अंतरराष्ट्रीय
गूगल ने 500 मिलियन डॉलर में इजराइली साइबर सुरक्षा स्टार्टअप सिंपलीफाई का अधिग्रहण किया
लगातार बढ़ते साइबर हमलों के प्रति अपनी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए, गूगल ने कथित तौर पर 500 मिलियन डॉलर में इजरायल स्थित साइबर सुरक्षा स्टार्टअप ‘सिंपलीफाई’ का अधिग्रहण किया है। स्टार्टअप को गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से इसके क्रॉनिकल ऑपरेशन में एकीकृत किया जाएगा।
सिंपलीफाई उद्यमों के लिए एंडटू-एंड सुरक्षा सेवाओं में माहिर हैं, जिन्हें आमतौर पर सुरक्षा ऑर्केस्ट्रेशन, ऑटोमेशन और प्रतिक्रिया (एसओएआर) सेवाओं के रूप में संदर्भित किया जाता है।
गूगल क्लाउड सुरक्षा के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक सुनील पोट्टी ने कहा, “हम दोनों इस विश्वास को साझा करते हैं कि सुरक्षा विश्लेषकों को कम प्रयास और विशेष ज्ञान की आवश्यकता के साथ अधिक जटिलता के साथ अधिक घटनाओं को हल करने में सक्षम होने की आवश्यकता है। सिंपलीफाई के साथ, हम नियमों को बदलेंगे कि संगठन कैसे खतरों का शिकार करते हैं, उनका पता लगाते हैं और उनका जवाब देते हैं।”
सिंपलीफाई सुरक्षा संचालन केंद्र (एसओसी) के विश्लेषकों को अपने संचालन को शुरू से अंत तक प्रबंधित करने, गति और सटीकता के साथ साइबर खतरों का जवाब देने और हर विश्लेषक बातचीत के साथ स्मार्ट बनने की अनुमति देता है।
सिएम्प्लीफाई के सीईओ अमोस स्टर्न ने कहा, “क्रॉनिकल के समृद्ध सुरक्षा विश्लेषण और खतरे की खुफिया जानकारी के साथ, हम वास्तव में सुरक्षा पेशेवरों को आज के खतरों से बचाव के लिए सुरक्षा संचालन केंद्र को बदलने में मदद कर सकते हैं।”
सिंपलीफाई तकनीक भी केसलोड को कम करके, विश्लेषक उत्पादकता बढ़ाकर और वर्क़फ्लो में बेहतर ²श्यता बनाकर एसओसी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करती है।
पोट्टी ने कहा, “हमारी नींव के रूप में सिंपलीफाई की क्लाउड सेवाओं और टीम की प्रतिभा के साथ हम एसओएआर क्षमताओं में निवेश करने की योजना बना रहे हैं।”
गूगल ने अगले पांच वर्षों में साइबर सुरक्षा में 10 बिलियन डॉलर का निवेश करने का वादा किया है।
राष्ट्रीय समाचार
टेस्ला लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को अगली पीढ़ी की रोडस्टर को करेगी लॉन्च

इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने घोषणा की कि कंपनी लंबी देरी के बाद एक अक्टूबर को रोडस्टर लॉन्च करेगी। टेस्ला रोडस्टर की पहली जनरेशन को करीब एक दशक पहले बाजार में उतारा गया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टेस्ला ने एक पोस्ट में कहा, “गो फॉर लॉन्च”, साथ ही इसमें एक पोस्टर भी था, जिसमें इसकी तारीख एक अक्टूबर दी गई थी।
इस पोस्ट के रिप्लाई में मस्क ने कहा, “नई टेस्ला रोडस्टर 10.01 को लॉन्च की जाएगी।”
इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में अगस्त में दावा किया गया था कि टेस्ला नए डिजाइन वाली रोडस्टर को जल्द ही लॉन्च करने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इवेंट में स्पेसएक्स के साथ मिलकर बनाए गए कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स वाले लिमिटेड-एडिशन वर्जन का डेमो दिखाया जा सकता है।
टेस्ला ने सबसे पहले 2017 में अगली पीढ़ी की रोडस्टर लाने का ऐलान किया था और कहा था कि इसकी डिलीवरी 2020 में शुरू हो जाएगी, लेकिन इस प्रोग्राम में बार-बार देरी हुई है।
यह कदम टेस्ला द्वारा पिछले हफ्ते ऑस्टिन, टेक्सास के कुछ इलाकों में अपनी दो-सीटर साइबरकैब में राइड्स की सुविधा शुरू करने के बाद उठाया गया है। इस साइबरकैब में न तो स्टीयरिंग व्हील है और न ही पैडल। मस्क ने इस गाड़ी को टेस्ला को ड्राइवरलेस गाड़ियों के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनाने के लिए अहम बताया है।
खबरों के मुताबिक, नई रोडस्टर अब एक आम हाई-परफॉर्मेंस ईवी से बदलकर पूरी तरह से नई कार्बन-फाइबर हाइपरकार बन गई है।
नई रोडस्टर के लॉन्च से पहले टेस्ला के शेयर में तेजी देखी गई। बीते एक महीने में टेस्ला ने 7 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव असर! एफपीआई ने सितंबर में अब तक 14,474 करोड़ रुपए की बिकवाली की

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की ओर से इस महीने अब तक (1-12 सितंबर तक) 14,474 करोड़ रुपए इक्विटी मार्केट से निकाले गए हैं। इससे पहले जुलाई और अगस्त में सकारात्मक इनफ्लो दर्ज किया गया था।
वहीं, प्राइमरी मार्केट (आईपीओ) में एफपीआई निवेश अब तक सकारात्मक 1,336 करोड़ रुपए पर बना हुआ है, जिससे इस साल प्राइमरी मार्केट में कुल एफपीआई निवेश बढ़कर 47,183 करोड़ रुपए हो गया है।
इस बीच, पूरे हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजार पर काफी दबाव बना रहा और निफ्टी 50 में लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई, ग्लोबल ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस कारण बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई और हफ्ते के दौरान प्रमुख सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए।
मार्केट के जानकारों का कहना है कि घरेलू इक्विटी के लिए कच्चे तेल की कीमतें एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतर्क बने रहे और उनकी लगातार बिकवाली घरेलू इक्विटी के लिए एक बड़ी बाधा बन रही है।
इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले हफ्ते 6,419.46 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने और घरेलू इक्विटी मार्केट में और गिरावट को रोकने में मदद मिली।
आगे चलकर, एफपीआई का निवेश ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर से काफी हद तक प्रभावित होगा।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ती महंगाई का मतलब है कि मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होगी, जिससे बॉन्ड यील्ड और बढ़ेगी।
आने वाले हफ्ते में ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। कच्चे तेल की कीमतें, मध्य पूर्व में घटनाक्रम और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदें मार्केट के मूड को तय करने वाले मुख्य कारक होंगे।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में भारत का राहत अभियान जारी, चिलिमे टनल से पानी-कीचड़ निकालने में तकनीकी टीम कर रही मदद

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से भारत लगातार राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रह है। बुधवार को भारतीय बचाव दल चिलिमे स्थित सुरंग में लोगों के बचाव अभियान में तत्परता से मदद कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरंग बचाव अभियान के तहत भारत की संयुक्त तकनीकी टीम ने बुधवार को भी चिलिमे स्थित सुरंग में पानी निकालने और कीचड़ हटाने का काम जारी रखा। हालांकि, सुरंग की ढलान और अंदर पहुंचने में आने वाली मुश्किलें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीम नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करके काम आगे बढ़ा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि सुरंग को साफ करने के लिए भारी मशीनरी अंदर ले जाने के लिए जो अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, उसका निर्माण भी लगातार जारी है। उम्मीद है कि यह रास्ता अगले 2 से 3 दिनों में तैयार हो जाएगा। काठमांडू में काम कर रही भारतीय फोरेंसिक टीम भी लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। फिलहाल टीम 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच कर रही है। अब तक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।
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