खेल
आईपीएल-13 : उद्घाटन मुकाबले में आज आमने-सामने होंगे चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस
आईपीएल के 13वें संस्करण का शनिवार को आगाज होगा और दुनिया की इस सबसे बड़ी पेशेवर टी20 लीग के इतिहास की दो सबसे सफल टीमें- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स पहले मैच में एक दूसरे के सामने होंगी। बेशक दोनों टीमें लीग की विजयी शुरुआत चाहेंगी, लेकिन राह किसी भी आसान नहीं रहेगी। दोनों टीमों का फैन बेस काफी मजबूत है और जब यह दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं तो स्टेडियम में इनके फैंस सीटों पर खड़े हो जाते हैं लेकिन इस बार कोविड-19 के कारण स्टेडियम में फैंस नहीं होंगे और खाली स्टेडियम में मैच खेले जाएंगे। निश्चित तौर पर फैंस की कमी टीमों को खलेगी।
वहीं, दोनों टीमों की बात की जाए तो चेन्नई को लीग से पहले ही दो बड़े झटके लगे हैं। सुरेश रैना और हरभजन सिंह व्यक्तिगत कारणों से इस बार आईपीएल नहीं खेल रहे हैं। दोनों सीएसके की अहम कड़ी माने जाते थे। ऐसे में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए इन दोनों की भरपाई करना मुश्किल होगा। लेकिन धोनी वो कप्तान माने जाते हैं जो किसी भी सूरत में टीम को संभाल लेते हैं और निश्चित तौर रैना-भज्जी के बिना टीम को आगे कैसे ले जाना है यह धोनी ने सोच लिया होगा।
नंबर-3 पर धोनी, रैना के स्थान पर किसी खिलाते हैं वो उसी दिन पता चलेगा। माना जा रहा है की यहां केदार जाधव, रैना की कमी पूरी कर सकते हैं क्योंकि ऋतुराज गायकवाड़ अभी भी पूरी तरह फिट नहीं हैं और इस मैच में उन्हें बाहर ही बैठना पड़ेगा।
टीम की सलामी जोड़ी का दारोमदार शेन वॉटसन और अंबाती रायडू पर रहने की संभावना है। फाफ डु प्लेसिस को भी वॉटसन के साथ पारी की शुरूआत करते हुए देखा जा सकता लेकिन फाफ का खेलना विदेशी खिलाड़ियों के संयोजन पर निर्भर करेगा। नियमों के मुताबिक, प्लेइंग-11 में सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। इनमें से ड्वेन ब्रावो, वॉटसन का खेलना तय है।
गेंदबाजी में लुंगी नगिदी और जोस हेजलवुड में से एक का खेलना भी तय है और स्पिन में इमरान ताहिर के अलावा मिशेल सैंटनर टीम के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
अगर हरभजन होते तो वह रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर एक अच्छी स्पिन जोड़ी बनाते लेकिन उनके न रहने से इमरान ताहिर का अनुभव और कला सीएसके के लिए उपयोगी होगी। ऐसे में डु प्लेसिस की टीम में जगह काफी मुश्किल दिखती है। हां, अगर धोनी पीयूष चावला के साथ जाते हैं तो डु प्लेसिस के खेलने की संभावना बढ़ जाएगी।
मध्य क्रम की जिम्मेदारी ब्रावो और धोनी पर ही होगी जो तेजी से रन भी बना सकते हैं और मुश्किल में पारी को संभाल भी सकते हैं।
तेज गेंदबाजी में शार्दूल ठाकुर और दीपक चहर का नाम तय है। जरूरत पड़ने पर दीपक बल्लेबाजी में भी अहम रन बना सकते हैं। इन दोनों के अलावा ब्रावो रहेंगे ही। अब टीम नगिदी और हेजलवुड की प्रतिभा को कैसे इस्तेमाल करती है यह देखना होगा।
वहीं मुंबई की बात की जाए तो उसने क्रिस लिन जैसे धाकड़ बल्लेबाज को इस सीजन अपने साथ जोड़ अपनी बल्लेबाजी को और मजबूत किया है। मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने ये साफ किया है की वे धाकड़ दक्षिण अफ्रीकी विकेट-कीपर क्विंटन डी कॉक के साथ पारी की शुरूआत करेंगे जो विरोधियों के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो रोहित और डी कॉक की जोड़ी ने पिछले साल जमकर धमाल मचाया था। इस जोड़ी ने बीते सीजन 15 मैचों में 565 रन जोड़े थे। रोहित ने जहां 405 रन बनाए थे, डी कॉक ने 35.26 की शानदार औसत से 529 रन एकत्रित किये थे।
अगर इस जोड़ी ने दोबारा लय पकड़ी तो चेन्नई के गेंदबाजों को मैदान में कठिन समय बिताना पड़ सकता है।
मध्य क्रम में मुंबई के पास काफी विकल्प हैं। सूर्यकुमार जैसा अनुभवी खिलाड़ी, ईशान किशन जैसा प्रतिभाशाली युवा। और फिर केरन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या, क्रूणाल पांड्या का अनुभव भी टीम के पास है। शेरफाने रदरफोर्ड, सौरभ तिवारी भी टीम ऑप्शन हैं।
गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा का न रहना टीम को अखर सकता है लेकिन जेम्स पैटिनसन, ट्रेंट बाउल्ट और नाथन कल्टर नाइल की तिगड़ी मलिंगा की कमी को पूरा कर सकती है। बाकी टीम के दुनिया के शानदार टी-20 गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं ही।
स्पिन में टीम के पास राहुल चहर और क्रूणाल के कंधों पर ही टीम का भार होगा।
यूएई की पिचों को देखा जाए तो वहां की पिचें धीमी और स्पिनरों की मददगार होती हैं और यहां सीएसके के मुंबई पर भारी पड़ती दिख रही है। सीएसके के पास ऐसे तेज गेंदबाज हैं जो धीमी विकेटों पर गेंदबाजी करने में माहिर हैं और उनमें से एक ब्रावो का है। वहीं वाटसन भी अपने अनुभव से यहां सीएसके को मदद दिला सकते हैं। रवींद्र जडेजा, ताहिर, सैंटनर और पीयूष जिसे भी मौका मिलेगा उसके लिए यह फायदे का सौदा ही होगा, लेकिन मुंबई के पास स्पिन में ऐसा कोई बड़ा नाम या अनुभवी खिलाड़ी नहीं है जो इन पिचों पर असरदार साबित हो सके।
क्रूणाल और राहुल के चोटिल हो जाने की स्थिति में मुंबई को और परेशानी हो सकती है। टीम के पास जयंत यादव हैं लेकिन टी-20 में वह कितना प्रभाव छोड़ पाएंगे यह अभी तक सवाल है।
लीग में अभी तक दोनों टीमों ने कुल 30 मैच खेले हैं। 18 बार मुंबई इंडियंस को जीत मिली है और 12 बार सीएसके के हिस्से जीत आई है।
टीमें (सम्भावित) :
सुपर किंग्स – एमएस धोनी (कप्तान, विकेटकीपर), ड्वेन ब्रावो, फ्रांसिस डु प्लेसिस, रवींद्र जडेजा, शेन वाटसन, अंबाती रायडू, पीयूष चावला, केदार जाधव, कर्ण शर्मा, इमरान ताहिर, दीपक चहर, शार्दूल ठाकुर, लुंगी नगिदी, मिशेल सैंटनर, सैम कुरैन, मुरली विजय, जोस हेजलवुड, ऋतुराज गायकवाड, एन.जगदीशन, केएम. आसिफ, मोनू कुमार, आर. साई किशोर।
मुम्बई इंडियंस – रोहित शर्मा (कप्तान), आदित्य तारे (विकेटकीपर), अनमोलप्रीत सिंह, अनुकूल रॉय, क्रिस लिन, धवल कुलकर्णी, दिग्विजय देशमुख, हार्दिक पांड्या, ईशान किशन, जेम्स पैटिनसन, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, किरॉन पोलार्ड, क्रूणाल पांड्या, मिशेल मैक्लेंघन, मोहसिन खान, नाथन कल्टर नाइल, प्रिंस बलवंत राय, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), राहुल चहर, सौरभ तिवारी, शेरफाने रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, ट्रेंट बाउल्ट।
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भारत समुद्री बीमा पूल से कारोबारियों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा हुआ सुनिश्चित, 3000 से अधिक पॉलिसी जारी

वैश्विक अस्थिरता और युद्ध से समुद्री व्यापार को बढ़ते जोखिमों के बीच भारत समुद्री बीमा पूल (बीएमआईपी) निर्णायक साबित हुआ है। इसने भारतीय समुद्री पक्षकारों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा सुनिश्चित किया है। वहीं, पश्चिम एशिया में टकराव के बाद से युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में लगभग 35 से 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह जानकारी रविवार को जारी सरकारी फैक्टशीट में दी गई।
सरकारी डेटा के मुताबिक, 7 सितंबर, 2026 तक इस पूल ने 3000 माल युद्ध जोखिम, 92 जलपोत ढांचा युद्ध जोखिम तथा 3 संरक्षण और क्षतिपूर्ति (पी&आई) बीमा पॉलिसी जारी की हैं।
बीएमआईपी उन जहाजों के संबंध में जहाज के ढांचे और मशीनरी जोखिमों के लिए समुद्री बीमा प्रदान करता है जिनमें भारतीय ध्वज लगा होता है या जिनका स्वामित्व, प्रबंधन या नियंत्रण भारतीय संस्थाओं या भारत से आने वाले या शुरू होने वाले मालवाहक पोत द्वारा किया जाता है।
इसे मई 2026 में 13,906.50 करोड़ रुपए (1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक के कवरेज के साथ शुरू किया गया था। यह जहाज के ढांचे, माल, संरक्षण और क्षतिपूर्ति (पी&आई) और युद्ध जोखिमों के लिए घरेलू बीमा कवरेज प्रदान करता है। बीएमआईपी विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता कम करता है और वैश्विक व्यवधानों के दौरान किफायती, निर्बाध कवरेज सुनिश्चित करता है।
इसके अंतर्गत बीमा पॉलिसी घरेलू बीमा कंपनियों द्वारा जारी की जाती हैं और जोखिमों का पुनर्बीमाकरण सदस्यों की प्रतिबद्धताओं के आधार पर सामूहिक रूप से किया जाता है। 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के दावों का निपटान आरक्षित निधियों के माध्यम से किया जाता है, जबकि बड़े दावों के लिए संप्रभु गारंटी का उपयोग किया जाता है। अपनी शुरुआत के बाद से, बीएमआईपी ने तटीय जहाजों के लिए युद्ध-जोखिम और पी&आई पॉलिसी जारी की हैं, प्रीमियम कम किए हैं और भारत की समुद्री संप्रभुता को मजबूत किया है।
सरकार के मुताबिक, यह जहाजों को हल स्ट्रक्चर (जहाज का मुख्य ढांचा), प्रोपल्शन सिस्टम (जहाज को चलाने वाली मशीनरी) और लगे हुए उपकरणों को होने वाले नुकसान से बचाता है। इससे यह पक्का होता है कि भारत के व्यापारिक जहाजों के बेड़े की पूंजी सुरक्षित रहे और उसका बीमा देश के भीतर ही हो।
यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से ले जाए जा रहे सामान को शिपमेंट के नुकसान या खराबी से बचाता है। इससे ज्यादा जोखिम या टकराव वाले समुद्री रास्तों पर भी भारतीय निर्यातकों और आयातकों को फायदा होता है।
यह सशस्त्र संघर्ष, समुद्री डकैती, आतंकवाद और दुश्मन के जहाज द्वारा कब्जा किए जाने से होने वाले नुकसान के खिलाफ बीमा सुरक्षा देता है। यह सुरक्षा उन भारतीय व्यापार मार्गों के लिए बहुत जरूरी है जो लाल सागर, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील इलाकों और अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं।
फैक्टशीट में अंत में कहा गया कि बीएमआईपी भारत की समुद्री वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसकी भूमिका पक्षकारों के लिए विश्वसनीय संचालन, प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और भरोसेमंद दावा निपटान सुनिश्चित करना है।
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एशियन गेम्स: स्क्वैश में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ अनाहत ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का पहला मौका भी चूक गईं, क्योंकि सिंगल्स इवेंट के विजेता को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए कोटा मिलना तय था, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है।
नागोया किंजो फुतो एरिना में प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ी का मुकाबला मलेशिया की कहीं ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी से था। अनाहत को अपनी प्रतिद्वंद्वी के शानदार खेल का मुकाबला करने में मुश्किल हुई और उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवा दिया।
इसके बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने मजबूत अटैक और डिफेंस से अगले दो गेम पर भी अपना दबदबा बनाए रखा। अनाहत को कोई खास मौका नहीं मिला और वह दूसरा गेम भी 4-11 के अंतर से हार गईं, जबकि मौजूदा चैंपियन ने शानदार खेल दिखाते हुए तीसरा गेम 11-7 से जीता।
उल्लेखनीय है कि अनाहत ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद हराया था, जिसके साथ वह एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
इससे पहले, भारत के अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने शानदार खेल दिखाते हुए मेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में भारतीय खिलाड़ी को 11-9, 11-5, 11-5 से मात दी।
रविवार को यह स्क्वैश में भारत का दूसरा पदक रहा। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। हालांकि, फाइनल में हारने की वजह से अभय एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए।
खेल
जोश इंगलिस की उंगली में फ्रैक्चर, साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर

ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश इंगलिस की दाहिनी तर्जनी में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके चलते वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ शेष वनडे सीरीज से बाहर हो गए। अब जोश इंगलिस अगले महीने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मुकाबलों की टेस्ट सीरीज से पहले फिट होना चाहेंगे।
31 वर्षीय इंगलिस गुरुवार को डरबन में वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में विकेटकीपिंग के दौरान चोटिए हुए थे। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया को 67 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। चोट के बावजूद, इंगलिस छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे, लेकिन सिर्फ तीन रन ही बना सके।
‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया’ ने शनिवार को एक बयान में कहा, “वेस्ट ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी स्कैन के लिए घर लौटेंगे और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए उनकी उपलब्धता आगे की जांच और सुधार पर निर्भर करेगी।”
इंगलिस की चोट के कारण एलेक्स कैरी को रविवार को जोहान्सबर्ग के वांडरर्स में होने वाले दूसरे वनडे में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी वापस मिल सकती है। हालांकि, दोनों खिलाड़ी हालिया व्हाइट-बॉल टीम में एक साथ खेले हैं, लेकिन इंगलिस विकेटकीपिंग कर रहे थे और कैरी एक स्पेशलिस्ट फील्डर के तौर पर खेल रहे थे।
इस झटके के कारण टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के सामने एक रणनीतिक समस्या खड़ी हो गई है। इंगलिस रेड-बॉल टीम में मुख्य बैकअप बल्लेबाज और दूसरे विकेटकीपर हैं। 2025 की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में शतक लगाने के बाद वे मिडिल-ऑर्डर स्पेशलिस्ट के तौर पर पांच टेस्ट मैच खेल चुके हैं।
अगर इंगलिस समय पर ठीक होकर दौरे पर वापस नहीं लौट पाते हैं, तो चयनकर्ताओं को शायद किसी दूसरे खिलाड़ी को बुलाना पड़ सकता है, ताकि तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में कैरी अकेले विकेटकीपर न रहें। हालांकि, जोहान्सबर्ग और पॉचेफस्ट्रूम में होने वाले आखिरी दो वनडे मैचों के लिए किसी तत्काल रिप्लेसमेंट को नहीं बुलाया जाएगा।
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