खेल
फीफा वर्ल्ड कप: 92 साल में पहली फतह, मिस्र के राष्ट्रपति बोले- यह जीत दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति को दर्शाती है
‘फराओ’ (मिस्र की टीम) ने सोमवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में जीत दर्ज की। इस टीम को जीत का सूखा खत्म करने के लिए 92 साल और 25 दिन का समय लगा। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को बधाई दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति अल-सीसी ने ग्लोबल स्टेज पर टीम के जबरदस्त जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “मैं मिस्र की राष्ट्रीय टीम और हमारे महान देश के फैंस को वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में मिस्र की भागीदारी के इतिहास में पहली जीत हासिल करने पर बधाई देता हूं। यह जीत उस दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जो हमारे देश के खिलाड़ियों में है। यह शानदार जीत आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिस्र का नाम ऊंचा करने की दिशा में एक अच्छी शुरुआत है।”
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-जी मैच में मुस्तफा जिको, मोहम्मद सलाह और ट्रेजेगुएट के गोल की बदौलत मिस्र ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से शिकस्त दी।
वैंकूवर के बीसी प्लेस में न्यूजीलैंड ने आक्रामक शुरुआत की। मुकाबले के 15वें मिनट में फिन सुरमैन ने कॉर्नर किक पर जोरदार हेडर से ‘ऑल व्हाइट्स’ (न्यूजीलैंड टीम) को बढ़त दिलाई। हाफ टाइम से पहले सालाह और इमाम अशूर गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन बराबरी का गोल नहीं हो सका। दूसरे हाफ के पहले मिनट में मैक्स क्रोकोम्बे ने सलाह को फिर से गोल करने से रोक दिया।
इसके कुछ ही देर बाद, मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबेर ने कैलम मैककोवाट के हेडर को शानदार ढंग से बचाकर न्यूजीलैंड को अपनी बढ़त दोगुनी करने से रोका। फिर 58वें मिनट में जिको ने फ्री हेडर से होसाम हसन की टीम की मैच में वापसी कराई।
9 मिनट बाद सालाह ने निर्णायक गोल किया। टीम के बेहतरीन तालमेल के बाद उन्होंने शानदार लो-फिनिश के साथ गेंद को नेट में पहुंचाया। मैच खत्म होने में आठ मिनट बाकी रहते हुए ट्रेजेगुएट ने मिस्र के लिए तीसरा गोल करके जीत पर मुहर लगा दी।
खेल
विनेश फोगाट: विरासत में मिला रेसलिंग का खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते 3 गोल्ड, विवादों से भी रहा नाता

विनेश फोगाट की गिनती भारत की सबसे मशहूर महिला रेसलर्स में की जाती है। विनेश अपने करियर में कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। हालांकि, करियर के दौरान उनका विवादों से भी खूब नाता रहा है।
विनेश का जन्म 25 अगस्त, 1994 को हरियाणा के बलाली गांव में हुआ। कुश्ती का खेल विनेश को विरासत में मिला। उनके ताऊ महावीर सिंह ने बेहद छोटी उम्र में ही विनेश को इस खेल की बारीकियां सिखाना शुरू कर दिया था। विनेश भी जल्द ही अपने चचेरी बहनें गीता और बबीता फोगाट की राह पर चल पड़ीं। हालांकि, यह सफर चुनौतियों से भरा रहा। विनेश जब सिर्फ 9 साल की थी, तो उनके पिता का निधन हो गया था। मगर ताऊ ने विनेश का कुश्ती से नाता नहीं टूटने दिया। सुबह 5 बजे उठकर ट्रेनिंग करने के बाद विनेश को स्कूल भी जाना पड़ता था।
हालांकि, यह कड़ी ट्रेनिंग विनेश के लिए वरदान साबित हुई। इंटरनेशनल स्टेज पर विनेश की झोली में पहला मेडल साल 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में आया। इसके बाद रियो ओलंपिक में भी विनेश क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, लेकिन मेडल लाने से चूक गईं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में विनेश का दमदार प्रदर्शन एक बार फिर देखने को मिला और उन्होंने गोल्ड पर कब्जा जमाया। एशियन गेम्स में भी वह गोल्ड जीतने में सफल रहीं।
विनेश ने विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने के साथ-साथ एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता और अपने खेल से हर किसी को प्रभावित किया। 2022 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी विनेश का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला और उन्होंने यहां भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनीं।
हालांकि, विनेश का विवादों से भी नाता रहा। उन्होंने साल 2023 में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष का पद संभाल रहे बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और बजरंग पूनिया समेत अन्य रेसलर्स के साथ मिलकर जंतर-मंतर पर धरना दिया। वहीं, पेरिस ओलंपिक में विनेश को फाइनल मुकाबले से पहले 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जबकि टूर्नामेंट में उनका सिल्वर मेडल पक्का था। इस पर काफी विवाद भी हुआ था।
खेल
भारत बनाम श्रीलंका: ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, एमएस धोनी का तोड़ा रिकॉर्ड

भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर खेला जा रहा है। टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट के दूसरे दिन इतिहास रच दिया है।
पंत विदेशी धरती या न्यूट्रल वेन्यू पर भारत की ओर से बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर बन गए हैं। पंत ने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धोनी ने घर से बाहर खेलते हुए 2,496 रन बनाए। इस लिस्ट में 1209 रनों के साथ फारुख इंजीनियर तीसरे नंबर पर काबिज हैं। टेस्ट के दूसरे दिन सारांश जैन के पवेलियन लौटने के बाद पंत दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। गौरतलब है कि टेस्ट के पहले दिन पंत बल्लेबाजी करते हुए चोटिल हो गए थे और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था।
भारतीय पारी के 58वें ओवर में लाहिरू कुमारा की एक उछाल लेती हुई गेंद सीधा पंत की कलाई पर आकर लगी थी, जिसके बाद वह काफी दर्द में दिखाई दिए थे। थोड़ी देर चले इलाज के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। पंत पहले टेस्ट में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके थे और उनकी फॉर्म को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने टॉस जीतने के बाद शानदार शुरुआत की है। टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए लगातार दूसरा शतक लगाया। उन्होंने 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 12 चौके लगाए।
वहीं, कप्तान शुभमन गिल भी अच्छी लय में दिखाई दिए और उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली। यशस्वी जायसवाल (45) और रवींद्र जडेजा (43) अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे। केएल राहुल सिर्फ 18 रन ही बना सके थे। दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही और सारांश जैन महज 6 रन बनाकर असिथा फर्नांडो का शिकार बने। हालांकि, पंत और ध्रुव जुरेल सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभा चुके हैं और क्रीज पर डटे हुए हैं।
खेल
दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

भारत और श्रीलंका के बीच रविवार से दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत हो गई, जिसके पहले ही दिन भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत चोटिल हो गए। सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) ग्राउंड पर श्रीलंकाई के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की एक तेज बाउंसर उनके बाएं हाथ की कलाई पर लगी, जिसके बाद पंत को मैदान से बाहर जाना पड़ा।
यह घटना पहले दिन के आखिरी सेशन में हुई, जब 58वें ओवर की पहली ही गेंद पर कुमारा को दोबारा गेंदबाजी के लिए लाया गया। ‘राउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए, उन्होंने एक शॉर्ट बॉल फेंकी जो शरीर की ओर अंदर आ रही थी। पंत ने ‘ऑफ साइड’ की तरफ जाकर ‘स्क्वायर लेग’ के पीछे ‘पुल’ शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट जल्दी खेल बैठे और गेंद उनकी बाएं हाथ की कलाई पर लग गई।
गेंद ‘लेग साइड’ की ओर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के पास चली गई, और पंत तेज दर्द के कारण नीचे बैठ गए। गेंद उनकी बाएं हाथ की कलाई की हड्डी पर लगी थी। इसके बाद खेल को काफी देर तक रोकना पड़ा। टीम के फिजियो कमलेश जैन आइस पैक लेकर मैदान पर पहुंचे।
काफी देर तक प्राथमिक उपचार के बाद पंत का दर्द कम नहीं हुआ, लेकिन अंपायर्स से बातचीत के बाद पंत को मैदान से बाहर जाना पड़ा। उस समय तक पंत 15 गेंदों में सिर्फ तीन रन बना सके थे।
चोटिल पंत की जगह बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए और मैदान पर आए। फिलहाल पंत की चोट को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अभी तक आधिकारिक तौर कोई बयान नहीं दिया है।
मैदान से बाहर जाने के बाद, पंत डगआउट में बैठे और टीम डॉक्टर चार्ल्स मिंज ने उनकी चोट जांच की। इससे पहले, पिछले साल मैनचेस्टर टेस्ट में क्रिस वोक्स की गेंद पर दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने के कारण पंत को चोट के चलते मैदान से बाहर जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने वापसी करते हुए शानदार अर्धशतक लगाया था।
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