अंतरराष्ट्रीय
आईपीएल 2022 : केकेआर, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स टीम की होगी मजबूत दावेदारी
आईपीएल 2022 मेगा नीलामी के दो दिनों में, अंतिम सूची में 600 में से 204 खिलाड़ियों को दस फ्रेंचाइजी ने प्राप्त कर लिया है। अब एक नजर डालते हैं कि किस तरह से दो बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स और नवागंतुक, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस, नीलामी के बाद अन्य टीमों को कैसे टक्कर देगी। कोलकाता नाइट राइडर्स : फ्रैंचाइजी ने वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, आंद्रे रसेल और सुनील नरेन के रिटेंशन के साथ आईपीएल मेगा ऑक्शन में प्रवेश किया। नीलामी के पहले दिन, उन्होंने पैट कमिंस, नितीश राणा और शिवम मावी जैसे खिलाड़ियों को टीम में वापस पाया और संभावित कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर (12.25 करोड़) को खरीदा। दूसरे दिन, उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों अजिंक्य रहाणे और उमेश यादव के अलावा एलेक्स हेल्स, सैम बिलिंग्स, मोहम्मद नबी, टिम साउदी, चमिका करुणारत्ने जैसे विदेशी खिलाड़ियों को खरीदा।
टीम की ताकत : पिछले साल के सीजन में उनके सात मुख्य सदस्य, जिनमें रिटेंशन भी शामिल है, अब उनके साथ वापस आ गए हैं। श्रेयस अय्यर के आने से टीम का बल्लेबाजी क्रम मजबूत होगा।
टीम की कमजोरी : इस बात पर संदेह है कि क्या शुभमन गिल के बिना अजिंक्य रहाणे एक सलामी बल्लेबाज के रूप में आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। टीम में एक कुशल भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव की अनुपस्थिति और एक घरेलू बल्लेबाजी विकल्प उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
लखनऊ सुपर जायंट्स : आईपीएल मेगा नीलामी में अपनी पहली उपस्थिति में, लखनऊ अपने पूरे पर्स में रुपये का उपयोग करने वाली एकमात्र टीम थी। केएल राहुल, मार्कस स्टोइनिस और रवि बिश्नोई को चुनने के बाद, उन्होंने नीलामी समाप्त होने के बाद संभावित रूप से सबसे मजबूत पक्षों में से एक होने के लिए भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों के विकल्प हासिल किए।
टीम की ताकत : उनके गेंदबाजी क्रम में अच्छे गेंदबाज हैं। मार्क वुड, आवेश खान और जेसन होल्डर की गति टीम को संभालने में मददगार साबित होगी, जबकि बिश्नोई के साथ गौतम और कुणाल पांड्या स्पिन क्षेत्र में अपना योगदान देंगे।
टीम की कमजोरी : बल्लेबाजी के लिए उनके पास केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक की ताकत है, लेकिन एक और अनुभवी भारतीय बल्लेबाज की कमी उन्हें खल सकती है। मनीष पांडे का आईपीएल 2021 में अच्छा समय नहीं रहा, जबकि मनन वोहरा ने टूर्नामेंट में छिटपुट प्रदर्शन के साथ, ज्यादा चमक नहीं दिखाई।
टीम के लिए अवसर : पांड्या, स्टोइनिस और होल्डर के रूप में तीन ऑल-राउंडर विकल्प हैं, जिससे उन्हें गेंदबाजी विकल्पों में मौका मिलेगा और बल्लेबाजी करने का भी मौका मिलेगा। गौतम भी गेंद को जोर से हिट कर सकते हैं और दीपक हुड्डा कुछ ऑफ स्पिन में अपना योगदान दे सकते हैं।
टीम के लिए खतरा : पांच ऑल-राउंडर विकल्पों में से किसी के चोटिल होने से लखनऊ के टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना बाधित हो सकती है।
गुजरात टाइटन्स : लखनऊ के साथ नीलामी में दूसरी नई टीम गुजरात ने हार्दिक पांड्या, राशिद खान और शुभमन गिल को चुनने के बाद जेसन रॉय, मोहम्मद शमी, लॉकी फग्र्यूसन, अल्जारी जोसेफ, डेविड मिलर और मैथ्यू वेड जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को चुना।
टीम की ताकत : राशिद खान, लॉकी फग्र्यूसन, अल्जारी जोसेफ और मोहम्मद शमी के रूप में उनका गेंदबाजी संयोजन व्यवस्थित दिख रहा है। शुभमन गिल के साथ विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों में से एक जेसन रॉय को शीर्ष पर पाने के लिए भाग्यशाली रहे।
टीम की कमजोरी : गिल और हार्दिक पांड्या के अलावा, उनके पास मध्यक्रम में जोड़ी को बढ़ावा देने के लिए एक भी अनुभवी भारतीय बल्लेबाज नहीं है। उन्हें यह देखने की जरूरत है कि क्या विजय शंकर या अनकैप्ड खिलाड़ी अभिनव मनोहर खेल को आगे बढ़ा सकते हैं या नहीं।
टीम के लिए अवसर : अगर गुजरात सही संतुलन खोजने और एक साथ क्लिक करने में सक्षम है, तो वे आईपीएल में कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। ऐसा होने के लिए, उन्हें बिल्ड-अप से लेकर हर मैच की आखिरी गेंद तक हर चीज की जरूरत होती है।
टीम के लिए खतरा : हार्दिक पांड्या की फिटनेस खासकर गेंदबाजी के मोर्चे पर टीम के लिए किसी भी तरह से अजमाई जा सकती है। अगर वह गेंदबाजी करने के लिए फिट है तो एकादश का संतुलन ठीक हो जाएगा। अन्यथा, उन्हें अपने ओवरों का कोटा भरने के लिए दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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