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Thursday,05-November-2026
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फेस्टिव सीजन से पहले आईटेल की ओर से शानदार टीवी रेंज की पेशकश

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भारत में अपनी सफलता की कहानी को आगे बढ़ाते हुए लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांड आईटेल ने फेस्टिव सीजन से पहले सोमवार को अपने शानदार टेलीविजन सीरीज को लॉन्च कर दिया है। इसे लॉन्च करने का मकसद ग्राहकों और बाजार में अपनी पैठ जमाना है और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव दिलाना है। आईटेल अपने मोबाइल फोन और स्मार्ट गैजेट्स को किफायती दामों में उपलब्ध कराकर तकनीक की दिशा में लोगों की पहुंच को बढ़ाया है।

ब्रांड ने तीन श्रृंखलाओं – आई, सी और ए के तहत छह नए टीवी लॉन्च किए हैं।

32 से 55 इंच तक की टीवी को 8,999 रुपये से लेकर 34,499 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पोर्टफोलियो को कंपनी के मेक इन इंडिया पहल के तहत शामिल किया गया है।

टेलीविजन के क्षेत्र में आईटेल के प्रवेश से यह साबित होता है कि अब यह ‘मैजिक इन एवरी हैंड’ से ‘मैजिक इन एवरी होम’ की दिशा में अग्रसर हो रहा है। मोबाइल फोन इंडस्ट्री में कंपनी पहले ही खुद को साबित कर चुकी है और साथ ही टीवी सेंगमेंट में इसने कुछ स्मार्ट गैजेट्स भी लॉन्च किए हैं।

ट्रांससियन इंडिया के सीईओ अरिजीत तलपात्र ने अपने एक बयान में कहा है, “ब्रांड की फिलोसॉफी ‘मैजिक इन एवरी होम’ के साथ आईटेल अब ऐसे उत्पाद को लाने के कगार पर है, जो किफायती, क्वॉलिटी और उन्नत तकनीक जैसी चीजों के दम पर हर घर में जंचे। इससे घरों में एक साथ बैठकर टीवी देखने और मनोरंजन का एक बेहतर अनुभव प्रदान होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इस पोर्टफोलियो में पहली बार टीवी की खरीददारी करने वाले ग्राहकों को लक्षित किया जा रहा है और साथ ही उनके बारे में भी सोचा जा रहा है, जो गुणवत्ता और अपने मनोरंजन के बेहतरीन अनुभव से समझौता किए बगैर अपने डिजिटल लाइफस्टाइल के साथ तालमेल बिठाते हुए सीआरटी टीवी से अपग्रेड की चाह रखते हैं, इससे साबित होता है कि देश के हर घर में अब एक जादुई अनुभव आने जा रहा है।”

वह आगे कहते हैं, “हमें यकीन है कि आईटेल टेलीविजन का यह रेंज देखने को अनुभव को पुन: परिभाषित करने और भारत में मनोरंजन की चाह को पूरा करने में कामयाब रहेगी।”

कंपनी ने कहा है कि इसके आई-सीरीज वाले स्मार्ट टीवी को कुछ इस तरह से ही डिजाइन किया गया है, जिससे घरों में मनोरंजन के स्तर पर एक अलग स्तर पर ले जाया जा सके।

आईटेल आई – सीरीज 4के अल्ट्रा एचडी टीवी दो वेरिएंट- आई5514आईई और आई4310आईई में क्रमश: 34,499 रुपये और 24,499 रुपये में उपलब्ध है।

ये दो और संस्करण में भी उपलब्ध हैं – पहला 43-इंच फुल एचडी आई4314आईई और दूसरा 32-इंच एचडी रेडी आई32101आईई। इनकी कीमत क्रमश: 21,999 रुपये और 11,999 रुपये है।

आईटेल आई5514आईई एचडी स्मार्ट टीवी 4के अल्ट्रा एचडी है, जो ए प्लस ग्रेड पैनल, सुपर-ब्राइट डिस्प्ले, 8एमएस के रिस्पॉन्स टाइम और 4000 : 1 के कॉन्ट्रास्ट रेशियो के साथ आता है।

इसका फ्रेमलेस डिजाइन इसे बेजल-लेस और स्लीक लुक देता है और यह ग्राहकों के लिए 34,499 रुपये में प्रीमियम ऑफर के साथ उपलब्ध है।

आईटेल आई5514आईई 20 वाट के आउटपुट के साथ डॉल्बी ऑडियो के साथ आता है और यह सराउंड साउंड का अनुभव दिलाने के लिए इलेक्ट्रोकॉस्टिक साउंड टेक्नोलॉजी से लैस है, जिसमें कई ऑडियो मोड हैं। यह यूजर्स को थिएटर जैसा अनुभव देते हैं।

इसमें विशेष स्पोर्ट्स पीक्यू मोड होने का दावा किया गया है, जिससे आपको स्क्रीन पर तस्वीरें ऐसी लगेंगी जैसे कि सबकुछ आपके सामने ही हो रहा है, किरदारों या चीजों की गति भी पर्दे पर काफी स्मूद रहेगी। इससे किसी भी खेल को देखने का अनुभव दोगुना मजेदार हो जाएगा।

यह टीवी एक 64 बिट 1.0 गीगाहट्र्ज क्वाड कोर ए53 प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जिसमें 1.5 जीबी रैम और 8 जीबी स्टोरेज की भी सुविधा है। यह स्मार्ट ओएस 9.0 के साथ आता है, जिसे उपयोग में आसानी हो यह सुनिश्चित करने के लिए इंटरफेस (यूआई) के साथ चतुराई से डिजाइन किया गया है।

इस आईटेल स्मार्ट टीवी की एक अन्य खासियत आईटेल कास्ट है, जिससे यूजर्स को आसानी से अपने फोन, टैबलेट, या लैपटॉप को कास्ट करने में मदद करता है। अपने कनेक्टेड डिवाइस से टीवी के बड़े स्क्रीन पर अपने पसंदीदा कंटेंट को भी देखने का आनंद इसमें पाया जा सकता है।

आईटेल ने कहा कि इसकी सी सीरीज को बनाने का मकसद ही यह रहा है कि इंटरनेट टीवी अनुभव को किफायती दाम में सभी के लिए सुलभ बनाया जाए।

9,499 रुपये की कीमत में आईटेल सी3210आईई एचडी टेलीविजन एक एर्गोनॉमिक संकीर्ण बेजेल की पैकिंग के साथ एक मेटल की रूपरेखा में आता है। 35मिमी स्लिम डिजाइन के साथ इसकी पिक्च र क्वॉलिटी गजब की है। इसमें मौजूद अलग-अलग तरह के डिस्प्ले मोड की मदद से यह सुविधा दी जा रही है।

ए सीरीज में आईटेल ए3210आईई साउंडबार एलईडी टीवी की कीमत 8,999 रुपये रखी गई है। यह अल्ट्रा-ब्राईट डिस्प्ले के साथ एचडी रेडी के साथ मौजूद है। इसका रिस्पॉन्स टाइम 7एमएस है और देखने के बेहतर अनुभव के लिए इसमें ए ग्रेड ऑरिजिनल पैनल भी है। सुनने की क्वॉलिटी को अगले स्तर पर ले जाने के साथ यह टीवी 16 वाट आउटपुट के साथ आता है।

व्यापार

ट्रंप की चुनावी हार के बाद कीमती धातुओं में जोरदार उछाल, पलक झपकते ही सोना 3,000 रुपए और चांदी 6,900 रुपए तक चढ़ी

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लगातार कई दिनों तक दबाव में रहने के बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव नतीजों, कमजोर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे कीमती धातुओं में तेज खरीदारी देखने को मिली।

घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एक ही दिन में 2.21 प्रतिशत यानी 3,088 रुपए चढ़कर 1,42,540 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में और अधिक तेजी देखने को मिली तथा इसका भाव 3.84 प्रतिशत यानी 6,902 रुपए बढ़कर 1,86,600 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

वहीं खबर लिखे जाने तक, एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 1,42,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, तो वहीं दिसंबर वायदा चांदी 3.71 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,86,373 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। चुनाव परिणामों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बढ़त हासिल की, जिसके बाद वैश्विक बाजारों में नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई।

विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को अतिरिक्त समर्थन दिया। आमतौर पर कमजोर डॉलर और कम बॉन्ड यील्ड सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को आकर्षक बनाते हैं।

पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं, जिससे निवेशकों को उम्मीद जगी है कि केंद्रीय बैंकों के पास मौद्रिक नीति में कुछ लचीलापन दिखाने की गुंजाइश बन सकती है। सोना ऐसे वातावरण में बेहतर प्रदर्शन करता है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कॉमेक्स में सोना 2.32 प्रतिशत चढ़कर 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई, जबकि चांदी 4.10 प्रतिशत चढ़कर 51.795 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

बाजार की नजर अभी वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी बनी हुई है। रूस ने यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जताई है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.41 लाख के आसपास पहला महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, इसके बाद अगला रेजिस्टेंस जोन 1,43,000 से 1,43,700 रुपए पर है। नीचे की तरफ 1,40,000 रुपए के स्तर पर तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जबकि अगला सपोर्ट बैंड 1,37,500 रुपए से 1,38,300 रुपए पर है।

एक्सपर्ट का कहना है कि रिकवरी के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी काफी कमजोर हैं। आरएसआई लगभग 35 के आसपास है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम नेगेटिव बना हुआ है और लगातार बढ़ रहा है। इससे पता चलता है कि तकनीकी संरचना में अभी तक सुधार के कोई ठोस संकेत नहीं दिखे हैं।

वहीं चांदी में 1,86,000 रुपए से 1,88,000 रुपए के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर कीमतें इस बैंड से ऊपर टिक जाती हैं, तो यह 1,94,000 रुपए से 1,96,000 रुपए के अगले रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोल सकता है। नीचे की तरफ, 1,78,000 रुपए से 1,80,000 रुपए का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करता है, और इसके बाद अगला सपोर्ट जोन 1,70,000 रुपए से 1,72,000 रुपए पर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक राजनीतिक माहौल आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।

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व्यापार

भारत की बायोइकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए तेज मंजूरियां और आसान फंडिंग जरूरी: पीयूष गोयल

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की जैव अर्थव्यवस्था (बायोइकोनॉमी) को गति देने के लिए नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया तेज करने, स्टार्टअप्स के लिए वित्तपोषण को आसान बनाने और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया है।

‘भारत की बायोइकॉनॉमी का अवसर: नवाचार और विकास को बढ़ावा देने में स्टार्टअप्स की भूमिका’ विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता करते हुए गोयल ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और उद्यमशील प्रतिभा का बेहतर उपयोग कर देश को वैश्विक बायोइकोनॉमी क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सकता है।

वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि गोयल ने बैठक के दौरान सामने आए सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। चर्चा का मुख्य फोकस बायोफार्मा स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नियमों को सरल बनाना, मंजूरी प्रक्रियाओं को तेज करना, पूंजी तक पहुंच बढ़ाना और साझा बुनियादी ढांचे का विकास करना था।

डीपीआईआईटी द्वारा नीति आयोग और नीति फ्रंटियर टेक हब के सहयोग से आयोजित इस बैठक में प्रतिभागियों ने एक प्रस्तावित रेगुलेटरी सैंडबॉक्स, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, वैश्विक नियामकीय मानकों के साथ बेहतर तालमेल और पेटेंट आवेदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे उपायों पर चर्चा की। इन कदमों का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार करने में मदद करना है।

बैठक में केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित बायोफार्मा शक्ति पहल पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने साझा प्रयोगशालाओं, परीक्षण सुविधाओं और क्लीनिकल ट्रायल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बायोफार्मा स्टार्टअप्स की लागत कम हो सके और नवाचार को बढ़ावा मिले।

इस बीच, नीति आयोग की विशिष्ट फेलो ने कहा कि प्रतिस्पर्धी वैश्विक बायोइकोनॉमी के निर्माण के लिए स्टार्टअप्स, उद्योग, शिक्षाविदों और सरकार के बीच सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वहीं, नीति आयोग के सदस्य गोबर्धन दास ने अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने और वैज्ञानिक खोजों को व्यावसायिक रूप से उपयोगी उत्पादों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।

राउंडटेबल में जीवन विज्ञान क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को मजबूत करने, प्रयोगशाला उपकरणों और रसायनों के आयात हेतु सीमा शुल्क मंजूरियों को तेज करने तथा सरकारी योजनाओं और नियामकीय समर्थन तक पहुंच को आसान बनाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, प्रतिभागियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि नीतिगत हस्तक्षेप अधिक प्रभावी हों और क्षेत्र विशेष की चुनौतियों का तेजी से समाधान किया जा सके।

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व्यापार

लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला

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हफ्ते के लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कंपनियों के मजबूत दूसरी तिमाही नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,692.78 से 595.87 अंक यानी 0.78 प्रतिशत उछलकर 76,288.65 पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में एक समय यह 728.7 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,421.48 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 23,440.80 से 141.45 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,582.25 पर खुला, जबकि दिन के कारोबार में एक समय इसने 198.4 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 23639.20 का इंट्रा-डे हाई छुआ।

सेक्टोरल आधार पर वित्तीय शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा केमिकल, एफएमसीजी और मीडिया शेयरों में भी मजबूती रही और इनके सूचकांक 0.77 प्रतिशत तक बढ़े। प्राइवेट बैंक, सीमेंट, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।

दूसरी ओर हेल्थकेयर और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों पर कुछ दबाव बना रहा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियां बाजार में जारी तेजी को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल दिखाई दे रही हैं। उनका कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों का 104 डॉलर प्रति बैरल तक आना, एआई थीम आधारित वैश्विक निवेशों में नरमी, बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे और एफआईआई की वापसी भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

तकनीकी दृष्टिकोण से भी बाजार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी ने अपना 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) करीब 23,170 के स्तर पर पुनः हासिल कर लिया है। आरएसआई बढ़कर 61.03 पर पहुंच गया है, जो बाजार में मजबूत गति का संकेत देता है। वहीं पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) 1.28 पर है, जो डेरिवेटिव बाजार में सकारात्मक रुझान दर्शाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200-23,300 का दायरा निकटतम समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र है, जबकि 23,600-23,700 का स्तर तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में देखा जा रहा है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी का एक बड़ा कारण वैल्यू बायिंग और शॉर्ट कवरिंग है। विशेष रूप से बड़े लार्जकैप शेयरों में निवेशकों ने गिरावट के दौरान खरीदारी की थी, जिसका फायदा अब दिखाई दे रहा है। उनका मानना है कि धैर्य के साथ की गई वैल्यू बायिंग निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई मजबूत लार्जकैप शेयरों में मंदड़ियों ने एफआईआई बिकवाली जारी रहने की उम्मीद पर शॉर्ट पोजीशन बनाई थीं, लेकिन परिस्थितियां बदलने के साथ अब इन पोजीशनों को कवर किया जा रहा है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।

सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे सत्र खरीदारी जारी रखते हुए 3,114 करोड़ रुपए की शुद्ध इक्विटी खरीद की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार दूसरे दिन शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 392 करोड़ रुपए की बिकवाली की।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों और उनके वैश्विक भू-राजनीतिक प्रभाव पर भी बनी रहेगी, क्योंकि इन घटनाक्रमों का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है।

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