राजनीति
भारतीय विदेश सचिव 2 दिवसीय यात्रा पर काठमांडू पहुंचे
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद के बाद कमजोर पड़े दोनों देशों के रिश्ते को दुरुस्त करने के लिए भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला गुरुवार की सुबह दो दिवसीय दौरे के लिए काठमांडू पहुंचे हैं। यात्रा की घोषणा काठमांडू और नई दिल्ली ने पहले ही कर दिया था। श्रृंगला काठमांडू पहुंचने के बाद नेपाल के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से मिलेंगे और अपने समकक्ष भरत राज पौड्याल के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।
इस वर्ष जनवरी में विदेश सचिव का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली नेपाल यात्रा है।
लगभग एक वर्ष से लंबित पड़ी यह यात्रा अब हुई। नई दिल्ली द्वारा पिछले साल नवंबर में विवादित क्षेत्रों को भारत का हिस्सा बताते हुए नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया गया था। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी।
इसके बाद काठमांडू ने राजनयिक नोट के माध्यम से नई दिल्ली के साथ निर्णय को बदलने का आह्वान किया, लेकिन भारत ने बाद में इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि वह कोविड संकट के बाद नेपाल के साथ बातचीत करेगा।
पिछले साल नवंबर में एक छोटे मनमुटाव के बाद दोनों ओर शांति थी, लेकिन विवाद तब फिर शुरू हुआ, जब 8 मई को नई दिल्ली ने भारतीय राज्य उत्तराखंड में लिपुलेख के माध्यम से 80 किलोमीटर नई सड़क लिंक का उद्घाटन किया। यह विवादित क्षेत्र है, जिसे नेपाल अपना बताता है।
वहीं नेपाल द्वारा 20 मई को अपने नक्शे में विवादित क्षेत्र को शामिल करने वाले एक नए नक्शे के अनावरण के बाज सीमा विवाद ने एक भयानक मोड़ ले लिया।
नेपाली अधिकारियों के अनुसार, मई के बाद काठमांडू और नई दिल्ली दोनों ने बैक चैनल के माध्यम से संचार करना शुरू कर दिया, जिसने आखिरकार अगस्त में परिणाम दिया, और नेपाल के प्रधानमंत्री, के.पी. शर्मा ओली और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीफोन पर बात की और सहमत हुए।
जानकार सूत्रों के अनुसार, इसके बाद मोदी ने अक्टूबर में ओली से मिलने के लिए भारत के एक्सटर्नल जासूसी एजेंसी के प्रमुख सामंत गोयल को अपने दूत के रूप में भेजा, जिसके बाद आखिरकार दोनों पक्षों की उच्च-स्तरीय यात्राओं का मार्ग प्रशस्त हुआ।
गोयल के लौटने के बाद, भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने इस महीने की शुरुआत में नेपाल का दौरा किया था और दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही अनोखी परंपरा नेपाल सेना के जनरल रैंक के मानद से उन्हें सम्मानित किया गया।
वहीं अब दिल्ली ने अब अपने शीर्ष राजनयिक को काठमांडू भेज दिया है और श्रृंगला की यात्रा से निकट भविष्य में और अधिक उच्च-स्तरीय यात्राओं के लिए मार्ग प्रशस्त करने की उम्मीद है।
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि आर्थिक सहयोग, सीमा विवाद, नेपाल-भारत संबंधों पर प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह की रिपोर्ट, कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाएं, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, कोविड वैक्सीन की आपूर्ति सहित नेपाल में सभी द्विपक्षीय मुद्दों को शीर्ष पर सूचीबद्ध किया गया है।
काठमांडू में अपनी 30 घंटे की यात्रा के दौरान, श्रृंगला राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी, प्रधानमंत्री ओली, विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली सहित अन्य लोगों से मुलाकात करेंगे। वह विपक्षी दल के नेता शेर बहादुर देउबा से भी मुलाकात करेंगे और अपनी नेपाल यात्रा से पहले एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी द्वारा आयोजित नेपाल-भारत संबंधों पर व्याख्यान देंगे। वह भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित दो परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
राष्ट्रीय समाचार
केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला नहीं, अब तक 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव

केरल में निपाह का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं। वर्तमान में, संपर्क सूची में 100 लोग हैं। इनमें से 44 स्वास्थ्यकर्मी हैं। अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं। केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार केरल में 1 जनवरी से अब तक शिगेला के 135 मामले सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले कोझिकोड में दर्ज किए गए हैं, जहां 135 में से 68 मामले हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। पहली मौत मार्च में हुई थी। दूसरी मौत कोझिकोड में एक बच्चे की हुई और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की।
चार बच्चे आईसीयू में हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है, लेकिन उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। हमने स्कूलों के कुओं की जांच के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले केरल में निपाह वायरस के खतरे के बीच वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया का भी प्रकोप जारी है। शिगेला के नए मामले दूसरे जिलों से सामने आने लगे हैं। इन खतरों से निपटने के लिए अधिकारियों ने पूरे राज्य में निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि हालात काबू में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। केरल में निपाह का एक नया संदिग्ध मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने वहां की स्थिति पर बारीकी से नजर रखना शुरू कर दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि राज्य में हो रही गतिविधियों पर ध्यान रखा जा रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी मदद दी गई है।
संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल विस्तृत जांच के लिए इमरजेंसी आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे, भेजे गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि संक्रमण की गंभीरता और वायरस के स्रोत के बारे में साफ जानकारी आधिकारिक टेस्ट के नतीजे आने के बाद ही मिल पाएगी। जल्द से जल्द रिपोर्ट आ सके, इसके लिए कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार ने राज्य को निपाह से बचाव के तय प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर तकनीकी मदद और विशेषज्ञों का सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें।
राष्ट्रीय समाचार
दुनिया का इनोवेशन पार्टनर बनना भारत का लक्ष्य, उभरती हुई ग्लोबल टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर: पीयूष गोयल

भारत उभरती हुई ग्लोबल टेक्नोलॉजी में साझेदारी को गहरा करने और स्वयं को दुनिया का इनोवेशन पार्टनर में बदलने के लिए काम कर रहा है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से रविवार को दी गई।
फ्रांस के नीस में भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए गोयल ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ का मकसद भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के तौर पर काम करना है और भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर के तौर पर स्थापित करना है।
गोयल ने कहा, “साल 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के तौर पर मनाया जा रहा है, जो इस पहल के लिए एक सही माहौल देता है। हम एक ऐसे अनिश्चित समय में मिल रहे हैं जब भू-राजनीतिक स्तर पर बड़े हो रहे बदलाव, नई टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों से मिल रहे हैं।”
भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का जिक्र करते हुए, गोयल ने कहा कि इस साल दोनों देशों ने आपसी संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा है।
उन्होंने कहा कि इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े वैश्विक चिंतन को आकार देने के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत के साथ शामिल हुए थे।
गोयल ने कहा, “मैं अपने फ्रांसीस सहयोगियों से अपील करता हूं कि वे इस मौके का इस्तेमाल सार्थक साझेदारी बनाने के लिए करें। साथ ही, मैं अपने फ्रांसीसी दोस्तों को भारत आने, यहां निवेश करने, डिजाइन करने, इनोवेशन करने और मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए आमंत्रित करता हूं, ताकि वे भारत के बड़े घरेलू बाजार और यहां से बाकी दुनिया में निर्यात, दोनों के लिए काम कर सकें।”
‘भारत इनोवेट्स’ समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।
इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी, टेक्नोलॉजी लीडर और नीति-निर्माता एक साथ आते हैं ताकि इनोवेशन, निवेश और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशे जा सकें।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पीएम मोदी फ्रांस में भारत इनोवेट्स समिट से पहले वैश्विक निवेशकों से मिले

भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।
इस इनोवेशन-केंद्रित समिट को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मिलकर शुरू करेंगे।
इस कार्यक्रम में प्रमुख स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग एक साथ आएंगे। वे भारत, फ्रांस और व्यापक ग्लोबल इकोसिस्टम के बीच सहयोग, निवेश और इनोवेशन-आधारित पार्टनरशिप के मौकों पर चर्चा करेंगे।
निवेशकों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब भारत और फ्रांस अपनी ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत उभरती टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।
‘भारत इनोवेट्स समिट’ के दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा देने और संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच बनने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच नीस में द्विपक्षीय बातचीत होने की भी उम्मीद है, जिसमें वे भारत-फ्रांस संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
बातचीत मुख्य रूप से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा 13 जून से 18 जून तक चलेगी, जिसमें वह तीन प्रमुख शहर नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के तुरंत बाद नीस में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नीस में भारतीय समुदाय की ओर से यादगार स्वागत। भले ही वे अपने देश से कई किलोमीटर दूर हैं, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय का रिश्ता पहले से कहीं अधिक मजबूत है।”
इससे पहले, नीस पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी फ्रांस यात्रा के बारे में जानकारी शेयर की थी और बताया था कि उनके कार्यक्रम नीस, एवियन और पेरिस में होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अभी नीस पहुंचा हूं। नीस के अलावा, फ्रांस की इस यात्रा में एवियन और पेरिस में भी कार्यक्रम शामिल हैं।”
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