राजनीति
नीतीश कुमार ने जनता से किया विश्वासघात : गिरिराज सिंह

भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने के मिशन में जुटे नीतीश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि ऐसे नेता अन्य नेताओं को साथ देने का भरोसा कैसे दे सकते हैं जो पहले से ही अपने आपको प्रधानमंत्री का उम्मीदवार मान कर चल रहे हों। केंद्रीय मंत्री एवं बिहार के बेगूसराय से लोक सभा सांसद गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ नीतीश कुमार की मुलाकात की तस्वीरों को ट्वीट करते हुए कहा, मोदी जी और बिहार की जनता ने नीतीश जी को मुख्यमंत्री बनाया और उन्होंने मोदी जी और जनता को ही धोखा दे दिया, ऐसे विश्वासघाती महत्वाकांक्षी लोग उन अवसरवादियों को कैसे भरोसा देंगे जो पहले से ही पीएम बनने की महत्वाकांक्षाओं को पाल रहे हैं?
दरअसल, बिहार में भाजपा का साथ छोड़कर आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दलों के साथ महागठबंधन की सरकार बनाने के बाद से ही नीतीश कुमार ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 2024 के लोक सभा चुनाव में केंद्र की सत्ता से भाजपा को बाहर करने के लिए नीतीश कुमार तमाम विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। भाजपा नीतीश कुमार के इस अभियान की लगातार आलोचना करते हुए विरोधी खेमे में प्रधानमंत्री पद के लिए पहले से ही कई दावेदार होने की बात कह रहे हैं।
महाराष्ट्र
मीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश

मुंबई: राज्य सरकार ने मीरा भयंदर स्थित हजरत सैयद बाले शाह पीर रहमतुल्लाह अलैह की चार सौ साल पुरानी दरगाह को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। मीरा भयंदर नगर निगम ने कलेक्टर को पत्र भेजकर इस दरगाह को अवैध घोषित कर दिया है और इसके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। दरगाह वन भूमि पर स्थित होने के कारण संप्रदायवादियों ने दरगाह को ध्वस्त करने की मांग शुरू कर दी थी। सदन में दररंजन दौखरे ने भी दरगाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद अब राज्य सरकार ने दरगाह पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है। मई तक दरगाह को हटाने और ध्वस्त करने का भी आदेश जारी किया गया है।
दरगाह के ट्रस्टी अमजद शेख ने कहा कि यह दरगाह प्राचीन है और यह आदेश अपने आप में अवैध है। इस मामले में सांप्रदायिक ताकतों ने दरगाह के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया।
समुद्र तट पर एक दरगाह है और यहां आतंकवादी और अवैध गतिविधियों के खतरे और आतंकवादियों की मौजूदगी का हवाला देते हुए दरगाह को ध्वस्त करने की मांग की गई थी। दरगाह समुद्र के नजदीक है और ऐसे में समुद्र से मुंबई पर आतंकी हमले का खतरा जताया जाता रहा है, जबकि दरगाह प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है और कहा है कि सांप्रदायिक संगठन दरगाह के खिलाफ अपना एजेंडा चला रहे हैं और ऐसा कोई खतरा नहीं है। सरकार के इस फैसले का मुसलमानों ने विरोध किया है और मुसलमानों ने इस पर अपनी नाराजगी और गुस्सा भी जताया है। ट्रस्टी का कहना है कि यह तीर्थस्थल प्राचीन है और इससे पहले कलेक्टर और नगर निगम ने नोटिस दिया था जिसके बाद यहां अवैध शेड और अन्य परिसर को ध्वस्त कर दिया गया था और दरगाह प्रशासन ने अपने स्तर पर यह कार्रवाई की है। अब दरगाह को ही ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
महाराष्ट्र
ईद के दिन हाजी अली दरगाह पर समुद्र का जलस्तर बढ़ने के कारण कुछ घंटा जायरीनों के लिए बंद

मुंबई: मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह में समुद्र का जलस्तर बढ़ने के कारण ईद के दिन दरगाह कुछ घंटों के लिए जायरीनों के लिए बंद रहेगी। 31 मार्च को दरगाह दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक जायरीनों के लिए बंद रहेगी। इस दौरान दरगाह में जायरीनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। दरगाह मंगलवार, 1 अप्रैल को दोपहर 12:45 बजे से अपराह्न 3:45 बजे तक और बुधवार, 2 अप्रैल को दोपहर 1:30 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक बंद रहेगी। इसलिए हमने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे इन घंटों के दौरान दरगाह पर एकत्र न हों। यह जानकारी हाजी अली दरगाह के प्रशासनिक अधिकारी ताहिर ने जारी की है।
ईद-बासी और तिवासी पर तीर्थयात्री हाजी अली दरगाह पर आते हैं, लेकिन का जलस्तर बढ़ने के कारण दरगाह के रास्ते में पानी जमा हो जाने के कारण दरगाह में प्रवेश वर्जित रहता है और इन दिनों में दरगाह का द्वार बंद रहता है, जिसके कारण वहां काफी भीड़भाड़ हो जाती है। इसलिए, तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल निर्धारित समय पर ही दरगाह पर आएं। समुद्र का जलस्तर बढ़ने के दौरान दरगाह पर पुलिस भी सतर्क रहती है, क्योंकि ईद और त्यौहारों के दौरान यहां तीर्थयात्रियों की भीड़ होती है।
हाजी अली दरगाह प्रशासन ने कहा है कि ईद के अवसर पर लाखों तीर्थयात्री हाजी अली (अल्लाह उन पर रहम करे) की दरगाह पर आते हैं। इन जायरीनों में देश-विदेश से आए जायरीन शामिल हैं, इसलिए दरगाह प्रशासन ने ईद पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था का भी दावा किया है। ईद की नमाज के दौरान भी हाजी अली दरगाह पर आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिलता है।
राजनीति
महिला कांग्रेस का राजभवन मार्च : 33 फीसद महिला आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन

पटना, 29 मार्च। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस की सदस्यों ने शनिवार को राजभवन की ओर मार्च निकाला। यह मार्च महिलाओं के अधिकारों और राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं और नारे लगाते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया।
हालांकि, जैसे ही प्रदर्शनकारी राजभवन के पास पहुंचे, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर मार्च को रोकने की कोशिश की, इसके बाद कुछ देर तक वहां तनाव की स्थिति बनी रही। महिला कांग्रेस की सदस्यों ने पुलिस के इस कदम का विरोध किया और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए और इसके लिए आरक्षण जरूरी है।
वहीं बिहार कांग्रेस की पूर्व सचिव रीता सिंह ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि महिलाएं, जो देश की आधी आबादी हैं, उन्हें उनका पूरा हक मिलना चाहिए।
रीता सिंह ने कहा, “सिर्फ वादे करने से काम नहीं चलेगा। सरकार को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। केंद्र और बिहार में आपकी सरकार है, फिर इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है?”
उन्होंने बिहार में महिलाओं की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए हाल के अपराधों का उदाहरण दिया।
रीता सिंह ने कहा, ” कहीं महिलाओं को मारकर उनके पैर में कील ठोक दी गईं। इतने शर्मनाक मामले हो रहे हैं, फिर भी सरकार कहती है कि महिलाएं सुरक्षित हैं।”
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार महिलाओं को आरक्षण देने की बात करती है, तो इसे लागू करने में क्या रुकावट है।
रीता सिंह ने सरकार के पुराने वादों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “युवाओं को नौकरी, लोगों के खाते में 15 लाख रुपये देने जैसे वादे किए गए, लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ। अब महिलाओं के साथ भी वही ठगी हो रही है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाएं अब अपने हक के लिए लड़ेंगी और इसे लेकर रहेंगी। रीता सिंह ने राजीव गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पंचायत में आरक्षण लागू किया था, लेकिन मौजूदा सरकार सिर्फ बातें कर रही है। उन्होंने कहा, “महिलाएं मूर्ख नहीं हैं, वे अपना अधिकार लेना जानती हैं।”
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