अंतरराष्ट्रीय
फेस्टिव सीजन से पहले आईटेल की ओर से शानदार टीवी रेंज की पेशकश
भारत में अपनी सफलता की कहानी को आगे बढ़ाते हुए लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांड आईटेल ने फेस्टिव सीजन से पहले सोमवार को अपने शानदार टेलीविजन सीरीज को लॉन्च कर दिया है। इसे लॉन्च करने का मकसद ग्राहकों और बाजार में अपनी पैठ जमाना है और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव दिलाना है। आईटेल अपने मोबाइल फोन और स्मार्ट गैजेट्स को किफायती दामों में उपलब्ध कराकर तकनीक की दिशा में लोगों की पहुंच को बढ़ाया है।
ब्रांड ने तीन श्रृंखलाओं – आई, सी और ए के तहत छह नए टीवी लॉन्च किए हैं।
32 से 55 इंच तक की टीवी को 8,999 रुपये से लेकर 34,499 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पोर्टफोलियो को कंपनी के मेक इन इंडिया पहल के तहत शामिल किया गया है।
टेलीविजन के क्षेत्र में आईटेल के प्रवेश से यह साबित होता है कि अब यह ‘मैजिक इन एवरी हैंड’ से ‘मैजिक इन एवरी होम’ की दिशा में अग्रसर हो रहा है। मोबाइल फोन इंडस्ट्री में कंपनी पहले ही खुद को साबित कर चुकी है और साथ ही टीवी सेंगमेंट में इसने कुछ स्मार्ट गैजेट्स भी लॉन्च किए हैं।
ट्रांससियन इंडिया के सीईओ अरिजीत तलपात्र ने अपने एक बयान में कहा है, “ब्रांड की फिलोसॉफी ‘मैजिक इन एवरी होम’ के साथ आईटेल अब ऐसे उत्पाद को लाने के कगार पर है, जो किफायती, क्वॉलिटी और उन्नत तकनीक जैसी चीजों के दम पर हर घर में जंचे। इससे घरों में एक साथ बैठकर टीवी देखने और मनोरंजन का एक बेहतर अनुभव प्रदान होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “इस पोर्टफोलियो में पहली बार टीवी की खरीददारी करने वाले ग्राहकों को लक्षित किया जा रहा है और साथ ही उनके बारे में भी सोचा जा रहा है, जो गुणवत्ता और अपने मनोरंजन के बेहतरीन अनुभव से समझौता किए बगैर अपने डिजिटल लाइफस्टाइल के साथ तालमेल बिठाते हुए सीआरटी टीवी से अपग्रेड की चाह रखते हैं, इससे साबित होता है कि देश के हर घर में अब एक जादुई अनुभव आने जा रहा है।”
वह आगे कहते हैं, “हमें यकीन है कि आईटेल टेलीविजन का यह रेंज देखने को अनुभव को पुन: परिभाषित करने और भारत में मनोरंजन की चाह को पूरा करने में कामयाब रहेगी।”
कंपनी ने कहा है कि इसके आई-सीरीज वाले स्मार्ट टीवी को कुछ इस तरह से ही डिजाइन किया गया है, जिससे घरों में मनोरंजन के स्तर पर एक अलग स्तर पर ले जाया जा सके।
आईटेल आई – सीरीज 4के अल्ट्रा एचडी टीवी दो वेरिएंट- आई5514आईई और आई4310आईई में क्रमश: 34,499 रुपये और 24,499 रुपये में उपलब्ध है।
ये दो और संस्करण में भी उपलब्ध हैं – पहला 43-इंच फुल एचडी आई4314आईई और दूसरा 32-इंच एचडी रेडी आई32101आईई। इनकी कीमत क्रमश: 21,999 रुपये और 11,999 रुपये है।
आईटेल आई5514आईई एचडी स्मार्ट टीवी 4के अल्ट्रा एचडी है, जो ए प्लस ग्रेड पैनल, सुपर-ब्राइट डिस्प्ले, 8एमएस के रिस्पॉन्स टाइम और 4000 : 1 के कॉन्ट्रास्ट रेशियो के साथ आता है।
इसका फ्रेमलेस डिजाइन इसे बेजल-लेस और स्लीक लुक देता है और यह ग्राहकों के लिए 34,499 रुपये में प्रीमियम ऑफर के साथ उपलब्ध है।
आईटेल आई5514आईई 20 वाट के आउटपुट के साथ डॉल्बी ऑडियो के साथ आता है और यह सराउंड साउंड का अनुभव दिलाने के लिए इलेक्ट्रोकॉस्टिक साउंड टेक्नोलॉजी से लैस है, जिसमें कई ऑडियो मोड हैं। यह यूजर्स को थिएटर जैसा अनुभव देते हैं।
इसमें विशेष स्पोर्ट्स पीक्यू मोड होने का दावा किया गया है, जिससे आपको स्क्रीन पर तस्वीरें ऐसी लगेंगी जैसे कि सबकुछ आपके सामने ही हो रहा है, किरदारों या चीजों की गति भी पर्दे पर काफी स्मूद रहेगी। इससे किसी भी खेल को देखने का अनुभव दोगुना मजेदार हो जाएगा।
यह टीवी एक 64 बिट 1.0 गीगाहट्र्ज क्वाड कोर ए53 प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जिसमें 1.5 जीबी रैम और 8 जीबी स्टोरेज की भी सुविधा है। यह स्मार्ट ओएस 9.0 के साथ आता है, जिसे उपयोग में आसानी हो यह सुनिश्चित करने के लिए इंटरफेस (यूआई) के साथ चतुराई से डिजाइन किया गया है।
इस आईटेल स्मार्ट टीवी की एक अन्य खासियत आईटेल कास्ट है, जिससे यूजर्स को आसानी से अपने फोन, टैबलेट, या लैपटॉप को कास्ट करने में मदद करता है। अपने कनेक्टेड डिवाइस से टीवी के बड़े स्क्रीन पर अपने पसंदीदा कंटेंट को भी देखने का आनंद इसमें पाया जा सकता है।
आईटेल ने कहा कि इसकी सी सीरीज को बनाने का मकसद ही यह रहा है कि इंटरनेट टीवी अनुभव को किफायती दाम में सभी के लिए सुलभ बनाया जाए।
9,499 रुपये की कीमत में आईटेल सी3210आईई एचडी टेलीविजन एक एर्गोनॉमिक संकीर्ण बेजेल की पैकिंग के साथ एक मेटल की रूपरेखा में आता है। 35मिमी स्लिम डिजाइन के साथ इसकी पिक्च र क्वॉलिटी गजब की है। इसमें मौजूद अलग-अलग तरह के डिस्प्ले मोड की मदद से यह सुविधा दी जा रही है।
ए सीरीज में आईटेल ए3210आईई साउंडबार एलईडी टीवी की कीमत 8,999 रुपये रखी गई है। यह अल्ट्रा-ब्राईट डिस्प्ले के साथ एचडी रेडी के साथ मौजूद है। इसका रिस्पॉन्स टाइम 7एमएस है और देखने के बेहतर अनुभव के लिए इसमें ए ग्रेड ऑरिजिनल पैनल भी है। सुनने की क्वॉलिटी को अगले स्तर पर ले जाने के साथ यह टीवी 16 वाट आउटपुट के साथ आता है।
व्यापार
बजट वाले दिन भी खुला रहेगा शेयर बाजार, बीएसई और एनएसई में होगी सामान्य ट्रेडिंग

मुंबई, 31 जनवरी : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को यूनियन बजट 2026 पेश करने वाली हैं। आम तौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट के चलते इस बार रविवार को घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई और एनएसई खुले रहेंगे। इसके साथ ही कमोडिटी मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) भी स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के तौर पर खुला रहेगा।
यह कोई पहली बार नहीं है जब छुट्टी वाले दिन शेयर बाजार खुला रहेगा, पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि जब 1 फरवरी को बजट पेश हुआ है और उस दिन छुट्टी रहा है, तब भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग कराई गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने सर्कुलर में कहा है कि “केंद्रीय बजट पेश होने के चलते, सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि एक्सचेंज 1 फरवरी 2026 को मानक बाजार समय (सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक) के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेगा।
चूंकि यह सेटलमेंट हॉलिडे है, इसलिए 30 जनवरी को खरीदे गए शेयर 1 फरवरी को बेचे नहीं जा सकेंगे। इसी तरह, बजट वाले दिन खरीदे गए शेयर अगले दिन बेचना संभव नहीं होगा।
निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह किसी भी वित्त मंत्री के लिए सबसे लंबे लगातार कार्यकालों में से एक है। यह 2024 में एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी होगा।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का ध्यान सरकार के कर्ज, राजकोषीय घाटे और अगले साल की उधारी योजना पर रहेगा। विश्लेषकों का मानना है कि उधारी में साल-दर-साल करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के लगभग 4.1 से 4.2 प्रतिशत के आसपास रह सकता है।
बजट से जुड़े सभी दस्तावेज आर्थिक मामलों का विभाग तैयार करता है। इनमें सरकार के खर्च, आमदनी और आने वाले वित्त वर्ष के लिए नई योजनाओं का पूरा ब्योरा होता है।
इससे पहले 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 संसद में पेश किया गया था। इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को इसकी जानकारी दी थी।
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ईरान की ओर पहले से बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा है, सभी विकल्प खुले : ट्रंप

वाशिंगटन, 31 जनवरी : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान की ओर पहले से ज्यादा बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा है। उनका कहना है कि वॉशिंगटन बातचीत के जरिए समझौता चाहता है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो दूसरे रास्तों के लिए भी तैयार है।
ट्रंप ने बताया कि यह तैनाती अमेरिका की उस नौसैनिक मौजूदगी से भी बड़ी होगी, जो पहले वेनेजुएला के पास थी। उन्होंने इसे एक बड़ा जहाज़ी बेड़ा बताया। उनका कहना था कि इस कदम का मकसद दबाव बढ़ाना है, जबकि बातचीत की कोशिशें जारी रहेंगी।
ट्रंप ने कहा, “हम अब ईरान की ओर ज्यादा संख्या में जहाज भेज रहे हैं। उम्मीद है कि समझौता हो जाएगा।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को कोई समय-सीमा दी गई है, तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह बात केवल ईरान ही ठीक से जानता है।
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि उनका ईरान से सीधे संपर्क हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि क्या संदेश ईरान के नेताओं तक पहुंचा है, तो उन्होंने कहा, “हां, पहुंचा है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत से हल निकालना चाहता है, लेकिन हालात बिगड़ने की संभावना को भी नकारा नहीं। ट्रंप बोले, “अगर समझौता हो गया तो अच्छा है। अगर नहीं हुआ, तो आगे देखा जाएगा।”
सवालों के जवाब में ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य ताकत पर जोर दिया, लेकिन किसी खास कार्रवाई का विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास “दुनिया के सबसे शक्तिशाली जहाज” हैं और इस तैनाती को रोकथाम की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बताया।
उन्होंने सैन्य योजनाओं के समय और नियमों पर बात करने से इनकार किया। ट्रंप ने कहा कि वह सैन्य मामलों पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बताना चाहते।
ये बयान व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुए एक कार्यक्रम के दौरान आए, जहां घरेलू आयोजनों के बीच ट्रंप ने विदेश नीति, रक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
अमेरिका और ईरान के रिश्ते कई सालों से तनाव में हैं। इसकी वजह प्रतिबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे रहे हैं। पहले भी बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन सीमित सफलता मिली और टकराव की स्थिति बार-बार बनी।
अमेरिका ने इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने के समय नौसैनिक तैनाती का इस्तेमाल अक्सर रोकथाम और संकेत दोनों के रूप में किया है, जबकि यह भी कहा है कि वह कूटनीतिक समाधानों के लिए खुला है।
अंतरराष्ट्रीय
भारत भरोसे पर आधारित एआई गवर्नेंस विजन पर काम कर रहा है: मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार

वाशिंगटन, 31 जनवरी : भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संचालन के लिए भरोसे पर आधारित नीति अपना रहा है। इस नीति में सख्त नियमों के बजाय समावेश, नवाचार और सुरक्षा पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। यह बात देश के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने थिंक-टैंक समुदाय से बातचीत में कही।
नई दिल्ली से वर्चुअली बोलते हुए, मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने सीएसआईएस के सम्मेलन में कहा कि एआई का संचालन अब देश की आर्थिक और रणनीतिक नीति का अहम हिस्सा बन गया है।
उन्होंने कहा कि एआई अब केवल कुछ कंपनियों या सीमित प्रयोगों तक नहीं रह गया है, बल्कि यह हर क्षेत्र में शामिल हो चुका है और अर्थव्यवस्था की डिजिटल रीढ़ बन गया है।
अजय कुमार सूद ने बताया कि दुनिया भर में एआई के इस्तेमाल में तेजी आई है, जेनरेटिव एआई में निवेश बढ़ रहा है और डाटा केंद्रों की ऊर्जा जरूरतें भी लगातार बढ़ रही हैं। इन बदलावों से यह साफ हो गया है कि एआई का संचालन अब कोई सीमित नीति विषय नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति, जनविश्वास और सतत विकास से सीधे जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि भारत की एआई नीति में सुरक्षा, जवाबदेही, पारदर्शिता और सभी को साथ लेने पर ध्यान दिया गया है, साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जरूरी लचीलापन भी रखा गया है।
भारत में एआई नीति को वर्ष 2024 में शुरू की गई इंडियाएआई मिशन के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इस मिशन के तहत साझा कंप्यूटिंग सुविधा, एकीकृत डाटा मंच, स्वदेशी एआई मॉडल का विकास और लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और विश्वविद्यालयों को रियायती दरों पर उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधा दी जा रही है, जिससे उनकी लागत काफी कम हुई है। राष्ट्रीय एआई डाटा मंच पर कई क्षेत्रों से जुड़े हजारों डाटा सेट और मॉडल उपलब्ध हैं, जो देश में नवाचार को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत एआई शिक्षा और वैश्विक मानक तय करने की प्रक्रिया में भी निवेश कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय एआई संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हाल ही में भारत ने राष्ट्रीय एआई संचालन रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कानूनी निगरानी और तकनीकी उपायों को साथ जोड़ने वाला तरीका बताया गया है। इससे जोखिम कम करते हुए बड़े स्तर पर नवाचार संभव हो सकेगा।
एआई इम्पैक्ट समिट को देखते हुए, सूद ने कहा कि भारत एक साझा ग्लोबल विजन को बढ़ावा देना चाहता है जिसमें एआई डेवलपमेंट के लिए एक यूनिवर्सल इनेबलर के रूप में काम करे। सूद ने कहा, “फोकस कंप्यूट, डेटा और फाउंडेशनल मॉडल जैसे मुख्य एआई संसाधनों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने पर होगा, ताकि ये संसाधन कुछ ही जगहों या कंपनियों तक सीमित न रहें, और देश अपने समाज, भाषाओं और सार्वजनिक प्रणालियों के लिए संदर्भ-विशिष्ट समाधान बना सकें।”
अजय कुमार सूद के अनुसार, सफलता का पैमाना केवल एआई की क्षमता नहीं होगा, बल्कि यह देखा जाएगा कि वह क्षमता कितनी व्यापक जनहित और सामाजिक लाभ में बदलती है।
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