अंतरराष्ट्रीय
सैमसंग ने भारत में फ्लैगशिप गैलेक्सी एस21 एफई 5जी को 49,999 रुपये में किया लॉन्च
सैमसंग ने सोमवार को भारत में इस साल का अपना पहला फ्लैगशिप गैलेक्सी एस21 एफई 5जी लॉन्च किया है। गैलेक्सी एस21 एफई 5जी (8 जीबी प्लस 256 जीबी वैरिएंट) 53,999 रुपये में आएगा।
एस21 एफई 5जी चार फिनिश-ऑलिव, लैवेंडर, व्हाइट और ग्रेफाइट में 11 जनवरी से प्रमुख ऑनलाइन पोर्टल्स और चुनिंदा रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा।
कंपनी ने कहा कि इंट्रोडक्टरी ऑफर (एचडीएफसी बैंक कार्ड पर 5,000 रुपये कैशबैक के साथ) 11-17 जनवरी के बीच वैध होगा।
सैमसंग इंडिया के सीनियर डायरेक्टर और हेड, प्रोडक्ट मार्केटिंग, आदित्य बब्बर ने कहा, “गैलेक्सी एस20 एफई के लिए अभूतपूर्व प्यार देखने के बाद, हम गैलेक्सी एस21 एफई 5जी के साथ विरासत को आगे बढ़ाते हैं, जो बेहतरीन अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।”
उन्होंने कहा, “सर्वश्रेष्ठ ट्रिपल कैमरा, 6.4-इंच एफएचडी प्लस डायनामिक एमोएलईडी डिस्प्ले, 120 हट्र्ज रिफ्रेश रेट और शक्तिशाली प्रोसेसर के साथ, ‘गैलेक्सी एस21 एफई 5जी युवा उपभोक्ताओं के लिए हर दिन को बेहतरीन बना देगा।”
पीछे की तरफ, इसमें फ्लैगशिप ग्रेड 12 एमपी प्लस 12 एमपी प्लस 8 एमपी कैमरे हैं और अल्ट्रा-वाइड लेंस एक फ्रेम में सभी विवरणों को फिट करने के लिए तस्वीरों में अतिरिक्त परिप्रेक्ष्य जोड़ता है।
डिवाइस में 32 एमपी का फ्रंट कैमरा है। प्रो-ग्रेड कैमरा सिस्टम डुअल रिकॉडिर्ंग, पोट्र्रेट मोड, एन्हांस्ड नाइट मोड और 30 एक्स स्पेस जूम प्रदान करता है।
6.4-इंच गैलेक्सी एस21 एफई 5जी में 120 हट्र्ज रिफ्रेश रेट, 240 हट्र्ज टच सैंपलिंग रेट और एआई-आधारित ब्लू लाइट कंट्रोल के साथ एफएचडी प्लस डायनामिक एमोएलईडी 2 एक्स डिस्प्ले है।
5 एनएम एग्जीनोस 2100 प्रोसेसर और 4500 एमएएव बैटरी द्वारा संचालित, गैलेक्सी एस21 एफई 5जी उच्च गति और न रुकने वाला प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।
यह वायरलेस पावर शेयर और वायरलेस फास्ट चाजिर्ंग 2.0 के साथ आता है और 25 वॉट सुपर-फास्ट चाजिर्ंग को सपोर्ट करता है।
कंपनी ने कहा कि आईपी 68 रेटिंग स्मार्टफोन को डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट बनाती है।
गैलेक्सी एस21 एफई 5जी वाई-फाई 6 कनेक्टिविटी के साथ आता है।
राष्ट्रीय समाचार
टेस्ला लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को अगली पीढ़ी की रोडस्टर को करेगी लॉन्च

इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने घोषणा की कि कंपनी लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को रोडस्टर लॉन्च करेगी। टेस्ला रोडस्टर की पहली जनरेशन को करीब एक दशक पहले बाजार में उतारा गया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टेस्ला ने एक पोस्ट में कहा, “गो फॉर लॉन्च”, साथ ही इसमें एक पोस्टर भी था, जिसमें इसकी तारीख एक अक्टूबर दी गई थी।
इस पोस्ट के रिप्लाई में मस्क ने कहा, “नई टेस्ला रोडस्टर 10.01 को लॉन्च की जाएगी।”
इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में अगस्त में दावा किया गया था कि टेस्ला नए डिजाइन वाली रोडस्टर को जल्द ही लॉन्च करने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इवेंट में स्पेसएक्स के साथ मिलकर बनाए गए कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स वाले लिमिटेड-एडिशन वर्जन का डेमो दिखाया जा सकता है।
टेस्ला ने सबसे पहले 2017 में अगली पीढ़ी की रोडस्टर लाने का ऐलान किया था और कहा था कि इसकी डिलीवरी 2020 में शुरू हो जाएगी, लेकिन इस प्रोग्राम में बार-बार देरी हुई है।
यह कदम टेस्ला द्वारा पिछले हफ्ते ऑस्टिन, टेक्सास के कुछ इलाकों में अपनी दो-सीटर साइबरकैब में राइड्स की सुविधा शुरू करने के बाद उठाया गया है। इस साइबरकैब में न तो स्टीयरिंग व्हील है और न ही पैडल। मस्क ने इस गाड़ी को टेस्ला को ड्राइवरलेस गाड़ियों के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनाने के लिए अहम बताया है।
खबरों के मुताबिक, नई रोडस्टर अब एक आम हाई-परफॉर्मेंस ईवी से बदलकर पूरी तरह से नई कार्बन-फाइबर हाइपरकार बन गई है।
नई रोडस्टर के लॉन्च से पहले टेस्ला के शेयर में तेजी देखी गई। बीते एक महीने में टेस्ला ने 7 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव असर! एफपीआई ने सितंबर में अब तक 14,474 करोड़ रुपए की बिकवाली की

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की ओर से इस महीने अब तक (1-12 सितंबर तक) 14,474 करोड़ रुपए इक्विटी मार्केट से निकाले गए हैं। इससे पहले जुलाई और अगस्त में सकारात्मक इनफ्लो दर्ज किया गया था।
वहीं, प्राइमरी मार्केट (आईपीओ) में एफपीआई निवेश अब तक सकारात्मक 1,336 करोड़ रुपए पर बना हुआ है, जिससे इस साल प्राइमरी मार्केट में कुल एफपीआई निवेश बढ़कर 47,183 करोड़ रुपए हो गया है।
इस बीच, पूरे हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजार पर काफी दबाव बना रहा और निफ्टी 50 में लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई, ग्लोबल ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस कारण बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई और हफ्ते के दौरान प्रमुख सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए।
मार्केट के जानकारों का कहना है कि घरेलू इक्विटी के लिए कच्चे तेल की कीमतें एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतर्क बने रहे और उनकी लगातार बिकवाली घरेलू इक्विटी के लिए एक बड़ी बाधा बन रही है।
इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले हफ्ते 6,419.46 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने और घरेलू इक्विटी मार्केट में और गिरावट को रोकने में मदद मिली।
आगे चलकर, एफपीआई का निवेश ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर से काफी हद तक प्रभावित होगा।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ती महंगाई का मतलब है कि मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होगी, जिससे बॉन्ड यील्ड और बढ़ेगी।
आने वाले हफ्ते में ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। कच्चे तेल की कीमतें, मध्य पूर्व में घटनाक्रम और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदें मार्केट के मूड को तय करने वाले मुख्य कारक होंगे।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में भारत का राहत अभियान जारी, चिलिमे टनल से पानी-कीचड़ निकालने में तकनीकी टीम कर रही मदद

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से भारत लगातार राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रह है। बुधवार को भारतीय बचाव दल चिलिमे स्थित सुरंग में लोगों के बचाव अभियान में तत्परता से मदद कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरंग बचाव अभियान के तहत भारत की संयुक्त तकनीकी टीम ने बुधवार को भी चिलिमे स्थित सुरंग में पानी निकालने और कीचड़ हटाने का काम जारी रखा। हालांकि, सुरंग की ढलान और अंदर पहुंचने में आने वाली मुश्किलें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीम नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करके काम आगे बढ़ा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि सुरंग को साफ करने के लिए भारी मशीनरी अंदर ले जाने के लिए जो अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, उसका निर्माण भी लगातार जारी है। उम्मीद है कि यह रास्ता अगले 2 से 3 दिनों में तैयार हो जाएगा। काठमांडू में काम कर रही भारतीय फोरेंसिक टीम भी लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। फिलहाल टीम 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच कर रही है। अब तक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।
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