अंतरराष्ट्रीय
क्या विराट ने कप्तानी छोड़ दी है या अपनी नौकरी खो दी है?
आठ साल पहले जब विराट कोहली से पूछा गया कि उनके और एमएस धोनी के अलावा भारत की टीम का नेतृत्व करने की क्षमता किसके पास है। उन्होंने कहा था, “रोहित शर्मा के पास जबरदस्त क्रिकेटिंग दिमाग है। वह कप्तान बनने लायक हैं।” रोहित का करिश्मा तब से बढ़ रहा है, रोहित ने खुद को अपने साथी खिलाड़ियों के बीच एक मजबूत कप्तान के रूप में पेश किया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस के कप्तान के रूप में उनके कारनामे इस बात की गवाही देती है। हालांकि, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी ज्यादा मौका नहीं मिला है।
जब गुरुवार को कोहली ने आगामी टी 20 विश्व कप के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में टीम इंडिया के कप्तान के रूप में पद छोड़ने की घोषणा की, तो सभी क्रिकेट प्रेमियों के मन में पहला सवाल आया, अगला कप्तान कौन होगा?
और रोहित, बिना किसी संदेह के कप्तान बनने के उम्मीदवारों की सूची में शीर्ष पर हैं।
रोहित के कप्तान बनने के समर्थन मे मौजूदा कप्तान कोहली भी है। कोहली ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए अपने घोषणापत्र में विशेष रूप से रोहित का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कोच रवि शास्त्री और रोहित शर्मा के साथ अपने फैसले पर चर्चा की थी।
टी20 में कोहली के नेतृत्व में भारत का रिकॉर्ड अच्छा रहा है, हालाकि कप्तान कोहली अभी भी अपनी पहली आईसीसी ट्रॉफी की तलाश में हैं। अब कोहली के पास 17 अक्टूबर से संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में आईसीसी टी20 विश्व कप की ट्रॉफी जीतने से बेहतर मौका है।
कोहली ने 45 टी20 मैचों में भारत का नेतृत्व किया जिसमें 27 जीते और 14 हारे, जबकि दो मैच बिना किसी परिणाम के समाप्त हुए और दो टाई रहे। यह कोहली को धोनी के बाद जीत के मामले में भारत का दूसरा सबसे सफल टी 20 कप्तान बनाता है, जो 72 मैचों में 41 जीत के साथ शीर्ष पर है।
तो अब सवाल यह उठता है कि क्या उन्होंने कप्तानी छोड़ दी है या अपनी नौकरी खो दी?
यह भी एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब अभी बीसीसीआई से लोग लगातार मांग रहे हैं। पहले यह बताया गया था कि कोहली की आईसीसी ट्रॉफी जीतने में विफलता उनकी कप्तानी में एक बड़ी बाधा बन गई है।
साथ ही, बीसीसीआई के अधिकारी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के लिए कोहली के टीम चयन से कथित तौर पर खुश नहीं थे। जिसमें भारत न्यूजीलैंड से हार गया था।
बाद में, रिपोर्टें सामने आईं कि कोहली टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए छोटे प्रारूप में कप्तान के रूप में पद छोड़ सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने ऐसी किसी भी रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा था कि बोर्ड ने कप्तानी से जुड़ी किसी भी बात पर कभी मुलाकात या चर्चा नहीं की।
हालांकि, कोहली द्वारा गुरुवार को अपने फैसले की घोषणा करने के बाद, बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा कि वह पिछले छह महीनों से कोहली और लिडरशिप टीम के साथ चर्चा कर रहे थे और फिर निर्णय पर विचार किया गया है।
सूत्रों ने यह भी कहा कि बीसीसीआई कोहली और मुख्य कोच शास्त्री को हटाने पर विचार कर रहा था और यही वजह थी कि धोनी को टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का मेंटर बनाया गया था।
आईएएनएस ने पहले सूचना दी थी कि जय शाह ने धोनी को भारतीय टीम के मेंटर के रूप में लाने की पहल की थी। यहां तक कि बीसीसीआई के बड़े से बड़े अधिकारी भी इस कदम के बारे में नहीं जानते थे। शास्त्री, जो 2017 से पूर्णकालिक कोच हैं उनका तीसरा कार्यकाल दिए जाने की संभावना नहीं है और टी 20 विश्व कप के बाद एक नए चेहरे के कोच के रूप में टीम में शामिल होने की संभावना है।
विभाजित कप्तानी और रोहित का प्रदर्शन :
भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से विभाजित कप्तानी एक गर्म विषय रहा है। कई लोगों ने सुझाव दिया है कि रोहित को नेतृत्व का प्रभार दिया जाना चाहिए, कम से कम टी20 प्रारूप में, विशेष रूप से कोहली पर कार्यभार और आईसीसी टूर्नामेंट में उनकी कमियों को देखते हुए।
यहां तक कि पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने बुधवार को आईएएनएस से कहा था कि रोहित को छोटे प्रारूपों में भारत की अगुवाई करनी चाहिए।
34 वर्षीय सलामी बल्लेबाज टीम में सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक है और सीमित ओवरों की टीमों के उप-कप्तान भी हैं, जिससे कोहली द्वारा टी20 विश्व कप के अंत में टी20 कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें कप्तानी के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
रोहित का आईपीएल में शनदार रिकॉर्ड है, जिसने मुंबई इंडियंस को पांच आईपीएल खिताब दिलाए। रोहित ने 10 वनडे मैचों में कप्तानी की है जिसमें उन्हें 8 मैचों में जीत मिली है जबकि 19 टी20 मैच में कप्तानी की है जिसमें 15 मैचों में उन्होंने जीत का स्वाद चखा है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
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