व्यापार
हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 189 अंक की बढ़त के साथ कर रहा कारोबार
मुंबई, 14 अक्टूबर: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में आईटी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है।
सुबह करीब 9.28 बजे, सेंसेक्स 189.95 अंक या 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,517 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 67 अंक या 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,294.35 पर कारोबार कर रहा था।
ब्रॉडकैप सूचकांकों में, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.35 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी आईटी 0.93 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 0.28 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.12 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.93 प्रतिशत और निफ्टी रियलिटी 0.20 प्रतिशत की बढ़त में थे। निफ्टी ऑटो 0.10 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.47 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.30 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.02 प्रतिशत की गिरावट में कारोबार कर रहे थे।
बाजार जानकारों ने कहा, “पिछले एक वर्ष के बाजार प्रदर्शन से एक महत्वपूर्ण बात यह है कि लार्ज कैप का प्रदर्शन बेहतर रहा (निफ्टी 1.05 प्रतिशत ऊपर) और स्मॉल कैप का प्रदर्शन कम रहा (निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 4.77 प्रतिशत नीचे)। पीएसयू बैंकों का प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा (निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 16.77 प्रतिशत ऊपर) और आईटी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा (निफ्टी आईटी 16.5 प्रतिशत नीचे)।”
उन्होंने आगे कहा, “इन रुझानों में एक सामान्य विशेषता मूल्यांकन है। आईटी स्टॉक, विशेष रूप से लार्ज कैप को बाजार द्वारा अधिक मूल्यवान माना जाता है क्योंकि वे कई प्रतिकूल परिस्थितियों और कुछ मजबूत संरचनात्मक मुद्दों का सामना कर रहे हैं।”
जानकारों ने बताया कि दूसरी ओर, पीएसयू स्टॉक अच्छे विकास और मजबूत बैलेंस शीट के बावजूद बहुत कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। मूल्यांकन में इस विसंगति को बाजार द्वारा ठीक कर दिया गया है। यह रुझान जारी रहने की संभावना है।
इस बीच, सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इंफोसिस और बीईएल टॉप गेनर्स थे। वहीं, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, एसबीआई और टाइटन टॉप लूजर्स थे।
अमेरिकी मार्केट में पिछले ट्रेडिंग सेशन में डाउ जोंस 1.29 प्रतिशत या 587.98 अंक की बढ़त के साथ 46,067.58 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 102.21 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,654.72 और नैस्डेक 490.18 अंक या 2.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,694.61 पर हरे निशान में बंद हुआ।
एशियाई बाजार सुबह के कारोबार में मिलेजुले रहे। चीन का शंघाई इंडेक्स 0.21 प्रतिशत की बढ़त में रहा। जापान का निक्केई 1.43 प्रतिशत की गिरावट में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.60 प्रतिशत की बढ़त में कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.54 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 13 अक्टूबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 240.10 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,333.42 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
राष्ट्रीय समाचार
ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

ई20 पेट्रोल से वाहन में खराबी को लेकर आए देश के पहले फैसले में अदालत ने उपभोक्ता को राहत पहुंचाई है। कार मालिक ने आरोप लगाया था कि ई20 पेट्रोल ने उसकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद रायपुर जिला उपभोक्ता अदालत ने कार मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही, अदालत ने कंपनी और संबंधित पक्षकारों को कार मालिक की शिकायत को देखते हुए वाहन बदलने या निर्धारित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में परिवाद की ऑनलाइन 12 मार्च 2025 को की गई थी, जबकि इसका पंजीयन 16 अप्रैल 2025 को हुआ। 14 जुलाई को आयोग ने अपना आदेश जारी किया।
उपभोक्ता प्रेमराज देवता ने आरोप लगाया था कि उनकी मारुति ग्रैंड विटारा कार में ई20 पेट्रोल के उपयोग के बाद बार-बार समस्याएं आने लगीं। शिकायत में इंजन संबंधी परेशानी, परफॉर्मेंस के खराब होने, मिसफायरिंग और लगातार माइलेज घटने जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया। उपभोक्ता का कहना था कि ई20 पेट्रोल के उपयोग के बाद वाहन की समस्या दूर नहीं हुई, जबकि कई बार सर्विस सेंटर में जांच और मरम्मत कराई गई।
आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने माना कि ई20 पेट्रोल के संबंध में उपभोक्ता के पास व्यवहारिक रूप से अन्य ईंधन विकल्प उपलब्ध नहीं था, क्योंकि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर यही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा था।
आयोग ने संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ता की कार वापस लेकर उसी मॉडल की नई ई20 ईंधन समर्थित कार आदेश की तारीख से 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। अगर निर्धारित अवधि में वाहन नहीं बदला जाता है, तो विपक्षी पक्षकारों को वाहन की कीमत और संबंधित खर्चों का भुगतान (कुल राशि 20,50,494) करना होगा।
आयोग ने यह भी आदेश दिया कि संबंधित पक्षकारों को मानसिक क्षति और वाद व्यय की राशि भी अदा करनी होगी। आयोग ने उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए एक लाख रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपए का भुगतान करने को कहा है। आदेश में कहा गया कि राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय इक्विटी बाजार में जोखिम घटा; 84,000 के स्तर तक जा सकता है सेंसेक्स : रिपोर्ट

भारतीय शेयर बाजार के आउटलुक में सुधार हुआ है और सेंसेक्स इस साल के अंत तक 84,000 के स्तर को छू सकता है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट होना, घरेलू स्तर पर खपत मजबूत रहना और कंपनियों में आय से जुड़ा जोखिम कम होना है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एचएसबीसी ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में भारतीय इक्विटी के लिए व्यापक आर्थिक माहौल में काफी सुधार हुआ है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें उम्मीद से अधिक तेजी से संघर्ष से पहले के स्तर पर वापस आ गई हैं।
इसमें कहा गया है कि तेल की कीमतों में गिरावट से कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव कम हुआ है और कमाई के अनुमानों में भारी कटौती की संभावना भी घटी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब वैल्यूएशन सामान्य हो गई हैं, जबकि ऊर्जा की कम कीमतों और मजबूत खपत ने कमाई के आउटलुक को बेहतर बनाया है।
इसके अलावा, हालिया भारी खरीदारी के बाद आने वाले महीनों में खपत धीमी हो सकती है, जबकि अल नीनो ग्रामीण मांग के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 27 में कमाई में बढ़ोतरी के आम अनुमान (कमोडिटी को छोड़कर) को पहले के 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, इसमें और कटौती होने की उम्मीद है।
एचएसबीसी के एनालिस्ट के अनुसार, बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट में विदेशी निवेश लाने के लिए आरबीआई के हालिया कदमों से रुपए को स्थिर करने और विदेशी निवेश की निकासी को कम करने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशक भी शुद्ध खरीदार बन गए हैं और जुलाई में अब तक लगभग 1.8 अरब डॉलर का निवेश आया है।
भारतीय इक्विटी को ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ कैटेगरी में अपग्रेड करने के बावजूद, ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि विदेशी निवेश शायद लंबे समय तक बना न रहे, क्योंकि ग्लोबल निवेशक एक बार फिर दूसरे बाजारों में एआई से जुड़े मौकों पर ध्यान दे सकते हैं।
हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इक्विटी के लिए घरेलू निवेशकों की मांग मजबूत बनी रहेगी।
इसके अलावा, ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में भारत के प्राइवेट बैंकों, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, रियल एस्टेट, कमोडिटी और चुनिंदा इंडस्ट्रियल कंपनियों को प्राथमिकता दी है। हालांकि, एआई से जुड़ी चिंताओं के कारण सॉफ्टवेयर सर्विस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं, भले ही इस सेक्टर के वैल्यूएशन में काफी सुधार हुआ है।
राष्ट्रीय समाचार
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच हल्की बढ़त के साथ खुला भारतीय शेयर बाजार, टेक स्टॉक्स में खरीदारी

मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की बढ़त के साथ हुई है। इस दौरान सेंसेक्स 186 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,388 और निफ्टी 63 अंक या 0.26 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,142 पर था।
शुरुआती कारोबार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी 1.80 प्रतिशत की मजबूती के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी हेल्थकेयर भी हरे निशान में थे।
इसके अलावा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सूचकांक लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, टाइटन, टीसीएस, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, एचयूएल, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और अल्ट्राटेक सीमेंट गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, इटरनल, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एसबीआई और एलएंडटी लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव न होने और ग्लोबल मार्केट के स्थिर रहने के कारण, हमारे बाजार सकारात्मक रुख के साथ एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, इसलिए मार्केट इन नतीजों पर प्रतिक्रिया दे सकता है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई और सोल लाल निशान में थे। वहीं, हांगकांग, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ था। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं और बुधवार को उन्होंने 735.83 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की और इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 704.93 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
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