Connect with us
Friday,30-October-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

टेस्ला ने भारत में मॉडल वाई के लिए लॉन्च किया ‘हैलोवीन मोड’

Published

on

टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को मॉडल वाई और मॉडल वाईएल के लिए एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट लॉन्च करने की घोषणा की। इसमें हैलोवीन थीम पर आधारित कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं।

एलन मस्क के नेतृत्व वाली कंपनी के अनुसार, इस अपडेट के जरिए टेस्ला की गाड़ियों में नए फीचर्स और सुधार दूर बैठे ही उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों को सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी।

कंपनी ने बताया कि हैलोवीन मोड में भूत की थीम वाला व्हीकल अवतार, हैलोवीन से जुड़े विशेष साउंड इफेक्ट्स, खास लाइटिंग सीक्वेंस, मौसमी व्हीकल रैप और थीम आधारित लॉक साउंड शामिल हैं।

इस अपडेट में ‘ट्रिक ऑर ट्रीट मोड’ भी पेश किया गया है। इसके सक्रिय होने पर किसी व्यक्ति के गाड़ी के पास आने पर विशेष साउंड और लाइटिंग इफेक्ट्स शुरू हो जाते हैं।

कंपनी के मुताबिक, अन्य फीचर्स में फोटोबूथ फंक्शन और वॉयस मैसेजिंग फीचर शामिल हैं। इसके जरिए यूजर्स टेस्ला ऐप से बोलकर संदेश भेज सकते हैं और गाड़ी उस संदेश को अपनी आवाज में सुनाती है।

टेस्ला ने कहा कि ग्राहक देशभर में उसके एक्सपीरियंस सेंटरों पर इन नए फीचर्स का अनुभव कर सकते हैं।

कंपनी फिलहाल नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई में एक्सपीरियंस सेंटर संचालित कर रही है। इसके अलावा पुणे और अहमदाबाद में उसके अधिकृत कोलिजन सेंटर भी हैं।

इससे पहले अक्टूबर में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने स्पेसएक्स की टेक्सास स्थित एक फैसिलिटी में रोडस्टर स्पोर्ट्स कार के नए वर्जन को पेश किया था। इस दौरान कार का प्रोटोटाइप कुछ समय के लिए जमीन से हवा में उठता दिखाई दिया था।

मस्क द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में गाड़ी को एक ऊंचे घुमावदार ट्रैक पर चलते हुए दिखाया गया। इसके बाद कार थोड़ी दूरी तक हवा में उड़ी और सुरक्षित रूप से जमीन पर उतर गई। इस प्रदर्शन के बाद इसकी तुलना उड़ने वाली कार से की गई थी।

राष्ट्रीय समाचार

पीएनबी ग्रेटर नोएडा फ्रॉड: बैंक ने खाताधारकों के शिकायतों का लिया संज्ञान, अब तक 43 लाख रुपए का किया निपटारा

Published

on

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने ग्रेटर नोएडा शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और बचत खातों से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही है। बैंक ने शुक्रवार को बताया कि मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और अब तक 43 लाख रुपए के दावों का निपटारा किया जा चुका है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में बैंक ने कहा कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और संबंधित एजेंसियों को पूरा सहयोग प्रदान कर रहा है। बैंक के अनुसार, तथ्यों का सत्यापन, कथित अनियमितताओं की सीमा का आकलन और प्रभावित ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

पीएनबी ने बताया कि अब तक तीन दावों का निपटारा किया गया है, जिनकी कुल राशि 43 लाख रुपए है। बैंक ने आश्वासन दिया कि सभी वास्तविक और वैध दावों का सम्मान किया जाएगा तथा ग्राहकों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।

बैंक ने दोहराया कि वित्तीय धोखाधड़ी, अनियमितताओं और कदाचार के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैंक ने यह भी कहा कि वह ग्राहकों के हितों की सुरक्षा, परिचालन की पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ग्रेटर नोएडा की सेक्टर पी-1 शाखा के कई ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि उनके खातों से बिना अनुमति बड़ी रकम निकाल ली गई। प्रभावित खाताधारकों का दावा है कि उनके खातों से करोड़ों रुपए तक की राशि गायब हो गई।

ग्राहकों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद बैंक ने शाखा के पूरे स्टाफ को बदल दिया और उन्हें भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इससे पहले, एक खाताधारक सोनू ने आरोप लगाया कि उनके खाते से करीब 90 लाख रुपए गायब हो गए। उनका कहना है कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें धनराशि के गायब होने के कारणों के बारे में जानकारी दी है और पैसा वापस करने का आश्वासन भी दिया है।

एक अन्य ग्राहक राहुल ने दावा किया कि उनकी मां के खाते से लगभग 51 लाख रुपए बिना अनुमति निकाल लिए गए। उन्होंने कहा कि खाता किसी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था, जिसके कारण परिवार को लेनदेन संबंधी कोई अलर्ट नहीं मिला।

इसी तरह, सोनू सागर ने आरोप लगाया कि उनके पिता के खाते में लगभग 88 लाख रुपए की राशि थी, जो घटकर केवल 1,290 रुपए रह गई। उनका दावा है कि यह कथित गबन कई वर्षों से जारी था।

प्रभावित ग्राहकों ने मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। कुछ खाताधारकों का आरोप है कि अनियमितताओं की शिकायत करने के बाद बैंक अधिकारियों ने पहले उन्हें एक-दो दिन बाद आने के लिए कहा। बाद में जब वे शाखा पहुंचे तो वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं थे और सामान्य बैंकिंग गतिविधियां भी प्रभावित थीं।

फिलहाल बैंक की ओर से जांच जारी है और ग्राहकों को आश्वासन दिया गया है कि प्रत्येक शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

ईएसआईसी ने 31 दिसंबर तक बढ़ाई एमनेस्टी स्कीम की अवधि, कोर्ट के बाहर सुलझ सकेंगे विवाद

Published

on

भारत सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने नई एमनेस्टी स्कीम 2025 की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है, ताकि नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को लंबित मामले सुलझाने के लिए ज्यादा समय मिल सके।

विभिन्न हितधारकों के सुझावों की समीक्षा के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने इसकी समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। पहले यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक थी, अब इसे मौजूदा नियमों और शर्तों पर तीन महीने और बढ़ाकर 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है।

नई एमनेस्टी स्कीम एक वन-टाइम विवाद समाधान पहल है, जिसका मकसद कोर्ट में लंबित मामलों के बैकलॉग को कम करना और पुराने ईएसआई एक्ट के तहत अनुपालन को बढ़ावा देना है।

यह योजना नियोक्ताओं को ईएसआईसी के साथ कानूनी विवादों को कोर्ट के बाहर सुलझाने के लिए एक व्यवस्थित तरीका देती है। ‘नई एमनेस्टी स्कीम, 2025’ विवाद समाधान का एक व्यावहारिक और नियोक्ता-अनुकूल रास्ता है और यह कारोबार करने में आसानी बढ़ाने के साथ-साथ ईएसआईसी से जुड़े नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के सरकार के बड़े लक्ष्य का भी समर्थन करती है।

इस स्कीम के तहत तदर्थ आकलन का निपटान वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान करके किया जा सकता है, इस पर कोई हर्जाना नहीं लगाया जाएगा। जिन मामलों में नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है, उनमें विवादित हर्जाने का 10 प्रतिशत भुगतान करने पर केस वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही ईएसआईसी द्वारा रिकॉर्ड जमा न करने या देर से भुगतान के लिए दायर किए गए मामले, जिनका बाद में अनुपालन कर दिया गया था, वे भी कोर्ट की अनुमति से वापस ले लिए जाएंगे।

आधिकारिक बयान के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक दायर किए गए कोर्ट केस इस योजना के तहत पात्र हैं। इस स्कीम की अवधि बढ़ने से पात्र नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को इसका लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

श्रम मंत्रालय ने कहा, “सभी संबंधित हितधारकों को सलाह दी जाती है कि वे 31 दिसंबर 2026 को बंद होने से पहले बढ़ाई गई इस अवधि का लाभ उठाएं।”

इस बीच केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था कि भारत कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के जरिए 25 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रहा है।

Continue Reading

व्यापार

म्यूचुअल फंड्स में एक नवंबर से डिफॉल्ट होगा डायरेक्ट प्लान, निवेशकों को मिलेगा ज्यादा रिटर्न

Published

on

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड स्कीमों में एक नवंबर से डायेक्ट प्लान डिफॉल्ट होंगे। यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे की ओर से दी गई।

साथ ही, कहा कि एएमसी को उन ग्राहकों को अधिक एक्सपेंस रेश्यो की जानकारी देनी होगी, जो कि रेगुलर प्लान का विकल्प चुनते हैं।

इसके जरिए सेबी की कोशिश म्यूचुअल निवेशकों का रिटर्न बढ़ाना है। आमतौर पर डारेक्टर प्लान में रेगुलर की अपेक्षा एक्सपेंस रेश्यो कम होता है और निवेशकों अधिक रिटर्न मिलता है।

देश की आर्थिक राजधानी में एनडीटीवी प्रॉफिट इग्नाइट: दीपावली संस्करण में पांडे ने कहा कि नियामक मेनबोर्ड इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) और फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) के ढांचे की फिर से समीक्षा करेगा। साथ ही, वह एसएमई आईपीओ ढांचे और ‘इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म’ की भी समीक्षा कर रहा है – खासकर नई पीढ़ी की कंपनियों के लिए – ताकि विकासशील व्यवसायों को सार्वजनिक पूंजी तक बेहतर पहुंच मिल सके।

पांडे ने कहा, “सार्वजनिक पूंजी अपने साथ सार्वजनिक जिम्मेदारी भी लाती है।”

उन्होंने आगे बताया कि सेबी ने इस बात की सख्त निगरानी का प्रस्ताव रखा है कि इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कैसे होता है, और वह डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए बने ढांचे की भी समीक्षा कर रहा है।

पांडे ने बताया कि नियामक एक ऐसा ढांचा तैयार कर रहा है, जिसके तहत थर्ड-पार्टी निगरानी एजेंसियां ​​यह जांच करेंगी कि इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल उन्हीं उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है या नहीं, जिनका जिक्र ऑफर दस्तावेजों में किया गया था।

उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब सेबी ने इस महीने की शुरुआत में आईपीओ से जुटाई गई रकम की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि ‘ऑफर-फॉर-सेल’ (ओएफएस) को छोड़कर, सभी पब्लिक इश्यू के लिए निगरानी एजेंसी रखना अनिवार्य कर दिया जाए, चाहे इश्यू का आकार कुछ भी हो।

अगर कोई कंपनी किसी निगरानी एजेंसी के साथ सहयोग नहीं करती है, तो स्टॉक एक्सचेंज उसे हर मामले के लिए 50,000 रुपए का जुर्माना लगा सकेंगे। अगर कंपनी लगातार नियमों का पालन नहीं करती है, तो डिपॉजिटरी प्रमोटरों के डीमैट अकाउंट को फ्रीज कर सकती हैं।

जिन कंपनियों पर सहयोग न करने की रिपोर्ट दर्ज होती है, वे तब तक एजेंसी के साथ अपना करार खत्म नहीं कर सकतीं या किसी दूसरी एजेंसी को नियुक्त नहीं कर सकतीं, जब तक कि वे अपनी गलती को ठीक न कर लें। ये प्रस्ताव अभी कंसल्टेशन फेस में हैं और इन्हें अभी तक नियमों के रूप में लागू नहीं किया गया है।

फिलहाल, अगर आईपीओ में ‘फ्रेश इश्यू’ का आकार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो उससे जुटाई गई रकम की निगरानी सेबी में रजिस्टर्ड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र2 hours ago

मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में 66 लाख रुपए का हाइड्रो गांजा बरामद, तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

हरियाणा पुलिस की समीक्षा बैठक, डीजीपी ने सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम पर दिया जोर

राजनीति2 hours ago

संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी नियुक्ति पर जयराम रमेश का आरोप

खेल3 hours ago

शुरुआत में हमारी गेंदबाजी में कुछ कमी रह गई, चौथे टी20 में हार के बाद बोले कप्तान श्रेयस अय्यर

महाराष्ट्र3 hours ago

महाराष्ट्र में मतदाता सूची सत्यापन के लिए अतिरिक्त अवसर, सुधार के लिए 13 नवंबर तक करें आवेदन : सीएम देवेंद्र फडणवीस

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही के अनधिकृत इस्तेमाल और व्यावसायिक शोषण पर सख्ती की मांग की

महाराष्ट्र3 hours ago

महाराष्‍ट्र: पुणे-सोलापुर हाईवे पर हादसे के बाद एक्शन, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने जांच के दिए आदेश

राजनीति3 hours ago

दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन ने राहुल गांधी से की 1 नवंबर की रैली टालने की अपील

मनोरंजन3 hours ago

केदारनाथ दर्शन विवाद पर सारा अली खान के समर्थन में सोनिया बंसल, बोलीं- ‘मंदिर में सिर झुकाने से किसी को क्या परेशानी’

मनोरंजन3 hours ago

सुकेश चंद्रशेखर केस में नोरा फतेही की गवाही, 2 नवंबर को कोर्ट में होना होगा पेश

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन3 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति3 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल4 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

मनोरंजन4 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

व्यापार4 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

राजनीति3 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

रुझान