राष्ट्रीय समाचार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने ‘हिंदुत्व एक बीमारी है’ का दावा कर विवाद खड़ा कर दिया; भाजपा ने तीखी आलोचना की
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने रविवार को हिंदुत्व को एक “बीमारी” बताकर विवाद खड़ा कर दिया, जो हिंदू धर्म को कलंकित करती है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ़ हिंसा को बढ़ावा देती है। सोशल मीडिया पर और जम्मू में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उनकी टिप्पणियों की भाजपा ने तीखी आलोचना की, जिसने उनके “अपमानजनक” बयानों के लिए माफ़ी की मांग की।
एक्स पर एक पोस्ट में इल्तिजा ने एक घटना की निंदा की जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति पर हिंदू नारा लगाने से इनकार करने पर हमला किया गया था। उन्होंने लिखा, “हिंदुत्व एक बीमारी है जिसने लाखों लोगों को पीड़ित किया है और एक भगवान के नाम को कलंकित किया है।” उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू धर्म के विपरीत हिंदुत्व विचारधारा नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए हिंदू धर्म को करुणा और धर्मनिरपेक्षता का धर्म बताया। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व सावरकर के हिंदू वर्चस्व के दृष्टिकोण से उपजा है और भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इसका फायदा उठा रही है।” उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा देश को बदनाम करती है।
भाजपा ने मुफ्ती की टिप्पणी को भड़काऊ बताया
भाजपा ने इल्तिजा की टिप्पणियों को भड़काऊ बताते हुए खारिज कर दिया और उन पर सांप्रदायिक विवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने दावा किया कि इल्तिजा की टिप्पणी एक छेड़छाड़ किए गए वीडियो पर आधारित थी, उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने की साजिश का आरोप लगाया।
इल्तिजा ने रोहिंग्या मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए भाजपा की आलोचना की
इल्तिजा ने जम्मू में बुनियादी सुविधाओं में कटौती करके रोहिंग्या मुसलमानों को निशाना बनाने तथा खराब परिस्थितियों में रह रहे कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा को नजरअंदाज करने के लिए भाजपा की आलोचना की।
उन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर जवाबदेही का आह्वान करते हुए कहा, “भारत सभी का है, चाहे वे हिंदू हों या मुसलमान।”
भाजपा ने अपने रुख को दोहराया कि रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार लौटना चाहिए, उन्होंने अपने देश में बेहतर स्थितियों का हवाला दिया। पार्टी ने “संवेदनशील धार्मिक मुद्दों का राजनीतिकरण” करने के खिलाफ भी चेतावनी दी। यह विवाद भारत के राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में हिंदुत्व की भूमिका को लेकर गहराते विभाजन को रेखांकित करता है।
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लाल किला ब्लास्ट केसः एनआईए की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 9 सितंबर को अगली सुनवाई

दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गई है। स्पेशल एनआईए कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट के इस कदम के बाद मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।
एनआईए ने अपनी जांच के आधार पर कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में उमर उन नबी (मृतक), आमिर राशिद अली, जासिर बिलाल वानी, मुजम्मिल, आदिल अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, शाहीन, सोयाब, बिलाल और यासिर अहमद डार समेत 13 आरोपी शामिल हैं। एजेंसी ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका का विवरण चार्जशीट में दर्ज किया है।
जांच के मुताबिक, उमर-उन-नबी की ब्लास्ट में मौत हो चुकी है, जबकि मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। एनआईए ने इस पूरे मामले की जांच दिल्ली तक सीमित नहीं रखी। एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों और इलाकों में जांच की। इस दौरान आरोपियों के संभावित संपर्कों और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान 588 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त किए गए सामान को भी केस का हिस्सा बनाया गया है। इन सबूतों के आधार पर एनआईए ने ब्लास्ट से जुड़े घटनाक्रम, आरोपियों की कथित भूमिका और उनके बीच संभावित संपर्क को अदालत के सामने रखा है।
इससे पहले अदालत ने अहलमद को मुख्य और सप्लीमेंट्री चार्जशीट की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। मौजूदा अदालत ने उसी आदेश का पालन करने को कहा है। साथ ही विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया है कि वह एक संक्षिप्त सारणी तैयार करें, जिसमें हर आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ जुटाए गए सबूतों का जिक्र हो, ताकि अदालत को चार्जशीट पर संज्ञान लेने में आसानी हो।
अदालत ने यह भी नोट किया कि उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के खिलाफ आगे की जांच लंबित है। एनआईए को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है कि इस लंबित जांच के बावजूद मामले में आगे की कार्यवाही की जा सकती है या नहीं।
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बाजार की पाठशाला: इन लोगों के लिए 31 अगस्त है आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन, जानिए किसके लिए कौन-सा फॉर्म होगा सही

अगर आप नौकरी के साथ कारोबार, पेशे या स्वतंत्र रूप से काम करके कमाई करते हैं, तो आपके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। बिना कर ऑडिट वाली कारोबारी या पेशेवर आय रखने वाले करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। वहीं, जिन कारोबारियों और पेशेवरों के खातों का कर ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उनकी आय और वित्तीय स्थिति के आधार पर कौन-सा रिटर्न फॉर्म लागू होगा।
आयकर विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तारीख तक 6.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे, जिनमें वेतनभोगी लोगों, पेंशनभोगियों, छात्रों की आय वाले करदाताओं और अलग-अलग स्रोतों से आय प्राप्त करने वाले लोगों के रिटर्न शामिल हैं। इनमें कारोबार (बिजनेस) और पेशे (प्रोफेशन) से आय वाले बड़ी संख्या में करदाता भी शामिल रहे। अब बिना कर ऑडिट वाले कारोबार या पेशे से आय रखने वाले बाकी करदाताओं के लिए 31 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण है।
बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर आम तौर पर आईटीआर-3 या आईटीआर-4 में से किसी एक फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। सही फॉर्म का चुनाव करदाता की आय, कारोबार की प्रकृति और कर व्यवस्था पर निर्भर करता है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने से बाद में कर विभाग की ओर से परेशानी या स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ सकती है।
आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए होता है, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन यानी अनुमानित कर व्यवस्था का विकल्प नहीं चुनते हैं।
अगर टैक्सपेयर नियमित रूप से अकाउंट बुक्स मेंटेन करता है, उसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है या वह फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस यानी एफएंडओ ट्रेडिंग करता है, तो कई मामलों में आईटीआर-3 लागू हो सकता है।
आईटीआर-3 के जरिए वे टैक्सपेयर्स वेतन या पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी, बिजनेस या प्रोफेशन, कैपिटल गेन्स और अन्य स्रोतों से होने वाली आय की जानकारी दे सकते हैं। आम तौर पर यह फॉर्म उन व्यक्तियों या एचयूएफ के लिए इस्तेमाल होता है, जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 या आईटीआर-4 के तहत रिटर्न दाखिल करने के योग्य नहीं हैं।
वहीं, आईटीआर-4 यानी सुगम उन व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्म के लिए है, जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम घोषित करते हैं और जिनकी कुल आय निर्धारित सीमा के भीतर है। सामान्य तौर पर इसमें 50 लाख रूपये तक की कुल आय वाले पात्र टैक्सपेयर्स शामिल हो सकते हैं।
इसमें बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय के अलावा वेतन या पेंशन, अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी से आय और ब्याज, फैमिली पेंशन तथा डिविडेंड जैसी अन्य स्रोतों से आय भी शामिल की जा सकती है। निर्धारित शर्तों के तहत कृषि आय 5,000 रूपये तक और सेक्शन 112ए के तहत आने वाले कुछ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स भी इसमें रिपोर्ट किए जा सकते हैं।
हालांकि, हर टैक्सपेयर आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। अगर सेक्शन 112ए के तहत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स या निर्धारित सीमा से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स है, अनलिस्टेड इक्विटी शेयर हैं, विदेशी संपत्ति या विदेश से आय है, घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड करना है, या ऐसी आय है जिस पर विशेष दर से टैक्स लगता है, तो आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कंपनी के डायरेक्टर भी इस फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते।
विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाताओं को फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण यानी एआईएस, करदाता सूचना सारांश यानी टीआईएस, फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
साथ ही बैंक खाते और कर भुगतान से जुड़े चालान भी तैयार रखने चाहिए। कारोबारियों को बिक्री-खरीद का रिकॉर्ड, लाभ-हानि खाता, बैलेंस शीट, बिल और चालान, जीएसटी रिटर्न तथा भुगतान माध्यमों से मिले डिटेल्स का भी मिलान करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर करदाता ने शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग की है, तो ब्रोकरेज स्टेटमेंट, कॉन्ट्रैक्ट नोट, डीमैट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन्स से जुड़ी पूरी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इनका मिलान एआईएस और बैंक रिकॉर्ड से करना जरूरी है। इसी तरह, किराये से आय पाने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को रेंट एग्रीमेंट, नगर निगम टैक्स की रसीद, प्रॉपर्टी के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज और होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट संभालकर रखना चाहिए।
टैक्सपेयर्स को लागू होने पर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, फॉर्म 10-आईईए की अनॉलेजमेंट और विभिन्न डिडक्शन का दावा करने के समर्थन में जरूरी दस्तावेज भी तैयार रखने चाहिए। रिटर्न दाखिल करते समय जल्दबाजी के बजाय एआईएस, टीआईएस, फॉर्म 26एएस , बैंक स्टेटमेंट और अन्य रिकॉर्ड को अच्छी तरह मिलाना जरूरी है।
इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण बात सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने पर बाद में परेशानी हो सकती है। इसलिए अपनी आय के स्रोत, बिजनेस या प्रोफेशन की प्रकृति, कैपिटल गेन्स, विदेशी संपत्ति, शेयर बाजार की ट्रेडिंग और लागू टैक्स व्यवस्था को ध्यान में रखकर ही आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का चुनाव करें।
इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना हैं कि आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई मिलती हैं, लेकिन उन्हें बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। रिटर्न जमा करने के बाद ई-सत्यापन पूरा करना भी जरूरी है।
जटिल आय या कई स्रोतों से कमाई होने की स्थिति में रिटर्न दाखिल करने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है।
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तमिलनाडु में बारिश, तेज हवाओं और बढ़ते तापमान की संभावना, मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की सलाह

चेन्नई में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों में तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले ज़िलों में एक-दो जगहों पर आंधी-तूफ़ान के साथ मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तटीय इलाकों में निचले वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से शनिवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, खासकर चेन्नई, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचि, अरियालुर, पेरम्बलुर, शिवगंगा और रामनाथपुरम ज़िलों में। डेल्टा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी पुडुचेरी और कराईकल में भी दिन के समय हल्की बारिश की उम्मीद है।
वहीं, बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं होने वाली बारिश से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि पश्चिमी घाट से सटे जिलों में एक-दो जगहों पर 31 अगस्त तक मध्यम बारिश हो सकती है। आंधी-तूफान के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गरज और बिजली चमकने के दौरान सावधान रहें, खासकर खुली जगहों और पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास से दूर रहें। बारिश की संभावना के बावजूद, दिन का तापमान ज्यादा रहने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले चार दिनों में तमिलनाडु में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसलिए, जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां गर्मी और बेचैनी बनी रह सकती है। इस बीच, दक्षिणी तमिलनाडु तट पर काम करने वाले मछुआरों के लिए एक अलग चेतावनी जारी की गई है। 31 अगस्त तक समुद्र में तेज़ हवाओं (65 किमी प्रति घंटे तक की गति) के साथ खराब मौसम की संभावना है।
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे चेतावनी की अवधि के दौरान दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय जलक्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और उससे सटे कोमोरिन सागर में न जाएं। जो लोग पहले से ही समुद्र में हैं, उनसे सावधानी बरतने और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी का पालन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाले समुदायों को तेज हवाओं को देखते हुए अपनी नावों और उपकरणों को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी है।
इसके साथ ही तूफ़ानी समुद्र में छोटी मछली पकड़ने वाली नावें ख़ास तौर पर ख़तरे में रहती हैं। इसलिए, क्रू को सलाह दी गई है कि वे तब तक अपना काम रोक दें जब तक हालात बेहतर न हो जाएं और मौसम विभाग नए आकलन के बाद अपनी चेतावनी आधिकारिक तौर पर वापस न ले ले।
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