राजनीति
ममता बनर्जी ने अनीश खान हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया : भाजपा
भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अनीश खान की हत्या की जांच को छिपाने के लिए अपने ही भरोसेमंद लोगों के साथ तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस सप्ताह की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने 28 वर्षीय छात्र नेता अनीश खान की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि उनके माता-पिता ने दावा किया कि वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। मालवीय ने आरोप लगाया कि बनर्जी सरकार परिवार को न्याय दिलाने की बजाय इसे छुपाने की कोशिश कर रही है।
मालवीय ने कहा, “अनीश खान के माता-पिता ने दावा किया है कि 28 वर्षीय छात्र, जो ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ 130 दिनों तक विरोध कर रहा था, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। परिवार को न्याय प्रदान करने के बजाय, ममता बनर्जी ने एक एसआईटी का गठन किया, जिसमें उसके आदमियों को कवर करने के लिए पैक किया गया है।”
अलिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अनीस खान को कथित तौर पर रात के अंधेरे में उनके आवास की छत से फेंक दिया गया था।
पिता ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।
मामला तब और उलझ गया जब एक पत्र सामने आया जिसमें अनीस ने अमता थाने के प्रभारी अधिकारी को लिखा था कि 22 मई 2021 को उनके गांव में जन स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा रक्तदान शिविर का उनके नेतृत्व में आयोजन किया गया था।
बनर्जी ने एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की है।
अतिरिक्त महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने हत्या के मामले में अमता थाने के प्रभारी अधिकारी देवव्रत चक्रवर्ती और दूसरे अधिकारी प्रीतम भौमिक से पूछताछ शुरू कर दी है।
उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पुलिस को हत्या स्थल पर पहुंचने में देरी क्यों हुई और जांच की बुनियादी औपचारिकताओं की अनदेखी क्यों की गई।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
एआई सीक्रेट्स पर चीन की नजर! अमेरिका ने आर्थिक जासूसी, साइबर ऑपरेशन को लेकर दी चेतावनी

अमेरिका के सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि चीन आर्थिक जासूसी, साइबर ऑपरेशन और व्यापारिक निवेश के जरिए अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी और दूसरी उन्नत तकनीक हासिल करने की कोशिशें तेज कर रहा है। उन्होंने इस कैंपेन को राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व, दोनों के लिए बढ़ता खतरा बताया है।
यह चेतावनी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर हाउस सेलेक्ट कमेटी की सुनवाई के दौरान आई, जहां डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के पूर्व कार्यवाहक निदेशक डेविड शेड ने कहा कि बीजिंग ने अमेरिकी कमर्शियल और टेक्नोलॉजिकल सीक्रेट्स हासिल करने के लिए एक बड़ा सिस्टम बनाया है।
शेड ने प्रतिनिधियों से कहा, “यह कैंपेन जिसमें साइबर जासूसी, ह्यूमन इंटेलिजेंस, एकेडमिक सहयोग और कमर्शियल इन्वेस्टमेंट शामिल हैं, चीन की तेजी से आर्थिक और सैन्य बढ़त में अहम रहा है।”
उन्होंने कहा कि चीन ने संवेदनशील तकनीक हासिल करने के लिए साइबर जासूसी, इंटेलिजेंस ऑपरेशन, एकेडमिक पार्टनरशिप और कमर्शियल निवेश को मिलाकर खुद को एक ग्लोबल तकनीकी शक्ति में बदल लिया है।
शेड के अनुसार, बीजिंग की इंटेलिजेंस एजेंसियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीकम्युनिकेशन, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस्ड वेपन सिस्टम जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्चर को टारगेट करती हैं।
उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट अमेरिका, प्रोफेसर, एकेडमिक रिसर्चर, सभी सही टारगेट हैं। चीन की इंटेलिजेंस सर्विस का साइज और काबिलियत बहुत बढ़ गई है।”
सुनवाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उभरती चिंताओं पर भी फोकस किया गया। सीनेटरों ने उन रिपोर्ट्स का जिक्र किया जिनमें कहा गया था कि चीनी तकनीक की बड़ी कंपनी अलीबाबा ने यूएस एआई कंपनी एंथ्रोपिक को “डिस्टिलेशन” अटैक के जरिए टारगेट किया था, जिसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स से जानकारी निकालने के लिए डिजाइन किया गया था।
इस तकनीक को लेकर शेड ने कहा कि इसमें महंगे एआई मॉडल से डेटा को आसान बनाना शामिल है ताकि उन्हें बहुत कम लागत पर दोबारा बनाया जा सके।
उन्होंने कहा, “इससे चीनी कंपनियां उन बड़े एआई उद्यमों द्वारा अमेरिका में किए गए भारी निवेश को दरकिनार करने में सक्षम हो जाती हैं।” उनका तर्क था कि यह तरीका चीनी कंपनियों को वर्षों के महंगे शोध एवं विकास (आरएंडडी) की प्रक्रिया को पीछे छोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ने (लीपफ्रॉग) का अवसर देता है।
शेड ने अमेरिकी तकनीक के “क्राउन ज्वेल्स” के तौर पर बताई गई चीजों की मजबूत सुरक्षा की अपील की और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए सरकार और उद्योग के बीच ज्यादा सहयोग की अपील की।
जब उनसे पूछा गया कि चीनी असर वाले ऑपरेशन्स की लागत बढ़ाने के लिए कांग्रेस तुरंत क्या कर सकती है, तो उन्होंने टिकटॉक से जुड़ी चिंताओं की ओर इशारा किया और कहा कि प्लेटफॉर्म पर प्रभाव डालने वाले मौजूदा कानून को लागू करने से बीजिंग को एक जरूरी संकेत जाएगा, साथ ही यूजर डेटा तक पहुंच सीमित हो जाएगी।
सुनवाई के दौरान वाशिंगटन में इस बात पर बढ़ती चिंता दिखाई गई कि चीन के साथ तकनीकी कॉम्पिटिशन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच बड़ी रणनीतिक दुश्मनी का केंद्र बन गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर तकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी को कमर्शियल और सैन्य दोनों तरह के इस्तेमाल वाले जरूरी क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
सोना इस हफ्ते धड़ाम, चांदी का दाम 15 हजार रुपए से अधिक घटा

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वैश्विक स्तर पर अस्थिरता कम होने से सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 5 हजार रुपए और 15 हजार रुपए से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 5,097 रुपए कम होकर 1,39,873 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,44,970 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,28,124 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,32,793 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,04,905 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,08,728 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 25 जून को शाम के सत्र में 1,39,461 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 22 जून को सुबह के सत्र में 1,47,310 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 15,432 रुपए कम होकर 2,16,541 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,31,973 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 22 जून को शाम के सत्र में 2,37,801 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 25 जून को सुबह के सत्र में 2,15,485 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
वैश्विक अस्थिरता में कमी आने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 60 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने के चलते फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ने के संकेत देना है। इससे ट्रेडर्स ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली करना शुरू कर दी है। वहीं, डॉलर की मजबूती ने दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली को बढ़ाने का काम किया है।
सोने में बीते एक महीने में करीब 10 प्रतिशत और चांदी में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
राष्ट्रीय समाचार
केतन मर्डर केस : घंटों की पूछताछ में सिया के भाई का बयान- अगर बहन ने मना किया होता तो शादी ही रद्द कर देते

केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साहिल ने जांच अधिकारियों से कहा कि अगर सिया ने परिवार को पहले ही बता दिया होता कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार खुद यह रिश्ता तोड़ देता।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साहिल शुक्रवार सुबह पूछताछ के लिए पहुंचा था और देर शाम उसे जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने उससे सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते, उनके संपर्क और मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर सवाल पूछे। साहिल ने पुलिस से कहा, “अगर सिया ने कहा होता कि उसे केतन पसंद नहीं है, तो हम शादी रुकवा देते।”
लोनावला ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि साहिल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और कई घंटे तक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोनावला के लोहगढ़ किले पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की पहाड़ से धक्का देकर हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों ने यह साजिश इसलिए रची क्योंकि सिया नवंबर में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी।
केतन अग्रवाल अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी सक्सेस ग्रुप में निदेशक और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर था। शुरुआत में उनकी मौत को ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच में इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया गया।
यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल के पिता से मुलाकात कर परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिवार की मांग पर महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
सीएम फडणवीस ने इस घटना को बेहद चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज को यह सोचने की जरूरत है कि अच्छे परिवारों और शिक्षित युवाओं में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता और बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है।
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