अपराध
बिहार में ‘भारत बंद’ से आम जनजीवन प्रभावित
राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जन अधिकार पार्टी (जेएपी) और वाम दलों के समर्थकों ने किसानों की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ के समर्थन में मंगलवार को पटना में व्यापक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके अलावा बिहार के कई हिस्सों में कुछ गड़बड़ी और व्यवधान की भी खबरें सामने आईं। पटना में विपक्षी दलों के समर्थकों ने डाक बंगला चौक चौराहे को ब्लॉक कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया।
पप्पू यादव के नेतृत्व में जन अधिकार पार्टी (जाप) समर्थक विशेष रूप से आक्रामक दिख रहे थे। पार्टी समर्थक अपने सिर पर धान की फसल रखकर संसद की ओर से पारित तीन कृषि विधेयकों का विरोध करते नजर आए। इसके साथ ही वह अपने साथ पारंपरिक कृषि उपकरण भी लिए हुए थे।
यादव ने कहा कि राजग सरकार को तीन ‘काले कानून’ वापस लेने चाहिए और कृषि क्षेत्र पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए।
यादव ने कहा, “पहले दिन से ही हम तीन काले कानूनों को वापस लेने के अलावा एमएसपी पर गारंटी की मांग कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार केवल कॉर्पोरेट घरानों और बड़े कारोबारियों के हितों की बात करती है। वह किसानों के हित की परवाह नहीं करती है। इसके अलावा राजग के नेता उन्हें खालिस्तानी, पाकिस्तानी और राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं। यह अस्वीकार्य है। सरकार को हमारे अन्नदाताओं को अपमानित नहीं करना चाहिए।”
यादव ने कहा, “हमारी पार्टी ने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए 16 दिसंबर तक इंतजार करने का फैसला किया है। 23 दिसंबर से हम ऐतिहासिक पश्चिम चंपारण जिले से एक किसान रैली शुरू करेंगे, जो बाद में पूरे राज्य में चलेगी।”
विरोध के दौरान, राजद और जेएपी के समर्थकों ने दो दर्जन से अधिक कारों के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहन चालकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के विधायक सुदामा प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा, “राजग सरकार ने आम लोगों के कल्याण के लिए एक भी निर्णय नहीं लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की, जीएसटी लागू किया, रोड टैक्स में वृद्धि की, कॉर्पोरेट्स को लाभ देने के लिए रेलवे और अन्य चीजों का निजीकरण किया। अब वह कृषि क्षेत्र में निजीकरण के लिए तीन कृषि कानून लेकर आए हैं।”
वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा, “भारत की जीडीपी दर माइनस 23 प्रतिशत है। केवल कृषि क्षेत्र में जीडीपी विकास दर 3.5 प्रतिशत है। मोदी सरकार इस क्षेत्र को कॉपोर्रेट घरानों के हाथ में लाना चाहती है और किसानों को बंदी बनाना चाहती है।”
पटना के डाक बंगला चौक में राजग नेताओं के पोस्टर और बैनर भी फाड़ दिए गए।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टर फाड़ने से बचने की पुलिस की अपील के बाद उनकी पुलिस कर्मियों के साथ मामूली झड़प भी हुई।
भारत बंद के दौरान बस संचालन में भी देरी हुई। अधिकांश बस ऑपरेटरों ने सुबह के संचालन को रद्द कर दिया। उन्होंने शाम को परिचालन शुरू करने का फैसला किया है।
पड़ोसी जहानाबाद जिले में राजद समर्थकों ने स्थानीय व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने ट्रकों और बसों के टायरों की हवा निकाल दी और टायर पंचर कर दिए, जिसके बाद पटना-गया एनएच 83 पर बड़ा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। उनकी ड्राइवरों के साथ भी झड़प देखी गई और उन्होंने ड्राइवरों को आगे गाड़ी लेकर जाने से रोक दिया।
गया में जाप समर्थकों ने फ्लाईओवर पर रास्ता अवरुद्ध करने के लिए बैलगाड़ी का उपयोग किया।
आरा में राजद के समर्थकों ने रेलवे स्टेशन के पास एक कार के विंड शील्ड (आगे का शीशा) को तोड़ दिया। सीपीआई (माले) समर्थकों ने आरा-मोहनिया राज्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
सुपौल में, बंद समर्थकों ने ट्रेनों की आवाजाही बाधित कर दी, जिससे सुपौल-सहरसा मार्ग पर आवागमन में दो घंटे की देरी हो गई।
मुजफ्फरपुर में महागठबंधन के समर्थकों ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा राज्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे एनएच 57 पर बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
अपराध
नागपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री से 3 करोड़ रुपए का सोना जब्त, गिरफ्तार

डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ से ज्यादा कीमत का सोना बरामद किया है। सोना तस्करी के इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई नागपुर की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते तस्करी करके लाया गया सोना ट्रेन से भेजा जाएगा। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 12102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर नजर रखी।
अधिकारियों को पता चला था कि यह सोना इसी ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति के जरिए अगली मंजिल तक पहुंचाया जाना है। इसके बाद डीआरआई नागपुर की टीम ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी जारी रखी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध यात्री को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके सामान से छिपाकर रखा गया सोना मिला।
यात्री के पास से कुल 16 सोने की छड़ें बरामद कीं। बरामद सोने का वजन 2 किलो 165 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 9 लाख रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था। इसके बाद इसे रेल मार्ग से देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी।
डीआरआई ने आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। सोने को सरकारी खजाने में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अपराध
मुंबई में चोरी का संदिग्ध गिरफ्तार, 6 मामले सुलझाए गए

मुंबई; मुंबई पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार करने का दावा किया है जिसने एमएचबी पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर चार चोरियां की हैं, साथ ही उसके खिलाफ मुंबई और उसके उपनगरों में चोरी और डकैती के मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी के छह मामले सुलझ गए हैं। मुंबई पुलिस के डीसीपी संदीप घोगे ने कहा कि पुलिस ने चोर को एमएचबीसी की सीमा के भीतर ट्रेस किया। पुलिस को पता चला कि वह कोपर खेरनार, नवी मुंबई में रहता है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कमलजीत कलजीत सिंह, 26, को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से सोने के गहने और नकदी सहित 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त कर ली। पुलिस ने उसके पास से 45 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त करने का भी दावा किया है। आरोपी एक अपराधी है और उस पर दादर, माहिम, काला चौकी, आरसीएफ, धारावी में चोरी और डकैती के मामलों में शामिल होने का भी आरोप है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोर और चोर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
अपराध
1.30 करोड़ रुपए की सराफा लूट का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार, पूरा लूटा गया माल बरामद

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने महज तीन दिन के भीतर चांदी व्यापारी से हुई करोड़ों रुपए की लूट का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए मूल्य का सोना और चांदी, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की बलेनो कार, एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद आभूषणों की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक होने के कारण मामले की सूचना आयकर विभाग (इनकम टैक्स) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी भेजी जाएगी। डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया कि यह घटना 2 अगस्त 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे थाना बीटा-2 क्षेत्र में जीरो प्वाइंट के पास हुई थी। दिल्ली के चांदनी चौक से एक सराफा व्यापारी सोने-चांदी के आभूषण आगरा में डिलीवरी के लिए लेकर जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने दुर्घटना का बहाना बनाकर व्यापारी की गाड़ी रुकवाई और तमंचे के बल पर आभूषणों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने तत्काल पांच विशेष टीमों का गठन किया। एसओजी ग्रेटर नोएडा, थाना बीटा-2 और थाना इकोटेक-1 पुलिस की संयुक्त टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने एटीएस गोलचक्कर के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुर, अमित, सोहित बंसल, हिमांशु और कमलकांत के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। घटना से करीब आठ दिन पहले आरोपी कमलकांत ने दिल्ली के चांदनी चौक स्थित सराफा बाजार में व्यापारियों की गतिविधियों की लगातार रेकी की थी। उसने अपने साथियों को सूचना दी कि एक विशेष कार में बड़ी मात्रा में आभूषण आगरा भेजे जाएंगे। इसके बाद सभी आरोपियों ने दो कारों के जरिए व्यापारी का पीछा किया और पूर्व निर्धारित योजना के तहत जीरो प्वाइंट के पास वारदात को अंजाम दिया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता कमलकांत पहले से सराफा व्यापारियों के संपर्क में था और इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर उसने पूरी योजना तैयार की। आरोपियों ने बताया कि फाइनेंस कंपनी में करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान होने और रिश्तेदारों के कर्ज के दबाव के चलते उन्होंने लूट की साजिश रची थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 635 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनमें पांच हार, दो मंगलसूत्र, 29 पेंडेंट, महिलाओं की 56 अंगूठियां, पुरुषों की 34 अंगूठियां, 18 लॉकेट और 42 जोड़ी झुमकियां शामिल हैं। इसके अलावा करीब 12.138 किलोग्राम चांदी, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की बलेनो कार तथा एक अवैध .315 बोर तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे लूटे गए माल की बरामदगी कर ली गई है। मामले में थाना बीटा-2 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है, साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले भी कहीं इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
