खेल
‘बस खुद पर विश्वास रखा’, ‘गोल्डन पंच’ लगाने पर बोले मुक्केबाज अंकुश पंघाल
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों का जलवा रहा। इस खेल से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। गोल्ड जीतने वाले मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कहा कि उन्होंने फाइनल मैच के दौरान खुद पर विश्वास रखा, जिसका फायदा उन्हें मिला।
अंकुश ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है, हालांकि पहले बाउट में 0-5 से पीछे हो गया था, तो दबाव आ गया था कि कैसे भी करके बाउट लेनी है। बस खुद के ऊपर विश्वास रखा और सब हो गया। परिवार से बात हुई थी और सभी काफी खुश है। मैं अपना यह मेडल परिवार और अपने कोच को समर्पित करना चाहता हूं। यहां जीतकर आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और एशियन गेम्स में और भी अच्छा करूंगा।”
महिला मुक्केबाज लवलीना को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। उन्होंने ‘आईएएनएस’ को बताया, “थोड़ी निराशा जरूर है। मैंने गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैं सिल्वर मेडल से भी खुश हूं, क्योंकि हमारी टीम ने गेम्स में जबरदस्त प्रदर्शन किया। मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन की ज्यादा खुशी है। यह मेरा कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल है, तो इसकी भी मुझे काफी खुशी है। देश के लिए गोल्ड ला पाती तो और अच्छा होता। मैं एशियन गेम्स के लिए तैयारी करूंगी और वहां गोल्ड जीतने का प्रयास करूंगी।” लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ित लोगों को समर्पित किया।
90 प्लस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने वाले नरेंदर ने कहा, “मैंने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया। यह साउथ का मुक्केबाज था और हम जो प्लानिंग करके आए थे उसमें थोड़ी कसर रह गई। यह मुक्केबाज भागकर ज्यादा खेल रहा था, जिसके कारण उसको पकड़ना मुश्किल हो रहा था। इस मैच को हारने की कमी मैं एशियन गेम्स में पूरी करूंगा।”
गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाले मुक्केबाज सचिन सिवाच ने बताया कि दो राउंड में पीछे होने के बाद उनके पास कोई चारा नहीं था और इसी कारण वह आगे बढ़कर विपक्षी मुक्केबाज पर अटैक कर रहे थे। उन्होंने बताया, “पहले दो राउंड में 2-3 से हार गया था और मेरे पास सिर्फ आखिरी राउंड का चांस था। आगे बढ़ने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं था, तो इसी वजह से मैं आगे बढ़कर मार रहा था। मुझे विश्वास था कि मैं जीत सकता हूं और वैसा ही हुआ।”
खेल
सीडब्ल्यूजी 2026: एक दिन में 16 मेडल जीतकर भारत ने लगाई मेडल टैली में लंबी छलांग, टॉप पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है।
भारत अब 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे नंबर पर आ गया है। भारत के कुल मेडल की संख्या अब 39 हो गई है और देश ने छह पायदान की छलांग लगाई है। ऑस्ट्रेलिया 10वें दिन भी अपनी बादशाहत को बरकरार रखने में सफल रहा है। ऑस्ट्रेलिया के पास 61 गोल्ड, 38 सिल्वर और 50 ब्रॉन्ज मेडल हैं।
इंग्लैंड 25 गोल्ड, 40 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज मेडल लेकर कुल 99 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, कनाडा 18 गोल्ड समेत 57 मेडल जीतकर तीसरे नंबर पर काबिज है। भारत के शानदार प्रदर्शन के कारण मेजबान स्कॉटलैंड अब पांचवें नंबर पर खिसक गया है। स्कॉटलैंड के 12 गोल्ड, 8 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज मेडल हैं। वहीं, नाइजीरिया 10 गोल्ड समेत कुल 21 मेडल जीतकर छठे नंबर पर मौजूद है। वेल्स 8 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल लेकर सातवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड 8 गोल्ड के साथ कुल 27 मेडल जीतकर आठवें नंबर पर मौजूद है।
10वें दिन भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन लाजवाब रहा। खासतौर पर भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए कुल 10 मेडल अपने नाम किए, जिसमें 7 गोल्ड शामिल रहे। पुरुष कैटेगरी में अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि महिला कैटेगरी में जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी और प्रीति ने ‘गोल्डन पंच’ लगाया। वहीं, जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं, ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, शॉट पुट में भी भारत का प्रदर्शन दमदार रहा। सोमन राणा ने गोल्ड, जबकि शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।
खेल
सीडब्ल्यूजी 2026: जैवलिन थ्रो के बाद ‘ट्रिपल जंप’ में डबल धमाल, प्रवीण ने सिल्वर जीता, सेल्वा के नाम ब्रॉन्ज मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ‘मेंस जैवलिन थ्रो’ के बाद ‘मेंस ट्रिपल जंप’ में भी भारत ने दो मेडल हासिल किए। शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर प्रवीण चित्रवेल ने देश को सिल्वर मेडल जिताया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इससे पहले, शुक्रवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर जीता, जबकि यशवीर सिंह (85.41) ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
शनिवार को स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ तीन सेंटीमीटर से मेडल चूकने वाले प्रवीण ने आखिरकार 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित पोडियम फिनिश हासिल किया। वहीं, सेल्वा ने 16.52 मीटर की अपनी सीजन की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ गोल्ड मेडल जीता; जिन्होंने प्रवीण को सिर्फ 14 सेंटीमीटर से पीछे छोड़ा।
प्रवीण ने पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 16.05 मीटर से शुरुआत की, फिर 15.64 मीटर की छलांग लगाई, तीसरे प्रयास में सुधार करते हुए 16.31 मीटर तक पहुंचे और चौथे प्रयास में 16.58 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। उनका पांचवां प्रयास 16.40 मीटर का था, जबकि आखिरी प्रयास फाउल रहा।
कॉम्पिटिशन आगे बढ़ने के साथ सेल्वा ने भी अपनी लय बनाई। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने 15.87 मीटर से शुरुआत की, फिर 16.17 मीटर और तीसरे राउंड में 16.43 मीटर तक सुधार किया। चौथे प्रयास में फाउल होने के बाद, उन्होंने पांचवें राउंड में 16.52 मीटर की शानदार छलांग लगाकर ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति हासिल की और अंत में 16.08 मीटर की छलांग लगाई।
2018 में पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में गोल्ड और उसी साल यूथ ओलंपिक गेम्स में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाने के बाद से, प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में सिल्वर मेडल जीता और नेशनल इंडोर रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद, उन्होंने 17.37 मीटर के साथ भारतीय आउटडोर नेशनल रिकॉर्ड बेहतर किया और हांग्जो एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
दूसरी ओर, सेल्वा के लिए, यह ब्रॉन्ज मेडल इंटरनेशनल एथलेटिक्स में उनकी तेजी से बढ़ती कामयाबी का एक और पड़ाव था। मदुरै में जन्मे इस जंपर को सबसे पहले 2022 वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद पहचान मिली।
इसके बाद, वह 2023 में एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के ‘बेस्ट एशियन अंडर-20 मेल एथलीट ऑफ द ईयर’ चुने जाने वाले पहले भारतीय बने और 16.79 मीटर की जंप के साथ भारतीय अंडर-20 रिकॉर्ड तोड़ा। इस साल की शुरुआत में, सेल्वा ने 17.05 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ 17 मीटर का अहम आंकड़ा पार किया था।
खेल
मैनचेस्टर सिटी क्लब का समर्थन देकर अच्छा लगा, मैं अब उनके लिए योगदान देना चाहता हूं: फिल फोडेन

इंग्लिश फुटबॉलर फिल फोडेन का कहना है कि नए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने के बाद वे मैनचेस्टर सिटी के उन पर दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड के इस मिडफील्डर के लिए नए मैनेजर एन्जो मारेस्का का आना बहुत अच्छा मौका है। पिछले दो सीजन उनके लिए मुश्किल रहे थे, लेकिन अब वह फिर से शुरुआत करना चाहेंगे।
26 साल के फोडेन ने हाल ही में एतिहाद स्टेडियम में अपना कॉन्ट्रैक्ट 2030 तक बढ़ा लिया है। उन्होंने माना कि हालिया मुश्किलों के बावजूद क्लब द्वारा उन्हें नया कॉन्ट्रैक्ट देने के फैसले से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। फोडेन ने कहा, “इससे मुझे राहत मिली है, और अब मैं खुद को बेहतर बनाने और मुझ पर भरोसा करने वाले फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए कुछ करने पर ध्यान दे सकता हूं। क्लब का समर्थन देखकर अच्छा लगता है, और यह बहुत मायने रखता है। अब समय आ गया है कि मैं उन्हें कुछ लौटाऊं और क्लब के लिए योगदान दूं।”
फोडेन का 2023-24 सीजन उनके करियर का सबसे अच्छा सीजन रहा, जिसमें उन्होंने 19 गोल किए और सिटी ने प्रीमियर लीग का खिताब जीता। उन्होंने पीएफए प्लेयर्स प्लेयर ऑफ द ईयर और प्रीमियर लीग प्लेयर ऑफ द सीजन दोनों अवॉर्ड जीते। हालांकि, पिछले दो सीजन में वे उस सफलता को दोहरा नहीं पाए। आखिरी सीजन में वे सिर्फ 10 गोल कर पाए और क्लब और देश के लिए कुल मिलाकर वह अपने पिछले 31 मैचों में कोई गोल नहीं कर सके हैं।
अकादमी से निकले इस खिलाड़ी ने 17 साल की उम्र में पूर्व मैनेजर पेप गार्डियोला के अंडर सीनियर डेब्यू किया था। तब से उन्होंने सिटी के लिए 369 मैच खेले हैं और छह प्रीमियर लीग खिताब, एक यूईएफए चैंपियंस लीग और दो एफए कप जीते हैं। पिछले सीजन के आखिर में गार्डियोला के जाने और पूर्व असिस्टेंट एन्जो मारेस्का के कमान संभालने के बाद फोडेन का मानना है कि क्लब एक नए और रोमांचक दौर में पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा-एक नई शुरुआत, एक नए मैनेजर और अब तक मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा है। यह थोड़ा अजीब है, लेकिन मैं एन्जो को पहले से जानता हूं, इसलिए इससे मदद मिलती है। मैं उन्हें और उनके काम करने के तरीके को अच्छी तरह जानता हूं। उनके साथ अच्छे रिश्ते होने से निश्चित रूप से मदद मिली है।”
फोडेन ने यह भी बताया कि जब उन्हें थॉमस ट्यूशेल की इंग्लैंड टीम से फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बाहर कर दिया गया था (जिसमें इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हार गई थी), तो मारेस्का ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया था। फोडेन ने कहा, “उन्होंने तुरंत मुझसे संपर्क करके पूछा कि क्या मैं ठीक हूं, जो बहुत अच्छी बात थी। इससे उनके व्यक्तित्व और उनके स्वभाव का पता चलता है।वह सभी की परवाह करते हैं और टीम के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहते हैं।”
मिडफील्डर ने माना कि यूरो 2024 के फाइनल में स्पेन से मिली हार में खेलने के बाद दूर से इंग्लैंड के वर्ल्ड कप अभियान को देखना दर्दनाक था। पिछले सीजन में टखने की चोट और व्यक्तिगत समस्याओं से जूझने के बाद फोडेन ने कहा कि अब वह पूरी तरह से फिट हैं और अपनी बेहतरीन फॉर्म में वापस आने के लिए उत्सुक हैं।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
