अपराध
तोड़फोड़ के खिलाफ रिलायंस जियो ने हाई कोर्ट में लगाई याचिका
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने सोमवार को माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपनी सब्सिडयरी जियो इंफोकॉम के जरिये एक याचिका दायर कर शासन से उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की गैरकानूनी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसक कार्रवाई से कंपनी के हजारों कर्मचारियों की जिन्दगी खतरे में पड़ गई है और साथ ही दोनों राज्यों में सहायक कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्च र, सेल्स और सेवा आउटलेट के रोजमर्रा के कामों में व्यवधान पैदा हुआ है। आरआईएल ने एक बयान में कहा, तोड़फोड़ की इन कार्रवाइयों में संलिप्त उपद्रवियों को हमारे व्यावसायिक प्रतिद्वंदी तथा निहित स्वार्थी तत्व उकसा रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन का लाभ उठाते हुए इन निहित स्वार्थी तत्वों ने रिलायंस के खिलाफ लगातार एक कुटिल, दुर्भावना युक्त और विद्वेषपूर्ण अभियान चलाया है, जिसका सच से कोई वास्ता नही है।
माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रखे गए निम्नलिखित अकाट्य तथ्यों से यह स्पष्ट हो जाता है कि इस अभियान का सत्य से दूर दूर तक कोई नाता नही है । इन तथ्यों से स्पष्ट है कि देश में वर्तमान में जिन तीन कृषि कानूनों पर बहस चल रही है, उनसे रिलायंस का कोई लेना-देना नहीं है, और न ही किसी भी तरह से उसे इनका लाभ पहुंचता है। कृषि कानूनों से रिलायंस का नाम जोड़ने का एकमात्र उद्देश्य हमारे व्यवसायों को नुकसान पहुंचाना और हमारी प्रतिष्ठा को तहस-नहस करना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलायंस रिटेल लिमिटेड (आरआरएल), रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल)और रिलायंस से जुड़ी कोई भी अन्य कंपनी न तो कॉरपोरेट या कॉन्ट्रैक्ट फामिर्ंग करती है और न ही करवाती है। और न ही भविष्य में इस बिजनेस में उतरने की कोई योजना है।
कॉपोर्रेट या कॉन्ट्रैक्ट खेती हेतु रिलायंस या रिलायंस की सहायक किसी भी कंपनी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती की कोई भी जमीन हरियाणा/पंजाब अथवा देश के किसी दूसरे हिस्से में नहीं खरीदी है, न ही भविष्य में भी ऐसा करने की कोई योजना है।
बयान के मुताबिक, भारत में संगठित खुदरा व्यापार में रिलायंस रिटेल एक अग्रणी कंपनी है। यह देश में दूसरी कंपनियों, निमार्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं के विभिन्न ब्रांडों के खाद्य, अनाज, फल, सब्जियां और दैनिक उपयोग की वस्तुएं, परिधान, दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों सहित सभी श्रेणियों के उत्पादों को बेचती है। यह किसानों से खाद्यान्न की सीधी खरीद नही करती। किसानों से अनुचित लाभ लेने के लिए कंपनी ने कभी भी दीर्घकालिक खरीद अनुबंध नहीं किए हैं, और न ही ऐसा चाहा कि इसके आपूर्तिकर्ता किसानों से उनके पारिश्रमिक मूल्य से कम पर माल खरीदें और न ही ऐसा कभी होगा।
130 करोड़ भारतीयों का पेट भरने वाले किसान अन्नदाता हैं और उनका हम सम्मान करते हैं। रिलायंस और उसके सहयोगी किसान को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसानों की सेवाओं के ग्राहक होने के नाते हम एक नए भारत में साझा समृद्धि, बराबर की भागीदारी, समावेशी विकास के आधार पर किसानों के साथ एक मजबूत और समान साझेदारी में विश्वास करते हैं।
इसलिए, रिलायंस और उसके सहयोगी कड़ी मेहनत, कल्पनाशीलता और समर्पण के साथ पैदा की गई उनकी उपज का किसानों को उचित और लाभदायक मूल्य मिले इसका पूरा समर्थन करते है। रिलायंस स्थायी आधार पर किसानों की आय में वृद्धि चाहता है, और इस लक्ष्य के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है। हम अपने आपूर्तिकर्ताओं को सख्ती से कहेंगे की वे सरकार द्वारा या किसी अन्य तंत्र द्वारा लागू या प्रस्तावित किसी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) या कृषि उपज के लिए तयशुदा आकर्षक मूल्य के आधार पर ही खरीद करें।
भारतीय किसानों के हितों को चोट पहुंचाना तो दूर की बात है, रिलायंस के व्यवसायों ने तो वास्तव में किसानो और भारतीय जनता को बड़े पैमाने पर लाभान्वित किया है।
रिलायंस रिटेल ने बड़े पैमाने पर निवेश कर एक विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला बनाई है और भारत के सबसे बड़े संगठित रिटेल बिजनेस को जन्म दिया है, जिसने भारतीय किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को ही लाभ पहुंचा है।
जियो के 4जी नेटवर्क ने भारत के हर एक गांव को विश्व की सबसे सस्ती दरों पर विश्वस्तरीय डेटा कनेक्टिविटी प्रदान की है, इससे करोड़ों भारतीय किसानों को भी डिजिटल क्रांति का लाभ मिला है। केवल चार वर्षों की छोटी से अवधि में जियो भारत का सबसे बड़ा डिजिटल सेवा प्रदाता बन गया है, जिसके 40 करोड़ ग्राहक हैं। 31 अक्टूबर, 2020 तक जियो के पंजाब में 1 करोड़ 40 लाख (राज्य में लगभग 36 प्रतिशत ग्राहक) और हरियाणा में 94 लाख (राज्य में लगभग 34 प्रतिशत ग्राहक) हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि निहित स्वार्थो के विपरीत जियो ने ग्राहकों को जोड़ने के लिए किसी भी जोर जबरदस्ती या गैरकानूनी उपायों का सहारा नहीं लिया है।
कोविड-19 महामारी के दौरान लाखों किसानों, ग्रामीणों और शहरी भारत के लिए जियो नेटवर्क एक लाइफ लाइन साबित हुआ है। इसने किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के डिजिटल लेन-देन में मदद की है। इसने पेशेवरों को घर से काम करने में सक्षम बनाया है, वहीं विद्यार्थी भी घरों में रहकर ऑनलाइन पढाई कर पाए हैं। शिक्षकों, डॉक्टरों, मरीज, अदालतों, विभिन्न सरकारी और निजी कार्यालयों, उद्योग और अनेकों धर्मार्थ प्रतिष्ठान को सुचारू रूप से चलाए रखने में भी जियो ने मदद की है। आपातकालीन और जीवन रक्षक सेवाएं प्रदान करने वालों की मदद के लिए भी जियो ने अपनी सेवाएं दी हैं।
रिलायंस अब तक उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा की पुलिस का शुक्रिया अदा करना चाहता है। इससे हाल के दिनों में तोड़ फोड़ की घटनाओं में कमी आई है। लेकिन, हमारी कंपनी ने माननीय उच्च न्यायालय में अपनी याचिका के माध्यम से, उपद्रवियों और निहित स्वार्थी तत्वों के खिलाफ दंडात्मक और निवारक कार्रवाई की मांग की है, ताकि रिलायंस पंजाब और हरियाणा में एक बार फिर से अपने सभी व्यवसायों को सुचारू रूप से चला सके।
हम जनता और मीडिया से आग्रह करते हैं कि वे सही तथ्यों के बारे में जागरूक हों तथा निहित स्वार्थों द्वारा उनके फायदे के लिए फैलाये जा रहे झूठ और फरेब के जाल से गुमराह न हों।
अपराध
मध्य प्रदेश: शाजापुर में बाइक-पिकअप की टक्कर, 5 महीने के बच्चे और पति-पत्नी की मौत

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है।
मृतकों की पहचान अजीत पंवार, उनकी पत्नी पूजा पंवार और उनके पांच माह के बेटे शिवांशु के रूप में हुई है। तीनों पड़ोसी जिले सीहोर के आष्टा नगर स्थित इंद्रा कॉलोनी के निवासी थे।
यह हादसा सलसलाई थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब परिवार बाइक से बोलाई गांव से अय्यापुर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अचानक एक लावारिस कुत्ता उनकी मोटरसाइकिल के सामने आ गया। बाइक चला रहे अजीत ने कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सामने से आ रही पिकअप वाहन की चपेट में आ गई।
पिकअप की टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजीत, उनकी पत्नी और मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि परिवार शनिवार को अपने बेटे शिवांशु के पांच महीने पूरे होने के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए घर से निकला था। हालांकि, गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वे हादसे का शिकार हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “परिवार अपने बच्चे के साथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान एक लावारिस कुत्ता बाइक के सामने आ गया। चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बाइक से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही पिकअप से टकरा गया।”
हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही एवं तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से फरार चालक की तलाश की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अपराध
महाराष्ट्र: पालघर में 15 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो सगे भाई गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व इलाके में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और घटना उजागर करने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर की सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच की है। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़ा की दुकान के अंदर अमन नतीफ शेख (24) और उसके भाई अरबाज शेख (30) ने 15 वर्षीय किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसकी फोटो और वीडियो उसकी मां को भेजने के साथ ही वायरल कर दिए जाएंगे।
इस मामले में पेल्हार पुलिस थाने में 30 अक्टूबर को देर शाम को दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 65(1), 70(2), 351(2) और पॉक्सो (पोक्सो) अधिनियम 2012 की धारा 4 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पेल्हार पुलिस ने दोनों आरोपियों को देर रात्रि को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह की एक घटना में मुंबई पुलिस ने सभी छह आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुंबई के पवई इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छह लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच हुई।
अधिकारियों ने कहा, “पीड़िता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर ही, मुंबई पुलिस की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।” अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने 1073 किलोग्राम से अधिक पटाखे जब्त किए, 10 एफआईआर दर्ज

त्योहारों के मौसम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पटाखों की अवैध बिक्री और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने पांच थाना क्षेत्रों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं और 1,073.426 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के तहत लाहौरी गेट, बुराड़ी, कोतवाली, बारा हिंदू राव और सब्जी मंडी थाना क्षेत्रों में ये बरामदगी की गई है। सबसे ज्यादा 622.88 किलोग्राम पटाखे सब्जी मंडी इलाके से बरामद हुए।
इसके बाद बारा हिंदू राव से 178.5 किलोग्राम, कोतवाली से 107.6 किलोग्राम, लाहौरी गेट से 88.916 किलोग्राम और बुराड़ी से 75.53 किलोग्राम पटाखे जब्त किए गए।
लाहौरी गेट थाना क्षेत्र में 16 अक्टूबर को बीएनएस की धारा 223(बी) और 288, तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 5 और 9बी के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई। सर शोभा सिंह पॉलीक्लिनिक के सामने वाले इलाके से कुल 88.916 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए।
बुराड़ी इलाके में, 18 अक्टूबर को बीएनएस की धारा 223(ए) और 288, तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने हिमगिरी के इलाके से 75.53 किलोग्राम पटाखे बरामद किए।
कोतवाली पुलिस ने इन बरामदगी के संबंध में दो एफआईआर दर्ज की हैं। 18 अक्टूबर को, प्रभा धर्मशाला के पास अंगूरी बाग फूल वाला रोड से 93 किलोग्राम पटाखे बरामद होने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद, 27 अक्टूबर को चांदनी चौक में मोती सिनेमा के पास 14.6 किलोग्राम पटाखे मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने कहा कि पटाखों का अनधिकृत भंडारण और असुरक्षित तरीके से उन्हें संभालना आग लगने और चोट लगने का गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में।
निवासियों, व्यापारियों, दुकानदारों और संपत्ति मालिकों से नियमों का पालन करने और पटाखों की अनधिकृत बिक्री, उन्हें अपने पास रखने या उनका भंडारण करने से बचने की अपील की गई है। नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे नियमों के उल्लंघन का कोई भी मामला सामने आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस ने लोगों की जान-माल की सुरक्षा करने और त्योहारों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाना सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया। इन मामलों में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही है।
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