राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु में बारिश, तेज हवाओं और बढ़ते तापमान की संभावना, मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की सलाह
चेन्नई में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों में तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले ज़िलों में एक-दो जगहों पर आंधी-तूफ़ान के साथ मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तटीय इलाकों में निचले वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से शनिवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, खासकर चेन्नई, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचि, अरियालुर, पेरम्बलुर, शिवगंगा और रामनाथपुरम ज़िलों में। डेल्टा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी पुडुचेरी और कराईकल में भी दिन के समय हल्की बारिश की उम्मीद है।
वहीं, बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं होने वाली बारिश से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि पश्चिमी घाट से सटे जिलों में एक-दो जगहों पर 31 अगस्त तक मध्यम बारिश हो सकती है। आंधी-तूफान के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गरज और बिजली चमकने के दौरान सावधान रहें, खासकर खुली जगहों और पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास से दूर रहें। बारिश की संभावना के बावजूद, दिन का तापमान ज्यादा रहने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले चार दिनों में तमिलनाडु में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसलिए, जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां गर्मी और बेचैनी बनी रह सकती है। इस बीच, दक्षिणी तमिलनाडु तट पर काम करने वाले मछुआरों के लिए एक अलग चेतावनी जारी की गई है। 31 अगस्त तक समुद्र में तेज़ हवाओं (65 किमी प्रति घंटे तक की गति) के साथ खराब मौसम की संभावना है।
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे चेतावनी की अवधि के दौरान दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय जलक्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और उससे सटे कोमोरिन सागर में न जाएं। जो लोग पहले से ही समुद्र में हैं, उनसे सावधानी बरतने और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी का पालन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाले समुदायों को तेज हवाओं को देखते हुए अपनी नावों और उपकरणों को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी है।
इसके साथ ही तूफ़ानी समुद्र में छोटी मछली पकड़ने वाली नावें ख़ास तौर पर ख़तरे में रहती हैं। इसलिए, क्रू को सलाह दी गई है कि वे तब तक अपना काम रोक दें जब तक हालात बेहतर न हो जाएं और मौसम विभाग नए आकलन के बाद अपनी चेतावनी आधिकारिक तौर पर वापस न ले ले।
राजनीति
कांग्रेस नेता ने किया शरजील इमाम का समर्थन बोले, कहा- ‘न्यायपालिका भी नहीं दे रही न्याय’

कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम’ जैसे विवादित नारों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए वाइस चासंलर की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही, उदित राज ने शरजील इमाम के विषय पर कहा कि जमानत मिलनी चाहिए।
यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे नारों को लेकर उदित राज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जांच होनी चाहिए। सरकार को जांच करना चाहिए कि किसने लिखा है। आईबी से जांच कराई जानी चाहिए। एनआईए भी जांच कर सकती है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “वाइस चांसलर भी आरएसएस-भाजपा समर्थक हैं। वाइस चांसलर की जिम्मेदारी तय हो।”
शरजील इमाम का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “शरजील इमाम को जमानत मिलनी चाहिए। जमानत देने से इनकार करना गलत बात है।” उदित राज ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय से आने के कारण ऐसा हो रहा है। दुर्भाग्य है कि न्यायपालिका भी न्याय नहीं दे रही है।
उदित राज ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के ऊपर सरकार का दबाव है। कॉलेजियम प्रणाली को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तय करते हैं। अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) जब तक लागू नहीं होगी, तब तक न्यायपालिका से कोई न्याय लिया जाना मुश्किल है।
उदित राज ने केरल के राज्यपाल के लोकभवन में ‘सिर्फ शाकाहारी रसोई’ वाले कथित आदेश पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अब वह खुद खाएं न खाएं, वह अलग बात है। लेकिन राजभवन में रोक लगा देना कि लोग ही न खाएं, वह गलत बात है। यह जानबूझकर के एक एजेंडा खड़ा करते हैं। आप न खाइए। 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय नॉनवेज खाते हैं, तो आप 80 प्रतिशत से ज्यादा जनता की भावना को दरकिनार करके अपना खुद का थोपना चाहते हैं? आप खाइए वेज, कौन रोक रहा है? अब राजभवन में नहीं बनेगा, यह तो बात दुरुस्त नहीं है।”
आईटीबीपी डीपी के चीन के संबंध में आए बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, “हमारी जमीन कब्जा होती जा रही है। हम जानते हैं कि हमारी सेना का शौर्य है और वह साहसी है, लेकिन वहां सरकार सिर्फ शो करा रही है। ताकत दिखाने का भी कोई मतलब होता है या सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य निकाले जाते हैं। इसलिए जो हो रहा है, उसके बाद में सरकार को स्पष्ट बताना चाहिए।”
राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों को राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम की शक्तियां सौंपीं

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों को राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने का अधिकार सौंपा है।
गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 के तहत कार्यों के निर्वहन के लिए शक्तियों के प्रत्यायोजन की घोषणा की है। ये शक्तियां दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, चंडीगढ़, लद्दाख और लक्षद्वीप के उपराज्यपालों और प्रशासकों को सौंपी गई हैं।
आदेश में लिखा, “संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के अनुसरण में, राष्ट्रपति एतद्द्वारा निर्देश देते हैं कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, चंडीगढ़, लद्दाख और लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक (चाहे वे उपराज्यपाल या प्रशासक के रूप में जाने जाएं) राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए और अगले आदेश तक, अपने-अपने केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 (21 ऑफ 2023) की धारा 29, 48 और 56 के तहत राज्य सरकार की शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का निर्वहन करेंगे।”
राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 देश में दंत चिकित्सा पेशे को विनियमित करता है, गुणवत्तापूर्ण और किफायती दंत शिक्षा प्रदान करता है, और देश भर में उच्च गुणवत्ता वाली मौखिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुलभ बनाता है।
यह ऐतिहासिक कानून अपने नागरिकों के लिए उच्चतम स्तर की दंत चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 ने राष्ट्रीय दंत आयोग (एनडीसी) की स्थापना करके एक अभूतपूर्व नियामक ढांचा पेश किया, जिसने मौजूदा भारतीय दंत परिषद (डीसीआई) का स्थान लिया और दंत चिकित्सक विधेयक, 1948 को निरस्त कर दिया।
इस अधिनियम का उद्देश्य दंत चिकित्सा शिक्षा और पेशे के परिदृश्य में व्यापक सुधार करके इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में राष्ट्रीय दंत आयोग और राज्य दंत परिषदों का गठन, तीन स्वायत्त बोर्डों का प्रावधान; आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव के लिए निश्चित कार्यकाल (पुनर्नियुक्ति की कोई संभावना नहीं); उद्योग सहयोग और तकनीकी नवाचार; ऑनलाइन राष्ट्रीय रजिस्टर और दंत सलाहकार परिषद; और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया शामिल हैं।
यह अधिनियम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, भारतीय फार्मेसी परिषद, भारतीय नर्सिंग परिषद, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग, होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग और संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसायों के लिए राष्ट्रीय आयोग सहित संबंधित वैधानिक निकायों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने की सुविधा भी प्रदान करता है।
यह अधिनियम आयोग को निजी दंत चिकित्सालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत सीटों के लिए शुल्क निर्धारण के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का अधिकार भी देता है। यह अधिनियम दंत चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण नियामक सुधार लाने के लिए तैयार है। यह जनता के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिकता को बढ़ावा देता है।
किफायती मौखिक स्वास्थ्य देखभाल की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और भारतीय दंत चिकित्सकों की वैश्विक स्तर पर रोजगार क्षमता को बढ़ाकर, आयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दंत चिकित्सा मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपराध
गुजरात राजमार्ग पर कार-ट्रक की टक्कर में दो की मौत, चार घायल

गुजरात के पाटन जिले में राधनपुर-सामी राजमार्ग पर एक कार की ट्रक से आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई और दो नाबालिगों सहित चार अन्य घायल हो गए।
मृतकों की पहचान रंजीत मंगिलाल और उनकी मां जमनाबेन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह परिवार द्वारका से पड़ोसी जिले बनासकांठा के भाभर की ओर जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
उनकी कार विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई, जिससे कार में सवार चार अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घायल परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उनकी हालत के बारे में तत्काल अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया में है और जांच आगे बढ़ने पर अधिक जानकारी सामने आएगी।
यह ताजा हादसा हाल के महीनों में राधनपुर क्षेत्र में हुई अन्य सड़क दुर्घटनाओं के बीच हुआ है।
6 सितंबर को, राजस्थान के खाटू श्याम तीर्थयात्रा से लौट रहे एक समूह को ले जा रही ईको कार राधनपुर-वराही राजमार्ग पर खड़ी एक ट्रक से टकरा गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
खबरों के अनुसार, यह दुर्घटना राधनपुर के पास राघवजी होटल के नजदीक हुई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
पिछली दुर्घटना में ट्रक खड़ा था, जबकि आज की टक्कर में ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था।
इस ताजा आमने-सामने की टक्कर के कारणों की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाई है। पुलिस अपनी जांच के तहत घटनाक्रम का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी में घायल चार लोगों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) की पहचान और उन्हें भर्ती कराए गए अस्पताल का नाम तुरंत उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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