ओर रुख कर लिया था।

रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ का पानी पुनाखा जोंग से लगभग आठ किलोमीटर दूर, काबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके से आगे निकल गया है, जिससे नदी के निचले इलाकों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भूटान ने पश्चिम बंगाल और असम के प्रशासन को इस हिमालयी देश की सीमा से लगे जिलों के लिए संभावित खतरे के बारे में सतर्क कर दिया है। असम का धुबरी जिला और पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग पहाड़ियां, अलीपुरद्वार तथा जलपाईगुड़ी को संवेदनशील इलाकों के रूप में चिह्नित किया गया है।

पश्चिम बंगाल में, कूच बिहार प्रशासन ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क कर दिया है। यह नदी उत्तरी भूटान से निकलती है और उस नदी प्रणाली का हिस्सा है, जो हिमालयी क्षेत्र से पानी को असम में ब्रह्मपुत्र नदी तक पहुंचाती है।

अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

अलीपुरद्वार जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार शॉ ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। आईएएनएस से बात करते हुए, एसपी शॉ ने गुरुवार को कहा, “लोग थोड़े घबराए हुए हैं। मेरी सभी से अपील है कि किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। हम अलर्ट मोड पर हैं, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और सभी एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, इसलिए कोई समस्या नहीं है। हमें उम्मीद है कि हम कोई समाधान निकाल लेंगे और जनता को हो रही परेशानियों को दूर कर देंगे।”

इस अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भूटान में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुनाखा के गुमा गेवोग के अंतर्गत डोचुखा-जोमलिंगथांग-रित्सा चिवोग इलाके में इस साल की शुरुआत में लगाए गए सौर-ऊर्जा संचालित सिंचाई लिफ्टिंग सिस्टम को मो छू नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।

एक स्थानीय नेता ने बताया कि सिंचाई प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि नुकसान कितना हुआ है।

इस बीच, बाढ़ के साथ बहकर आए मलबे ने जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा राजमार्ग के एक हिस्से को ढक दिया है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़) तब होती है, जब ग्लेशियर के पीछे हटने से बनी झील में जमा पानी अचानक बाहर निकल आता है – अक्सर ऐसा किसी प्राकृतिक बांध के टूटने के कारण होता है। ऐसी घटनाएं भारी बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप या ग्लेशियर के तेजी से पिघलने के कारण हो सकती हैं।

मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पीछे हटने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है, जिससे ग्लेशियर झीलों की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पानी का अचानक बाहर निकलना एक शक्तिशाली बाढ़ का रूप ले सकता है, जिससे नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, बुनियादी ढांचे और कृषि भूमि को खतरा पैदा हो सकता है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पाकिस्तान: नाले में गिरी बस, पांच की मौत और 27 घायल

Published

on

पाकिस्तान के पंजाब में गुरुवार को एक बस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 27 अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने आपातकालीन सेवा प्रदाता संस्था के हवाले से ये जानकारी दी।

प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन ने बताया कि देश की आपातकालीन सेवा प्रदाता संस्था ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार पंजाब के हाफिजाबाद जिले में एक यात्री बस के नाले में गिरने से हादसा हुआ।

रेस्क्यू दल ने बताया कि यह हादसा पिंडी भटियां तहसील के फतेहके इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि बस रायविंड से चिनियोट जा रही थी।

रेस्क्यू कर्मियों के मुताबिक, तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर का गाड़ी से नियंत्रण हट गया। हादसे के तुरंत बाद, ‘रेस्क्यू 1122’ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि उनमें से 20 लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

स्थानीय प्रशासन की मदद से एक क्रेन का इस्तेमाल करके बस को बाहर निकाला गया, जिसके बाद गाड़ी के नीचे से पांच लोगों के शव बरामद किए गए।

इस आशंका के बीच कि मलबे के नीचे और भी यात्री फंसे हो सकते हैं, रेस्क्यू टीमों ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा। इस बचाव अभियान में पांच रेस्क्यू वाहनों ने हिस्सा लिया।

एक हफ्ते में ये दूसरा भयावह बस हादसा है। पिछले हफ्ते, बलूचिस्तान में क्वेटा-कराची हाईवे पर उथल के पास ‘जीरो पॉइंट’ के निकट एक मिनीबस और यात्री कोच की आमने-सामने की टक्कर में 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और 24 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

इससे पहले राजनपुर जिले की रोजहान तहसील में इंडस हाईवे पर एक यात्री बस सड़क के डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी और 44 अन्य घायल हो गए थे।

वहीं, मीडिया आउटलेट जियो न्यूज के अनुसार नहर या नाले में गिरने से हुए हादसों की ये नई कड़ी है। इसी साल जून 2026 में धर्मपुरा-चौबचा फाटक (लाहौर) के पास एक तेज रफ्तार यात्री वैन के नहर में गिर जाने से सात लोग घायल हो गए थे।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स के बीच रक्षा सहयोग पर चर्चा

Published

on

फिलीपींस के सेबू में बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम-प्लस) से इतर हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच उपयोगी बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें एडीएमएम-प्लस बैठक से इतर ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स से मिलकर प्रसन्नता हुई।

राजनाथ सिंह ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के व्यापक रणनीतिक साझेदारी संबंधों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देता है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करना इस बातचीत का प्रमुख उद्देश्य रहा। सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल से संयुक्त सैन्य गतिविधियों और अभियानों में सहयोग बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। राजनाथ सिंह 28 और 29 अक्टूबर को सेबू में आयोजित 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक में हिस्सा लेने के लिए फिलीपींस के दौरे पर हैं। इस मंच पर भारत सहित आसियान देशों और उनके आठ संवाद साझेदारों के रक्षा मंत्री रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। भारत इस मंच के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग और हिंद-प्रशांत में स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

गौरतलब कि यहां राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी वार्ता की है। भारत और अमेरिका ने रक्षा तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के 10 वर्षीय रक्षा ढांचे के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की।

बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ उनकी बैठक बेहद अच्छी रही। दोनों पक्षों ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढांचे के तहत अब तक हुई प्रगति पर चर्चा की। इस ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच सैन्य तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलता है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र15 hours ago

मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में 66 लाख रुपए का हाइड्रो गांजा बरामद, तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

हरियाणा पुलिस की समीक्षा बैठक, डीजीपी ने सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम पर दिया जोर

राजनीति16 hours ago

संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी नियुक्ति पर जयराम रमेश का आरोप

खेल16 hours ago

शुरुआत में हमारी गेंदबाजी में कुछ कमी रह गई, चौथे टी20 में हार के बाद बोले कप्तान श्रेयस अय्यर

महाराष्ट्र16 hours ago

महाराष्ट्र में मतदाता सूची सत्यापन के लिए अतिरिक्त अवसर, सुधार के लिए 13 नवंबर तक करें आवेदन : सीएम देवेंद्र फडणवीस

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही के अनधिकृत इस्तेमाल और व्यावसायिक शोषण पर सख्ती की मांग की

महाराष्ट्र16 hours ago

महाराष्‍ट्र: पुणे-सोलापुर हाईवे पर हादसे के बाद एक्शन, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने जांच के दिए आदेश

राजनीति16 hours ago

दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन ने राहुल गांधी से की 1 नवंबर की रैली टालने की अपील

मनोरंजन16 hours ago

केदारनाथ दर्शन विवाद पर सारा अली खान के समर्थन में सोनिया बंसल, बोलीं- ‘मंदिर में सिर झुकाने से किसी को क्या परेशानी’

मनोरंजन16 hours ago

सुकेश चंद्रशेखर केस में नोरा फतेही की गवाही, 2 नवंबर को कोर्ट में होना होगा पेश

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन3 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति3 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल4 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

मनोरंजन4 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

व्यापार4 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

राजनीति3 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

रुझान