Connect with us
Friday,09-October-2026
ताज़ा खबर

महाराष्ट्र

मुंबईकरों ने पानी की निकासी के लिए लिखी सबसे ज्यादा शिकायतें, प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट्स से हुआ खुलासा

Published

on

BMC

मुंबईकरों के मुख्य नागरिक सेवाओं को प्रदान करने की जिम्मेदारी बृहनमुंबई महानगरपालिका की है..जो एक स्थानीय सरकार के बराबर है…जिसका बजट देश के किसी भी छोटे राज्य के सालाना बजट से ज्यादा ही होता है…आज के इस तकनीकी के दौर में अपने नागरिकों को तमाम सुविधाएं प्रदान करने में बीएमसी का रोल अहम है..ऐसे में ये जानना भी जरूरी है कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका अपने नागरिकों की समस्याओं का निस्तारण कब, कैसे और कितने दिनों में करती है…

मुंबई में नागरिक मुद्दों की स्थिति को लेकर गैर सरकारी संस्था प्रजा फाउंडेशन कई सालों से अध्ययन कर रही है…और इसी मुद्दे से संबंधित अपनी एक रिपोर्ट 2022 प्रजा फाउंडेशन ने 5 मई को प्रकाशित की है..जिसमें मुंबईकरों की समस्याओं के निस्तारण में बीएमसी की कार्यअवधि और समस्या को हल करने में लगे औसत समय और वार्ड स्तर पर आई कुल शिकायतों का जिक्र है…फाउंडेशन का दावा है कि यह रिपोर्ट केंद्रीकृत शिकायत पंजीकरण प्रणाली (CCSR) पर पंजीकृत नागरिकों की शिकायतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करती है और बी.एम.सी की सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रभावी समाधान भी प्रदान करती है…

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएमसी को सबसे ज्यादा शिकायतें जल निकासी की समस्या को लेकर मिली हैं और बीएमसी ने 2017 से 2021 एक समस्या को हल करने में 48 दिन का औसत समय लिया है…जबकि कुर्ला एल वार्ड में ही 2017 से 2021 तक एक नागरिक समस्या को हल करने में सबसे अधिक 68 दिन का औसत समय लिया है…आइए एक नजर डालते हैं..इस फाउडेशन की ‘मुंबई में नागरिक मुद्दों की स्थिति पर रिपोर्ट 2022 के कुछ अहम बिन्दुओं पर…

– पिछले दस वर्षों (2012 से 2021) में सी.सी.एस.आर.के प्रवृत्ति विश्लेषण से पता चला है कि पहले तीन वर्षों (2012 से 2014) में कुछ उतार-चढ़ाव के साथ नागरिकों की शिकायतें 2015 (67,835) से 2019 (1,28,145) तक लगातार बढ़ रही हैं…

– प्रत्येक नागरिक की शिकायत को हल करने में लिया गया औसत समय 2017 में 48 दिन था और 2021 में 48 दिनों तक रहा… एल-वार्ड (कुर्ला) ने 2017 से 2021 तक प्रत्येक नागरिक शिकायत को हल करने के लिए सबसे अधिक दिन (68 दिन) लिया।

-एल – कुर्ला (74,078), के. पश्चिम  अंधेरी (प) (73,562) और के. पूर्व – अंधेरी (ई.) (66,660) वार्डों में 2012 से 2021 तक समेकित नागरिकों की शिकायतों की अधिकतम संख्या थी…

इसी तरह 2012 से 2021 तक की समग्र शिकायतों में से बुनियादी सेवा वितरण पर दर्ज की गई अधिकतम शिकायतें इस तरह से हैं—-

1 -जल निकासी से संबंधित मुद्दों की 16% (1,50,831) शिकायतें दर्ज की गई.. के. पश्चिम वार्ड – अंधेरी (प) (14,687) में जल निकासी की अधिकतम शिकायतें थीं..

2-  एस.डब्ल्यू.एम से संबंधित मुद्दों की 10% (96,360) शिकायतें दर्ज की गई। के. पश्चिम वार्ड – अंधेरी (प) (7,195) में अधिकतम एस.डब्ल्यू.एम की शिकायतें थीं..

3- पानी से संबंधित मुद्दों पर 10% (92,858) शिकायतें दर्ज की गईं। एम. पूर्व वार्ड – गोवंडी / मानखुर्द (9,541) में अधिकतम एस.डब्ल्यू.एम की शिकायतें थीं..

4- प्रति व्यक्ति पार्षद निर्वाचन क्षेत्र की शिकायतों में वार्ड बी – सैंडहर्स्ट रोड (10,298), सी – मरीन लाइन (7,656), डी – तारदेव (6,444), और ए – कोलाबा (6,070) में 2012 से 2021 तक समेकित शिकायतों की अधिकतम संख्या थी..

5-  वार्ड समिति की बैठकों में पूछे गए 6 में से 1 प्रश्न, 2012 से 2021 तक सड़कों और चौकों के नामकरण और नाम बदलने पर थे..

2012 से 2021 तक प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा वार्ड समितियों में विचार-विमर्श से पता चला है कि पूछे गए कुल 9,382 प्रश्नों में से, भाजपा पार्षदों ने 25%, कांग्रेस ने 20% और शिवसेना ने 37% पूछे…

प्रजा फाउंडेशन के सीईओ मिलिंद म्हस्के ने कहा कि एक प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से सेवा वितरण की दक्षता में सुधार करने के लिए लोकतांत्रिक रूप से सशक्त शहर सरकार के लिए यह महत्वपूर्ण है जो वर्तमान में मुंबई में नहीं है…आगे इन्होने उम्मीद जताई है कि इन प्रमुख रिफॉर्म्स और सुधारों के साथ, बी.एम.सी.अपने नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होगी..

महाराष्ट्र

घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

Published

on

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

Continue Reading

महाराष्ट्र

नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

Published

on

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।

जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।

रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।

हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।

दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

Published

on

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”

उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”

जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।

छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।

उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”

पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।

छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”

उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।

सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार9 hours ago

खाड़ी और ब्लैक सी में हमलों की भारत-लाइबेरिया ने की निंदा, समुद्री सुरक्षा पर जोर

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका साझेदारी आगे बढ़ रही है : रिपोर्ट

खेल10 hours ago

मेगन शट के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, यह मुकाम हासिल करने वाली बनीं तीसरी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज

अपराध10 hours ago

असम राइफल्स और कस्टम विभाग ने त्रिपुरा में 25 लाख रुपए मूल्य का 501 किलोग्राम गांजा जब्त किया

मनोरंजन10 hours ago

‘कैसी पहेली जिंदगानी’ से ‘सलाम-ए-इश्क’ तक, रेखा का हर डांस है मास्टरक्लास

राजनीति11 hours ago

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही पुलिस, लोकतंत्र की आवाज दबाई नहीं जा सकती: दीपेंद्र हुड्डा

खेल11 hours ago

मनजीत सिंह: एशियन गेम्स में रोइंग में देश के लिए जीता सिल्वर मेडल

मनोरंजन11 hours ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति11 hours ago

सिब्बल के बयान का जिक्र कर फडणवीस बोले, एसआईआर का विरोध करने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे

मनोरंजन12 hours ago

नाना पाटेकर को कलाकार जुहैब खान ने दी अनोखी श्रद्धांजलि, दीवार पर कोयले से बनाई 6 फीट की तस्वीर

राजनीति4 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल3 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

मनोरंजन3 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

अपराध3 weeks ago

पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

मनोरंजन3 weeks ago

लारा दत्ता ने मां के अल्जाइमर से जूझने का किया जिक्र, बोलीं, ‘इसे बढ़ती उम्र की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें’

व्यापार1 week ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

व्यापार4 weeks ago

सेबी ने डेरिवेटिव्स सेटलमेंट और सीएएस फ्रेमवर्क में बदलाव का दिया प्रस्ताव

रुझान