अंतरराष्ट्रीय
इंस्टाग्राम ने क्रॉनोलोजिकल फीड का परीक्षण शुरू किया
मेटा के स्वामित्व वाले फोटो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने क्रॉनोलोजिकल फीड का परीक्षण शुरू कर दिया है, जैसा कि उसने पिछले महीने वादा किया था।
इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी के अनुसार, फर्म लोगों के लिए यह देखना आसान बनाना चाहती है कि वे इसे कैसे देखना चाहते हैं। यह सुविधा पहले से ही कुछ खातों के लिए परीक्षण में है या अगले कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने यह भी नोट किया कि इंस्टाग्राम जल्द ही यूजर्स को तीन अलग-अलग फीड्स होम, फेवरेट और फॉलोइंग के बीच टॉगल करने की अनुमति देगा।
मोसेरी ने एक ट्वीट में कहा, “हम आपके होम स्क्रीन पर तीन अलग-अलग विचारों- होम, फेवरिट्स, फॉलोविंग के बीच स्विच करने की क्षमता का परीक्षण करना शुरू कर रहे हैं (जिनमें से दो आपको क्रॉनोलोजिकल क्रम में पोस्ट देखने का विकल्प देंगे)।”
होम इंस्टाग्राम के वर्तमान फीड के समान होगा, जो आपकी रुचि के आधार पर पोस्ट को रैंक करता है, जबकि ‘फेवरिट्स’ उन दोस्तों के लिए एक समर्पित फीड होगा जिनकी आप सबसे अधिक परवाह करते हैं। ‘फॉलोविंग’ केवल आपके द्वारा अनुसरण किए जाने वाले अकाउन्ट्स के लिए एक क्रॉनोलोजिकल फीड होगा।
उन्होंने हाल ही में कहा था कि मोसेरी ने कहा कि मंच वीडियो पर ‘डबल डाउन’ करेगा और रील्स पर ध्यान केंद्रित करेगा।
इंस्टाग्राम हाल के महीनों में वीडियो को संभालने के तरीके में कुछ बदलाव कर रहा है। अक्टूबर में, इसने आईजीटीवी ब्रांड को मुख्य फीड में लंबे-फॉर्म वीडियो लाने के लिए बंद कर दिया। हालांकि, यूजर्स को पूरा वीडियो देखने के लिए रील्स पर टैप करना होगा।
क्रिएटर्स के लिए मोसेरी ने कहा कि इंस्टाग्राम 2022 में मैसेजिंग और पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करेगा।
राष्ट्रीय समाचार
टेस्ला लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को अगली पीढ़ी की रोडस्टर को करेगी लॉन्च

इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने घोषणा की कि कंपनी लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को रोडस्टर लॉन्च करेगी। टेस्ला रोडस्टर की पहली जनरेशन को करीब एक दशक पहले बाजार में उतारा गया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टेस्ला ने एक पोस्ट में कहा, “गो फॉर लॉन्च”, साथ ही इसमें एक पोस्टर भी था, जिसमें इसकी तारीख एक अक्टूबर दी गई थी।
इस पोस्ट के रिप्लाई में मस्क ने कहा, “नई टेस्ला रोडस्टर 10.01 को लॉन्च की जाएगी।”
इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में अगस्त में दावा किया गया था कि टेस्ला नए डिजाइन वाली रोडस्टर को जल्द ही लॉन्च करने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इवेंट में स्पेसएक्स के साथ मिलकर बनाए गए कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स वाले लिमिटेड-एडिशन वर्जन का डेमो दिखाया जा सकता है।
टेस्ला ने सबसे पहले 2017 में अगली पीढ़ी की रोडस्टर लाने का ऐलान किया था और कहा था कि इसकी डिलीवरी 2020 में शुरू हो जाएगी, लेकिन इस प्रोग्राम में बार-बार देरी हुई है।
यह कदम टेस्ला द्वारा पिछले हफ्ते ऑस्टिन, टेक्सास के कुछ इलाकों में अपनी दो-सीटर साइबरकैब में राइड्स की सुविधा शुरू करने के बाद उठाया गया है। इस साइबरकैब में न तो स्टीयरिंग व्हील है और न ही पैडल। मस्क ने इस गाड़ी को टेस्ला को ड्राइवरलेस गाड़ियों के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनाने के लिए अहम बताया है।
खबरों के मुताबिक, नई रोडस्टर अब एक आम हाई-परफॉर्मेंस ईवी से बदलकर पूरी तरह से नई कार्बन-फाइबर हाइपरकार बन गई है।
नई रोडस्टर के लॉन्च से पहले टेस्ला के शेयर में तेजी देखी गई। बीते एक महीने में टेस्ला ने 7 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव असर! एफपीआई ने सितंबर में अब तक 14,474 करोड़ रुपए की बिकवाली की

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की ओर से इस महीने अब तक (1-12 सितंबर तक) 14,474 करोड़ रुपए इक्विटी मार्केट से निकाले गए हैं। इससे पहले जुलाई और अगस्त में सकारात्मक इनफ्लो दर्ज किया गया था।
वहीं, प्राइमरी मार्केट (आईपीओ) में एफपीआई निवेश अब तक सकारात्मक 1,336 करोड़ रुपए पर बना हुआ है, जिससे इस साल प्राइमरी मार्केट में कुल एफपीआई निवेश बढ़कर 47,183 करोड़ रुपए हो गया है।
इस बीच, पूरे हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजार पर काफी दबाव बना रहा और निफ्टी 50 में लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई, ग्लोबल ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस कारण बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई और हफ्ते के दौरान प्रमुख सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए।
मार्केट के जानकारों का कहना है कि घरेलू इक्विटी के लिए कच्चे तेल की कीमतें एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतर्क बने रहे और उनकी लगातार बिकवाली घरेलू इक्विटी के लिए एक बड़ी बाधा बन रही है।
इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले हफ्ते 6,419.46 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने और घरेलू इक्विटी मार्केट में और गिरावट को रोकने में मदद मिली।
आगे चलकर, एफपीआई का निवेश ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर से काफी हद तक प्रभावित होगा।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ती महंगाई का मतलब है कि मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होगी, जिससे बॉन्ड यील्ड और बढ़ेगी।
आने वाले हफ्ते में ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। कच्चे तेल की कीमतें, मध्य पूर्व में घटनाक्रम और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदें मार्केट के मूड को तय करने वाले मुख्य कारक होंगे।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में भारत का राहत अभियान जारी, चिलिमे टनल से पानी-कीचड़ निकालने में तकनीकी टीम कर रही मदद

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से भारत लगातार राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रह है। बुधवार को भारतीय बचाव दल चिलिमे स्थित सुरंग में लोगों के बचाव अभियान में तत्परता से मदद कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरंग बचाव अभियान के तहत भारत की संयुक्त तकनीकी टीम ने बुधवार को भी चिलिमे स्थित सुरंग में पानी निकालने और कीचड़ हटाने का काम जारी रखा। हालांकि, सुरंग की ढलान और अंदर पहुंचने में आने वाली मुश्किलें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीम नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करके काम आगे बढ़ा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि सुरंग को साफ करने के लिए भारी मशीनरी अंदर ले जाने के लिए जो अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, उसका निर्माण भी लगातार जारी है। उम्मीद है कि यह रास्ता अगले 2 से 3 दिनों में तैयार हो जाएगा। काठमांडू में काम कर रही भारतीय फोरेंसिक टीम भी लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। फिलहाल टीम 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच कर रही है। अब तक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।
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